ग्राम-करंजi में आपश में 2 बiईक की भिड़ानत होने से एक की मौत l इस से पहले और कई घाटनाये हुई l वाशिम जिले के कारंजा (लाड) शहर में हाल ही में कई घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें से मुख्य ये हैं: 14 वर्षीय लड़की के साथ अत्याचार (मार्च 2026): कारंजा ग्रामीण इलाके में एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ अत्याचार की भयावह घटना सामने आई है, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. भीषण कार दुर्घटना (फरवरी 2026): मूर्तिजापूर–कारंजा मार्ग पर मुरंबा फाटा के पास एक भीषण कार दुर्घटना में दो लोगों की मौत हो गई और चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए. वर्धा में ड्रग्स फैक्ट्री का भांडाफोड़ (दिसंबर 2025): कारंजा (वर्धा जिला) के पास के जंगलों में एक ड्रग्स बनाने वाली फैक्ट्री का पर्दाफाश हुआ, जहाँ से 128 किलोग्राम ड्रग्स ज़ब्त की गई. शेतकरी-व्यापारी संघर्ष (नवंबर 2025): सोयाबीन के दाम गिरने के कारण कारंजा बाजार समिति में किसानों और व्यापारियों के बीच जोरदार झड़प हुई. l
ग्राम-करंजi में आपश में 2 बiईक की भिड़ानत होने से एक की मौत l इस से पहले और कई घाटनाये हुई l वाशिम जिले के कारंजा (लाड) शहर में हाल ही में कई घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें से मुख्य ये हैं: 14 वर्षीय लड़की के साथ अत्याचार (मार्च 2026): कारंजा ग्रामीण इलाके में एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ अत्याचार की भयावह घटना सामने आई है, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. भीषण कार दुर्घटना (फरवरी 2026): मूर्तिजापूर–कारंजा मार्ग पर मुरंबा फाटा के पास एक भीषण कार दुर्घटना में दो लोगों की मौत हो गई और चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए. वर्धा में ड्रग्स फैक्ट्री का भांडाफोड़ (दिसंबर 2025): कारंजा (वर्धा जिला) के पास के जंगलों में एक ड्रग्स बनाने वाली फैक्ट्री का पर्दाफाश हुआ, जहाँ से 128 किलोग्राम ड्रग्स ज़ब्त की गई. शेतकरी-व्यापारी संघर्ष (नवंबर 2025): सोयाबीन के दाम गिरने के कारण कारंजा बाजार समिति में किसानों और व्यापारियों के बीच जोरदार झड़प हुई. l
- पंचायत भारत में ग्रामीण स्तर पर स्थानीय स्वशासन की एक संस्था है, जिसे 'ग्राम पंचायत' (Gram Panchayat) के नाम से जाना जाता है। यह गांव के विकास और बुजुर्गों की एक परिषद के रूप में कार्य करती है, जो 73वें संवैधानिक संशोधन के तहत कार्य करती है। आपके स्थानीय क्षेत्र की विशिष्ट ग्राम पंचायत का नाम आपके ग्राम, ब्लॉक (विकास खंड) और जिले पर निर्भर करता है। नवीनगर (औरंगाबाद, बिहार) स्थित पंचायत भवन से, केरल के प्रसिद्ध विष्णु मंदिर (जैसे गुरुवयूर या पद्मनाभस्वामी मंदिर) की दूरी लगभग 2,300 से 2,600 किलोमीटर से अधिक है। आप ट्रेन या हवाई जहाज (पटना/गया से कोच्चि/तिरुवनंतपुरम) के माध्यम से जा सकते हैं, जिसमें सड़क मार्ग से लगभग 40-45 घंटे से अधिक का समय लग सकता है। [1, 2] अनुमानित दूरी: ~2,400 किमी (सड़क मार्ग द्वारा)। निकटतम हवाई अड्डा: कोचीन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (COK) या तिरुवनंतपुरम (TRV)। यदि आप केरल के किसी विशिष्ट विष्णु मंदिर (उदा. पद्मनाभस्वामी मंदिर, त्रिवेंद्रम या गुरुवयूर मंदिर) की दूरी जानना चाहते हैं, तो कृपया विस्तार से बताएं।4
