नगर परिषद मगरौनी के मुख्य बाजार और विभिन्न वार्डों में आवारा सांडों का भारी आतंक फैला हुआ है, जिससे स्थानीय सड़कों और रिहायशी इलाकों में घूमते ये हिंसक पशु आम जनता के लिए बड़ी मुसीबत बन गए हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि स्थानीय निवासी, स्कूल जाने वाले बच्चे और बुजुर्ग हर वक्त खौफ के साए में जीने को मजबूर हैं। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, मुख्य बाजार के बीचों-बीच और तंग गलियों में सांडों का जमावड़ा लगा रहता है। ये कई बार आपस में हिंसक रूप से लड़ पड़ते हैं, जिससे राहगीरों और दुकानदारों की जान खतरे में पड़ जाती है। खासकर सुबह और दोपहर के समय जब बच्चे स्कूल जाते या लौटते हैं, तो उनके परिजनों को किसी अनहोनी का डर सताता रहता है। इसके कारण बुजुर्गों का भी घरों से अकेले निकलना मुश्किल हो गया है। हैरानी की बात यह है कि इस गंभीर और संवेदनशील समस्या की पूरी जानकारी होने के बावजूद, नगर परिषद मगरौनी का रवैया बेहद उदासीन बना हुआ है। स्थानीय प्रशासन ने अब तक इन आवारा सांडों को पकड़ने या इन्हें कांजी हाउस (गौशाला) भिजवाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। जनता का कहना है कि बार-बार ध्यान आकर्षित कराने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं और किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं। आम जनता ने मांग की है कि मुख्य बाजारों और वार्डों से तुरंत आवारा पशुओं को हटाने का अभियान चलाया जाए तथा प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित माहौल मिल सके।
नगर परिषद मगरौनी के मुख्य बाजार और विभिन्न वार्डों में आवारा सांडों का भारी आतंक फैला हुआ है, जिससे स्थानीय सड़कों और रिहायशी इलाकों में घूमते ये हिंसक पशु आम जनता के लिए बड़ी मुसीबत बन गए हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि स्थानीय निवासी, स्कूल जाने वाले बच्चे और बुजुर्ग हर वक्त खौफ के साए में जीने को मजबूर हैं। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, मुख्य बाजार के बीचों-बीच और तंग गलियों में सांडों का जमावड़ा लगा रहता है। ये कई बार आपस में हिंसक रूप से लड़ पड़ते हैं, जिससे राहगीरों और दुकानदारों की जान खतरे में पड़ जाती है। खासकर सुबह और दोपहर के समय जब बच्चे स्कूल जाते या लौटते हैं, तो उनके परिजनों को किसी अनहोनी का डर सताता रहता है। इसके कारण बुजुर्गों का भी घरों से अकेले निकलना मुश्किल हो गया है। हैरानी की बात यह है कि इस गंभीर और संवेदनशील समस्या की पूरी जानकारी होने के बावजूद, नगर परिषद मगरौनी का रवैया बेहद उदासीन बना हुआ है। स्थानीय प्रशासन ने अब तक इन आवारा सांडों को पकड़ने या इन्हें कांजी हाउस (गौशाला) भिजवाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। जनता का कहना है कि बार-बार ध्यान आकर्षित कराने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं और किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं। आम जनता ने मांग की है कि मुख्य बाजारों और वार्डों से तुरंत आवारा पशुओं को हटाने का अभियान चलाया जाए तथा प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित माहौल मिल सके।
- नरवर थाना क्षेत्र के धुवाई तालाब के सामने नरवर निवासी पीरा शाह (60 वर्ष), पुत्र इस्माम शाह, ने खेत की रखवाली कर रहे अपनी झोपड़ी में आग लगाए जाने का आरोप लगाया है, जिससे उन्हें लगभग डेढ़ लाख रुपये का नुकसान हुआ है। पीड़ित के अनुसार, यह घटना 23 जून की रात करीब 2 बजे हुई जब वे अपने बेटे शौकत शाह के साथ खेत पर बनी झोपड़ी में मौजूद थे। आवाज सुनकर जब वे बाहर निकले, तो उन्होंने देखा कि पड़ोस के हबीब शाह और नाजू शाह हाथों में आग लेकर आए और उनकी झोपड़ी में आग लगा दी। आगजनी की इस घटना में झोपड़ी में रखा खाने-पीने का सामान, गेहूं, आटा, ओढ़ने-बिछाने के कपड़े सहित अन्य सभी घरेलू सामग्री जलकर पूरी तरह नष्ट हो गई। पीड़ित ने पुलिस को बताया है कि उन्हें इस वारदात से करीब 1.50 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। नरवर थाना पुलिस ने फरियादी की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रकरण क्रमांक 105/2026 दर्ज किया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 326(ग) के तहत दो लोगों के खिलाफ मामला कायम कर लिया है। मामले की जांच का जिम्मा कार्यवाहक सहायक उपनिरीक्षक सतीश कुमार जयंंत को सौंपा गया है। पुलिस ने बताया है कि इस पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है और आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।1
