इंदौर पुलिस महिलाओं की सुरक्षा को लेकर अब और अधिक सतर्क दिख रही है, जिसके तहत देर रात तक सड़कों पर पुलिस की प्रभावी मौजूदगी दिखाई दी। खास बात यह है कि यह विशेष अभियान उन इलाकों में चलाया गया, जहाँ महिलाओं ने खुद को असुरक्षित महसूस करने की बात कही थी। महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, इंदौर पुलिस ने थाना राजेंद्र नगर और राऊ क्षेत्र में देर रात तक एक विशेष संयुक्त अभियान चलाया। इस अभियान से पहले, पुलिस ने मोहल्ला मीटिंग के माध्यम से स्थानीय महिलाओं से संवाद किया और उन स्थानों को चिन्हित किया जहाँ वे असुरक्षित महसूस करती थीं। महिलाओं से मिले फीडबैक के आधार पर, चिन्हित हॉटस्पॉट क्षेत्रों में रात 9 बजे से तड़के 1 बजे तक महिला पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की विशेष तैनाती की गई, जिन्होंने लगातार निगरानी रखी और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बनाए रखी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना और अपराधियों में पुलिस का भय बनाए रखना है। राहत की बात यह रही कि पूरे अभियान के दौरान किसी भी अप्रिय घटना की कोई सूचना सामने नहीं आई। पुलिस ने यह भी बताया कि महिलाओं की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और मोहल्ला मीटिंग के सुझावों पर आधारित यह विशेष निगरानी आगे भी लगातार जारी रहेगी। शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने और महिलाओं में सुरक्षा का भरोसा मजबूत करने के लिए भविष्य में भी ऐसे अभियान चलाए जाएंगे, जिसे स्थानीय लोगों ने भी एक सकारात्मक पहल बताया है।
इंदौर पुलिस महिलाओं की सुरक्षा को लेकर अब और अधिक सतर्क दिख रही है, जिसके तहत देर रात तक सड़कों पर पुलिस की प्रभावी मौजूदगी दिखाई दी। खास बात यह है कि यह विशेष अभियान उन इलाकों में चलाया गया, जहाँ महिलाओं ने खुद को असुरक्षित महसूस करने की बात कही थी। महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, इंदौर पुलिस ने थाना राजेंद्र नगर और राऊ क्षेत्र में देर रात तक एक विशेष संयुक्त अभियान चलाया। इस अभियान से पहले, पुलिस ने मोहल्ला मीटिंग के माध्यम से स्थानीय महिलाओं से संवाद किया और उन स्थानों को चिन्हित किया जहाँ वे असुरक्षित महसूस करती थीं। महिलाओं से मिले फीडबैक के आधार पर, चिन्हित हॉटस्पॉट क्षेत्रों में रात 9 बजे से तड़के 1 बजे तक महिला पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की विशेष तैनाती की गई, जिन्होंने लगातार निगरानी रखी और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बनाए रखी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना और अपराधियों में पुलिस का भय बनाए रखना है। राहत की बात यह रही कि पूरे अभियान के दौरान किसी भी अप्रिय घटना की कोई सूचना सामने नहीं आई। पुलिस ने यह भी बताया कि महिलाओं की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और मोहल्ला मीटिंग के सुझावों पर आधारित यह विशेष निगरानी आगे भी लगातार जारी रहेगी। शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने और महिलाओं में सुरक्षा का भरोसा मजबूत करने के लिए भविष्य में भी ऐसे अभियान चलाए जाएंगे, जिसे स्थानीय लोगों ने भी एक सकारात्मक पहल बताया है।
- पत्रकार राजेंद्र मालवीया ने देवी अहिल्या माता का 301वां जन्मोत्सव बड़े उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया।1
- इंदौर से रिश्वतखोरी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहाँ एक शिकायत की जाँच बंद करने के बदले में 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई है।1
- हमें इस सच्चाई को समझने की ज़रूरत है कि हमने अपने आप को स्वयं ही गुलाम बना रखा है।1
