राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल, पाली ने बांडी नदी में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए कड़ा रुख अपनाया है। क्षेत्रीय अधिकारी राहुल शर्मा ने 22 जून 2026 को मंडिया रोड स्थित एसोसिएशन भवन में टेक्सटाइल एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जहाँ वस्त्र प्रसंस्करण इकाइयों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। मंडल ने स्पष्ट किया है कि सभी वस्त्र प्रसंस्करण इकाइयां सीईटीपी द्वारा निर्धारित रोटेशनल प्लान के तहत केवल सुबह 08:00 बजे से शाम 08:00 बजे तक ही संचालित होंगी। SCADA प्रणाली के नियंत्रण को मंडल ने अपने पास सुरक्षित रखते हुए चेतावनी दी है कि इसके साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ को गंभीर उल्लंघन माना जाएगा। इसके अतिरिक्त, यदि कोई इकाई अवैध पाइपलाइन या टैंकर के माध्यम से अपशिष्ट जल का निस्तारण करती पाई गई, तो उस इकाई को स्थायी रूप से बंद कर दिया जाएगा और प्रकरण माननीय सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने औद्योगिक क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने के भी निर्देश दिए हैं, जिसके तहत रीको क्षेत्र के स्टॉर्म वाटर ड्रेनों में औद्योगिक या घरेलू अपशिष्ट जल का निस्तारण पूर्णतः वर्जित है। प्रत्येक इकाई के लिए अपने मुख्य द्वार पर इकाई का नाम, पता, जोन, रोटेशनल बंदी का दिन और वैध सम्मति (CTO) की अवधि का डिस्प्ले बोर्ड लगाना अनिवार्य होगा। वहीं, बिना पंजीकरण वाले टैंकरों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा और मीठे पानी के टैंकरों पर "FRESH WATER TANKER" लिखना आवश्यक होगा। क्षेत्रीय अधिकारी ने विशेष रूप से हॉट स्टेंटर मशीनों पर की जा रही रंगाई गतिविधियों को प्रतिबंधित करते हुए चेतावनी दी है कि अवैध मशीनों का संचालन करने वालों पर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। बैठक के अंत में उद्योगपतियों से पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 का पालन करते हुए बांडी नदी के संरक्षण में सहयोग की अपील की गई, ताकि फैक्ट्रियों को ऑक्सीजन मिल सके और कड़े नियमों में ही संचालन संभव हो।
राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल, पाली ने बांडी नदी में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए कड़ा रुख अपनाया है। क्षेत्रीय अधिकारी राहुल शर्मा ने 22 जून 2026 को मंडिया रोड स्थित एसोसिएशन भवन में टेक्सटाइल एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जहाँ वस्त्र प्रसंस्करण इकाइयों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। मंडल ने स्पष्ट किया है कि सभी वस्त्र प्रसंस्करण इकाइयां सीईटीपी द्वारा निर्धारित रोटेशनल प्लान के तहत केवल सुबह 08:00 बजे से शाम 08:00 बजे तक ही संचालित होंगी। SCADA प्रणाली के नियंत्रण को मंडल ने अपने पास सुरक्षित रखते हुए चेतावनी दी है कि इसके साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ को गंभीर उल्लंघन माना जाएगा। इसके अतिरिक्त, यदि कोई इकाई अवैध पाइपलाइन या टैंकर के माध्यम से अपशिष्ट जल का निस्तारण करती पाई गई, तो उस इकाई को स्थायी रूप से बंद कर दिया जाएगा और प्रकरण माननीय सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने औद्योगिक क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने के भी निर्देश दिए हैं, जिसके तहत रीको क्षेत्र के स्टॉर्म वाटर ड्रेनों में औद्योगिक या घरेलू अपशिष्ट जल का निस्तारण पूर्णतः वर्जित है। प्रत्येक इकाई के लिए अपने मुख्य द्वार पर इकाई का नाम, पता, जोन, रोटेशनल बंदी का दिन और वैध सम्मति (CTO) की अवधि का डिस्प्ले बोर्ड लगाना अनिवार्य होगा। वहीं, बिना पंजीकरण वाले टैंकरों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा और मीठे पानी के टैंकरों पर "FRESH WATER TANKER" लिखना आवश्यक होगा। क्षेत्रीय अधिकारी ने विशेष रूप से हॉट स्टेंटर मशीनों पर की जा रही रंगाई गतिविधियों को प्रतिबंधित करते हुए चेतावनी दी है कि अवैध मशीनों का संचालन करने वालों पर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। बैठक के अंत में उद्योगपतियों से पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 का पालन करते हुए बांडी नदी के संरक्षण में सहयोग की अपील की गई, ताकि फैक्ट्रियों को ऑक्सीजन मिल सके और कड़े नियमों में ही संचालन संभव हो।
