राजस्थान के बीजाथल गांव में प्रभुराम गुर्जर के 22 वर्षीय पुत्र दिनेश का शव घर से लगभग चार किलोमीटर दूर झाड़ियों के बीच एक पेड़ से लटका हुआ मिला। यह सूचना मिलते ही रास थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन घटनास्थल पर जमा हो गए। जानकारी के अनुसार, बुधवार दोपहर बकरियां चरा रहे एक युवक ने सबसे पहले शव को देखा, जिसके बाद उसने गांव में सूचना दी और ग्रामीणों ने पुलिस को सूचित किया। मृतक की मोटरसाइकिल घटनास्थल से लगभग 100 मीटर की दूरी पर मिली। रास थाना अधिकारी राजकुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बाद में एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने घटनास्थल की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी करवाई। परिजनों ने बताया कि दिनेश मंगलवार शाम किसी काम से घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा था। बुधवार दोपहर को शव मिलने की सूचना से पूरे परिवार में शोक छा गया। मृतक दिनेश अपनी मां को बचपन में ही खो चुके थे और वह परिवार का सबसे छोटा बेटा था, जिसके तीन बड़े भाई खेती का काम करते हैं। ग्रामीण अविनाश बोरानिया ने आशंका जताई है कि जिस स्थिति में शव पेड़ से लटका मिला है, उससे यह हत्या का मामला प्रतीत होता है। उन्होंने इस संबंध में पुलिस को रिपोर्ट देने की बात कही है। थाना अधिकारी राजकुमार ने पुष्टि की कि परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर मामले की गहन जांच की जाएगी। शव को पेड़ से उतारकर राजकीय चिकित्सालय भिजवा दिया गया है, जहां पोस्टमार्टम के बाद उसे परिजनों को सौंपा जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और घटना की सच्चाई जल्द ही सामने लाई जाएगी।
राजस्थान के बीजाथल गांव में प्रभुराम गुर्जर के 22 वर्षीय पुत्र दिनेश का शव घर से लगभग चार किलोमीटर दूर झाड़ियों के बीच एक पेड़ से लटका हुआ मिला। यह सूचना मिलते ही रास थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन घटनास्थल पर जमा हो गए। जानकारी के अनुसार, बुधवार दोपहर बकरियां चरा रहे एक युवक ने सबसे पहले शव को देखा, जिसके बाद उसने गांव में सूचना दी और ग्रामीणों ने पुलिस को सूचित किया। मृतक की मोटरसाइकिल घटनास्थल से लगभग 100 मीटर की दूरी पर मिली। रास थाना अधिकारी राजकुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बाद में एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने घटनास्थल की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी करवाई। परिजनों ने बताया कि दिनेश मंगलवार शाम किसी काम से घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा था। बुधवार दोपहर को शव मिलने की सूचना से पूरे परिवार में शोक छा गया। मृतक दिनेश अपनी मां को बचपन में ही खो चुके थे और वह परिवार का सबसे छोटा बेटा था, जिसके तीन बड़े भाई खेती का काम करते हैं। ग्रामीण अविनाश बोरानिया ने आशंका जताई है कि जिस स्थिति में शव पेड़ से लटका मिला है, उससे यह हत्या का मामला प्रतीत होता है। उन्होंने इस संबंध में पुलिस को रिपोर्ट देने की बात कही है। थाना अधिकारी राजकुमार ने पुष्टि की कि परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर मामले की गहन जांच की जाएगी। शव को पेड़ से उतारकर राजकीय चिकित्सालय भिजवा दिया गया है, जहां पोस्टमार्टम के बाद उसे परिजनों को सौंपा जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और घटना की सच्चाई जल्द ही सामने लाई जाएगी।
- रियांबड़ी के अखावास गांव में विद्युत विभाग की कथित लापरवाही के कारण करंट लगने से दो भेड़ों की मौत हो गई। इस घटना से स्थानीय ग्रामीणों में भारी रोष है और वे संबंधित विभाग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बुधवार शाम से ही कृषि क्षेत्र में एक 11 केवी विद्युत लाइन का तार टूटकर जमीन पर पड़ा था, लेकिन विद्युत विभाग ने न तो उसकी मरम्मत की और न ही बिजली आपूर्ति बंद की। गुरुवार को किसान कालूराम नायक की दो भेड़ें खेत में चारा चरते समय इसी टूटे हुए, चालू तार की चपेट में आ गईं, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। कालूराम नायक ने बताया कि उन्होंने भेड़ों के पास से धुआं उठते देखा और मौके पर पहुँचने पर पता चला कि जमीन पर पड़ा 11 केवी लाइन का तार सक्रिय था। उन्होंने आशंका जताई कि अगर उन्हें समय रहते जानकारी नहीं मिलती, तो वे स्वयं भी करंट की चपेट में आ सकते थे। नायक ने विभाग की लापरवाही को हजारों रुपये के नुकसान का कारण बताते हुए मृत भेड़ों के लिए उचित मुआवजे की मांग की है और हादसे की पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग