धनबाद समाचार *स्थायीकरण की मांग को लेकर अनुबंध चिकित्सा कर्मी ने आज विरोध प्रदर्शन कर निकाली रैली तथा रांची में कई अनुबंध कर्मचारी अनिश्चितकालीन धरना पर है बैठे* धनबाद : अपने स्थायीकरण की मांग को लेकर अनुबंधित पारा चिकित्सा कर्मी 19 जनवरी को सीएस कार्यालय के समक्ष बैठे धरने पर बैठे थे। इससे पहले 17 जनवरी से धनबाद जिला सहित राज्य के तमाम एनआरएचएम, एएनएम, जीएनएम अनुबंध कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। जिससे चिकित्सा व्यवस्था चरमरा गयी है। जानकारी के अनुसार पिछले 16 जनवरी को राज्य भर से सैकड़ों अनुबंधित पारा चिकित्सा कर्मी अपने स्थाई करण को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का घेराव करने रांची पहुंचे थे लेकिन पुलिस बल प्रयोग कर उन्हें रोक दिया था। जिससे राज्य भर के चिकित्सा कर्मियों में आक्रोश है। इसलिए पिछले कई दिनों से अनुबंध कर्मचारी अनिश्चितकालीन धरना पर बैठे हैं जिसमें कुछ अनुबंध कर्मचारियों को स्थिति बिगड़ी है जहां रांची के रिम्स अस्पताल में इलाजरत जारी है। रैली में विरोध कर रहे अनुबंध महिला कर्मचारी माला देवी ने बताया सरकार हम अनुबंध कर्मचारियों के साथ सरकार खिलवाड़ कर रही है। पिछले 15 वर्षों से हम अल्प मानदेय पर काम कर रहे हैं। इससे परिवार चलाना काफी मुश्किल हो रहा है करोना काल में भी इस मुद्दे को लेकर हमने आंदोलन किया था लेकिन उस वक्त हमें महामारी का प्रकोप दिखाकर और दिग्भ्रमित कर हमारे आंदोलन को समाप्त करा दिया गया था। लेकिन स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने 13 फरवरी को वार्ता के लिए आश्वासन दिए थे हनुमंत कर्मचारियों के साथ वार्ता कर उनकी अनिश्चितकालीन धरना समाप्त करा दिया जाएगा लेकिन अचानक से उनकी संदेश आते हैं की तबीयत खराब हो गई है इस वजह से स्वास्थ्य मंत्री नहीं आ पाएंगे इसलिए वह अपने जनप्रतिनिधि को वार्ता करने के लिए भेजेंगे लेकिन ना तो स्वास्थ्य मंत्री आए नहीं कोई जनप्रतिनिधि पहुंचे हैं। चक्की नियमित कर्मचारी का वेतन भुगतान हम सभी अनुबंध कर्मचारियों से 3 गुना अधिक है कार्य बराबर है इसके बावजूद भी हम सब अनुबंध कर्मचारियों को 16 माह का वेतन भुगतान मात्र 16 हज़ार किये है और हम सभी के साथ सौतेला दुर्व्यवहार कर रहे हैं। इसलिए आज हम सब अनुबंध कर्मचारियों के सामने भुखमरी की नौबत आ गई है।
धनबाद समाचार *स्थायीकरण की मांग को लेकर अनुबंध चिकित्सा कर्मी ने आज विरोध प्रदर्शन कर निकाली रैली तथा रांची में कई अनुबंध कर्मचारी अनिश्चितकालीन धरना पर है बैठे* धनबाद : अपने स्थायीकरण की मांग को लेकर अनुबंधित पारा चिकित्सा कर्मी 19 जनवरी को सीएस कार्यालय के समक्ष बैठे धरने पर बैठे थे। इससे पहले 17 जनवरी से धनबाद जिला सहित राज्य के तमाम एनआरएचएम, एएनएम, जीएनएम अनुबंध कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। जिससे चिकित्सा व्यवस्था चरमरा गयी है। जानकारी के अनुसार पिछले 16 जनवरी को राज्य भर से सैकड़ों अनुबंधित पारा चिकित्सा कर्मी अपने स्थाई करण को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का घेराव करने रांची पहुंचे थे लेकिन पुलिस बल प्रयोग कर उन्हें रोक दिया था। जिससे राज्य भर के चिकित्सा कर्मियों में आक्रोश है। इसलिए पिछले कई दिनों से अनुबंध कर्मचारी अनिश्चितकालीन धरना पर बैठे हैं जिसमें कुछ अनुबंध कर्मचारियों को स्थिति बिगड़ी है जहां रांची के रिम्स अस्पताल में इलाजरत जारी है। रैली में विरोध कर रहे अनुबंध महिला कर्मचारी माला देवी ने बताया सरकार हम अनुबंध कर्मचारियों के साथ सरकार खिलवाड़ कर रही है। पिछले 15 वर्षों से हम अल्प मानदेय पर काम कर रहे हैं। इससे परिवार चलाना काफी मुश्किल हो रहा है करोना काल में भी इस मुद्दे को लेकर हमने आंदोलन किया था लेकिन उस वक्त हमें महामारी का प्रकोप दिखाकर और दिग्भ्रमित कर हमारे आंदोलन को समाप्त करा दिया गया था। लेकिन स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने 13 फरवरी को वार्ता के लिए आश्वासन दिए थे हनुमंत कर्मचारियों के साथ वार्ता कर उनकी अनिश्चितकालीन धरना समाप्त करा दिया जाएगा लेकिन अचानक से उनकी संदेश आते हैं की तबीयत खराब हो गई है इस वजह से स्वास्थ्य मंत्री नहीं आ पाएंगे इसलिए वह अपने जनप्रतिनिधि को वार्ता करने के लिए भेजेंगे लेकिन ना तो स्वास्थ्य मंत्री आए नहीं कोई जनप्रतिनिधि पहुंचे हैं। चक्की नियमित कर्मचारी का वेतन भुगतान हम सभी अनुबंध कर्मचारियों से 3 गुना अधिक है कार्य बराबर है इसके बावजूद भी हम सब अनुबंध कर्मचारियों को 16 माह का वेतन भुगतान मात्र 16 हज़ार किये है और हम सभी के साथ सौतेला दुर्व्यवहार कर रहे हैं। इसलिए आज हम सब अनुबंध कर्मचारियों के सामने भुखमरी की नौबत आ गई है।