- Amar singhपाली, पाली, राजस्थानइस मामले पर प्रदूषण विभाग के ही कर्मचारी लोग ही भ्रष्टाचारी में लिप्ट है तो टहा से सुधार होगा प्रदूषित पानी छोडने में ही रिश्वतखोरी वर्कर काम करते रहे है,सिर्फ कागज कार्यवाही करते दिखते है।सबसे पहले नियत को साफ करना होगा तब जाकर प्रदूषण पर कंट्रोल कर सकते हो46 min ago
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- पाली जिले के भाकरीवाला गांव में धनाराम बावरी ने जिला कलेक्टर रविन्द्र गौसवामी को लिखित शिकायत देकर अपनी खसरा नं १२५/१ की नौ बीघा सात बिस्वा जमीन तक जाने वाला आम रास्ता खुलवाने की मांग की है। यह रास्ता कथित तौर पर भाकरीवाला निवासी मोतीदास संत द्वारा बंद कर दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अप्रार्थी मोतीदास संत ने गौचर भूमि पर अतिक्रमण कर 'दौरा पाली' लगा दिया है, जिसके कारण धनाराम की पुश्तैनी जमीन तक जाने का रास्ता भी बंद हो गया है। शिकायत में कहा गया है कि मोतीदास संत का राजनीतिक दबदबा और बाहुबल है, जिसके चलते उसने गौचर भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा है। इसी प्रभाव के कारण प्रार्थी की शिकायत की सुनवाई पटवारी हल्का, तहसीलदार और उपखंड अधिकारी कार्यालय में भी नहीं हो रही है। इससे पहले, प्रार्थी धनाराम ने विगत १९ जून, २०२६ को भी उपखंड अधिकारी और तहसीलदार रोहट को लिखित रिपोर्ट सौंपी थी, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। अब सभी की निगाहें इस पर हैं कि कलेक्टर के हस्तक्षेप के बाद 'ऊंट किस करवट बैठता है' और क्या धनाराम को न्याय मिल पाएगा।2
- पाली के देसूरी क्षेत्र के पदमपुरा गांव में एक फार्म हाउस के बाहर फायरिंग की घटना से हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, दो से तीन वाहनों में सवार होकर आए 10-12 से अधिक अज्ञात लोगों ने अचानक फायरिंग की और मौके से फरार हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घटना के समय फार्म हाउस पर कुछ लोग मौजूद थे और बदमाशों की फायरिंग से वहां अफरा-तफरी मच गई थी। सूचना मिलते ही देसूरी पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) टीम को भी मौके पर बुलाया। देसूरी के एएसआई शैतान सिंह ने जानकारी दी कि रविवार शाम को दो कारों में आए कुछ लोगों द्वारा एक फार्म हाउस के पास फायरिंग किए जाने की खबर मिली थी, जिसके बाद पुलिस तुरंत पहुंची। फिलहाल, पुलिस अज्ञात बदमाशों की तलाश में आसपास के क्षेत्र में नाकाबंदी कर रही है। पुलिस इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि फायरिंग करने वाले कौन थे, उनका मकसद क्या था और क्या किसी खास व्यक्ति को निशाना बनाया गया था।1
- पाली जिले की ग्राम पंचायत ईटन्दरा चारणान में पेयजल व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि जनसुनवाई के दौरान माननीय विधायक महोदय और कैंप प्रभारी द्वारा दिए गए निर्देशों के बावजूद, एक नया पंप चालक नियुक्त नहीं किया गया है। इसके परिणामस्वरूप, पिछले तीन दिनों से गांव में नियमित पेयजल आपूर्ति बाधित है, जिससे आम जनता को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि वर्तमान पंप चालक की कार्यप्रणाली के संबंध में पहले भी कई शिकायतें की जा चुकी हैं और उच्च अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। उनका यह भी आरोप है कि शिकायतों के बावजूद संबंधित पंप चालक के खिलाफ कार्रवाई न होने से गांव में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। इस समस्या के समाधान की मांग को लेकर गांव के युवाओं और ग्रामीणों ने एकजुट होकर ग्राम पंचायत के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा ग्राम पंचायत ईटन्दरा चारणान में नियमित एवं सुचारु पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे।1
