Shuru
Apke Nagar Ki App…
Irfan Ali
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- Post by Irfan Ali1
- पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार आने के बाद की स्थिति पर चिंता व्यक्त की गई है, जहाँ एक घटना का वीडियो सामने आया है। यह वीडियो बंगाल के हावड़ा शहर के मेट्रो का बताया जा रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि मुसलमानों को देखते ही भीड़ द्वारा धार्मिक नारे लगाए जा रहे हैं। वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि वहाँ मौजूद महिलाएँ बहुत डरी हुई हैं। इस पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाया गया है कि आखिर ऐसे कृत्यों से क्या हासिल होगा।1
- सोमवार शाम को फतेहाबाद के थाना निबोहरा क्षेत्र के रामपुर गांव में एक दलित दूल्हे की बरात निकालने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। ग्रामीणों ने बरात के नए मार्ग से निकलने पर आपत्ति जताई, जिस पर बरातियों ने आक्रोश व्यक्त किया। विवाद बढ़ने पर लड़की पक्ष ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। पूर्वी जोन के डीसीपी अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि बरात के नए मार्ग से निकालने पर कुछ लोगों को आपत्ति थी। पुलिस ने मौके पर दोनों पक्षों से वार्ता की, जिसके बाद तीन घंटे की गहमागहमी के बाद बरात शांतिपूर्वक संपन्न कराई गई। गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात किया गया है और डीसीपी अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि फिलहाल किसी तरह का तनाव नहीं है।1
- आगरा जिले के बरौली अहीर ब्लॉक के अंतर्गत इस्लामपुर प्रेम नगर क्षेत्र में नालियों की गंभीर समस्या सामने आई है। स्थानीय जानकारी के अनुसार, गाँव में नालियां पूरी तरह से पानी से भर चुकी हैं। इस जलभराव के कारण घरों में भी पानी भर रहा है, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है। साथ ही, सड़कों पर भी पानी भरने से रास्ता आवागमन के लिए बिल्कुल अवरुद्ध हो गया है।1
- उत्तर प्रदेश के बाह तहसील में हाल ही में 'सम्पूर्ण समाधान दिवस' का आयोजन किया गया, जहाँ जिला अधिकारी (DM) और डीसीपी बाह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने जनता की शिकायतों को बेहद गंभीरता से सुना और उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। इस समाधान दिवस में जनता की ओर से राजस्व विभाग, पुलिस और भूमि विवाद से संबंधित 100 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं। अधिकारियों ने इन मामलों की गंभीरता से जांच की, जिसके परिणामस्वरूप 3 शिकायतों का मौके पर ही त्वरित समाधान कर दिया गया। राजस्व संबंधी कार्यों में सुधार लाने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए, लेखपालों और राजस्व निरीक्षकों को ऑनलाइन प्रक्रियाओं और रोवर तकनीक का उपयोग करते हुए पैमाइश व अन्य कार्यों को कुशलता से करने के विशेष निर्देश दिए गए। राजस्व परिषद द्वारा तकनीक का यह बढ़ता उपयोग यह सुनिश्चित करेगा कि लोगों को अपने कार्यों के लिए भटकना न पड़े। इसके अतिरिक्त, जिन लेखपालों के तबादले हो चुके हैं, उन्हें तत्काल कार्यमुक्त करने की बात भी कही गई।1
- आगरा में क्राइम ब्रांच के नाम पर करोड़ों की जमीन हड़पने और एक बुजुर्ग किसान को पहले भरोसे में लेकर फिर उसे झूठे मुकदमे, जेल तथा पुलिस एनकाउंटर की धमकी देने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। आगरा निवासी ज्ञान सिंह ने पुलिस आयुक्त को शिकायत देकर इन सनसनीखेज दावों की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पीड़ित ज्ञान सिंह के अनुसार, उन्होंने साल 2012 में अपनी जमीन का सौदा किया था, लेकिन समय पर बेनामा न होने के कारण मामला कोर्ट तक पहुंच गया। इसी दौरान उनकी मुलाकात संदीप विमल नामक व्यक्ति से हुई, जिसने खुद को क्राइम ब्रांच से जुड़ा बताकर मामला सुलझाने का भरोसा दिलाया। आरोप है कि इसी भरोसे का फायदा उठाकर संदीप विमल ने कथित रूप से धोखे से जमीन का बेनामा अपने नाम करा लिया। शिकायत में बताया गया है कि पहले दस लाख रुपये का चेक दिया गया, लेकिन उसका भुगतान नहीं हुआ। जब पीड़ित ने दस्तावेजों की जांच की, तो उन्हें धोखाधड़ी का कथित तौर पर पता चला। पीड़ित का आरोप है कि जब उन्होंने इस धोखाधड़ी का विरोध किया, तो उन्हें लगातार धमकियां मिलने लगीं। शिकायत पत्र में दावा किया गया है कि उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने, जेल भेजने और यहां तक कि पुलिस मुठभेड़ में फंसाने जैसी गंभीर धमकियां दी गईं, अगर उन्होंने शिकायत वापस नहीं ली। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि शिकायत करने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, बल्कि उल्टा उन पर ही दबाव बनाया जाने लगा। अब ज्ञान सिंह ने पुलिस कमिश्नर से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। अगर ये आरोप सही साबित होते हैं, तो यह मामला सिर्फ एक जमीन विवाद तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह कानून व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करेगा। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस पीड़ित को न्याय मिल पाएगा, या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?1
- आगरा के न्यू आगरा थाना क्षेत्र स्थित सर्व ओमेक्स मॉल में आतिशबाजी के धमाके से अचानक अफरा-तफरी मच गई। इस घटना के कारण मॉल में मौजूद ग्राहक और कर्मचारी दहशत में आ गए। पुलिस को मॉल प्रबंधन ने सीसीटीवी फुटेज सौंपे, जिसके आधार पर कार सवार चार लोगों को पकड़ा गया। इन चारों पर मॉल के भीतर पटाखा फोड़ने का आरोप है। पुलिस ने वाहन की तलाशी का एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया, जिसमें कार की डिक्की से भारी मात्रा में आतिशबाजी सामग्री मिलने का दावा किया गया है।1
- एक स्वयं सहायता समूह की महिला को बैंक में अपनी मेहनत से जोड़े पैसे निकालने के लिए न्याय नहीं मिला। जब वह हाथ जोड़कर अपनी ही जमा रकम मांगने पहुंची, तो उसे बैंक से धक्का देकर बाहर निकाल दिया गया। इस घटना ने यह गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या गरीबों की मेहनत की कमाई की कोई कीमत नहीं है, जिससे व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लग गए हैं।1