- इंदौर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान के तहत दो दिवसीय जिला प्रशिक्षण वर्ग का भव्य शुभारंभ किया गया है। इस कार्यक्रम का विशेष फोकस वैचारिक मजबूती, संगठन के विस्तार और नेतृत्व क्षमता के विकास पर रहा।1
- आज 31 मई 2026 को इंदौर में लोक माता देवी अहिल्याबाई होलकर की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर प्रातःकाल राजवाड़ा उद्यान परिसर में स्थित देवी अहिल्या की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। माल्यार्पण कार्यक्रम में पूर्व मंत्री श्री लाल सिंह आर्य, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव और विधायक सुश्री उषा ठाकुर सहित विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक संगठनों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। महापौर श्री भार्गव ने उपस्थित नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि लोक माता अहिल्याबाई होलकर न केवल मालवा बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने देवी अहिल्या के त्याग, बलिदान, संघर्ष, दूरदर्शी नेतृत्व, जनकल्याण के प्रति समर्पण और समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने की भावना को आज भी प्रासंगिक और अनुकरणीय बताया। महापौर ने कहा कि मां अहिल्या ने अपने शासनकाल में न्याय, विकास और जनभागीदारी का जो आदर्श स्थापित किया, वही इंदौर की पहचान और शक्ति है। उन्होंने प्रार्थना की कि देवी अहिल्या का आशीर्वाद इंदौर शहर पर सदैव बना रहे, जिससे शहर उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर विकास, स्वच्छता, सामाजिक समरसता और जनभागीदारी के नए आयाम स्थापित करता रहे। इस पावन अवसर पर इंदौरवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए महापौर श्री भार्गव ने बताया कि आज शाम 6:30 बजे माननीय मुख्यमंत्री की उपस्थिति में गांधी हाल में मां अहिल्या उत्सव समारोह 2026 का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सामूहिक वंदे मातरम गान, म्यूजिक लाइव कंसर्ट और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। उन्होंने सभी नागरिकों को इस समारोह में सादर आमंत्रित किया।1
- इंदौर में आयोजित श्रीमद भागवत ज्ञान यज्ञ के सातवें दिन, श्रीधाम वृंदावन के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी भास्करानंद ने गीता भवन सत्संग सभागृह में प्रवचन देते हुए कहा कि धर्मयुक्त जीवन और सदाचार से ही सुमति का प्रवेश संभव है। पुरुषोत्तम मास के उपलक्ष्य में मातुश्री श्रीमती कमलादेवी-बाबूलाल मंगल की पुण्य स्मृति में 24 मई से चल रही इस कथा में, उन्होंने भागवत को एक अनुपम और विलक्षण ग्रंथ बताया, जिसकी गहराई आज तक कोई नहीं जान पाया है। स्वामी भास्करानंद ने जोर दिया कि भागवत श्रवण की सार्थकता इसी में है कि हम इसकी अमृतवाणी से नई पीढ़ी को संस्कारित करें और स्वयं भी जीवन को संवारने के अनमोल रत्नों को आत्मसात करें। शनिवार को कथा के समापन प्रसंग पर, स्वामी जी ने कृष्ण सुदामा मैत्री सहित विभिन्न प्रसंगों की व्याख्या की। इस दौरान राधा कृष्ण के संग फूलों की होली का मनोहारी आयोजन भी किया गया, जिसमें पहले भगवान राधाकृष्ण पर और फिर सभागृह में बैठे भक्तों पर पुष्प वर्षा कर उनका अभिनंदन किया गया। स्वामी भास्करानंद ने अपने संदेश में कहा कि लंका और द्वारका जैसी स्वर्ण नगरीयां भी अंततः नष्ट हो गईं, यह दिखाता है कि मनुष्य जीवनभर धन संग्रह में लगा रहता है, लेकिन अपने अंतिम लक्ष्य मोक्ष की ओर ध्यान नहीं देता। उन्होंने बताया कि भागवत मृत्यु को मोक्ष में बदलने की कथा है, और कथा श्रवण का अर्थ केवल सुनना नहीं, बल्कि उसके संदेशों को अपने जीवन में