आज के दौर में जब हम विदेशी फलों के पीछे भाग रहे हैं, तो हम अपने ही आंगन के उन अनमोल रत्नों को भूलते आज के दौर में जब हम विदेशी फलों के पीछे भाग रहे हैं, तो हम अपने ही आंगन के उन अनमोल रत्नों को भूलते जा रहे हैं जो औषधीय गुणों से भरपूर हैं। जिनका लाभ किसी जादू से कम नही है। ऐसा ही एक फल है बड़हल जिसे Monkey Jackfruit भी कहते है। 👉 क्या है बड़हल? बड़हल, जिसे वैज्ञानिक भाषा में Artocarpus lacucha कहा जाता है, मुख्य रूप से भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया का मूल फल है। यह कटहल के परिवार का सदस्य है, लेकिन आकार में छोटा और स्वाद में अद्भुत खट्टा-मीठा होता है। ■ उत्पत्ति और क्षेत्र: यह भारत के हिमालयी तराई क्षेत्रों से लेकर दक्षिण भारत (पश्चिमी घाट), अंडमान द्वीप समूह, म्यांमार, थाईलैंड, मलेशिया और इंडोनेशिया तक के नम उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है। ■ विशेषता: इसे "मंकी जैक" इसलिए कहा जाता है क्योंकि बंदरों को यह फल बहुत पसंद होता है। यह आकार में कटहल से छोटा और थोड़ा टेढ़ा-मेढ़ा होता है। पकने पर इसका गूदा पीले या नारंगी रंग का और स्वाद खट्टा-मीठा होता है। ■ उपयोग: भारत के कई ग्रामीण इलाकों में इसके कच्चे फल का उपयोग अचार और सब्जी बनाने में किया जाता है, जबकि पका हुआ फल स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। 👉 सेहत के लिए किसी 'सुपरफूड' से कम नहीं। आयुर्वेद में बड़हल को इसके औषधीय गुणों के कारण विशेष स्थान दिया गया है: 🔹इम्युनिटी बूस्टर: विटामिन-C और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होने के कारण यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। 🔹पाचन में रामबाण: यह लीवर की कार्यक्षमता में सुधार करता है और कब्ज जैसी पेट की समस्याओं से राहत दिलाता है। 🔹त्वचा का निखार: बड़हल के अर्क का उपयोग त्वचा की रंगत निखारने और झाइयों को कम करने के लिए किया जाता है। 🔹खून की कमी दूर करे: इसमें मौजूद आयरन एनीमिया जैसी समस्याओं से लड़ने में मदद करता है। 🔹कृमिनाशक: इसके बीजों का चूर्ण पेट के कीड़े को खत्म करने के लिए उपयोग किया जाता है। 🔹सूजन और दर्द: इसके पत्तों और छाल में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो जोड़ों के दर्द या आंतरिक सूजन में आराम पहुँचाते हैं। दोस्तो बड़हल जैसे पारंपरिक पौधों को उगाना न केवल हमारी सेहत के लिए अच्छा है, बल्कि यह हमारी जैव-विविधता को बचाने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। यह जानकारी आपको कैसी लगी हमे कमेंट 👇 में जरूर बताये। और जिन्हें इसकी जानकारी नही है उनके साथ शेयर जरूर करें।
आज के दौर में जब हम विदेशी फलों के पीछे भाग रहे हैं, तो हम अपने ही आंगन के उन अनमोल रत्नों को भूलते आज के दौर में जब हम विदेशी फलों के पीछे भाग रहे हैं, तो हम अपने ही आंगन के उन अनमोल रत्नों को भूलते जा रहे हैं जो औषधीय गुणों से भरपूर हैं। जिनका लाभ किसी जादू से कम नही है। ऐसा ही एक फल है बड़हल जिसे Monkey Jackfruit भी कहते है। 👉 क्या है बड़हल? बड़हल, जिसे वैज्ञानिक भाषा में Artocarpus lacucha कहा जाता है, मुख्य रूप से भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया का मूल फल है। यह कटहल के परिवार का सदस्य है, लेकिन आकार में छोटा और स्वाद में अद्भुत खट्टा-मीठा होता है। ■ उत्पत्ति और क्षेत्र: यह भारत के हिमालयी तराई क्षेत्रों से लेकर दक्षिण भारत (पश्चिमी घाट), अंडमान द्वीप समूह, म्यांमार, थाईलैंड, मलेशिया और इंडोनेशिया तक के नम उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है। ■ विशेषता: इसे "मंकी जैक" इसलिए कहा जाता है क्योंकि बंदरों को यह फल बहुत पसंद होता है। यह आकार में कटहल से छोटा और थोड़ा टेढ़ा-मेढ़ा होता है। पकने पर इसका गूदा पीले या नारंगी रंग का और स्वाद खट्टा-मीठा होता है। ■ उपयोग: भारत के कई ग्रामीण इलाकों में इसके कच्चे फल का उपयोग अचार और सब्जी बनाने में किया जाता है, जबकि पका हुआ फल स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। 