झारखण्ड खनिज संपदा से सम्पन्न राज्य है, इसलिए यहां की जनता को भी सम्मानजनक जीवन जीने का पूरा अधिकार है: बिरसा सोय झारखण्ड देश के सबसे समृद्ध खनिज राज्यों में गिना जाता है। यहां की धरती कोयला, लौह अयस्क, तांबा, यूरेनियम, बॉक्साइट, चूना पत्थर और अनेक बहुमूल्य खनिजों से भरी हुई है। इसी धरती की संपदा से देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है, उद्योग चलते हैं और सरकारों के खजाने भरते हैं। लेकिन सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि जब झारखण्ड इतना समृद्ध है, तो यहां की आम जनता आज भी अच्छी शिक्षा, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा, पौष्टिक भोजन, रोजगार और सम्मानजनक जीवन से क्यों वंचित है? अलग झारखण्ड राज्य बने 26 वर्ष बीत चुके हैं। इन वर्षों में राज्य की जनता ने अनेक सरकारें चुनीं, सैकड़ों विधायक और सांसद संसद तथा विधानसभा तक पहुंचाएं। हर चुनाव में बड़े-बड़े वादे किए गए—गरीबी मिटाने के, बेरोजगारी समाप्त करने के, किसानों की आय बढ़ाने के, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने के तथा झारखण्ड को विकसित राज्य बनाने के। लेकिन आज भी राज्य के अनेक गाँवों में लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यदि विधायक और सांसद स्वयं अपने लिए बेहतर गुणवत्ता का भोजन, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और सम्मानजनक जीवन चाहते हैं, तो झारखण्ड की जनता भी उसी सम्मान की अधिकारी है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (राशन व्यवस्था) के माध्यम से प्रत्येक पात्र परिवार को गुणवत्तापूर्ण चावल और अन्य खाद्यान्न उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। लोकतंत्र में जनता और जनप्रतिनिधियों के बीच सम्मान और अधिकारों का भेद नहीं होना चाहिए। जनप्रतिनिधि जनता के सेवक हैं, शासक नहीं। दुर्भाग्य की बात है कि चुनाव के समय जनता से बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही अधिकांश जनप्रतिनिधियों का जनता से संवाद कमजोर पड़ जाता है। यही कारण है कि आज भी बेरोजगारी, पलायन, बदहाल सरकारी विद्यालय, कमजोर स्वास्थ्य व्यवस्था, किसानों की समस्याएं और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे ज्यों के त्यों बने हुए हैं। अब समय आ गया है कि झारखण्ड की जनता केवल चुनावी घोषणाओं पर नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधियों के कार्यों का मूल्यांकन करे। लोकतंत्र की असली ताकत जनता के हाथ में है। जनता को यह पूछने का पूरा अधिकार है कि पिछले 26 वर्षों में राज्य की खनिज संपदा से मिलने वाले संसाधनों का कितना लाभ आम लोगों तक पहुंचा और कितनी समस्याओं का वास्तविक समाधान हुआ। झारखण्ड की जनता किसी विशेष सुविधा की नहीं, बल्कि सम्मान, समान अवसर और गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक सेवाओं की मांग कर रही है। यदि राज्य की प्राकृतिक संपदा पूरे देश की प्रगति में योगदान दे सकती है, तो सबसे पहले उसका लाभ झारखण्ड के लोगों को मिलना चाहिए। यही सामाजिक न्याय की भावना है और यही लोकतंत्र की वास्तविक आत्मा भी है। बिरसा सोय केन्द्रीय अध्यक्ष वृहद झारखण्ड मोर्चा (VJM)
झारखण्ड खनिज संपदा से सम्पन्न राज्य है, इसलिए यहां की जनता को भी सम्मानजनक जीवन जीने का पूरा अधिकार है: बिरसा सोय झारखण्ड देश के सबसे समृद्ध खनिज राज्यों में गिना जाता है। यहां की धरती कोयला, लौह अयस्क, तांबा, यूरेनियम, बॉक्साइट, चूना पत्थर और अनेक बहुमूल्य खनिजों से भरी हुई है। इसी धरती की संपदा से देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है, उद्योग चलते हैं और सरकारों के खजाने भरते हैं। लेकिन सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि जब झारखण्ड इतना समृद्ध है, तो यहां की आम जनता आज भी अच्छी शिक्षा, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा, पौष्टिक भोजन, रोजगार और सम्मानजनक जीवन से क्यों वंचित है? अलग झारखण्ड राज्य बने 26 वर्ष बीत चुके हैं। इन वर्षों में राज्य की जनता ने अनेक सरकारें चुनीं, सैकड़ों विधायक और सांसद संसद तथा विधानसभा तक पहुंचाएं। हर चुनाव में बड़े-बड़े