- Post by जनता न्यूज़ 241
- कतरास न्यूज़:-बाघमारा थाना क्षेत्र में अवैध कोयला खनन और हालिया हमले की घटना के बाद प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। कानून-व्यवस्था को दुरुस्त रखने और असामाजिक तत्वों में भय पैदा करने के उद्देश्य से ब्लॉक-टू एरिया में एरिया कमांडर के नेतृत्व में फ्लैग मार्च किया गया।सुरक्षा बलों की इस सक्रियता से साफ संकेत दिया गया है कि अवैध गतिविधियों को अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।दरअसल एक दिन पूर्व जमुनिया परियोजना के वी-पॉइंट पर बीसीसीएल के सुरक्षा महाप्रबंधक मोहम्मद हफिजुल कुरैशी पर हमला और चालक के साथ मारपीट की घटना ने पूरे प्रशासनिक तंत्र को झकझोर दिया। घटना के वक्त बीसीसीएल के अधिकारी, ब्लॉक-टू क्षेत्र के महाप्रबंधक राजीव कुमार और सीआईएसएफ की टीम परियोजना स्थल का निरीक्षण कर रही थी।बताया जाता है कि अवैध खनन में संलिप्त गिरोह लगातार सीसीटीवी कैमरों को निशाना बना रहा था। जिससे उनकी गतिविधियां कैमरे में कैद न हो सकें। इसी को ध्यान में रखते हुए टीम सुरक्षित स्थानों पर नए कैमरे लगाने की रणनीति बना रही थी। तभी अचानक कथित तौर पर गिरोह से जुड़े लोगों ने हमला बोल दिया। जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।इस दुस्साहसिक घटना के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके में दबाव बढ़ा दिया है। फ्लैग मार्च के जरिए आम लोगों को भरोसा दिलाया गया है। वहीं अवैध कारोबार में लिप्त लोगों को कड़ा संदेश दिया गया है कि अब उनकी खैर नहीं।प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अवैध कोयला खनन और इससे जुड़े नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार सख्त अभियान चलाया जाएगा। क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है।3
- Post by मो० फारुख (पत्रकार)1
- बीती रात्रि कोयला का ट्रेलर गाड़ी धरदबोचा, सीआईएसएफ शीतलपुर कोयला माफिया में मची हड़कम निरसा में इतिहास रचा शीतलपुर सीआईएसएफ1
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- मैथन मोड़ के संजय चौक पर लगा रोड सेफ्टी मिरर, दुर्घटनाओं पर लगेगा अंकुश। निरसा: निरसा विधानसभा क्षेत्र के मैथन स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग–19 पर सड़क सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। मैथन मोड़ के संजय चौक के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से रोड सेफ्टी मिरर लगाया गया है। इस मिरर के लगने से अब वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को काफी सुविधा मिलेगी तथा दुर्घटनाओं की आशंका में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है। बताया जाता है कि यह विशेष प्रकार का सेफ्टी मिरर उन स्थानों पर लगाया जाता है जहां मोड़ होने या दृश्यता कम होने के कारण सामने से आने वाले वाहनों को देख पाना मुश्किल होता है। ऐसे स्थानों पर अक्सर दुर्घटनाएं होने की संभावना अधिक रहती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, संजय चौक के इस मोड़ पर पहले कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी थीं, क्योंकि मोड़ के कारण सामने से आने वाले वाहनों का अंदाजा लगाना कठिन हो जाता था। अब सेफ्टी मिरर लगने के बाद वाहन चालकों को पहले से ही सामने की स्थिति का स्पष्ट दृश्य मिल सकेगा, जिससे हादसों में कमी आने की उम्मीद है। इस पहल के पीछे स्थानीय समाजसेवी रंजीत महतो का महत्वपूर्ण योगदान बताया जा रहा है। उन्होंने लगातार इस समस्या को लेकर संबंधित विभाग का ध्यान आकृष्ट कराया था। इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी, एनएचएआई के अधिकारियों, अंचल अधिकारी से लेकर धनबाद उपायुक्त तक को आवेदन देकर सड़क सुरक्षा की मांग उठाई गई थी। अंततः विभाग ने मामले की गंभीरता को समझते हुए यहां रोड सेफ्टी मिरर लगाने का कार्य पूरा कराया। मिरर लगने के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने समाजसेवी रंजीत महतो के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया है। वहीं लोगों को उम्मीद है कि इस पहल से क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं पर काफी हद तक रोक लगेगी।4
- Post by जनता न्यूज़ 241
- पश्चिम बंगाल के गायब मतदाता: चुनाव से पहले बड़ी साजिश या तकनीकी गलती? ⚠️1
- Post by TULSI mahto Kumar1