👉 सेहत के लिए किसी 'सुपरफूड' से कम नहीं। आयुर्वेद में बड़हल को इसके औषधीय गुणों के कारण विशेष स्थान दिया गया है: 🔹इम्युनिटी बूस्टर: विटामिन-C और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होने के कारण यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। 🔹पाचन में रामबाण: यह लीवर की कार्यक्षमता में सुधार करता है और कब्ज जैसी पेट की समस्याओं से राहत दिलाता है। 🔹त्वचा का निखार: बड़हल के अर्क का उपयोग त्वचा की रंगत निखारने और झाइयों को कम करने के लिए किया जाता है। 🔹खून की कमी दूर करे: इसमें मौजूद आयरन एनीमिया जैसी समस्याओं से लड़ने में मदद करता है। 🔹कृमिनाशक: इसके बीजों का चूर्ण पेट के कीड़े को खत्म करने के लिए उपयोग किया जाता है। 🔹सूजन और दर्द: इसके पत्तों और छाल में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो जोड़ों के दर्द या आंतरिक सूजन में आराम पहुँचाते हैं। दोस्तो बड़हल जैसे पारंपरिक पौधों को उगाना न केवल हमारी सेहत के लिए अच्छा है, बल्कि यह हमारी जैव-विविधता को बचाने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। यह जानकारी आपको कैसी लगी हमे कमेंट 👇 में जरूर बताये। और जिन्हें इसकी जानकारी नही है उनके साथ शेयर जरूर करें।
- ग्राहक बनकर आए अपराधी ने मानगो उलीडीह थाना अंतर्गत शंकोसाई रोड न.1 में रिफ्यूजी कॉलोनी के सामने स्थित विश्वनाथ ज्वेलर्स में प्रवेश कर दुकान में मौजूद विश्वनाथ दत्ता जी के बेटे को झांसे में लेकर लगभग 25 लाख रुपए के जेवर लेकर फरार हो गया । दुकानदार विश्वनाथ दत्ता ने मामले की जानकारी भाजपा के पूर्व नेता विकास सिंह को दिया । सूचना मिलते ही मौके में पहुंचे विकास सिंह ने पीड़ित दुकानदार से मिलकर घटने जानकारी एवं सीसीटीवी फुटेज जिले के वरीय पुलिस अधिकारियों को उपलब्ध कराया ।1
- अशोक खरात (उर्फ "कैप्टन ") महाराष्ट्र के नासिक से जुड़ा एक कथित ज्योतिषी/स्वयंभ ू बाबा का viral video 18+ अशोक खरात कौन है..? अशोक खरात (उर्फ "कैप्टन ") महाराष्ट्र के नासिक से जुड़ा एक कथित ज्योतिषी/स्वयंभ ू बाबा बताया जा रहा है, जिसके खिलाफ हाल मे ं गंभीर आरोप सामन े आए हैं • मुख्य बातें खुद को ज्योतिषी / स्पिरिचुअल गाइड और कभी-कभी ... और देखें1
- श्री श्री सार्वजनिक हरि नाम संकीर्तन समिति, राजनगर चांगुआ के तत्वावधान में हरि मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के पावन अवसर पर रविवार को भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में 251 महिलाओं ने श्रद्धा और भक्ति के साथ भाग लिया, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में सराबोर हो गया। कलश यात्रा हरि मंदिर परिसर से गाजे-बाजे के साथ प्रारंभ होकर गांव के तालाब तक पहुंची, जहां पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश में जल भरवाया गया। इसके बाद हरि नाम संकीर्तन करते हुए श्रद्धालु गांव भ्रमण कर पुनः मंदिर पहुंचे। मंदिर परिसर में विधिवत वैदिक मंत्रों के साथ 251 कलश स्थापित कर हरि मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न कराई गई। पूरे आयोजन के दौरान हरिनाम संकीर्तन की ध्वनि से वातावरण भक्तिमय बना रहा। कार्यक्रम के उपरांत समिति की ओर से सभी श्रद्धालुओं के बीच जलपान का वितरण किया गया। समिति द्वारा जानकारी दी गई कि चैत पूर्णिमा के पावन अवसर पर अष्टम पहर अखंड हरिनाम संकीर्तन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें क्षेत्र के विभिन्न संकीर्तन मंडलियों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है। नाम यज्ञ में योगदान देने वाली संकीर्तन मंडलियां: बालिक संप्रदाय हेंसल बिल (उत्तम मंडल), बालिका संप्रदाय कालाझरना (जितेंद्र प्रधान), संकीर्तन संप्रदाय भालकी (कामाख्या मंडल), संकीर्तन संप्रदाय दुन्दू पटमदा (जगदीश चंद्र महतो), संकीर्तन संप्रदाय टांगरानी (कबीर दास महतो) एवं संकीर्तन संप्रदाय नौका (फाल्गुनी प्रधान, चित्रसेन प्रधान)।1
- Post by Ravi Gupta4