वादे किए गए—गरीबी मिटाने के, बेरोजगारी समाप्त करने के, किसानों की आय बढ़ाने के, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने के तथा झारखण्ड को विकसित राज्य बनाने के। लेकिन आज भी राज्य के अनेक गाँवों में लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यदि विधायक और सांसद स्वयं अपने लिए बेहतर गुणवत्ता का भोजन, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और सम्मानजनक जीवन चाहते हैं, तो झारखण्ड की जनता भी उसी सम्मान की अधिकारी है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (राशन व्यवस्था) के माध्यम से प्रत्येक पात्र परिवार को गुणवत्तापूर्ण चावल और अन्य खाद्यान्न उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। लोकतंत्र में जनता और जनप्रतिनिधियों के बीच सम्मान और अधिकारों का भेद नहीं होना चाहिए। जनप्रतिनिधि जनता के सेवक हैं, शासक नहीं। दुर्भाग्य की बात है कि चुनाव के समय जनता से बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही अधिकांश जनप्रतिनिधियों का जनता से संवाद कमजोर पड़ जाता है। यही कारण है कि आज भी बेरोजगारी, पलायन, बदहाल सरकारी विद्यालय, कमजोर स्वास्थ्य व्यवस्था, किसानों की समस्याएं और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे ज्यों के त्यों बने हुए हैं। अब समय आ गया है कि झारखण्ड की जनता केवल चुनावी घोषणाओं पर नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधियों के कार्यों का मूल्यांकन करे। लोकतंत्र की असली ताकत जनता के हाथ में है। जनता को यह पूछने का पूरा अधिकार है कि पिछले 26 वर्षों में राज्य की खनिज संपदा से मिलने वाले संसाधनों का कितना लाभ आम लोगों तक पहुंचा और कितनी समस्याओं का वास्तविक समाधान हुआ। झारखण्ड की जनता किसी विशेष सुविधा की नहीं, बल्कि सम्मान, समान अवसर और गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक सेवाओं की मांग कर रही है। यदि राज्य की प्राकृतिक संपदा पूरे देश की प्रगति में योगदान दे सकती है, तो सबसे पहले उसका लाभ झारखण्ड के लोगों को मिलना चाहिए। यही सामाजिक न्याय की भावना है और यही लोकतंत्र की वास्तविक आत्मा भी है। बिरसा सोय केन्द्रीय अध्यक्ष वृहद झारखण्ड मोर्चा (VJM)
- Seraikella | Kandra : कांड्रा में टोल सड़क पर उड़ती धूल से जनजीवन प्रभावित... Seraikella | kandra : कांड्रा में टोल वसूली जारी, धूल से जनजीवन प्रभावित; सड़क रखरखाव और प्रदूषण नियंत्रण पर उठे सवाल, स्थानीय लोगों ने नियमित सफाई, खुले व ओवरलोड मालवाहक वाहनों पर कार्रवाई तथा जिम्मेदार एजेंसियों से निष्पक्ष जांच और प्रभावी कदम उठाने की मांग की.... बिष्णु पद महापात्र 📲 9471102055 (wa) कांड्रा क्षेत्र में उड़ती धूल से स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने सड़क की नियमित सफाई, धूल नियंत्रण, खुले तथा ओवरलोड मालवाहक वाहनों पर कार्रवाई और संबंधित विभागों से निष्पक्ष जांच कर प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की | jharkhandnews | kolhanupdate | pollution | janasamasya | suryodaysamvaad1
- JPSC/JSSC भर्ती घोटाले के विरोध में भाजयुमो का आक्रोश मार्च, राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन चाईबासा: भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो), पश्चिमी सिंहभूम के नेतृत्व में शनिवार को झारखंड में JPSC, JSSC, उत्पाद सिपाही सहित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और भर्ती घोटालों के विरोध में जिला मुख्यालय चाईबासा में आक्रोश मार्च निकाला गया। मार्च की शुरुआत गीता पेट्रोल पंप, कॉलेज मोड़ से हुई, जहां से कार्यकर्ता और छात्र समर्थक नारेबाजी करते हुए उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। इसके बाद राज्यपाल के नाम उपायुक्त के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया।1
