अपर जिला मजिस्ट्रेट श्री चन्द्र शेखर ने बताया कि हिन्दू पंचांग के अनुसार दिनांक 26/27.03.2026 को श्री राम नवमी, 31.03.2026 को महावीर जयन्ती, 03.04.2026 गुड फ्राइडे, 14.04.2026 को डा० भीमराव अम्बेडकर जयन्ती, 01.05.2026 को बुद्ध पूर्णिमा का पर्व पड़ रहा है। दिनांक 25, 26, 27 अप्रैल, 2026 को होमगार्ड्स भर्ती लिखित परीक्षा, दिनांक 03.05.2026 को नीट व राजकीय इण्टर कालेज में प्रवक्ता पद पर भर्ती हेतु लिखित परीक्षा आयोजित होंगी। उक्त के अतिरिक्त वर्तमान में माध्यमिक शिक्षा परिषद, उ०प्र०, प्रयागराज द्वारा सम्पन्न हाईस्कूल एवं इण्टर मीडिएट बोर्ड परीक्षा-2026 का मूल्यांकन कार्य चल रहा है। यह भी उल्लेखनीय है कि जनपद चित्रकूट में रामघाट एवं श्री कामदनाथ आदि धार्मिक स्थलों के दर्शन-भ्रमण हेतु प्रत्येक माह अमावस्या के अवसर पर कई लाख की संख्या में श्रद्धालुओं का आवागमन होता है, जिसके दौरान रेलवे स्टेशनों / बस अड्डों धर्मशालाओं, रैन बसेरों, लॉजों में ठहरने वालों की काफी भीड़ होती है, अतएव धार्मिक एवं भीड़-भाड़ वाले स्थलों पर अराजक एवं अपराधिक तत्वों / गतिविधियों पर सतर्क दृष्टि रखते हुए आवश्यक कार्यवाही कियो जाना आवश्यक है। उपरोक्त पर्वों/ त्योहारो, परीक्षाओं, अमावस्या संबंधी धार्मिक गतिविधियों के दौरान कतिपय असामाजिक एवं आपराधिक / शरारती/ आंतकवादी अराजक तत्वों द्वारा जनपद में शान्ति एवं कानून व्यवस्था को प्रभावित / दूषित करने की कुचेष्टा की जा सकती है। अतः अमावस्या व पूर्णिमा से संबंधित धार्मिक गतिविधियों के मेलों तथा आगामी 02 माह के अन्दर पड़ने वाले उक्त पर्वो / त्योहारों एवं प्रस्तावित / निर्धारित परीक्षाओं के दौरान सतर्क दृष्टि रखते हुए सकुशल सम्पन्न कराये जाने के दृष्टिगत असामाजिक अराजक, उपद्रवी तत्वों आंतकवादी गतिविधियों के विरूद्ध निरोधात्मक कार्यवाही सुनिश्चित कराये हेतु तत्काल प्रभाव से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के अन्तर्गत धारा 163 लगाया जाना नितान्त आवश्यक है, असामाजिक, आतंकवादी अराजक तत्वों/आपराधिक गतिविधियों पर सतर्क दृष्टि रखते हुए उपरोक्त धार्मिक गतिविधियों से संबंधित मेलों तथा पर्वों/ त्योहारों एवं सम्पन्न परीक्षाओं के मूल्यांकन तथा इस बीच आयोजित होने वाली समस्त परीक्षाओं को शान्ति एवं कानून व्यवस्था बनाये रखते हुए सकुशल सम्पन्न कराये जाने के दृष्टिगत किसी व्यक्ति को बाधा, क्षोभ या क्षति का या मानव जीवन, स्वास्थ्य या क्षेम को खतरे का या लोक प्रशांति विक्षुब्ध होने का, या बलवे या दंगे के निवारण हेतु तत्काल प्रभाव से दिनांक 25.03.2026 से 24.05.2026 तक की अवधि के लिए यदि इससे पहले वापस न ले लिया जाय, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के अन्तर्गत अधिकारों का प्रयोग करते हुए निम्न आदेश पारित करता हूँ , परीक्षा अवधि में परीक्षा केन्द्र एवं उसके आस-पास 100 मीटर की परिधि में और आवश्यकता पड़ने पर उसके बाहर भी अधिकृत / तैनात अधिकारियों/कार्मिकों/केन्द्र व्यवस्थापकों / परीक्षार्थियों / सुरक्षा कार्मिकों को छोड़कर अन्य / अनाधिकृत व्यक्तियों का प्रवेश प्रतिबन्धित रहेगा। परीक्षा अवधि में परीक्षा केन्द्र से न्यूनतम 01 किमी0 की परिधि में फोटो कॉपियर एवं स्कैनर का संचालन परीक्षा अवधि में पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगा तथा 100 मीटर की परिधि में आस-पास के प्रतिष्ठान / दूकानें नहीं खुलेंगी, जिसका अनुपालन क्षेत्रीय पुलिस / प्रशासन के अधिकारियों द्वारा सुनिश्चित कराया जाये, परीक्षा अवधि में परीक्षा केन्द्रों के आस-पास ध्वनि विस्तारक यन्त्रों का प्रयोग प्रतिबन्धित रहेगा, इसके अलावा भी विभिन्न परीक्षाओं / शांति एवं कानून व्यवस्था बनाये रखने के दृष्टिगत कोई भी व्यक्ति 11 बजे रात्रि से प्रातः 5 बजे के बीच लाउडस्पीकर / ध्वनि विस्तारक यन्त्रों का प्रयोग नहीं करेगा। शेष समय में भी प्रतिबन्धित स्थलों को छोड़कर अन्य स्थलों पर ध्वनि विस्तारक यन्त्रों, डी०जे० आदि का प्रयोग करने पर शासन एवं प्रदूषण नियन्त्रण बोर्ड द्वारा निर्धारित मानक्र ध्वनि का अनुपालन करना होगा। उपरोक्त का अनुपालन क्षेत्रीय पुलिस / प्रशासन के अधिकारियों द्वारा सुनिश्चित कराया जाये, परीक्षा केन्द्र पर तैनात सुरक्षा कार्मिकों के अतिरिक्त किसी भी व्यक्ति को किसी भी प्रकार के शस्त्रादि लेकर परीक्षा स्थल पर जाने की अनुमति नहीं होगी। इसका उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के विरूद्ध स्थानीय पुलिस / प्रशासन द्वारा संगत धाराओं में दण्डित करने की कार्यवाही की जायेगी, परीक्षा अवधि में किसी व्यक्ति / व्यक्तियों द्वारा परीक्षा से सम्बद्ध किसी कार्मिकों के प्रति आपराधिक / धमकी भरे व्यवहार का संज्ञान क्षेत्रीय प्रशासन द्वारा लिया जाए और उसके प्रति त्वरित विधिक कार्यवाही की जाये,कोई भी व्यक्ति अग्नेयास्त्र, शस्त्र, लाठी, चाकु, हाकी, स्टिक, भुजाली, तलवार तथा अन्य तेजधार वाले अस्त्र, पटाखे, बम और किसी भी प्रकार का बारूद वाला अस्त्र जिसका प्रयोग आगजनी के लिए किया जा सके, लेकर नहीं चलेगा और न ही ईंट, पत्थर, रोड़े एकत्र करेगा, किन्तु लाठी के सहयोग से चलने वाले वृद्ध एवं बिकलांग व्यक्तियों के संबंध में लाठी का प्रयोग तथा ड्यूटी पर लगे हुए सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित कार्मिकों पर उपरोक्त प्रतिबन्ध लागू नहीं होगा, कोई भी व्यक्ति जिला मजिस्ट्रेट / अधोहस्ताक्षरी/क्षेत्रीय कार्यकारी मजिस्ट्रेट की पूर्व अनुमति प्राप्त किये बिना 05 से अधिक व्यक्तियों का न तो समूह में किसी प्रकार का जुलूस निकालेगा और न ही ऐसे किसी समूह में सम्मिलित होगा। विवाह उत्सव, शव यात्रा, धार्मिक गतिविधियों उक्त प्रतिबंधों से मुक्त रहेगें,भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 लागू होने के दृष्टिगत बिना अनुमति के किसी भी प्रकार की सभा करने, जुलूस निकालने, शस्त्रों को ले जाने, भीड़ एकत्र करने वालों को स्थानीय प्रशासन / पुलिस द्वारा सख्ती से रोका जाये, कोई भी व्यक्ति उत्तेजनापूर्ण एवं धार्मिक उन्माद पैदा करने वाला भाषण नहीं देगा और न ही ऐसे भड़काने वाले शब्दों का प्रयोग करेगा, जिससे शान्ति