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देश और दुनिया में कुछ ऐसे मुद्दे हैं जिन पर सरकार को विशेष ध्यान देना चाहिए और उन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सरकार को जनता के गंभीर मुद्दों और सामाजिक समस्याओं का समाधान करने का प्रयास करना चाहिए। ये हमारे समाज और देश के ऐसे मुद्दे हैं जिन्हें हम सभी को साझा करने की आवश्यकता है।
Rajendra Kumar
देश और दुनिया में कुछ ऐसे मुद्दे हैं जिन पर सरकार को विशेष ध्यान देना चाहिए और उन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सरकार को जनता के गंभीर मुद्दों और सामाजिक समस्याओं का समाधान करने का प्रयास करना चाहिए। ये हमारे समाज और देश के ऐसे मुद्दे हैं जिन्हें हम सभी को साझा करने की आवश्यकता है।
More news from झारखंड and nearby areas
- रांची के राज हॉस्पिटल में इलाज के दौरान एक युवक की मौत ने राजनीतिक रंग ले लिया है। मृतक के परिजनों द्वारा अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए जाने के बाद, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। युवा राजद के प्रदेश अध्यक्ष रंजन यादव ने इस प्रेस वार्ता में दावा किया कि युवक के इलाज में घोर लापरवाही बरती गई; उसे समय पर उचित इलाज नहीं मिला और न ही सही समय पर रेफर किया गया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन की भूमिका की गहन जांच की आवश्यकता पर जोर दिया। राजद ने मृतक के परिजनों के लिए मुआवजे, संबंधित डॉक्टर पर कानूनी कार्रवाई और पूरे प्रकरण की स्वतंत्र जांच कराने की भी मांग उठाई है। यह आरोप राजद और मृतक के परिजनों के दावों पर आधारित हैं, जिनकी जांच संबंधित एजेंसियां कर रही हैं। मामले में राज हॉस्पिटल या किसी अन्य संबंधित पक्ष का आधिकारिक बयान उपलब्ध होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।1
- रांची में पुलिस ने एक बार फिर हुड़दंगियों के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया है। इस कार्रवाई के तहत, सड़कों पर शराब पीने वाले लोगों के खिलाफ अभियान चलाया गया। इसके साथ ही, देर रात लगभग एक दर्जन बार और पब में भी छापेमारी की गई।1
- एक मंत्री को ₹99 लाख की सब्सिडी दिए जाने के मामले में एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। यह मुद्दा उठाया जा रहा है कि क्या वास्तव में मंत्री को इतनी बड़ी सब्सिडी मिलनी चाहिए थी। इस पर गहन चर्चा और सवाल-जवाब की अपेक्षा की जा रही है।1
- झारखंड के हजारीबाग जिले के उरीमारी क्षेत्र में अवैध कोयला उत्खनन के दौरान एक दर्दनाक हादसा हुआ है, जिसमें खनन स्थल की छत (चाल) धंसने से दो लोगों की दुखद मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर, स्थानीय प्रशासन और पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और उन्होंने मामले की जाँच शुरू कर दी है।1
- गुमला जिले के हाटी गांव की ग्राम सभा ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। इस फैसले के अनुसार, गांव की सीमा के भीतर धर्मांतरण की गतिविधियों और चंगाई सभाओं के आयोजन पर ग्राम सभा द्वारा सख्त रोक लगा दी गई है।1
- बोकारो में जल आपूर्ति व्यवस्था खराब होने के कारण पानी उपलब्ध नहीं हो रहा है। लोगों ने संबंधित अधिकारियों से इस समस्या को जल्द से जल्द ठीक कर पानी की आपूर्ति बहाल करने की तत्काल मांग की है।2
- रांची के दीक्षांत मंडप में "जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा : झारखंड की पहचान" विषय पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में झारखंड की नौ प्रमुख भाषाओं—संथाली, कुड़ुख, मुंडारी, खड़िया, नागपुरी, कुरमाली, पंचपरगनिया, खोरठा और हो—के संरक्षण और संवर्धन पर विस्तार से चर्चा हुई। इस अवसर पर, पूर्व मंत्री बंधु तिर्की ने क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण के लिए एक अलग बजट, नई नीति और मातृभाषा आधारित शिक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की। वहीं, कांग्रेस विधायक नमन बिक्सल कोंगाड़ी ने भी सरकार से इन भाषाओं के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की। इस कार्यशाला की पूरी रिपोर्ट Ranchi Club TV पर उपलब्ध है, जिसे सूचना और जन जागरूकता के उद्देश्य से प्रसारित किया गया है।1