पर डाली है। घटना की सूचना मिलने पर हल्का पटवारी राजू पारीक ने मौके पर पहुँचकर मृत भेड़ों का निरीक्षण किया और एक रिपोर्ट तैयार की। यह रिपोर्ट किसान को सरकारी नियमानुसार अनुदान का लाभ दिलवाने के उद्देश्य से बनाई गई है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि क्षेत्र में विद्युत विभाग की लापरवाही के कारण आए दिन हादसे होते रहते हैं; उन्होंने हाल ही में कौड़िया गांव में विद्युत लाइन से लगी आग का उदाहरण दिया, जिसमें एक किसान को 10 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ था। इसके बावजूद विभाग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर नहीं दिख रहा है, जिसके चलते ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।1
- पीसांगन उपखंड क्षेत्र के किसानों में शुक्रवार तड़के हुई तेज बारिश के बाद खुशी का माहौल छा गया है। मांगलियावास, जेठाना सहित आसपास के गाँवों में हुई इस बारिश से खेत पानी से लबालब हो गए हैं, जिससे किसान अब अपनी अगली फसल की तैयारी में जुटेंगे। इस बारिश ने आमजन को भी तेज़ गर्मी से बड़ी राहत दिलाई है, जिससे वे पहले से परेशान थे। सड़कों पर भी पानी के तेज़ बहाव से साफ-सफाई होती नज़र आई।2
- एक भागवत कथा के आयोजन के दौरान युवाओं को राष्ट्र निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने की सीख दी गई। इस धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ पड़ा, जिन्होंने कथा का श्रवण किया।1
- ओकरा गाँव में 2 तारीख को वेदनाथ जी के मंदिर में जल अभियान के तहत सभी ने मिलकर जल संरक्षण की शपथ ली। इस शपथ ग्रहण में कलेक्टर साहब जी, वीडियो साहब जी, सरपंच साहब जी, ग्राम सेवक जी और सभी ग्रामवासी शामिल थे।4
- स्थानीय निवासियों ने शिकायत की है कि उनके घर के सामने सड़क पर पानी जमा हो रहा है। उन्होंने बताया कि इस पानी की उचित निकासी न होने के कारण उनके इलाके में गंदा पानी इकट्ठा हो रहा है, जिससे काफी परेशानी हो रही है। निवासियों ने अधिकारियों से इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान करने और पानी की सही निकासी की व्यवस्था करने की अपील की है।1
- मशहूर राजस्थानी लोक गायक स्वरूप खान ने अपनी मौत से जुड़ी उन अफवाहों पर विराम लगा दिया है, जो सोशल मीडिया पर तब तेजी से फैली थीं जब गूगल ने अपने सूचना पेज पर उन्हें मृत घोषित कर दिया था। यह पहली बार नहीं है जब किसी स्टार की मौत की अफवाह उड़ी हो और इस लिस्ट में अब स्वरूप खान का नाम भी जुड़ गया है। सिंगर ने गूगल लिस्टिंग का एक स्क्रीनशॉट साझा किया है, जिसमें गलती से 2 जून, 2026 को उनकी मौत की तारीख बताई गई थी। स्वरूप खान ने अपने इंस्टाग्राम पर यह स्क्रीनशॉट पोस्ट करते हुए कैप्शन में लिखा, 'अभी हम जिंदा हैं' और इसके साथ एक हंसने वाला इमोजी तथा गूगल इंडिया को टैग भी किया। यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तुरंत वायरल हो गया, जिससे फैंस को यह जानकर राहत मिली कि मौत की खबर गलत थी। कुछ लोगों ने उनकी कुशलता पर खुशी जताई, तो वहीं कई ने गूगल की इस लापरवाही पर सवाल भी उठाए। स्वरूप खान को अपनी मौत की अफवाहों के बारे में तब पता चला, जब उन्होंने अपने बारे में ऐसी खबरें पढ़ीं जो 2 जून को सामने आई थीं। उन खबरों में दावा किया गया था कि राजस्थान के जैसलमेर जिले में एक जबरदस्त धूल भरे तूफान के दौरान एक रिसॉर्ट की दीवार गिरने से उनकी मौत हो गई थी। पीटीआई के अनुसार, पुलिस ने बताया कि जिला मुख्यालय से लगभग 45 किलोमीटर दूर स्थित सैम टूरिस्ट इलाके के एक रिसॉर्ट की दीवार सोमवार देर रात तेज हवाओं के कारण ढह गई थी, जिससे कई लोग घायल हुए थे। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, 25 वर्षीय गायक ने उसी शाम उस जगह पर गाना गाया था। रिसॉर्ट के मालिक बारोच खान ने बताया कि तूफान के दौरान मंच के पीछे बनी कंक्रीट की दीवार ढह गई थी, और जब यह हादसा हुआ तब शाम के सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए लगभग 40 मेहमान वहां मौजूद थे।1
- अजमेर नगर निगम के अस्थाई कर्मचारियों की हड़ताल आज चौथे दिन भी जारी रही, जिसके चलते कर्मचारियों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शनकारियों ने शव यात्रा निकाली और गांधी भवन पर पुतला दहन किया, साथ ही जमकर नारेबाजी भी की। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में स्थायीकरण और वेतन वृद्धि शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। इस हड़ताल के कारण नगर निगम की कई सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कर्मचारी और समाज के लोग उपस्थित रहे।1