- शिवपुरी जिले के करैरा में आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से एक शांति समिति की बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता एसडीएम करैरा अनुपम शर्मा ने की, जिसमें थाना प्रभारी विनोद सिंह छावई भी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान सभी तजियादारों और गणमान्य नागरिकों की समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना गया। एसडीएम अनुपम शर्मा ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। करैरा सीएमओ गोपाल कृष्ण गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों को खास तौर पर साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं को समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने सभी उपस्थित लोगों से आपसी भाईचारा, शांति और सौहार्द बनाए रखते हुए मोहर्रम पर्व मनाने की अपील की। इस बैठक में नगर के गणमान्य नागरिक, तजियादार और विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए।1
- नगर परिषद मगरौनी में आवारा पशुओं का आतंक अपने चरम पर पहुँच गया है, जिससे स्थानीय निवासी और राहगीर भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। ये आवारा मवेशी मुख्य बाजारों, चौराहों और रिहायशी इलाकों में हर समय डेरा जमाए रहते हैं, जिसके कारण आए दिन सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि सड़कों के बीचों-बीच बैठे इन पशुओं के कारण आवागमन लगातार बाधित हो रहा है। इसके अलावा, कई बार ये पशु आपस में भिड़ जाते हैं, जिससे आस-पास की दुकानों और राहगीरों को चोट लगने का जोखिम भी पैदा हो जाता है। इस गंभीर समस्या से परेशान आमजन ने अब नगर परिषद प्रशासन से गुहार लगाई है। उनकी मुख्य मांग है कि इन आवारा पशुओं को जल्द से जल्द पकड़कर स्थानीय गौशाला में स्थानांतरित किया जाए। लोगों का स्पष्ट कहना है कि यदि प्रशासन इस दिशा में ठोस कदम उठाता है, तभी नगरवासियों को इस परेशानी से मुक्ति मिल सकेगी और वे राहत की सांस ले पाएंगे।1
- करैरा तहसील के ग्राम जुगया निवासी लोकेंद्र सिंह सिकरवार ने शराब ठेके से जुड़े कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। पीड़ित का आरोप है कि उसके साथ मारपीट की गई, विभिन्न स्थानों पर ले जाकर प्रताड़ित किया गया और कई घंटों तक बंधक बनाकर रखा गया। इस घटना के बाद से ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों में आक्रोश देखा जा रहा है, और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। लोकेंद्र सिंह सिकरवार के अनुसार, वह पहले एक शराब कंपनी में ड्राइवर के रूप में काम करते थे। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने उन्हें रास्ते में रोककर कब्जे में लिया और कथित रूप से मारपीट शुरू कर दी। पीड़ित का आरोप है कि उन्हें अलग-अलग जगहों पर ले जाकर लगातार प्रताड़ित किया गया और मारपीट के दौरान प्लास्टिक के पाइप सहित अन्य वस्तुओं का इस्तेमाल किया गया, जिससे उनके शरीर पर गंभीर चोटें आईं और कई जगह सूजन आ गई। लोकेंद्र सिंह का यह भी आरोप है कि उन्हें घंटों तक अपनी मर्जी के खिलाफ रखा गया और एक कार्यालयनुमा जगह पर रातभर बंद रखने के बाद छोड़ा गया। इसके अतिरिक्त, उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज कराने का प्रयास भी किया गया, जिसे संबंधित अधिकारियों द्वारा कथित तौर पर अस्वीकार कर दिया गया। घटना के बाद लोकेंद्र सिंह ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने अपनी शिकायत संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का प्रयास किया है, लेकिन उन्हें अब तक संतोषजनक कार्रवाई की कोई जानकारी नहीं मिली है, जिससे उनके परिवार और समर्थकों में नाराजगी है। ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस प्रकार की घटना की निष्पक्ष, पारदर्शी और उच्चस्तरीय जांच की आवश्यकता पर बल दिया है, यह मानते हुए कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती और किसी भी विवाद का समाधान कानूनी प्रक्रिया से ही होना चाहिए। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन, पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि पीड़ित का मेडिकल परीक्षण कराया जाए, घटनास्थलों की जांच की जाए, उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों को इकट्ठा किया जाए, तथा मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई जनता के सामने लाई जाए। उन्होंने कहा है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। फिलहाल, यह सभी आरोप पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए हैं, और मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच तथा आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।2
- आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से करैरा में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता एसडीएम करैरा अनुपम शर्मा ने की, जिसमें थाना प्रभारी विनोद सिंह छावई भी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान सभी तजियादारों और नगर के गणमान्य नागरिकों की समस्याओं व सुझावों को गंभीरता से सुना गया। एसडीएम अनुपम शर्मा ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। करैरा सीएमओ गोपाल कृष्ण गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों को साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं को समय पर उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया गया। अधिकारियों ने सभी उपस्थित लोगों से आपसी भाईचारा, शांति एवं सौहार्द बनाए रखते हुए मोहर्रम पर्व मनाने की अपील की। इस बैठक में नगर के गणमान्य नागरिक, तजियादार, धर्म गुरु, पत्रकार और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।1
- मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में एक अजीबोगरीब घटना सामने आई है, जहाँ पानी की टंकी को 'इंसाफ की देवी' बताया जा रहा है। दरअसल, अंकेश धाकड़ और सत्येंद्र धाकड़ नामक दो व्यक्तियों ने पोहरी थाने में ट्रैक्टर चोरी की एफआईआर दर्ज करवाने के लिए पानी की टंकी पर चढ़ने का कदम उठाया। उनके इस اقدام के बाद ही संबंधित पुलिस थाने में ट्रैक्टर चोरी का मामला दर्ज किया गया।1
- नरवर में आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से मंगलवार सुबह 11 बजे एक शांति समिति की बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में तहसीलदार विजय कुमार त्यागी और थाना प्रभारी विनय यादव ने उपस्थित नागरिकों, ताजिया कमेटी के सदस्यों तथा अन्य गणमान्य लोगों के साथ मिलकर मोहर्रम के दौरान निकलने वाले ताजियों, जुलूस मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा की। अधिकारियों ने इस दौरान स्पष्ट किया कि मोहर्रम पर्व आपसी भाईचारे, सौहार्द और शांति का प्रतीक है। उन्होंने सभी लोगों से प्रशासन का पूरा सहयोग करने और किसी भी प्रकार की अफवाह या विवाद की स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल पुलिस व प्रशासन को सूचित करने की अपील की। इसके साथ ही, ताजिया जुलूस के दौरान सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और निर्धारित मार्गों के पालन पर विशेष जोर दिया गया। इस बैठक में भाजपा नेता संदीप माहेश्वरी, सगीर अहमद खान, बसर अली, सलमान पठान, पत्रकार कमर खान, दीपक कुशवाह, जितेंद्र शाक्य सहित कई अन्य गणमान्य नागरिक और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। उपस्थित सभी लोगों ने प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने का भरोसा दिलाया और मोहर्रम पर्व को शांति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने का संकल्प लिया।1
- मोहर्रम पर्व के मद्देनजर दिनारा थाना परिसर में शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, पत्रकार बंधुओं और विभिन्न समुदायों से जुड़े लोगों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। अधिकारियों ने उपस्थित सभी लोगों से अपील की कि मोहर्रम का पर्व आपसी भाईचारे और शांतिपूर्ण माहौल में मनाया जाए। बैठक के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने, जुलूस के लिए निर्धारित मार्गों, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। प्रशासन ने सभी उपस्थित लोगों से पूर्ण सहयोग की अपेक्षा की और यह भी आग्रह किया कि किसी भी प्रकार की समस्या या अप्रिय घटना की सूचना तत्काल पुलिस प्रशासन को दी जाए। यह पूरी बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुई।1