- राजनगर चाॅगुआ में हरि मंदिर प्राण प्रतिष्ठा , 251 महिलाओं की भव्य कलश यात्रा से गूंजा क्षेत्र। श्री श्री सार्वजनिक हरि नाम संकीर्तन समिति राजनगर चाॅगुआ के तत्वावधान में हरि मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के पावन अवसर पर मंगलवार को भव्य कलश यात्रा आयोजन किया गया । इस धार्मिक आयोजन में 251 महिलाओं ने श्रद्धा और भक्ति के साथ भाग लिया , जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय में माहौल में सराबोर हो गया। कलश यात्रा हरि मंदिर परिसर से गाजे बाजे के साथ प्रारंभ होकर खरकाई नदी घाट ,मुरुमडीह तक पहुंची। जहां पंडितों द्वारा वैदिक मंत्र उच्चारण के बीच कलश में जल भरवाया गया। इसके बाद हरि नाम संकीर्तन करते हुए श्रद्धालु गांव भ्रमण कर पुनः मंदिर पहुंचे। मंदिर परिसर में विधिवत वैदिक मंत्र के साथ 251 कलश स्थापित कर हरि मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न कराई गई। पूरे आयोजन के दौरान हरिनाम संकीर्तन की ध्वनि से वातावरण भक्ति में बना रहा। कार्यक्रम के उपरांत समिति की ओर से सभी श्रद्धालुओं के बीच जलपान का वितरण किया गया। समिति द्वारा जानकारी दी गई की चैत्र पूर्णिमा के पावन अवसर पर अष्टम प्रहार अखंड हरी नाम संकीर्तन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें क्षेत्र के विभिन्न संकीर्तन मंडलियों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है। कलश यात्रा को सफल संचालन के लिए कमेटी के अध्यक्ष - श्री अश्विनी महतो ,सचिव -रितेश महतो , कोषाध्यक्ष - सोनेलाल महतो ,संयोजक श्री जवाहरलाल महतो ,मुख्य संयोजक एवं मूर्ति दाता श्री श्रवण महतो ,जमीन दाता- श्री डोमन महतो, सदस्य - दिलीप महतो ,अशोक महतो ,नरेंद्र महतो, नकुल महतो ,उदित महतो ,गुरुचरण महतो ,कमलेश्वर महतो ,रघुनाथ महतो, जागाय महतो ,प्रफुल्लो महतो, शिवचरण महतो ,बादल महतो ,खिरोद महतो ,सुभाष महतो ,रमेश पान, घनश्याम महतो ,जगत महतो ,राजीव महतो ,बाबलू प्रमाणिक ,महादेव महतो, रासु महतो ,सागर महतो ,पवन महतो विकास महतो ,कृष्णा महतो एवं चाॅगुआ राजनगर ग्रामवासी का सहरनीय योगदान।1
- चाईबासा के बरकुंडिया गांव में हाथी ने महिला को पटक कर मार डाला, एक अन्य जख्मी बरकुंडिया गांव के तूरामडीह टोले मे जंगली हाथी ने सोमवार की रात 11 बजे बांस फूस के कच्चे मंदिर को तहस नहस कर सो रही 58 वर्षीय महिला चांदू देवी गोप को पटक कर मार डाला और पुजारी लखन कूदादा को जख्मी कर दिया है। घटना के समय तेज गति से आंधी बारिश हो रही थी। उस समय हाथी द्वारा मंदिर पर हमला कर दिया गया। हाथी द्वारा तहस नहस किए जाने के दौरान उसने सो रही 58 वर्षीय महिला चांदू देवी गोप को पटक कर मार डाला । पुजारी लखन कूदादा लकड़ी और पुआल से दब गया। इस कारण हाथी की उस पर नजर नहीं पड़ी, लेकिन हाथी के पैर से उसका पैर दब जाने के के कारण वह जख्मी हो गया। सुबह गांव के लोग जमा हुए। इस घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग के अधिकारी गांव पहुंचे। वन विभाग द्वारा शव को उठा कर सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाया गया। जख्मी लखन कूदादा का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है। उसकी खराब हालत को देखते हुए उसे आईसीयू वार्ड में दाखिल कराया गया है। शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिवार वालो को सौंप दिया गया है। मृतक महिला चांदू देवी गोप के पुत्र गोपाल गोप ने बताया1
- सिल्ली : सिल्ली मुरी एवं आस पास क्षेत्र में वारिश से जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। मंगलवार को लगभग शाम को 3 बजे से प्रारंभ हुई बारिश देर शाम तक लगातार होती रही। लगातार बारिश के कारण शहर की सड़कों पर जल जमाव हो गया । वहीं सिल्ली के रुगड़ी टोला के रास्ते पर पानी भर गया। जिससे लोगों का घर से निकलना दूभर हो गया । बारिश के चलते इलाके में कई जगहों पर जल जमाव हो गया है। जल जमाव के कारण दो पहिया वाहन चालकों, पैदल चलने वालों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा रहा है। पानी की समुचित निकासी नहीं होने के कारण ये समस्या हो रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से पानी निकासी की प्रबंध करने की अपील की है।1
- 🦂.....ये देखो हमारे देश में पालें गए साँप जिनके द्वारा लोगो को थूका हुवा बहुत ही स्वादिष्ट खाना खिलाया जाता हैं😡🤬1