- जोधपुर के एयर फोर्स क्षेत्र स्थित पांच पत्ती चौराहे पर अज्ञात लोगों द्वारा एक व्यक्ति के साथ मारपीट करने का मामला सामने आया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ लोगों ने एक युवक को रोककर उसके साथ मारपीट की और वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। घायल व्यक्ति को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब आरोपियों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने का प्रयास कर रही है।1
- जोधपुर जिले के बोरुंदा कस्बे के निकटवर्ती बीटन गांव की सरहद में रविवार दोपहर बाद हुए एक भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि लगभग 10 वर्षीय एक बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बोरुंदा की ओर से तेज गति से आ रहे एक ट्रेलर ने सामने से पुष्कर की ओर से आ रही एक कार को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रेलर कार को लगभग 50 फीट तक घसीटता हुआ ले गया और सड़क किनारे बनी करीब 5 फीट ऊंची व 50 फीट लंबी दीवार को तोड़ते हुए एक मकान में जा घुसा, जिससे कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही बोरुंदा थानाधिकारी सुजाना राम विश्नोई और मुख्य आरक्षी श्रीराम मीणा पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे, जहाँ उन्होंने भीड़ को हटाकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू करवाया। पुलिस ने क्रेन की सहायता से कार की छत को तोड़कर आधे घंटे की मशक्कत के बाद फंसे चालक को बाहर निकाला। दुर्घटना में घायल बच्ची, जिसे बाद में प्राची के रूप में पहचाना गया, और उसकी मां व भाई को निजी वाहन तथा एम्बुलेंस की मदद से बोरुंदा चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहाँ चिकित्सक डॉ. गजेन्द्र ने दम्पति और बालक को मृत घोषित कर दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल प्राची को, जिसके एक हाथ सहित शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें थीं, प्राथमिक उपचार के बाद जोधपुर रेफर किया गया। यह हादसा नागौर जिले की सीमा में होने के कारण जसनगर थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जसनगर पुलिस के एएसआई सुगनाराम ग्वाला मौके पर पहुंचे और बोरुंदा चिकित्सालय में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की। पुलिस मृतकों एवं घायल बच्ची की पहचान और हादसे के कारणों की जांच में जुटी है। बोरुंदा थानाधिकारी सुजाना राम विश्नोई ने बताया कि मृतकों में रेवाड़ी हरियाणा के मूसेपुर निवासी श्रीनिवास (35), उनकी पत्नी रिनू (32) और पुत्र जयंत यादव (7) शामिल हैं, जबकि उनकी बेटी प्राची (10) घायल हुई है। पहचान के लिए कुरुक्षेत्र, पंचकूला, करनाल, नारनौल, जींद, अलवर, शाहजहांपुर, भिवाड़ी, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, गुड़गांव में कई जगह फोन करने के बाद परिजनों का पता चला, और जिला पुलिस कंट्रोल रूम रेवाड़ी हरियाणा के मार्फत उन्हें सूचित किया गया। सूचना मिलने पर मृतक के भाई, माता-पिता नारनौल और रेवाड़ी से बोरुंदा के लिए रवाना हो गए हैं। ग्रामीणों ने राज्य मार्ग 21 पर बीटन गांव में हुए इस हादसे का कारण ट्रक के लिए बनी 'ले बाई' को बताया और इसे हटाने की मांग की, क्योंकि उनका कहना है कि इस स्थान पर पूर्व में भी कई हादसे हो चुके हैं। थानाधिकारी विश्नोई ने यह भी बताया कि घायल लड़की प्राची, जिसका जोधपुर में प्राथमिक उपचार हुआ है, अब सुरक्षित है और उसे वापस बोरुंदा लाया जा रहा है। पुलिस उसे उसके परिजनों के आने तक अपनी सुरक्षा में रखेगी।4
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- जोधपुर रेलवे स्टेशन के बाहर एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी द्वारा एक युवक की पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह घटना आज शाम 5:16 बजे की बताई जा रही है, जहाँ मुख्य सड़क पर लोगों ने एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी को एक युवक के साथ मारपीट करते हुए देखा। इस मारपीट को देख मौके पर मौजूद लोगों ने घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जमकर साझा किया जा रहा है।1