उतारना है। उनके अनुसार, यदि हजारों श्रोताओं में से कुछ लोग भी भागवत के संदेशों से अपना जीवन संवार लें, तो यही इसकी वास्तविक सार्थकता होगी, जिसके लिए मन को संयमित और सतर्क रखना आवश्यक है। इस आयोजन में सत्संग सभागृह के बाहर तक श्रोताओं को बैठना पड़ा और उनके लिए एलईडी स्क्रीन की व्यवस्था की गई थी। आयोजन समिति की ओर से प्रमुख संयोजक संजय-किरण मंगल, बिनोद-सुनीता अग्रवाल, अविरल मंगल सहित समाजसेवी प्रेमचंद गोयल, बालकिशन छाबछरिया, विष्णु बिंदल, राजेश चेलावत, किशोर चेलावत, अशोक ऐरन, राजेश कुंजीलाल गोयल, राजेश गर्ग, और शिव जिंदल ने इसमें सहयोग किया। विद्वान वक्ता की अगवानी अवनि-अनंत अग्रवाल, विनीता-अक्षत अग्रवाल, दीपचंद गर्ग मोमबत्ती, गोविन्द-राजश्री मंगल, गोपाल मंगल, अजय आलूवाले, और विनोद गोयल ने की। कथा समापन पर श्रीधाम वृन्दावन के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी भास्करानंद और साध्वी कृष्णानंद को शॉल-श्रीफल भेंटकर सम्मानित भी किया गया।1
- इंदौर में नगरीय पुलिस के जोन-3 द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘नई उम्मीद’ के तहत एक और पहल रंग लाती दिखाई दे रही है। हाल ही में आयोजित 21वें काउंसलिंग सत्र में 32 नशा प्रभावित युवाओं ने हिस्सा लिया और भविष्य में नशे से दूर रहकर सामान्य जीवन जीने का संकल्प लिया। यह कार्यक्रम अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (जोन-3) रामसनेही मिश्रा के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिसमें सहायक पुलिस आयुक्त (हीरानगर) रुबीना मिजवानी, थाना प्रभारी हीरानगर सुशील पटेल तथा काउंसलिंग समिति के सदस्य डॉ. पीयूष द्विवेदी और उनकी टीम भी उपस्थित रही। काउंसलिंग सत्र के दौरान अधिकारियों और विशेषज्ञों ने राहुल, कुलदीप, राधेश्याम, अभय, रवि और लाल सिंह सहित अन्य युवाओं से व्यक्तिगत चर्चा की। युवाओं ने स्वीकार किया कि वे नशे की लत के शिकार हो गए थे, लेकिन पुलिस और काउंसलिंग टीम के सकारात्मक सहयोग से अब वे मुख्यधारा में लौटकर बेहतर जीवन जीना चाहते हैं। विशेषज्ञों ने पाया कि युवाओं में नशे की प्रवृत्ति बढ़ने के पीछे परिवार के सदस्यों द्वारा नशा करना, आर्थिक कमजोरियां, गलत संगति और नकारात्मक सामाजिक वातावरण जैसे प्रमुख सामाजिक और पारिवारिक कारण जिम्मेदार हैं। इस अभियान के तहत शिक्षा के प्रति रुचि रखने वाले बच्चों और युवाओं को हीरानगर थाना पुलिस द्वारा शैक्षणिक सामग्री भी वितरित की गई। अधिकारियों ने बताया कि प्रतिभागियों को नियमित काउंसलिंग के माध्यम से शिक्षा, रोजगार और सकारात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित किया जा रहा है। इंदौर पुलिस ने नशे से बाहर निकलने के इच्छुक युवाओं के लिए मनोरोग विशेषज्ञों के माध्यम से निशुल्क चिकित्सीय परामर्श और उपचार की व्यवस्था भी की है, ताकि वे मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ होकर समाज की मुख्यधारा में वापस लौट सकें। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि भटके हुए युवाओं को सही दिशा देकर उनका भविष्य संवारना भी है, और ‘नई उम्मीद’ इसी सोच के साथ संचालित एक मानवीय एवं सामाजिक अभियान है जो लगातार सकारात्मक परिणाम दे रहा है।2
- इंदौर के राजवाड़ा में देवी अहिल्या माता का 301वां जन्मोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर सांसद शंकर लालवानी, विधायक उषा ठाकुर और भाजपा नेता विक्रम चौहान ने अहिल्या प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस कार्यक्रम में पत्रकार राजेंद्र मालवीया भी उपस्थित रहे।1
- इंदौर में प्रशासन द्वारा Care CHL Hospital के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की गई है।1