- ऐतिहासिक रथ पूजा और मेले के आयोजन को लेकर शनिवार शाम राजकीला परिसर में शांति समिति की बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता बड़ी मणि माधुरी मंजूरी देवी ने की। 16 जुलाई को होने वाले रथ मेले के लिए आयोजित इस बैठक में पेयजल, अतिक्रमण, स्वच्छता, अवैध शराब की बिक्री और यातायात नियमों जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई। शांति समिति के सदस्यों ने मेले में भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस से यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने, अवैध शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और पॉकेटमारों से बचाव के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की। साथ ही, मेले के बाद मेला मैदान की साफ-सफाई पर विशेष जोर दिया गया। डीएसपी अजय आर्यन ने बताया कि मेले के दौरान हुड़दंगियों और मनचलों पर पुलिस की कड़ी निगरानी रहेगी। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता बनाने के लिए सीसीटीवी कैमरों के अतिरिक्त ड्रोन कैमरों की भी व्यवस्था की जाएगी। मेले की सुरक्षा हेतु पर्याप्त संख्या में महिला और पुरुष पुलिस बल तैनात किया जाएगा और एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया जाएगा। थानेदार आदिकांत महतो ने स्पष्ट किया कि हुड़दंग मचाने वाले, अशांति फैलाने वाले और शराब पीकर आने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने शांति समिति के सदस्यों से किसी भी तरह की अफवाह या असामाजिक तत्वों की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की। इसके अतिरिक्त, मेले क्षेत्र में शराब, मांस और मछली की बिक्री पर पूरी तरह से पाबंदी रहेगी। बड़ी मणि माधुरी मंजरी देवी ने पूजा और मेले की सफलता के लिए उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। बैठक को कॉंग्रेस नेता अजय नाथ शाहदेव, महावीर विश्वकर्मा, मंसूर आलम, जितेश्वर मुंडा, राजकुमार बर्मन, हुसे उराँव, आर डी तिवारी, हजारी प्रसाद, अंजुम खान, अरशद अयूब, अमर उराँव, अजमूल हक, फूल कुमारी देवी और सुषमा तिर्की सहित दर्जनों लोगों ने संबोधित किया। बैठक का संचालन अतुल राज ने किया और गढ़ प्रबंधक दामोदर नाथ मिश्र ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।1
- झारखंड के बड़कागांव प्रखंड के लुरुंगा में संचालित एक अवैध कोयला खदान में चाल धंसने से दो मजदूरों की मौत होने की खबर सामने आई है। मृतकों की पहचान शिबू बेदिया और सुखदेव गंझू के रूप में बताई जा रही है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, घटना के बाद क्षेत्र में इस बात की चर्चा तेज है कि मामले को दबाने और शवों को गुपचुप तरीके से ठिकाने लगाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, प्रशासन की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि या बयान जारी नहीं किया गया है। जब बड़कागांव थाना प्रभारी से इस विषय में पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि लुरुंगा उनके थाना क्षेत्र में नहीं आता है, बल्कि उरीमारी क्षेत्र में पड़ता है। वहीं, उरीमारी ओपी प्रभारी से मोबाइल के माध्यम से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। क्षेत्र में लगातार हो रही ऐसी दुर्घटनाएँ अवैध कोयला खनन पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। गौरतलब है कि बड़कागांव क्षेत्र में यह पहली ऐसी घटना नहीं है। इससे पहले राउतपारा में चाल धंसने से एक मजदूर की मौत हो चुकी है, जबकि चानो में भी अलग-अलग घटनाओं में तीन मजदूरों की जान गई थी। इन लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बावजूद यदि अवैध खनन पर प्रभावी रोक नहीं लगाई जाती है, तो यह प्रशासनिक जवाबदेही, कानून-व्यवस्था और खनन सुरक्षा व्यवस्था पर एक गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।1