क्रिसिल फाउंडेशन के तत्वाधान मे एक दिवसीय वित्तीय साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया मसौली बाराबंकी। भारतीय रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया एव नाबार्ड द्वारा वित्त पोषित क्रिसिल फाउंडेशन के तत्वाधान मे सोमवार को पंचायत भवन बड़ागांव स्थित सीएसी सभागार मे राष्ट्रीय महिला दिवस के मौक़े पर एक दिवसीय वित्तीय साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। सीबीओ अजय कुमार मिश्रा ने कार्यशाला मे उपस्थित आशा बहू, आंगनबाड़ी, समूह सखी, बी सी सखी तथा समूह की महिला सदस्यों से रूबरू होते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं रोजगार सृजन तथा स्वरोजगार के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान स्थापित कर रही हैं। वैज्ञानिक खेती, पौष्टिक फसल का उत्पादन तथा पंचायत के विकास में महिलाओं की उपलब्धि महिला सशक्तिकरण की एक मिसाल है उन्होंने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं से ग्रामीण महिलाएं एरिया मैनेजर आशीष कुमार ने कहा कि नाबार्ड द्वारा महिलाओं के सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता के लिए कई योजनाएं और कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिनका लाभ उठाकर महिलाएं अत्मनिर्भर बन सकती हैं। आजीविका मिशन के ब्लाक प्रबंधक अनिल कुमार कनौजिया ने कहा कि आजीविका मिशन एक प्रमुख गरीबी उन्मूलन परियोजना है जो स्व-रोज़गार को बढ़ावा देने और ग्रामीण गरीबों को संगठित करने पर केंद्रित है इस योजना के तहत संभावित लखपति दीदियों की पहचान की जाती है और उन्हें वित्तीय साधनों के माध्यम से सशक्त कर स्वरोजगार उपलब्ध कराया जाता है। इस मौक़े पर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि नूर मोहम्मद, सेंटर मैनेजर लाल अनूप शुक्ला विश्वनाथ, सहित आंगनवाड़ी, आशा बहू, समूह की महिलाए मौजूद रही।
क्रिसिल फाउंडेशन के तत्वाधान मे एक दिवसीय वित्तीय साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया मसौली बाराबंकी। भारतीय रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया एव नाबार्ड द्वारा वित्त पोषित क्रिसिल फाउंडेशन के तत्वाधान मे सोमवार को पंचायत भवन बड़ागांव स्थित सीएसी सभागार मे राष्ट्रीय महिला दिवस के मौक़े पर एक दिवसीय वित्तीय साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। सीबीओ अजय कुमार मिश्रा ने कार्यशाला मे उपस्थित आशा बहू, आंगनबाड़ी, समूह सखी, बी सी सखी तथा समूह की महिला सदस्यों से रूबरू होते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं रोजगार सृजन तथा स्वरोजगार के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान स्थापित कर रही हैं। वैज्ञानिक खेती, पौष्टिक फसल का उत्पादन तथा पंचायत के विकास में महिलाओं की उपलब्धि महिला सशक्तिकरण की एक मिसाल है उन्होंने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं से ग्रामीण महिलाएं एरिया मैनेजर आशीष कुमार ने कहा कि नाबार्ड द्वारा महिलाओं के सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता के लिए कई योजनाएं और कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिनका लाभ उठाकर महिलाएं अत्मनिर्भर बन सकती हैं। आजीविका मिशन के ब्लाक प्रबंधक अनिल कुमार कनौजिया ने कहा कि आजीविका मिशन एक प्रमुख गरीबी उन्मूलन परियोजना है जो स्व-रोज़गार को बढ़ावा देने और ग्रामीण गरीबों को संगठित करने पर केंद्रित है इस योजना के तहत संभावित लखपति दीदियों की पहचान की जाती है और उन्हें वित्तीय साधनों के माध्यम से सशक्त कर स्वरोजगार उपलब्ध कराया जाता है। इस मौक़े पर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि नूर मोहम्मद, सेंटर मैनेजर लाल अनूप शुक्ला विश्वनाथ, सहित आंगनवाड़ी, आशा बहू, समूह की महिलाए मौजूद रही।
- Post by राम जी दीक्षित पत्रकार1
