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15 अक्टूबर को हजारीबाग में डांडिया का महासंग्राम! #Hazaribagh #DandiyaNight #DandiyaMahotsav #RoshanRohi #HazaribaghEvents #Jharkhand 15 अक्टूबर को हजारीबाग में डांडिया का महासंग्राम! #Hazaribagh #DandiyaNight #DandiyaMahotsav #RoshanRohi #HazaribaghEvents #Jharkhand
Mohan Guru
15 अक्टूबर को हजारीबाग में डांडिया का महासंग्राम! #Hazaribagh #DandiyaNight #DandiyaMahotsav #RoshanRohi #HazaribaghEvents #Jharkhand 15 अक्टूबर को हजारीबाग में डांडिया का महासंग्राम! #Hazaribagh #DandiyaNight #DandiyaMahotsav #RoshanRohi #HazaribaghEvents #Jharkhand
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- बड़कागांव थाना की उपलब्धि, थाना प्रभारी दीपक सिंह के नेतृत्व में चोरी के ट्रैक्टर को किया बरामद, एक गिरफ्तार...1
- दारू प्रखंड में करमा पर्व श्रद्धा, उल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। इसे अखबार के लिए इस तरह लिखा जा सकता है: दारू प्रखंड में श्रद्धा और उल्लास के साथ मना करमा पर्व करम डाल की पूजा कर व्रतियों ने परिवार की सुख-समृद्धि और भाई-बहनों की लंबी उम्र की कामना की, मांदर-नगाड़ों और डीजे की थाप पर देर रात तक गूंजे करम गीत दारू// दारू प्रखंड क्षेत्र में प्रकृति और भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक करमा पर्व मंगलवार को श्रद्धा एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। प्रखंड के विभिन्न गांवों में व्रती महिलाओं एवं युवतियों ने विधि-विधान से करम डाल की स्थापना कर पूजा-अर्चना की। इस दौरान करम देवता की आराधना करते हुए परिवार की सुख-समृद्धि और भाई-बहनों की लंबी उम्र की कामना की गई। करमा पर्व को लेकर सुबह से ही गांवों में उत्साह का माहौल रहा। पूजा स्थलों और अखाड़ों को आकर्षक ढंग से सजाया गया। शाम होते ही मांदर, ढोल और नगाड़ों की थाप पर पारंपरिक करम गीत एवं झूमर की गूंज सुनाई देने लगी। युवक-युवतियों ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत कर पर्व की खुशियां मनाईं। करमा पर्व झारखंड की समृद्ध लोक एवं प्रकृति संस्कृति से जुड़ा प्रमुख पर्व है। पर्व के दौरान ग्रामीणों में आपसी भाईचारा और सामाजिक एकजुटता का भी संदेश देखने को मिला। पूजा-अर्चना के बाद देर रात तक विभिन्न स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का दौर चलता रहा।1
- संजीव बेदिया पहले अपने गिरेबान में झांकें, फिर दूसरों पर आरोप लगाएं: योगेंद्र साव संजीव बेदिया पहले अपने गिरेबान में झांकें, फिर दूसरों पर आरोप लगाएं: योगेंद्र साव उरीमारी में क्या गुल खिल रहे हैं, यह किसी से छिपा नहीं_ पूर्व मंत्री ने लगाए गंभीर आरोप अवैध बालू परिवहन और लोकल सेल में वसूली किसके संरक्षण में? योगेंद्र साव ने उठाए सवाल हजारीबाग। झारखंड मुक्ति मोर्चा हजारीबाग जिला अध्यक्ष संजीव कुमार बेदिया द्वारा पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को कथित रूप से “ब्लैकमेलर, कोयला चोर और बालू चोर” कहे जाने के बाद पूर्व मंत्री योगेंद्र साव ने प्रेस वार्ता कर पलटवार किया। प्रेस क्लब, हजारीबाग में आयोजित प्रेस वार्ता में योगेंद्र साव ने कहा कि संजीव कुमार बेदिया को दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए और अपने अतीत तथा राजनीतिक-सामाजिक पृष्ठभूमि के बारे में भी जनता को बताना चाहिए। पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि उरीमारी क्षेत्र में संजीव कुमार बेदिया की गतिविधियों की जानकारी स्थानीय लोगों को है। उन्होंने भारतमाला रोड के निर्माण क्षेत्र में एनजीटी के प्रावधान लागू होने के बावजूद कथित रूप से अवैध बालू परिवहन जारी रहने का आरोप लगाते हुए सवाल उठाया कि आखिर यह सब किसके संरक्षण में हो रहा है। उन्होंने लोकल सेल में कथित अवैध वसूली को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए। *साइकिल से कोयला ढोने से लेकर करोड़ों की संपत्ति तक का सफर कैसे?