भंग होने या लोक व्यवस्था प्रभावित होने का अंदेशा हो अथवा जिससे वर्ग विशेष या सम्प्रदाय विशेष में आक्रोश की स्थिति उत्पन्न होनी सम्भव हो, कोई भी राजनैतिक दल / प्रत्याशी / उसका समर्थक अथवा अन्य कोई भी व्यक्ति राजकीय सम्पत्ति को किसी भी प्रकार से क्षति नहीं पहुँचायेगा और न ही गन्दा/विरूपित करेगा। किसी भी सरकारी / अर्द्धसरकारी / निगमों के भवनों पर इश्तहार अभिलेखन नहीं करेंगे और न ही पोस्टर व पर्चे चिपकायेंगे, कोई भी व्यक्ति किसी व्यक्ति या समूह से घृणा, हिंसा या द्वेष या भड़काने वाली भावना का संचार होने से सम्बन्धित विवरण/पत्रिका/पुस्तक या लेख / पम्पलेट व पोस्टर आदि न तो छपवायेगा और न ही वितरण करेगा। कोई भी व्यक्ति किसी महापुरूष, देवी-देवता आदि का प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से अनादर नहीं करेगा। जनसामान्य को भड़काने वाली अथवा दिग्भ्रमित करने वाली कोई अफवाह नहीं फैलायेगा,कोई भी व्यक्ति शराब आदि मादक पदार्थों का सेवन कर सार्वजनिक / धार्मिक स्थलों पर किसी भी प्रकार का उत्पात या प्रदर्शन नहीं करेगा और न ही जुआ खेलने जैसे घृणित कार्य करने की चेष्टा करेगा, कोई भी व्यक्ति किसी समुदाय अथवा व्यक्ति अथवा अपने राजनैतिक प्रतिद्वंदियों के प्रति अपशब्दों अथवा अमर्यादित भाषा का प्रयोग नहीं करेगा और न ही ऐसे नारे / भाषण आदि का प्रयोग करेगा, जिससे शान्ति व्यवस्था भंग होने की संभावना हो और न ही पुतला फूंकेगा, कोई भी व्यक्ति ऐसिड अथवा ऐसा पदार्थ जो बारूद बनाने के लिए प्रयुक्त किया जा सके, अवैध रूप से एकत्र नहीं करेगा और न ही उसका भण्डारण करेगा एवं कोई भी व्यक्ति किसी प्रकार की अफवाह न तो स्वयं फैलायेगा और न किसी दूसरे को अफवाह फैलाने हेतु प्रेरित करेगा,किसी भी व्यक्ति द्वारा वन सम्पदा, जीवजन्तु खेत, खलिहान व आवासीय मकानों की क्षति जैसी घटनाओं को कारित करना पूर्णतया निषेधित रहेगा। कोई भी व्यक्ति वन सम्पदा, खलिहानों, मकानों इत्यादि के समीप ज्वलनशील पदार्थों को लेकर नहीं चलेगा। उक्त स्थलों पर ज्वलनशील पदार्थों को लेकर चलना पूर्णतया निषेधित रहेगा,ग्रामीण क्षेत्र में पशुओं का गोबर व कचरा इत्यादि आवादी से लगे हुए स्थलों पर ढेर लगा दिया जाता है, जहाँ पर घरों से लोगों द्वारा राख इत्यादि भी खाद व कचरों के ढेर में फेंक दी जाती है, जिससे भी आग लगने की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। अतः कचरों के ढेर में राख फेकने से निषेधित किया जाता है, जिसका अनुपालन कराया जाये एवं उक्त कृत्य पर सतर्क दृष्टि रखते हुए अनुपालन न करने वालों के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाये,उक्त के अतिरिक्त वन सम्पदा, वन्यजीव संरक्षण तथा खेत-खलिहानों में आग लगने से बचाव 7-अथवा सुरक्षा संबंधी शासन के निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित, किया जाये,वन सम्पत्ति की सुरक्षा हित में पुलिस/प्रशासनिक / विभागीय अधिकारियों एवं कार्मिकों को छोड़कर वन क्षेत्र में रात्रि में अन्य जन सामान्य का प्रवेश वर्जित रहेगा,संबंधित क्षेत्राधिकारी एवं