राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार दोपहर एक तीन मंजिला इमारत में भीषण आग लगने से एक बड़ा और दर्दनाक हादसा हो गया। इस घटना में अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें से अधिकांश एक कोचिंग सेंटर के छात्र बताए जा रहे हैं। इमारत में अभी भी कई लोगों के फंसे होने की आशंका के चलते बड़े पैमाने पर बचाव अभियान जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब अचानक इमारत से धुएं का गुबार और आग की लपटें उठने लगीं, तो दूसरी मंजिल पर चल रहे कोचिंग सेंटर में अफरा-तफरी मच गई। जान बचाने के लिए कई छात्रों ने खुद को बाथरूम में बंद कर लिया, जो बाद में उनके लिए जानलेवा साबित हुआ। वहीं, एक छात्र ने पहली मंजिल से नीचे छलांग लगा दी, लेकिन वह लोहे की ग्रिल पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे की भयावहता को देखते हुए, प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है। फायर ब्रिगेड की लगभग 10 गाड़ियां आग बुझाने में जुटी हैं और ऊपरी मंजिलों तक पहुंचने के लिए हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म (क्रेन) का उपयोग किया जा रहा है। इमारत के भीतर फंसे लोगों तक तेजी से पहुंचने के लिए फायरकर्मियों ने पिछली दीवार को भी तोड़ा है। SDRF और NDRF की टीमें मलबे और धुएं के बीच से लोगों को निकालने में लगी हैं, जबकि घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने के लिए दर्जनों एम्बुलेंस मौके पर तैनात हैं। घटना की सूचना मिलते ही उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। उपमुख्यमंत्री स्वयं बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं और डॉक्टरों को घायलों के उचित इलाज के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस घटना को 'बेहद दुखद' बताते हुए कहा कि प्राथमिकता फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और घायलों को बेहतर उपचार देने की है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि हादसे के कारणों की गहन जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। यह दर्दनाक हादसा अब सुरक्षा मानकों को जांच के घेरे में ले आया है। रिहाइशी और कमर्शियल इलाके में चल रहे इस कोचिंग सेंटर में अग्नि सुरक्षा के क्या इंतजाम थे, इसकी जांच शुरू कर दी गई है। हालांकि, फिलहाल पूरा ध्यान रेस्क्यू ऑपरेशन पर केंद्रित है, ताकि मौतों के आंकड़े को बढ़ने से रोका जा सके।
राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार दोपहर एक तीन मंजिला इमारत में भीषण आग लगने से एक बड़ा और दर्दनाक हादसा हो गया। इस घटना में अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें से अधिकांश एक कोचिंग सेंटर के छात्र बताए जा रहे हैं। इमारत में अभी भी कई लोगों के फंसे होने की आशंका के चलते बड़े पैमाने पर बचाव अभियान जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब अचानक इमारत से धुएं का गुबार और आग की लपटें उठने लगीं, तो दूसरी मंजिल पर चल रहे कोचिंग सेंटर में अफरा-तफरी मच गई। जान बचाने के लिए कई छात्रों ने खुद को बाथरूम में बंद कर लिया, जो बाद में उनके लिए जानलेवा साबित हुआ। वहीं, एक छात्र ने पहली मंजिल से नीचे छलांग लगा दी, लेकिन वह लोहे की ग्रिल पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे की भयावहता को देखते हुए, प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है। फायर ब्रिगेड की लगभग 10 गाड़ियां आग बुझाने में जुटी हैं और ऊपरी मंजिलों तक पहुंचने के लिए हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म (क्रेन) का उपयोग किया जा रहा है। इमारत के भीतर फंसे लोगों तक तेजी से पहुंचने के लिए फायरकर्मियों ने पिछली दीवार को भी तोड़ा है। SDRF और NDRF की टीमें मलबे और धुएं के बीच से लोगों को निकालने में लगी हैं, जबकि घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने के लिए दर्जनों एम्बुलेंस मौके पर तैनात हैं। घटना की सूचना मिलते ही उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। उपमुख्यमंत्री स्वयं बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं और डॉक्टरों को घायलों के उचित इलाज के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस घटना को 'बेहद दुखद' बताते हुए कहा कि प्राथमिकता फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और घायलों को बेहतर उपचार देने की है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि हादसे के कारणों की गहन जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। यह दर्दनाक हादसा अब सुरक्षा मानकों को जांच के घेरे में ले आया है। रिहाइशी और कमर्शियल इलाके में चल रहे इस कोचिंग सेंटर में अग्नि सुरक्षा के क्या इंतजाम थे, इसकी जांच शुरू कर दी गई है। हालांकि, फिलहाल पूरा ध्यान रेस्क्यू ऑपरेशन पर केंद्रित है, ताकि मौतों के आंकड़े को बढ़ने से रोका जा सके।
- फरधान थाना क्षेत्र के रसूलपुर गाँव में बीती रात अयूब के घर से लाखों रुपये के जेवर और ₹45,500 की नकदी चोरी हो गई। इस घटना के बाद पीड़ित ने पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।1
- लखीमपुर खीरी स्थित दुधवा टाइगर रिजर्व में इन दिनों भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए बाघ वाटर होल्स को अपना पसंदीदा ठिकाना बना रहे हैं। जंगल के ये राजा घंटों पानी में डुबकी लगाकर गर्मी से निजात पा रहे हैं, ठीक इंसानों की तरह ही। वन्यजीव प्रेमियों और दुधवा पहुंचने वाले पर्यटकों के लिए यह मौसम बेहद रोमांचक हो गया है। तपती दोपहर में वाटर होल्स के आसपास बाघों के साथ-साथ अन्य जंगली जानवरों की गतिविधियां भी बढ़ गई हैं, जिससे जंगल सफारी के दौरान दुर्लभ और जीवंत नजारों को देखने की संभावना काफी बढ़ गई है। भीषण गर्मी के कारण जंगल के जीव-जंतु पानी के स्रोतों के करीब आ गए हैं, और दुधवा का प्राकृतिक संसार अपने सबसे सक्रिय और जीवंत रूप में दिखाई दे रहा है।1
- इस्कॉन लखीमपुर द्वारा 17 जुलाई 2026 को एक भव्य रथयात्रा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। यह रथयात्रा सायं 4 बजे भुइफोरवानाथ मंदिर, मेला मैदान से शुरू होगी और विलोबी हॉल तक जाएगी। इस यात्रा में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की आकर्षक झांकी के साथ-साथ भजन-कीर्तन एवं हरिनाम संकीर्तन भी होगा। आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं से अपने परिवार सहित इस रथयात्रा में शामिल होकर सेवा और पुण्य लाभ प्राप्त करने की अपील की है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य भक्ति, प्रेम और सद्भाव का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है।1
- लखीमपुर खीरी के दुधवा टाइगर रिजर्व में पड़ रही भीषण गर्मी से इंसानों की तरह जंगल के राजा बाघ भी बेहाल हैं और राहत की तलाश में हैं। इन दिनों दुधवा के वाटर होल्स बाघों के पसंदीदा ठिकाने बन गए हैं, जहाँ वे घंटों पानी में डुबकी लगाकर गर्मी से निजात पा रहे हैं। यह मौसम वन्यजीव प्रेमियों और दुधवा पहुँच रहे पर्यटकों के लिए रोमांच से भरा है, क्योंकि तपती दोपहर में वाटर होल्स के आसपास बाघों और अन्य जंगली जानवरों की गतिविधियाँ बढ़ गई हैं। भीषण गर्मी ने जंगल के जीवों को पानी के स्रोतों के करीब ला दिया है, जिससे जंगल सफारी के दौरान बाघों और अन्य जानवरों के दुर्लभ नजारों के दर्शन की संभावना भी काफी बढ़ गई है, और दुधवा का प्राकृतिक संसार इन दिनों अपने सबसे जीवंत रूप में दिखाई दे रहा है।1
- ग्रेटर नोएडा में एक कथित 'आधुनिक नशेड़ी महिला' ने सड़क पर जमकर हंगामा किया। शराब के नशे में धुत यह महिला सड़क पर लेट गई थी, और उसके हाथ में सिगरेट थी जबकि पास ही शराब भी रखी हुई थी। इस घटना ने एक बार फिर ऐसी 'आधुनिक नशेड़ी महिला' के सामने आने की बात को उजागर किया है।1