इंदौर नगर निगम ने बारिश के मौसम को देखते हुए जर्जर भवनों के खिलाफ अपने अभियान में तेजी ला दी है। इसी क्रम में, छोटी ग्वालटोली क्षेत्र में एक वर्षों पुराने और खतरनाक मकान को निगम की टीम ने ध्वस्त किया। संकरी गली होने के कारण भारी मशीनें मौके तक नहीं पहुँच सकीं, जिसके चलते मकान को हथौड़े और सब्बल की मदद से तोड़ा गया। नगर निगम के भवन अधिकारी अल्केश बिथरिया ने जानकारी दी कि कई भवनों को ऊपर से पेंट करके ठीक दिखाने का प्रयास किया गया था, जबकि उनकी संरचना पूरी तरह से कमजोर हो चुकी थी। उन्होंने बताया कि इस मकान के मालिक को पहले कई बार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन जर्जर हिस्से को नहीं हटाया गया। इसके बाद निगम ने स्वयं यह कार्रवाई की। अभियान के दौरान सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए गए थे। हालांकि, बिजली लाइन चालू होने के कारण कुछ समय के लिए कार्रवाई रोकनी पड़ी थी, लेकिन बाद में बिजली आपूर्ति बंद कराकर मकान को सफलतापूर्वक तोड़ा गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बारिश के दौरान ऐसे जर्जर भवन कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। इसी खतरे को देखते हुए, शहर में चिन्हित अन्य खतरनाक भवनों पर भी जल्द से जल्द कार्रवाई की जाएगी ताकि किसी भी संभावित अनहोनी को टाला जा सके।
इंदौर नगर निगम ने बारिश के मौसम को देखते हुए जर्जर भवनों के खिलाफ अपने अभियान में तेजी ला दी है। इसी क्रम में, छोटी ग्वालटोली क्षेत्र में एक वर्षों पुराने और खतरनाक मकान को निगम की टीम ने ध्वस्त किया। संकरी गली होने के कारण भारी मशीनें मौके तक नहीं पहुँच सकीं, जिसके चलते मकान को हथौड़े और सब्बल की मदद से तोड़ा गया। नगर निगम के भवन अधिकारी अल्केश बिथरिया ने जानकारी दी कि कई भवनों को ऊपर से पेंट करके ठीक दिखाने का प्रयास किया गया था, जबकि उनकी संरचना पूरी तरह से कमजोर हो चुकी थी। उन्होंने बताया कि इस मकान के मालिक को पहले कई बार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन जर्जर हिस्से को नहीं हटाया गया। इसके बाद निगम ने स्वयं यह कार्रवाई की। अभियान के दौरान सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए गए थे। हालांकि, बिजली लाइन चालू होने के कारण कुछ समय के लिए कार्रवाई रोकनी पड़ी थी, लेकिन बाद में बिजली आपूर्ति बंद कराकर मकान को सफलतापूर्वक तोड़ा गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बारिश के दौरान ऐसे जर्जर भवन कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। इसी खतरे को देखते हुए, शहर में चिन्हित अन्य खतरनाक भवनों पर भी जल्द से जल्द कार्रवाई की जाएगी ताकि किसी भी संभावित अनहोनी को टाला जा सके।
- इंदौर के पलासिया चौराहे पर एक हेलमेट वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में आदरणीय कमिश्नर साहब ने जरूरतमंद लोगों को हेलमेट वितरित किए।1
- द्वारकापुरी थाना पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कुख्यात तस्कर, चेतन नाथ, को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 270 ग्राम ब्राउन शुगर, 8 किलो गांजा, 19 लाख रुपए नकद, एक नोट गिनने की मशीन, पिस्टल के 22 जिंदा कारतूस और नशीले पदार्थों की पैकिंग व रीपैकिंग में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद किया गया है। पुलिस फिलहाल आरोपी से पूछताछ कर उसके पूरे नेटवर्क और अन्य साथियों की जानकारी जुटा रही है। एडी.