मजिस्ट्रेटों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में क्षेत्रीय, वीट कार्मिकों/अधिकारियों के माध्यम से उपरोक्त के संबंध में अनुपालन हेतु जानकारी प्राप्त करते हुए सतर्क दृष्टि रखकर अराजक एवं उपद्रवी, शरारती एवं आतंकवादी तत्वों के विरूद्ध नियमानुसार प्रभावी निषेधात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाये और शांति एवं कानून व्यवस्था बनाये रखते हुए पर्वो / त्योहारों एवं परीक्षाओं को शांतिपूर्ण सकुशल सम्पन्न कराया जाये,सार्वजनिक स्थानों पर थूकना जुर्माने के साथ दण्डनीय (स्थानीय विधि के अनुसार) होगा,सार्वजनिक स्थानों पर मदिरा पान, गुटका, तम्बाकू आदि का उपभोग निषिद्ध रहेगा। इसके अतिरिक्त अवैध, जहरीली शराब के के निर्माण एवं बिकय पर स्थानीय पुलिस एवं प्रशासन / संबंधित विभागीय अधिकारियों द्वारा भ्रमण कर सतर्क दृष्टि रखी जाये,त्योंहारों/पर्वों पर खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के विरूद्ध संगत धाराओं में कार्यवाही की जाये, इस संबंध में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारियों द्वारा प्रचार-प्रसार करा दिया जाये और मिलावट खोरी पाये जाने पर नियमानुसार कार्यवाही की जाये,श्रावण मास में पवित्र नदियों में स्नान, शिव मंदिरों में जलाभिषेक व जल लेने व दर्शन भ्रमण हेतु काफी संख्या में काँवरियों का आवागमन होता है, जिसके दौरान उपद्रवी / अराजक तत्वों पर सतर्क दृष्टि रखी जाये तथा इस दौरान मीट के दूकानों के संबंध में मानक दूरी एवं शासन के अन्य निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाये,उपरोक्त आदेश को तत्काल प्रभाव से पारित करने की आवश्यकता है, ऐसी दशा में समय की कमी के कारण समस्त संबन्धितो को समय से सूचित कर किसी अन्य पक्ष को सुना जाना सम्भव नही है। अतः आदेश एक पक्षीय रूप से पारित किये जा रहे हैं। यदि कोई व्यक्ति इस आदेश के सम्बन्ध में कोई आवेदन करना चाहे या छूट अथवा शिथिलता चाहे तो, उसे सम्बन्धित उप जिला मजिस्ट्रेट / अधोहस्ताक्षरी के समक्ष आवेदन करने का अधिकार होगा, जिस पर सम्यक सुनवाई / विचारोपरान्त प्रार्थना पत्र के सम्बन्ध में समुचित आदेश पारित किये जायेगें, उपरोक्त दिये गये प्रतिबन्धों का उल्लंघन प्राविधानों के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध होगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से जनपद चित्रकूट की सम्पूर्ण सीमा क्षेत्र में लागू होगा। अतः तदनुसार सभी संबंधितों द्वारा अनुपालन एवं आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाये, इस आदेश का प्रचार प्रसार जनपद चित्रकूट के क्षेत्रान्तर्गत कार्यकारी मजिस्ट्रेटों व थानों तथा ब्लाक कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर चस्पा करके सुनिश्चित कराया जाये। इसके अतिरिक्त स्थानीय समाचार पत्रों में निःशुल्क प्रकाशित कराकर / जनसंचार माध्यमों से जन सामान्य में प्रचार-प्रसार कराया जाये,यह आदेश आज दिनांक 25 मार्च 2026 को मेरे हस्ताक्षर एवं कार्यालय की मुद्रा से जारी किया गया।