* योगेंद्र साव ने संजीव कुमार बेदिया की कथित पुरानी गतिविधियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनका दावा है कि बेदिया कभी बड़का-सियाल क्षेत्र में साइकिल से कोयला चोरी किया करते थे और बांग्ला भट्ठा भी चलाते थे। उन्होंने सवाल उठाया कि आज उनके पास इतनी संपत्ति कहां से आई। पूर्व मंत्री ने कहा कि यदि संजीव बेदिया नौकरी की करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित करने के स्रोत को सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले व्यक्ति की संपत्ति और आय के स्रोत को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है और यदि उनके द्वारा लगाए गए आरोपों में सच्चाई है तो संबंधित एजेंसियों को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। *“मेरा मुख्यमंत्री, मेरा मुखिया” बयान पर भी साधा निशाना* पूर्व मंत्री ने संजीव बेदिया के कथित बयान “मेरा मुख्यमंत्री, मेरा मुखिया” का जिक्र करते हुए कहा कि झामुमो के नेता हेमंत सोरेन राज्य के मुख्यमंत्री हैं, इसलिए इस बयान का राजनीतिक अर्थ सभी समझ सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन सरकार के संरक्षण में संजीव बेदिया को इस प्रकार की गतिविधियां करने की छूट मिली हुई है। हालांकि ये आरोप पूर्व मंत्री के अपने दावे हैं। योगेंद्र साव ने कांग्रेस और झामुमो के संबंधों को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने राहुल गांधी के बयान को दोहराते हुए कहा कि कांग्रेस में भाजपा के स्लीपर सेल के रूप में कई कथित कांग्रेस नेता ऐसे हैं जो पार्टी को तोड़ने का काम कर रहे हैं। ऐसे ही कांग्रेस के कुछ लोग मुख्यमंत्री की चाटुकारिता में लगे हुए हैं, जबकि कांग्रेस के समर्पित नेताओं और कार्यकर्ताओं को कथित रूप से प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने राज्य के अंचल कार्यालयों में कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आम लोगों के काम बिना पैसे के नहीं होने की शिकायतें लगातार सामने आती हैं। *अपनी जमीन पर कार्रवाई को बताया राजनीतिक प्रताड़ना का षड्यंत्र* सदर अंचल अधिकारी द्वारा उनकी जमीन पर की गई कार्रवाई को लेकर योगेंद्र साव ने कहा कि इसे वे अपने खिलाफ प्रताड़ना के षड्यंत्र के रूप में देखते हैं। उन्होंने दावा किया कि संबंधित जमीन के मालिकाना हक रखने वाले व्यक्ति द्वारा रिन्यूअल के लिए आवेदन दिया गया है। ऐसे में उन्होंने सवाल उठाया कि रिन्यूअल की प्रक्रिया चल रही जमीन पर तोड़फोड़ की कार्रवाई किस आधार पर की गई। पूर्व मंत्री ने मांग की कि यदि उक्त जमीन सरकार द्वारा रिज्यूम की जा चुकी है तो सदर अंचल अधिकारी को उससे संबंधित आधिकारिक दस्तावेज सार्वजनिक करने चाहिए। उन्होंने कहा कि हजारीबाग शहर में ऐसी कई खास महल जमीनें हैं, जिनके संबंध में सरकारी कार्रवाई या रिज्यूम की स्थिति होने के बावजूद उन पर निर्माण कार्य चल रहे हैं और लोग मकान बनाकर रह रहे हैं। ऐसे मामलों में कार्रवाई न कर केवल उनकी जमीन को निशाना बनाया जाना कई सवाल खड़े करता है। योगेंद्र साव ने दावा किया कि उक्त जमीन का नाम आज भी खास महल के रजिस्टर में मोहम्मद एहसान के नाम से दर्ज है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले में संबंधित दस्तावेजों और राजस्व रिकॉर्ड को सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके। *कारण बताओ नोटिस का जवाब दूंगा, लेकिन अपना पक्ष रखने का अधिकार भी है* पार्टी द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के सवाल पर योगेंद्र साव ने कहा कि वे राहुल गांधी और कांग्रेस के सच्चे सिपाही हैं तथा पार्टी के अनुशासन का सम्मान करते हैं। पार्टी जिस प्रकार उचित समझेगी, वे उसका पालन करेंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है और वे स्पष्ट रूप से बताएंगे कि आखिर उनकी गलती कहां है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी व्यक्ति की संपत्ति या अधिकार पर कार्रवाई की जाती है तो उसे अपना पक्ष रखने और दस्तावेज प्रस्तुत करने का अधिकार क्यों नहीं होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सदर अंचल अधिकारी द्वारा की गई कार्रवाई से जुड़े कागजात उन्हें उपलब्ध नहीं कराए गए और उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया गया। अंत में योगेंद्र साव ने हेमंत सोरेन सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार के संरक्षण में कुछ अधिकारियों को मनमानी की छूट मिली हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि झामुमो और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं को लगातार प्रताड़ित करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक अनुशासित पार्टी है और उसके नेता-कार्यकर्ता अनुशासन में विश्वास रखते हैं, लेकिन गठबंधन में जिस प्रकार की परिस्थितियां पैदा हो रही हैं, उसका जवाब आने वाले समय में राजनीतिक स्तर पर देना होगा। इस प्रेस वार्ता में दिलदार अंसारी, रविंद्र गुप्ता और धीरेन्द्र साव उपस्थित थे।1