डीसीपी दिशेष अग्रवाल ने बताया कि इस कार्रवाई की शुरुआत 22 जून को हुई थी, जब मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने लकी नाथ नामक आरोपी को 16 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ में लकी ने बताया कि उसे ब्राउन शुगर की सप्लाई चेतन नाथ करता है। इसके बाद पुलिस ने चेतन नाथ, जो नाथ मोहल्ला, द्वारकापुरी का निवासी है, की तलाश शुरू की। रविवार शाम को पुलिस ने चेतन नाथ को राजबाड़ा क्षेत्र से हिरासत में लिया। शुरुआती पूछताछ में ही उसने अपने पास और भी मादक पदार्थ होने की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस उसकी निशानदेही पर द्वारकापुरी स्थित उसके घर पहुंची। घर की तलाशी के दौरान पुलिस भी भारी बरामदगी देखकर हैरान रह गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में चेतन नाथ ने खुलासा किया कि वह राजस्थान के प्रतापगढ़ से ब्राउन शुगर लाकर इंदौर में सप्लाई करता था। अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उसके संपर्क में कौन-कौन लोग हैं तथा यह सप्लाई चेन कितनी बड़ी है।1
- एडिशनल डीसीपी दिशेष अग्रवाल के अनुसार, सराफा थाना पुलिस ने ड्रग तस्कर चेतन नाथ को गिरफ्तार किया है। उसके घर की तलाशी के दौरान 265 ग्राम ब्राउन शुगर, 8 किलो गांजा, 19 लाख रुपये नकद और एक नोट गिनने की मशीन बरामद हुई। पुलिस ने बताया कि चेतन नाथ की बहन सीमा नाथ पहले से ही ड्रग तस्करी के एक मामले में गिरफ्तार होकर जेल में बंद है, और उसके पास से भी लाखों रुपये जब्त किए गए थे। जांच में यह सामने आया है कि इस भाई-बहन की जोड़ी ने नशा तस्करी के ज़रिए करोड़ों रुपये का नेटवर्क खड़ा किया था, जिसकी पहुँच कई राज्यों तक होने की आशंका है। चेतन नाथ के खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह अनेक मामलों में फरार चल रहा था। फिलहाल, चेतन नाथ 2 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर है, और इस दौरान पुलिस उसके नेटवर्क, सप्लायरों, खरीदारों और आर्थिक लेन-देन की कड़ियों की गहन जांच कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, चेतन नाथ की गिरफ्तारी से शहर के अन्य नशा तस्करों में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी शुरू कर दी है, जिससे इस बड़े नेटवर्क की तलाश और तेज़ हो गई है।1
- क्रिकेट के रोमांच के बीच साइबर सुरक्षा का महत्वपूर्ण संदेश गूंजा है। 'सेफ क्लिक 2.0' नामक यह अभियान होलकर स्टेडियम तक भी पहुँचा, जहाँ विशेष प्रयासों के माध्यम से जागरूकता फैलाई गई। स्टेडियम की स्क्रीन पर वीडियो प्रसारित कर दर्शकों और खिलाड़ियों को विभिन्न साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया गया, ताकि वे डिजिटल सुरक्षा को लेकर सतर्क रह सकें।1
- मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में नगर निगम कर्मचारियों की दबंगई और बदसलूकी का एक नया मामला सामने आया है। यह घटना इंदौर के लसूडिया क्षेत्र में हुई, जहाँ ड्यूटी पर मौजूद नगर निगम के कर्मचारी एक महिला पत्रकार पर सवाल पूछने पर भड़क उठे और उनके साथ जमकर अभद्रता की। जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला पत्रकार क्षेत्र में नगर निगम की कार्रवाइयों या व्यवस्थाओं को लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग कर रही थीं। इसी दौरान उन्होंने वहाँ उपस्थित कर्मचारियों से जनहित से जुड़े कुछ सवाल पूछ लिए, जिस पर कर्मचारी अपना आपा खो बैठे और पत्रकार से विवाद करने लगे। यह बात इतनी बढ़ गई कि कर्मचारियों ने महिला पत्रकार के साथ तीखी बहस करते हुए बदसलूकी करनी शुरू कर दी। इस पूरे मामले के बाद, पीड़ित महिला पत्रकार ने लसूडिया थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर पुलिस ने अब मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- साइबर सुरक्षा टीम को इंदौर के पलासिया चौराहे पर साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने के प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया। यह सम्मान विशेष रूप से टीम द्वारा इस महत्वपूर्ण विषय पर किए जा रहे कार्यों को रेखांकित करता है।1