चरखी दादरी की नई अनाज मंडी की आढ़ती एसोसिएशन ने मंडी परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग को लेकर प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा है। एसोसिएशन का कहना है कि इस नई अनाज मंडी में रोजाना बड़ी संख्या में किसान, व्यापारी, मजदूर और अन्य लोगों का आवागमन होता है। मंडी परिसर के मुख्य प्रवेश व निकास द्वारों सहित अलग-अलग स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था न होने के कारण यहां हमेशा चोरी और अन्य अप्रिय घटनाओं की आशंका बनी रहती है। आढ़तियों के अनुसार, मंडी में कई बार किसानों और व्यापारियों के सामान की सुरक्षा को लेकर भारी परेशानी उठानी पड़ती है। आढ़ती एसोसिएशन ने प्रशासन से मांग की है कि मंडी परिसर के मुख्य गेटों को व्यवस्थित किया जाए, सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया जाए और सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी बढ़ाई जाए ताकि चोरी और अन्य अवांछित गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। इस ज्ञापन पत्र पर एसोसिएशन के अनेक पदाधिकारियों और सदस्यों ने हस्ताक्षर कर अपनी सहमति जताई है।
चरखी दादरी की नई अनाज मंडी की आढ़ती एसोसिएशन ने मंडी परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग को लेकर प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा है। एसोसिएशन का कहना है कि इस नई अनाज मंडी में रोजाना बड़ी संख्या में किसान, व्यापारी, मजदूर और अन्य लोगों का आवागमन होता है। मंडी परिसर के मुख्य प्रवेश व निकास द्वारों सहित अलग-अलग स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था न होने के कारण यहां हमेशा चोरी और अन्य अप्रिय घटनाओं की आशंका बनी रहती
है। आढ़तियों के अनुसार, मंडी में कई बार किसानों और व्यापारियों के सामान की सुरक्षा को लेकर भारी परेशानी उठानी पड़ती है। आढ़ती एसोसिएशन ने प्रशासन से मांग की है कि मंडी परिसर के मुख्य गेटों को व्यवस्थित किया जाए, सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया जाए और सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी बढ़ाई जाए ताकि चोरी और अन्य अवांछित गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। इस ज्ञापन पत्र पर एसोसिएशन के अनेक पदाधिकारियों और सदस्यों ने हस्ताक्षर कर अपनी सहमति जताई है।
- 11 जुलाई 2026 को हरियाणा से जुड़ी बड़ी खबरों और ताज़ा घटनाक्रमों का सिलसिला जारी है। राज्य भर के दैनिक समाचारों के अंतर्गत आज की 50 प्रमुख खबरों को संकलित किया गया है, जिनमें राजनीति, मौसम और शिक्षा जैसे विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अपडेट शामिल हैं।1
- हरियाणा के भिवानी में स्वास्थ्य मंत्री आरती राव के सिविल अस्पताल के दौरे के दौरान अस्पताल की खामियां एक बड़ा मुद्दा बन गईं। इस दौरे के दौरान सीएमओ स्वास्थ्य मंत्री के सामने सिविल अस्पताल की कमियां छुपाते नजर आए, लेकिन पत्रकारों ने वहां की जमीनी हकीकत खोलकर रख दी। अस्पताल में कमियों के इस बड़े मुद्दे को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने सीएमओ को तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए हैं।1
- हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने भिवानी के चौधरी बंसीलाल सामान्य अस्पताल को लेकर एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि इस अस्पताल को मेडिकल कॉलेज में मर्ज नहीं किया जाएगा। मंत्री आरती राव ने अपने बयान में जोर दिया कि चौधरी बंसीलाल सामान्य अस्पताल अपनी अलग पहचान बनाए रखेगा। अस्पताल पूर्व की भांति अपनी चिकित्सा सेवाएं पहले की तरह ही प्रदान करना जारी रखेगा।1
- हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) के पीड़ित अभ्यर्थियों के समर्थन में प्रदेश के सर्व समाज के अनेक संगठनों की एक संयुक्त मीटिंग 12 जुलाई को कैथल में आयोजित की जाएगी। इस बैठक में 30 अगस्त को रोहतक में प्रस्तावित 'न्याय महापंचायत' के आयोजन और उसकी भविष्य की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। ओबीसी ब्रिगेड हरियाणा के प्रदेश संगठन प्रमुख रामकुमार प्रजापति ने इस कार्यक्रम की जानकारी दी है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पीड़ित अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने के लिए आगे की रूपरेखा तैयार करना है।1
- हरियाणा के भिवानी में अखिल भारतीय किसान सभा की ओर से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस दौरान संगठन से जुड़े विषयों और गतिविधियों पर चर्चा की गई।1
- भिवानी के चौधरी बंसीलाल सामान्य अस्पताल स्थित रक्तकोष में जरूरतमंदों की मदद के लिए रक्तदान का आह्वान किया गया है। थैलीसीमिया से पीड़ित बच्चों, गर्भवती महिलाओं और अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के जीवन को बचाने के लिए लोगों से निस्वार्थ भाव से आगे आने की अपील की गई है। इस अभियान में अधिक से अधिक लोगों को पहुँचकर रक्तदान करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, क्योंकि रक्तदान ही महादान है।1
- महेंद्रगढ़ के अटाली की ढाणी स्थित गोगा पीर मंदिर में मूर्ति स्थापना का कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर मंदिर में विशेष अनुष्ठान और आयोजन किया गया।2
- हरियाणा के भिवानी में पूर्व कृषि मंत्री जेपी दलाल ने एक प्रेस वार्ता के दौरान किसानों को मिलने वाले बीमा क्लेम से जुड़ी जानकारी साझा की है। जेपी दलाल ने इस चर्चा के माध्यम से बीमा क्लेम की प्रक्रिया और किसानों को प्राप्त होने वाली राशि के संदर्भ में अपना पक्ष रखा और इस विषय से जुड़ी बातों को स्पष्ट किया।1