प्रतापगढ़ की मांधाता नगर पंचायत की सफाई व्यवस्था एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है। नाली की सफाई को लेकर एक सफाई कर्मी और स्थानीय निवासी के बीच तीखी कहासुनी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद नगर पंचायत के स्वच्छता दावों की हकीकत को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। इस वीडियो ने नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नगर पंचायत क्षेत्र में नियमित सफाई, कूड़ा उठान और नालियों की सफाई की व्यवस्था जमीनी स्तर पर बेहद कमजोर है। कई मोहल्लों में नालियां गंदगी से भरी रहती हैं और सड़क किनारे कूड़े के ढेर आम बात हो गई है। उनका कहना है कि सफाई व्यवस्था सिर्फ सरकारी अभिलेखों और बैठकों तक ही सीमित रह गई है, जबकि कागजों में स्वच्छता अभियान और कूड़ा निस्तारण की रिपोर्टें प्रस्तुत की जाती हैं। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, वास्तविक निरीक्षण करने पर तस्वीर बिल्कुल अलग दिखाई देती है, जहां नालियों की नियमित सफाई न होने से जल निकासी प्रभावित होती है और बरसात में जलभराव की समस्या गंभीर हो जाती है। लोगों का यह भी आरोप है कि सफाई कर्मियों की तैनाती और उपस्थिति का रिकॉर्ड भले ही दुरुस्त दिखाया जाता हो, लेकिन आम नागरिकों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। यह वायरल वीडियो संकेत देता है कि समस्या सिर्फ एक नाली या मोहल्ले तक सीमित नहीं है, क्योंकि नगर पंचायत क्षेत्र में लंबे समय से सफाई व्यवस्था को लेकर शिकायतें की जाती रही हैं, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। नागरिक सवाल उठा रहे हैं कि यदि नियमित सफाई हो रही है तो फिर जगह-जगह कूड़े के ढेर और गंदगी की शिकायतें क्यों आ रही हैं, और यदि सफाई कर्मी अपना दायित्व निभा रहे हैं तो जनता में असंतोष क्यों बढ़ रहा है। जनता का यह भी सवाल है कि हर वर्ष सफाई व्यवस्था, कूड़ा निस्तारण और स्वच्छता अभियानों के लिए लाखों रुपये का बजट खर्च होने के बावजूद उसका प्रभाव धरातल पर क्यों नहीं दिख रहा है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि सफाई व्यवस्था की स्वतंत्र जांच कराई जाए, सफाई कर्मियों की उपस्थिति और कार्यों का सत्यापन हो, कूड़ा उठान और नाली सफाई के बजट का विवरण सार्वजनिक किया जाए, लगातार शिकायतों वाले क्षेत्रों का विशेष निरीक्षण हो, और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। नगर पंचायत में सफाई व्यवस्था अब केवल प्रशासनिक मुद्दा न रहकर जनता के भरोसे और जवाबदेही का प्रश्न बन चुकी है, जहां लोग चाहते हैं कि स्वच्छता केवल रिपोर्टों में नहीं, बल्कि सड़कों और गलियों में भी दिखाई दे।
प्रतापगढ़ की मांधाता नगर पंचायत की सफाई व्यवस्था एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है। नाली की सफाई को लेकर एक सफाई कर्मी और स्थानीय निवासी के बीच तीखी कहासुनी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद नगर पंचायत के स्वच्छता दावों की हकीकत को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। इस वीडियो ने नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नगर पंचायत क्षेत्र में नियमित सफाई, कूड़ा उठान और नालियों की सफाई की व्यवस्था जमीनी स्तर पर बेहद कमजोर है। कई मोहल्लों में नालियां गंदगी से भरी रहती हैं और सड़क किनारे कूड़े के ढेर आम बात हो गई है। उनका कहना है कि सफाई व्यवस्था सिर्फ सरकारी अभिलेखों और बैठकों तक ही सीमित रह गई है, जबकि कागजों में स्वच्छता अभियान और कूड़ा निस्तारण की रिपोर्टें प्रस्तुत की जाती हैं। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, वास्तविक निरीक्षण करने पर तस्वीर बिल्कुल अलग दिखाई देती है, जहां नालियों की नियमित सफाई न होने से जल निकासी प्रभावित होती है और बरसात में जलभराव की समस्या गंभीर हो जाती है। लोगों का यह भी आरोप है कि सफाई कर्मियों की तैनाती और उपस्थिति का रिकॉर्ड भले ही दुरुस्त दिखाया जाता हो, लेकिन आम नागरिकों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। यह वायरल वीडियो संकेत देता है कि समस्या सिर्फ एक नाली या मोहल्ले तक सीमित नहीं है, क्योंकि नगर पंचायत क्षेत्र में लंबे समय से सफाई व्यवस्था को लेकर शिकायतें की जाती रही हैं, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। नागरिक सवाल उठा रहे हैं कि यदि नियमित सफाई हो रही है तो फिर जगह-जगह कूड़े के ढेर और गंदगी की शिकायतें क्यों आ रही हैं, और यदि सफाई कर्मी अपना दायित्व निभा रहे हैं तो जनता में असंतोष क्यों बढ़ रहा है। जनता का यह भी सवाल है कि हर वर्ष सफाई व्यवस्था, कूड़ा निस्तारण और स्वच्छता अभियानों के लिए लाखों रुपये का बजट खर्च होने के बावजूद उसका प्रभाव धरातल पर क्यों नहीं दिख रहा है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि सफाई व्यवस्था की स्वतंत्र जांच कराई जाए, सफाई कर्मियों की उपस्थिति और कार्यों का सत्यापन हो, कूड़ा उठान और नाली सफाई के बजट का विवरण सार्वजनिक किया जाए, लगातार शिकायतों वाले क्षेत्रों का विशेष निरीक्षण हो, और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। नगर पंचायत में सफाई व्यवस्था अब केवल प्रशासनिक मुद्दा न रहकर जनता के भरोसे और जवाबदेही का प्रश्न बन चुकी है, जहां लोग चाहते हैं कि स्वच्छता केवल रिपोर्टों में नहीं, बल्कि सड़कों और गलियों में भी दिखाई दे।
- अमेठी के मुंशीगंज रोड स्थित महमूदपुर गांव में रविवार देर शाम बिजली लाइन की मरम्मत कर रहे एक संविदा कर्मी की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान जंगल टिकरी गांव निवासी शिव कुमार गुप्ता के रूप में हुई है, जो कई वर्षों से अमेठी पावर हाउस में संविदा कर्मी के तौर पर कार्यरत थे। यह घटना तब हुई जब महमूदपुर निवासी अनीश अहमद की शिकायत पर शिव कुमार अपने साथी अनूप के साथ बिजली लाइन की मरम्मत कर रहे थे। अनीश ने बताया था कि उनके घर के सामने से गुजर रहा बिजली का तार टीन शेड से छू रहा है, जिससे हादसे की आशंका थी। परिजनों ने आरोप लगाया है कि मरम्मत कार्य शुरू करने से पहले शटडाउन लिया गया था, लेकिन काम के दौरान अचानक बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई, जिसके चलते शिव कुमार करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमेठी ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन अस्पताल पहुँच गए। मृतक अपने पीछे पत्नी संजू, पुत्र गंगा सागर और पुत्रियां भूमि व साक्षी को छोड़ गए हैं। मृतक के भाई सुग्रीव ने बिजली आपूर्ति बहाल करने वाले कर्मचारी पर शिव कुमार से पुरानी रंजिश होने का गंभीर आरोप लगाया है और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच के साथ दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।3
- प्रतापगढ़ के बाबा बेलखरनाथ धाम में ग्राम पंचायत मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद बड़े पैमाने पर अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया है। दर्जनों पुरुष और महिलाओं ने ब्लॉक बाबा बेलखरनाथ धाम पहुंचकर मतदाता सूची से नाम कटने के विरोध में नारेबाजी की और ब्लॉक में तालाबंदी कर दी। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी पट्टी और मुख्यमंत्री पोर्टल सहित विभिन्न मंचों पर ब्लॉक कार्मिकों और बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई है। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि यह स्थिति घोर लापरवाही और एक राजनीतिक साजिश का हिस्सा है। उनका कहना है कि जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से गायब हुए हैं, वे वर्षों से यहीं के निवासी हैं और ग्राम पंचायत, विधानसभा तथा लोकसभा जैसे विभिन्न चुनावों में लगातार मतदान करते रहे हैं। इस धांधली को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।1