- गढ़वा जिला के बेलचंपा में SIS सिक्योरिटी गार्ड में बंपर बहाली निकला हुआ है जिसे लेकर 2 मई से 18 मई तक आवेदन भरने का अंतिम तिथि है प्रत्येक थाना में डेट ऑफ डेट कैंप लगेगा मैट्रिक पास उम्मीदवार आवेदन करें1
- एक बच्चे और उसको मां को भी नेता मंत्री के आंख से छलका आंसू1
- Post by Sunil singh1
- विश्रामपुर नगर परिषद कार्यालय परिसर में श्रमिक का सम्मान शहर का सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत नगर परिषद अध्यक्ष गीता देवी,कार्यपालक पदाधिकारी जयपाल सिंह व वरीय समाजसेवी संजय बैठा ने संयुक्त रूप से दिप प्रज्ज्वलित कर किया।1
- Hemant Kumar ki report चिनियां थाना मुख्यालय के पास शनिवार देर शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में पारा शिक्षक राजेश कुमार रवि गंभीर रूप से घायल हो गए। वे चिनियां निवासी हैं और अपने निजी कार्य से लौटते समय हादसे का शिकार हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुनील प्रसाद के होटल के सामने अचानक उनकी मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर गिर गई, जिससे वे सड़क पर बुरी तरह गिर पड़े और गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायल राजेश कुमार रवि को तुरंत उठाकर चिनियां के एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें गढ़वा रेफर कर दिया। फिलहाल उनकी स्थिति को लेकर परिजन और स्थानीय लोग चिंतित हैं, जबकि हादसे के बाद इलाके में सड़क सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।1
- बरडीहा प्रखंड क्षेत्र में मौसम में बदलाव देखने को मिला। जहां पर तेज आंधी के साथ हल्की बारिश हुई। इस भीषण गर्मी से लोग की राहत मिली। और दूसरी तरफ बिजली आपूर्ति तेज आंधी के कारण बाधित हो गई।1
- नेपाल की आदिवासी (Indigenous) लड़कियों में अद्भुत प्राकृतिक प्रतिभा और कौशल देखने को मिलता है, जो उनकी सांस्कृतिक विरासत, मेहनत और प्रकृति से जुड़ाव को दर्शाता है। इनमें मुख्य रूप से ये टैलेंट प्रमुख हैं: [ हस्तशिल्प और बुनाई (Handicrafts & Weaving): नेपाली आदिवासी लड़कियाँ, विशेषकर थारू, मगर, और न्यूवार समुदाय की, ढाका कपड़े (Dhaka fabric) की बुनाई, टोकरियाँ बनाने, और पारंपरिक हस्तशिल्प में निपुण होती हैं। सांस्कृतिक नृत्य और संगीत (Cultural Dance & Music): वे अपने पारंपरिक नृत्य (जैसे- सैरसा हेंगु, तामांग सेलो) और संगीत में बहुत माहिर होती हैं, जो उनके त्योहारों और जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा है। प्राकृतिक प्रबंधन (Natural Resource Management): आदिवासी लड़कियाँ और महिलाएँ जड़ी-बूटियों, टिकाऊ कृषि, और biodiversity (जैव विविधता) के संरक्षण के ज्ञान में पारंगत होती हैं। नेतृत्व और वकालत (Leadership & Advocacy): वे अपने समुदाय के अधिकारों के लिए निडर होकर आवाज उठाती हैं और सामुदायिक स्तर पर निर्णय लेने में सक्रिय भूमिका निभाती हैं। खेती और पारंपरिक उद्यम (Farming & Eco-entrepreneurship): ग्रामीण क्षेत्रों में वे खेती के साथ-साथ प्राकृतिक उत्पादों (जैसे- सुखाए हुए मशरूम, जड़ी-बूटियाँ) से बने सामान का व्यवसाय करने में कुशल होती हैं।1