अपर जिला मजिस्ट्रेट श्री चन्द्र शेखर ने बताया कि हिन्दू पंचांग के अनुसार दिनांक 26/27.03.2026 को श्री राम नवमी, 31.03.2026 को महावीर जयन्ती, 03.04.2026 गुड फ्राइडे, 14.04.2026 को डा० भीमराव अम्बेडकर जयन्ती, 01.05.2026 को बुद्ध पूर्णिमा का पर्व पड़ रहा है। दिनांक 25, 26, 27 अप्रैल, 2026 को होमगार्ड्स भर्ती लिखित परीक्षा, दिनांक 03.05.2026 को नीट व राजकीय इण्टर कालेज में प्रवक्ता पद पर भर्ती हेतु लिखित परीक्षा आयोजित होंगी। उक्त के अतिरिक्त वर्तमान में माध्यमिक शिक्षा परिषद, उ०प्र०, प्रयागराज द्वारा सम्पन्न हाईस्कूल एवं इण्टर मीडिएट बोर्ड परीक्षा-2026 का मूल्यांकन कार्य चल रहा है। यह भी उल्लेखनीय है कि जनपद चित्रकूट में रामघाट एवं श्री कामदनाथ आदि धार्मिक स्थलों के दर्शन-भ्रमण हेतु प्रत्येक माह अमावस्या के अवसर पर कई लाख की संख्या में श्रद्धालुओं का आवागमन होता है, जिसके दौरान रेलवे स्टेशनों / बस अड्डों धर्मशालाओं, रैन बसेरों, लॉजों में ठहरने वालों की काफी भीड़ होती है, अतएव धार्मिक एवं भीड़-भाड़ वाले स्थलों पर अराजक एवं अपराधिक तत्वों / गतिविधियों पर सतर्क दृष्टि रखते हुए आवश्यक कार्यवाही कियो जाना आवश्यक है। उपरोक्त पर्वों/ त्योहारो, परीक्षाओं, अमावस्या संबंधी धार्मिक गतिविधियों के दौरान कतिपय असामाजिक एवं आपराधिक / शरारती/ आंतकवादी अराजक तत्वों द्वारा जनपद में शान्ति एवं कानून व्यवस्था को प्रभावित / दूषित करने की कुचेष्टा की जा सकती है। अतः अमावस्या व पूर्णिमा से संबंधित धार्मिक गतिविधियों के मेलों तथा आगामी 02 माह के अन्दर पड़ने वाले उक्त पर्वो / त्योहारों एवं प्रस्तावित / निर्धारित परीक्षाओं के दौरान सतर्क दृष्टि रखते हुए सकुशल सम्पन्न कराये जाने के दृष्टिगत असामाजिक अराजक, उपद्रवी तत्वों आंतकवादी गतिविधियों के विरूद्ध निरोधात्मक कार्यवाही सुनिश्चित कराये हेतु तत्काल प्रभाव से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के अन्तर्गत धारा 163 लगाया जाना नितान्त आवश्यक है, असामाजिक, आतंकवादी अराजक तत्वों/आपराधिक गतिविधियों पर सतर्क दृष्टि रखते हुए उपरोक्त धार्मिक गतिविधियों से संबंधित मेलों तथा पर्वों/ त्योहारों एवं सम्पन्न परीक्षाओं के मूल्यांकन तथा इस बीच आयोजित होने वाली समस्त परीक्षाओं को शान्ति एवं कानून व्यवस्था बनाये रखते हुए सकुशल सम्पन्न कराये जाने के दृष्टिगत किसी व्यक्ति को बाधा, क्षोभ या क्षति का या मानव जीवन, स्वास्थ्य या क्षेम को खतरे का या लोक प्रशांति विक्षुब्ध होने का, या बलवे या दंगे के निवारण हेतु तत्काल प्रभाव से दिनांक 25.03.2026 से 24.05.2026 तक की अवधि के लिए यदि इससे पहले वापस न ले लिया जाय, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के अन्तर्गत अधिकारों का प्रयोग करते हुए निम्न आदेश पारित करता हूँ , परीक्षा अवधि में परीक्षा केन्द्र एवं उसके आस-पास 100 मीटर की परिधि में और आवश्यकता पड़ने पर उसके बाहर भी अधिकृत / तैनात अधिकारियों/कार्मिकों/केन्द्र व्यवस्थापकों / परीक्षार्थियों / सुरक्षा कार्मिकों को छोड़कर अन्य / अनाधिकृत व्यक्तियों