- हजारीबाग में दिनदहाड़े 3 लाख के जेवर चोरी! #Hazaribagh #CrimeNews #JewelleryTheft #HazaribaghNews #झारखंड हजारीबाग में दिनदहाड़े 3 लाख के जेवर चोरी! #Hazaribagh #CrimeNews #JewelleryTheft #HazaribaghNews #झारखंड1
- बिहार में लड़की के साथ कर रहे जबरदस्ती उन लड़कों को जमुई पुलिस ने मारा गोली1
- मड़वा पहाड़ छेड़खानी कांड: कोर्ट में पेशी के दौरान मुख्य आरोपी को वकील ने जड़ा थप्पड़ मड़वा पहाड़ छेड़खानी कांड: कोर्ट में पेशी के दौरान मुख्य आरोपी को वकील ने जड़ा थप्पड़ जमुई व्यवहार न्यायालय में पेशी के दौरान अधिवक्ताओं में दिखा आक्रोश, पुलिस ने संभाली स्थिति जमुई। बहुचर्चित मड़वा पहाड़ छेड़खानी कांड के मुख्य आरोपी हरेराम यादव को पुलिस ने जमुई व्यवहार न्यायालय में पेश किया। आरोपी की पेशी के दौरान कोर्ट परिसर में अधिवक्ताओं के बीच आक्रोश का माहौल देखने को मिला। इसी दौरान एक अधिवक्ता ने आरोपी हरेराम यादव को कथित तौर पर थप्पड़ मार दिया। अचानक हुई इस घटना से कुछ देर के लिए न्यायालय परिसर में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। पुलिसकर्मियों ने तत्काल स्थिति को नियंत्रित किया और आरोपी को सुरक्षा घेरे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कराई। घटना के बाद कोर्ट परिसर में मौजूद लोगों के बीच भी इसको लेकर चर्चा होती रही। क्या है पूरा मामला मड़वा पहाड़ पर छात्रा के साथ कथित छेड़खानी और बदसलूकी का मामला सामने आने के बाद यह घटना चर्चा में आ गई थी। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर भी आक्रोश देखने को मिला था। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी हरेराम यादव को गिरफ्तार किया और बुधवार को उसे जमुई व्यवहार न्यायालय में पेश किया। आरोपी की कोर्ट में पेशी के दौरान अधिवक्ताओं में भी इस मामले को लेकर नाराजगी दिखाई दी। इसी बीच एक अधिवक्ता द्वारा आरोपी को थप्पड़ मारने की घटना सामने आई। हालांकि, पुलिस की तत्परता से स्थिति को ज्यादा बिगड़ने से रोक लिया गया। पुलिस ने संभाली स्थिति कोर्ट परिसर में आरोपी के साथ हुई घटना के बाद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली और आरोपी को सुरक्षित तरीके से न्यायालय की प्रक्रिया से आगे ले जाया गया। पुलिस द्वारा मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मड़वा पहाड़ की घटना के बाद से ही मामले को लेकर लोगों में नाराजगी बताई जा रही है। अब मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी और न्यायालय में पेशी के बाद मामले की आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर लोगों की नजर बनी हुई है। फिलहाल, आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायालय की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।4
- । झारखंड कुशवाहा महासभा के हजारीबाग जिला अध्यक्ष श्रद्धेय मुकुटधारी महतो के असामयिक निधन से कुशवाहा समाज में शोक की लहर है। । झारखंड कुशवाहा महासभा के हजारीबाग जिला अध्यक्ष श्रद्धेय मुकुटधारी महतो के असामयिक निधन से कुशवाहा समाज में शोक की लहर है।4
- दारू खरीका में कर्मा पूजा की धूम, भाई-बहन के प्रेम में झूमे ग्रामीण दारू खरीका में कर्मा पूजा की धूम, भाई-बहन के प्रेम में झूमे ग्रामीण दारू। प्रखंड क्षेत्र के खरीका गांव में प्राकृतिक एवं भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक पर्व कर्मा पूजा श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। पर्व को लेकर गांव में सुबह से ही उत्साह का माहौल रहा। महिलाओं और युवतियों ने विधि-विधान के साथ कर्मा देव की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और भाई-बहन के दीर्घायु की कामना की। कर्मा पूजा के अवसर पर गांव में पारंपरिक गीत-संगीत और नृत्य का आयोजन किया गया। पूजा के बाद महिलाएं, युवतियां और ग्रामीण पारंपरिक गीतों पर झूमते नजर आए। ढोल-मांदर की थाप और कर्मा गीतों से पूरा वातावरण भक्तिमय एवं उत्सवमय हो गया। बच्चों और युवाओं में भी पर्व को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। ग्रामीणों ने बताया कि कर्मा पर्व प्रकृति के प्रति आस्था और भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का संदेश देता है। इस दौरान कर्मा वृक्ष की डाल की पूजा कर प्रकृति संरक्षण और परिवार की खुशहाली की कामना की जाती है। देर रात तक गांव में गीत-संगीत और नृत्य का दौर चलता रहा। ग्रामीणों ने आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ पर्व मनाते हुए प्रकृति संरक्षण और नशामुक्त समाज का संकल्प भी लिया।1
- Post by Om Singh1