- बरेली के थाना बारादरी क्षेत्र अंतर्गत श्यामगंज में एक युवक चाइनीज मांझे से घायल हो गया है। इस घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई की है, जिसकी जानकारी #SSPBareilly श्री अनुराग आर्य ने दी है।1
- कीचड़ मुक्त अभियान के तहत बाला ग्राम पंचायत के निरीक्षण के दौरान पूर्व विधायक राकेश सिंह ने ग्रामीणों की जन समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने ग्रामीणों द्वारा खुलकर बताई गईं समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए संबंधित विषयों पर विचार-विमर्श करते हुए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया। पूर्व विधायक ने यह भी सुनिश्चित किया कि इन सभी समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।1
- एक विनम्र निवेदन योगी जी से किया गया है, जिसमें प्रकाश व्यवस्था को लेकर तत्काल कार्रवाई की मांग उठाई गई है। इस निवेदन में बताया गया है कि कुछ स्थानों पर प्रकाश ठीक से नहीं पहुंच पा रहा है, जिसके समाधान के लिए एक हैलोजन लाइट लगाए जाने का आग्रह किया गया है।1
- प्रतापगढ़ के चिलबिला स्थित हनुमान मंदिर में पुरुषोत्तम मास के अंतिम दिन, सोमवारी अमावस्या के अवसर पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही, मंदिर परिसर में श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए एकत्र थे। इस दौरान, मंदिर समिति के महासचिव और समाजसेवी रोशनलाल उमरवैश्य ने सभी भक्तों के साथ मिलकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। जलाभिषेक के बाद, भगवान भोलेनाथ का भव्य श्रृंगार किया गया, आरती उतारी गई और उपस्थित भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण भी किया गया।1
- आज लखनऊ में भारतीय किसान यूनियन अवध क्षेत्र के राष्ट्रीय अध्यक्ष के नेतृत्व में किसानों ने मुख्य अभियंता, जानकीपुरम क्षेत्र के कार्यालय के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने मुख्य अभियंता कार्यालय का घेराव करते हुए अपनी नाराजगी जताई। यह प्रदर्शन मुख्य रूप से बार-बार हो रही विद्युत कटौती, स्मार्ट मीटर में आ रहे गलत बिल और नए बिजली कनेक्शन मिलने में हो रही देरी जैसी गंभीर समस्याओं को लेकर किया गया।1
- यह पोस्ट पूरी तरह से आध्यात्मिक भावनाओं को समर्पित है, जिसमें 'जय महाकाल' का बार-बार उद्घोष किया गया है। इसके साथ ही, 'ओम नमः शिवाय' का भी जाप किया गया है, जो भगवान शिव और महाकाल के प्रति गहरी श्रद्धा और भक्ति को दर्शाता है।1
- अयोध्या-प्रयागराज हाईवे से सटे अहिमाने बाजार से वैजापुर बहरौली लिंक रोड को जोड़ने वाला अंडरपास, जो सुल्तानपुर-प्रयागराज रेल खंड के नीचे बना है, वर्तमान में लगभग 3 फीट पानी में डूबा हुआ है। यह स्थिति हल्की बारिश के बाद ही बनी है, जिससे लगभग 5 लाख की आबादी वाले क्षेत्र के लोगों का आवागमन गंभीर रूप से बाधित हो रहा है और इस रास्ते पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। पूरी बरसात का मौसम अभी बाकी होने के कारण आने वाले दिनों में यह रास्ता और भी चुनौतीपूर्ण होने वाला है। इस गंभीर स्थिति के बावजूद, जिम्मेदार सांसद और विधायक अपने क्षेत्र से नदारद हैं, जिससे क्षेत्रवासियों में भारी रोष देखने को मिल रहा है। अंडरपास की कार्यदायी संस्था भी अपनी जिम्मेदारियों से विलुप्त है। ऐसे में, क्षेत्र की जनता का ख्याल कौन रखेगा, यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है। क्षेत्र के विधायकों द्वारा बड़े-बड़े दावे तो किए जाते हैं, परंतु जब बात विकास और समस्याओं के समाधान की आती है, तो समस्याएं मुंह खोलकर खड़ी रहती हैं और क्षेत्र की जनता परेशान है। लोग इस स्थिति पर सवाल उठा रहे हैं कि "क्या यही अच्छे दिन हैं?" लाखों की आबादी वाले सुल्तानपुर विधानसभा क्षेत्र के रास्ते से गुजरने वाले लोगों के साथ-साथ रास्ते का भी बुरा हाल है।1