- बाराबंकी।महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलम्बन हेतु चलाये जा रहे “मिशन शक्ति फेज- 05” के दृष्टिगत जनपद बाराबंकी पुलिस द्वारा जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन कर किया गया जागरूक। प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान व स्वावलम्बन हेतु चलाये जा रहे “मिशन शक्ति फेज- 05” के दृष्टिगत पुलिस अधीक्षक बाराबंकी अर्पित विजयवर्गीय के निर्देशन में बाराबंकी पुलिस के समस्त थानों में संचालित मिशन शक्ति केन्द्र की महिला अधिकारी/कर्मचारीगण द्वारा अपने- अपने क्षेत्रों में महिला सुरक्षा के संबंध में जागरूक कर उ0प्र0 शासन व उ0प्र0 पुलिस के स्तर से संचालित समस्त योजनाओं एवं प्रबन्धों की जानकारी दी गई। महिला हिंसा से सम्बन्धित तथा अन्य शिकायतों के निवारण हेतु 1. वीमेन पावर लाइन (1090) 2. पुलिस आपातकालीन सेवा (112) 3. सीएम हेल्पलाइन नंबर (1076) 4. चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर (1098) 5. वन स्टाप सेन्टर (181) 6. साइबर हेल्पलाइन नंबर (1930) 7. स्वास्थ्य सेवा हेल्पलाइन नंबर (102) 8. एम्बुलेन्स सेवा (108) 9. जनसुनवाई पोर्टल, स्थानीय थाने की हेल्प डेस्क, जिला संरक्षण अधिकारी, राष्ट्रीय/राज्य महिला आयोग, जनपद न्यायालय में स्थित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सम्बन्ध में एवं साइबर अपराध के बारे में जागरूक किया गया।1
- सीतापुर होली परिक्रमा मेला: सांस्कृतिक संध्या में स्वाती मिश्रा के भजनों पर झूमे श्रद्धालु1
- Post by Mahesh media Patrkaar1
- Post by Ashish Bajpai (Ashubaj)1
- लखनऊ के ठाकुरगंज की बेबस बेसहारा महिला की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश 40 से 50 दबंगों ने घेरा लखनऊ के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत लाला बाग स्थित पेट्रोल पंप के पास दबंगई का मामला सामने आया है यहां एक महिला बेबस बेसहारा खाली प्लाट पर 40 से 50 अज्ञात दबंगों ने बोला धावा पीड़ित महिला ने आरोप लगाया है कि भारी संख्या में आए इन लोगों ने बलपूर्वक जमीन को घेरने की कोशिश की जिसमें क्षेत्र में दहशत का माहौल हैं स्थानीय पुलिस को मामले की सूचना दे दी गई है पुलिस बल मौके पर पहुंचकर स्थिति की जाँच कर रहा हैं1
- निंदुरा में शादी से पहले भाई की हत्याः विधायक ने पुलिस को सख्त कार्रवाई करने के दिए निर्देश निंदुरा बाराबंकी: कुर्सी थाना क्षेत्र के मदारपुर गांव के पास युवक की धारदार हथियार से हत्या के मामले में आरोपियों को पुलिस ने धर दबोचा है। लेकिन परिजनों में अभी भी आक्रोश बना है। परिजन हत्यारोंको फांसी दिये जाने की बात कर रहे हैं। लखनऊ और बाराबंकी की सीमा पर स्थित श्रीरामपुरवा (मदारपुर) में शनिवार को एक युवक की हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान छवि नाथ के पुत्र मिथुन रावत के रूप में हुई है। यह घटना मिथुन की बहन की शादी से ठीक पांच दिन पहले हुई, जिससे परिवार में मातम पसर गया। परिजन हत्यारों को फांसी दिये जाने की बात कह रहे हैं। घटना के बाद रविवार शाम चार बजे बाराबंकी की जिला पंचायत अध्यक्ष राजरानी रावत और भाजपा के क्षेत्रीय विधायक साकेंद्र प्रताप वर्मा पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने परिवार को उचित मुआवजा दिलाने, मामले का निष्पक्ष खुलासा करने और घटना में शामिल दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस दौरान, विधायक साकेंद्र प्रताप वर्मा ने कोतवाली कुर्सी के थाना प्रभारी कृष्णकांत सिंह को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने बीट में तैनात सभी सिपाही और दरोगा को तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश दिया। विधायक ने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नए और सक्रिय पुलिसकर्मियों की तैनाती के भी निर्देश दिए। इस अवसर पर श्रीश रावत, प्रदीप रावत, विशाल सिंह, सहित गांव के कई अन्य लोग उपस्थित रहे।1
- आलू के दाम गिरने से बर्बाद हो रहे किसानों के लिए किसान और खेती विरोधी भाजपा सरकार पूरी तरह लापरवाह होकर बैठी है और उनकी मांगों की अनदेखी कर रही है। भाजपा को सिर्फ़ अपनी राजनीतिक सत्ता से मतलब है। भाजपा के नेता चुनाव प्रचार के लिए तो उपलब्ध हैं लेकिन किसानों की परेशानी-दिक़्क़तों के लिए उनके पास समय नहीं है। भाजपा का पूरा खेल ही यही है कि पैदावार के दाम इतने कम करवा दो कि किसानों की लागत तक न निकले और वो थक-हार कर खेतीबाड़ी का काम ही छोड़ दें और अपनी ज़मीनें भाजपा के समर्थक अमीरों को कौड़ियों के दाम बेचने पर मजबूर हो जाएं और फिर ये भाजपाई पैसेवाले, किसान को उसके अपने खेत में ही मालिक से मजदूर बना दें। भाजपाइयों की साज़िश ही ये है कि वो किसानों की ज़मीन हड़प कर बड़े स्तर पर खेती करके खाद्यान्न और फसलों की पैदावार को अपने हाथों में ले लें और फिर मनमानी क़ीमत जनता से वसूलें। इसीलिए भाजपा कभी भू-अधिग्रहण बिल लाती है, कभी तीन कृषि काले क़ानून या फिर भारत की खेती-कारोबार के लिए प्राणघातक अमेरिकी डील करती है। यही हाल रहा तो वो दिन दूर नहीं जब कि आज के खेत का मालिक किसान, कल को अपने ही खेत की पैदावार को ख़रीदन1