- TMH के डायबिटीज केयर सेंटर में 1 अगस्त से Obesity Clinic की शुरुआत, मोटापा और डायबिटीज मरीजों को मिलेगी बेहतर इलाज की सुविधा जमशेदपुर से स्वास्थ्य क्षेत्र की बड़ी खबर। Tata Main Hospital (TMH) के डायबिटीज केयर सेंटर में 1 अगस्त से Obesity Clinic की शुरुआत की जा रही है। इस नई सुविधा के माध्यम से मोटापा और डायबिटीज से जूझ रहे मरीजों को विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह, जांच और उपचार एक ही स्थान पर उपलब्ध होगा। अस्पताल का उद्देश्य बढ़ते मोटापे और उससे जुड़ी बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। ऐसी ही Jamshedpur Breaking News, Jharkhand News, Health News और TMH की हर बड़ी अपडेट सबसे पहले देखने के लिए Steel City Breaking News चैनल को Subscribe करें, वीडियो को Like करें और अपने दोस्तों के साथ Share करें। #Jamshedpur #TMH #ObesityClinic #Diabetes #HealthNews #JharkhandNews #BreakingNews #SteelCityBreakingNews #Shorts #YouTubeShorts1
- रांची में छात्रों ने निकाला कैंडल मार्च, न्याय की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे छात्र रांची में बड़ी संख्या में छात्रों ने कैंडल मार्च निकालकर अपनी मांगों और न्याय के समर्थन में आवाज बुलंद की। हाथों में मोमबत्तियां लेकर छात्रों ने शांतिपूर्ण तरीके से मार्च किया और संबंधित मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। इस दौरान छात्रों ने एकजुटता दिखाते हुए नारे लगाए और प्रशासन से मामले पर जल्द उचित कदम उठाने की अपील की।1
- आभार कार्यक्रम, मंत्री दीपक बिरुवा और जिला के विधायक हुए शामिल। लाभुकों को 226 करोड़ की परिसम्पत्तियों का किया गया वितरण। चाईबासा के कोल्हान विश्वविद्यालय सभागार में आज जिला प्रशासन द्वारा जिला स्तरीय आभार कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में झारखंड सरकार भू-राजस्व और परिवहन मंत्री दीपक बिरुवा के साथ जिला के सभी विधायक शामिल हुए। मौके पर सरकार के विभिन्न योजनाओं के लाभुकों को 226 करोड़ की परिसम्पत्तियों का वितरण किया गया। जिसमें मईया सम्मान योजना और पेंशन योजनाओं का डीबीटी के माध्यम से ऑनलाईन ट्रांसफर, आवास योजना, छात्रवृत्ति समेत अन्य योजनाएं शामिल हैं। कार्यक्रम में परिसर में लगाए गए कई स्टॉलों का मंत्री और विधायकों ने निरीक्षण किया। Byte - दीपक बिरुवा, भू-राजस्व और परिवहन मंत्री, झारखंड सरकार1
- जेपीएससी सहित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के विरोध में भाजपा का प्रदर्शन, उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन सरायकेला -झारखंड में जेपीएससी, जेएसएससी-सीजीएल, उत्पाद सिपाही सहित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक एवं अनियमितताओं के विरोध में शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जिला सरायकेला-खरसावां द्वारा उपायुक्त कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के बाद पार्टी नेताओं ने उपायुक्त के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य में पिछले सात वर्षों के दौरान कई भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताएं सामने आई हैं, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक और भर्ती घोटालों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को शीघ्र सजा दिलाई जानी चाहिए। ज्ञापन में प्रमुख मांगों के रूप में वर्ष 2019 के बाद हुई सभी भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई जांच कराने, फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित कर दोषियों पर त्वरित कार्रवाई करने, मुख्यमंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग, जेपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष एवं संबंधित सदस्यों पर मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी सुनिश्चित करने तथा उत्पाद सिपाही दौड़ परीक्षा में मृत अभ्यर्थियों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग शामिल की गई। इस अवसर पर पूर्व महापौर विनोद श्रीवास्तव, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रमेश हांसदा, जिला महामंत्री राकेश मिश्रा, जिला उपाध्यक्ष सारथी महतो, शंभू मंडल, ऋतिका मुखी, सतीश शर्मा, ललन शुक्ला, कृष्णा प्रधान, मनोहर दास, गुरजीत सिंह, राजकुमार सिंह, विनय कंचन, सावन गुप्ता सहित भाजपा के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।4