शाहबाद जंगल बचाओ आंदोलन के तहत हस्ताक्षर अभियान, 1001 हस्ताक्षरों वाला ज्ञापन प्रधानमंत्री, पर्यावरण मंत्री एवं सर्वोच्च न्यायालय को भेजा शाहबाद जंगल बचाओ आंदोलन के तहत हस्ताक्षर अभियान, 1001 हस्ताक्षरों वाला ज्ञापन प्रधानमंत्री, पर्यावरण मंत्री एवं सर्वोच्च न्यायालय को भेजा बारां, 11 मई। शाहबाद घाटी के प्राकृतिक जंगल, जैव-विविधता और स्थानीय जनजीवन की रक्षा के उद्देश्य से चल रहे “शाहबाद जंगल बचाओ आंदोलन” के अंतर्गत शाहबाद घाटी संरक्षण संघर्ष समिति, बारां द्वारा एक व्यापक जन हस्ताक्षर अभियान का आयोजन किया गया। अभियान के माध्यम से आम नागरिकों ने शाहबाद क्षेत्र में प्रस्तावित हाइड्रो पावर प्लांट को अन्यत्र स्थापित किए जाने की पुरजोर मांग की। समिति द्वारा एकत्र किए गए 1001 हस्ताक्षरों से युक्त ज्ञापन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव तथा देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के नाम प्रेषित कर समिति की मांग औपचारिक रूप से रखी गई। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि शाहबाद घाटी घने वनों, दुर्लभ वन्यजीवों, जलस्रोतों और पारिस्थितिकी संतुलन के लिए अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है। यहां प्रस्तावित हाइड्रो पावर परियोजना से जंगलों के विनाश, जैव-विविधता को अपूरणीय क्षति, जल प्रवाह में बाधा तथा स्थानीय समुदायों के आजीविका स्रोतों पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। समिति ने यह भी रेखांकित किया कि विकास आवश्यक है, किंतु वह पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्रों की कीमत पर नहीं होना चाहिए। संरक्षण संघर्ष समिति के सदस्य भानु गुप्ता, मुकेश सोनी और अन्य सदस्यों ने सरकार से आग्रह किया कि स्वच्छ ऊर्जा के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए हाइड्रो पावर प्लांट को पर्यावरण की दृष्टि से कम संवेदनशील वैकल्पिक स्थल पर स्थापित किया जाए, ताकि विकास और संरक्षण दोनों में संतुलन बना रहे। समिति ने पारदर्शी पर्यावरणीय आकलन, स्थानीय जनसुनवाई और विशेषज्ञों की राय को निर्णायक प्रक्रिया का हिस्सा बनाने की मांग भी की। हस्ताक्षर अभियान में बड़ी संख्या में नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, पर्यावरण प्रेमियों और युवाओं की सहभागिता रही। समिति ने विश्वास व्यक्त किया कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए केंद्र सरकार और न्यायपालिका इस विषय पर संवेदनशील एवं न्यायोचित निर्णय लेंगी, जिससे शाहबाद घाटी की प्राकृतिक विरासत सुरक्षित रह सके।
शाहबाद जंगल बचाओ आंदोलन के तहत हस्ताक्षर अभियान, 1001 हस्ताक्षरों वाला ज्ञापन प्रधानमंत्री, पर्यावरण मंत्री एवं सर्वोच्च न्यायालय को भेजा शाहबाद जंगल बचाओ आंदोलन के तहत हस्ताक्षर अभियान, 1001 हस्ताक्षरों वाला ज्ञापन प्रधानमंत्री, पर्यावरण मंत्री एवं सर्वोच्च न्यायालय को भेजा बारां, 11 मई। शाहबाद घाटी के प्राकृतिक जंगल, जैव-विविधता और स्थानीय जनजीवन की रक्षा के उद्देश्य से चल रहे “शाहबाद जंगल बचाओ आंदोलन” के अंतर्गत शाहबाद घाटी संरक्षण संघर्ष समिति, बारां द्वारा एक व्यापक जन हस्ताक्षर अभियान का आयोजन किया गया। अभियान के माध्यम से आम नागरिकों ने शाहबाद क्षेत्र में प्रस्तावित हाइड्रो पावर प्लांट को अन्यत्र स्थापित किए जाने की पुरजोर मांग की। समिति द्वारा एकत्र किए गए 1001 हस्ताक्षरों से युक्त ज्ञापन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव तथा देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के नाम प्रेषित कर समिति की मांग औपचारिक रूप से रखी गई। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि शाहबाद घाटी घने वनों, दुर्लभ वन्यजीवों, जलस्रोतों और पारिस्थितिकी संतुलन के लिए अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है। यहां प्रस्तावित हाइड्रो पावर परियोजना से जंगलों के विनाश, जैव-विविधता को अपूरणीय क्षति, जल प्रवाह में बाधा तथा स्थानीय समुदायों के आजीविका स्रोतों पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। समिति ने यह भी रेखांकित किया कि विकास आवश्यक है, किंतु वह पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्रों की कीमत पर नहीं होना चाहिए। संरक्षण संघर्ष समिति के सदस्य भानु गुप्ता, मुकेश सोनी और अन्य सदस्यों ने सरकार से आग्रह किया कि स्वच्छ ऊर्जा के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए हाइड्रो पावर प्लांट को पर्यावरण की दृष्टि से कम संवेदनशील वैकल्पिक स्थल पर स्थापित किया जाए, ताकि विकास और संरक्षण दोनों में संतुलन बना रहे। समिति ने पारदर्शी पर्यावरणीय आकलन, स्थानीय जनसुनवाई और विशेषज्ञों की राय को निर्णायक प्रक्रिया का हिस्सा बनाने की मांग भी की। हस्ताक्षर अभियान में बड़ी संख्या में नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, पर्यावरण प्रेमियों और युवाओं की सहभागिता रही। समिति ने विश्वास व्यक्त किया कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए केंद्र सरकार और न्यायपालिका इस विषय पर संवेदनशील एवं न्यायोचित निर्णय लेंगी, जिससे शाहबाद घाटी की प्राकृतिक विरासत सुरक्षित रह सके।
- राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे 27 साल बाद झालावाड़ के भीमसागर-छत्रपुरा पहुंचीं। उनके ऐतिहासिक आगमन से स्थानीय कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा गया। इस दौरे को आगामी राजनीतिक घटनाक्रम के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।1
- राजस्थान के कोटा में कोरोना काल के दौरान एक व्यक्ति का ट्रक धोखाधड़ी से बेच दिया गया। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस मामले में कार्रवाई नहीं कर रही, बल्कि उसे ही धमका रही है। न्याय न मिलने पर उसने आत्महत्या तक की धमकी दी है।1
- छबड़ा में 10मई,2026 रविवार स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम हुआ सम्पन्न। 📍 “जल बदलिये, जीवन बदलिये” अभियान के तहत छबड़ा कस्बे के सिंघवी पैलेस होटल एण्ड रिसोर्ट में रविवार,10 मई 2026 को सायं 5:15 बजे से 7:15 बजे तक टीम अमृत कोटा द्वारा एक विशेष स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वस्थ जीवनशैली,शुद्ध जल के महत्व एवं बेहतर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना रहा। “पहला सुख निरोगी काया” की भावना को आगे बढ़ाते हुए यह आयोजन छबड़ा कस्बे में पहली बार सम्पन्न हुआ जिसमें छबड़ा के वरिष्ठ नागरिकों ने भाग लिया।टीम अमृत से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता एस.एल. नागर ने बताया कि कोटा से आई टीम अमृत के सदस्यों ने केंगन जल के बारे में अन्य जल से डेमों करते हुए केंगन जल की जानकारी दी गयी।आज हम देखे तो भूमि,जल,वायु और खाने का अन्न भी जहरीला हो गया है।ऐसे में हर घर मे कोई ना कोई बीमारी घर कर गयी है।कोविड के बाद आज हार्ड अटैक के मरीजों की संख्या में वृद्धि हो रही है,व्यक्ति की इम्यूनिटी लगातार घट रही है।ऐसे में यदि हम जल की गुणवत्ता सुधार लेते है तो हम बहुत सी बीमारियों से बच सकते है।यदि आपको केंगन के बारे में ओर अधिक जानना है और यह मशीन लगानी है तो आज ही बिना देरी के संपर्क करें। 📞 पंजीकरण एवं जानकारी हेतु संपर्क करें: 9413006192 ✨ समय निकालें, स्वास्थ्य अपनाएँ और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएँ। — टीम अमृत कोटा मशीन का इन स्थानों पर विजिट कर सकते है। #ओशो आशीष ध्यान केंद्र, अमीरपुर खेड़ी,भुवाखेड़ी। #क्या कीर्ति लाइफ केअर,इंद्रा कॉलोनी छबड़ा4
- नगर भ्रमण व दधि मंगल के साथ अखंड हरिनाम संकीर्तन संपन्न, घट्टी गांव में बही भक्ति रसधार जानकारी सोमवार दोपहर 3 बजे मिली भंवरगढ़ क्षेत्र के घट्टी गांव में आयोजित अखंड हरिनाम संकीर्तन का प्रातः नगर भ्रमण व दधि मंगल के साथ समापन हुआ। 24 घंटे तक चले संकीर्तन में राजस्थान सहित वृंदावन, महाराष्ट्र, उड़ीसा, तेलंगाना व पश्चिम बंगाल से आई कीर्तन मंडलियों ने हरिनाम का गुणगान किया। नेहरूपुरा, बालापुरा, नाटई व परानियां सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। विधायक डॉ. ललित मीणा ने भी आयोजन में पहुंचकर सेवा कार्य में सहयोग किया। विशाल पंडाल में गूंजते भजनों से पूरा गांव भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया।1
- पनवड़ा का मेला का माहोल देख सकते दोस्तो जोकि श्योपुर जिले में पड़ता है और मां दुर्गे का मंदिर भी है1
- समरानियां कस्बे के नारायण खेड़ा रोड़ पर सीसी रोड निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग। मौके पर लोगों द्वारा काम रूकवाने की मिल रही है जानकारी। समरानियां कस्बे के नारायण खेड़ा रोड़ पर सीसी रोड निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग। मौके पर लोगों द्वारा काम रूकवाने की मिल रही है जानकारी।1
- श्योपुर जिले में भीषण गर्मी का असर अभी भी जारी है, जिससे लोगों को राहत नहीं मिल पाई है। हालांकि, अब मौसम का मिजाज बदलता दिख रहा है और आकाश में काले बादल छाने लगे हैं। यह संकेत देता है कि जल्द ही गर्मी से राहत मिल सकती है।1
- पनवाड़ के बालचंद नागर नामक ट्रक ड्राइवर ने आरोप लगाया है कि कोरोना काल में धोखाधड़ी का शिकार हुए उनके ट्रक मामले में खानपुर पुलिस रिपोर्ट दर्ज नहीं कर रही है। उन्होंने कोटा व झालावाड़ पुलिस पर भ्रष्टाचार और उन्हें फंसाने की साजिश रचने का भी आरोप लगाया है।1