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उत्तर प्रदेश के मथुरा-वृंदावन क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां नाव से दर्शन के दौरान दो महिला श्रद्धालुओं के साथ कथित पंडित द्वारा अभद्रता और मारपीट की गई। विरोध करने पर महिलाओं के कपड़े तक फाड़ दिए गए। आत्मरक्षा में महिलाओं ने आरोपी की पिटाई कर दी, वहीं वीडियो बनता देख आरोपी यमुना नदी में कूद गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Sharafat saifi
उत्तर प्रदेश के मथुरा-वृंदावन क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां नाव से दर्शन के दौरान दो महिला श्रद्धालुओं के साथ कथित पंडित द्वारा अभद्रता और मारपीट की गई। विरोध करने पर महिलाओं के कपड़े तक फाड़ दिए गए। आत्मरक्षा में महिलाओं ने आरोपी की पिटाई कर दी, वहीं वीडियो बनता देख आरोपी यमुना नदी में कूद गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- कस्बा संडीला में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कोतवाल विद्या सागर पाल के नेतृत्व में पुलिस ने सख्त चेकिंग अभियान चलाया। State Bank of India, Bank of Baroda, UCO Bank, Canara Bank और ICICI Bank के बाहर पुलिस ने संदिग्ध वाहनों और लोगों की गहन जांच की। इस कार्रवाई से अपराधियों को सख्त संदेश दिया गया है कि संडीला में अब किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं आम जनता में सुरक्षा का भरोसा भी बढ़ा है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें।1
- ब्रेकिंग न्यूज़ (हापुड़) हापुड़ जनपद के थाना बाबूगढ़ का किसान यूनियन (टिकैत) द्वारा एक लव्य सहारा युवा प्रदेश अध्यक्ष के आदेश पर घेराव किया गया है। बताया जा रहा है कि राकेश टिकैत को उड़ीसा के भुवनेश्वर में गिरफ्तार किए जाने के विरोध में किसान यूनियन ने आंदोलन शुरू कर दिया है।4
- Ph. 9837743434 कासिम अंसारी।1
- टावर पर चढ़ गयी1
- Post by Raju Gadrey3
- aise color sikhni to comment karo yes abhi1
- संवाददाता रेनू पुरी की रिपोर्ट2
- उड़ीसा में किसान नेता राकेश टिकैत की गिरफ्तारी के बाद देशभर में किसानों में आक्रोश देखने को मिल रहा है। इसी बीच हापुड़ के किसान नेता हरिश हूण ने कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द रिहाई नहीं हुई तो किसान बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।1