का प्रवेश प्रतिबन्धित रहेगा। परीक्षा अवधि में परीक्षा केन्द्र से न्यूनतम 01 किमी0 की परिधि में फोटो कॉपियर एवं स्कैनर का संचालन परीक्षा अवधि में पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगा तथा 100 मीटर की परिधि में आस-पास के प्रतिष्ठान / दूकानें नहीं खुलेंगी, जिसका अनुपालन क्षेत्रीय पुलिस / प्रशासन के अधिकारियों द्वारा सुनिश्चित कराया जाये, परीक्षा अवधि में परीक्षा केन्द्रों के आस-पास ध्वनि विस्तारक यन्त्रों का प्रयोग प्रतिबन्धित रहेगा, इसके अलावा भी विभिन्न परीक्षाओं / शांति एवं कानून व्यवस्था बनाये रखने के दृष्टिगत कोई भी व्यक्ति 11 बजे रात्रि से प्रातः 5 बजे के बीच लाउडस्पीकर / ध्वनि विस्तारक यन्त्रों का प्रयोग नहीं करेगा। शेष समय में भी प्रतिबन्धित स्थलों को छोड़कर अन्य स्थलों पर ध्वनि विस्तारक यन्त्रों, डी०जे० आदि का प्रयोग करने पर शासन एवं प्रदूषण नियन्त्रण बोर्ड द्वारा निर्धारित मानक्र ध्वनि का अनुपालन करना होगा। उपरोक्त का अनुपालन क्षेत्रीय पुलिस / प्रशासन के अधिकारियों द्वारा सुनिश्चित कराया जाये, परीक्षा केन्द्र पर तैनात सुरक्षा कार्मिकों के अतिरिक्त किसी भी व्यक्ति को किसी भी प्रकार के शस्त्रादि लेकर परीक्षा स्थल पर जाने की अनुमति नहीं होगी। इसका उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के विरूद्ध स्थानीय पुलिस / प्रशासन द्वारा संगत धाराओं में दण्डित करने की कार्यवाही की जायेगी, परीक्षा अवधि में किसी व्यक्ति / व्यक्तियों द्वारा परीक्षा से सम्बद्ध किसी कार्मिकों के प्रति आपराधिक / धमकी भरे व्यवहार का संज्ञान क्षेत्रीय प्रशासन द्वारा लिया जाए और उसके प्रति त्वरित विधिक कार्यवाही की जाये,कोई भी व्यक्ति अग्नेयास्त्र, शस्त्र, लाठी, चाकु, हाकी, स्टिक, भुजाली, तलवार तथा अन्य तेजधार वाले अस्त्र, पटाखे, बम और किसी भी प्रकार का बारूद वाला अस्त्र जिसका प्रयोग आगजनी के लिए किया जा सके, लेकर नहीं चलेगा और न ही ईंट, पत्थर, रोड़े एकत्र करेगा, किन्तु लाठी के सहयोग से चलने वाले वृद्ध एवं बिकलांग व्यक्तियों के संबंध में लाठी का प्रयोग तथा ड्यूटी पर लगे हुए सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित कार्मिकों पर उपरोक्त प्रतिबन्ध लागू नहीं होगा, कोई भी व्यक्ति जिला मजिस्ट्रेट / अधोहस्ताक्षरी/क्षेत्रीय कार्यकारी मजिस्ट्रेट की पूर्व अनुमति प्राप्त किये बिना 05 से अधिक व्यक्तियों का न तो समूह में किसी प्रकार का जुलूस निकालेगा और न ही ऐसे किसी समूह में सम्मिलित होगा। विवाह उत्सव, शव यात्रा, धार्मिक गतिविधियों उक्त प्रतिबंधों से मुक्त रहेगें,भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 लागू होने के दृष्टिगत बिना अनुमति के किसी भी प्रकार की सभा करने, जुलूस निकालने, शस्त्रों को ले जाने, भीड़ एकत्र करने वालों को स्थानीय प्रशासन / पुलिस द्वारा सख्ती से रोका जाये, कोई भी व्यक्ति उत्तेजनापूर्ण एवं धार्मिक उन्माद पैदा करने वाला भाषण नहीं देगा और न ही ऐसे भड़काने वाले शब्दों का प्रयोग करेगा, जिससे शान्ति भंग होने या लोक व्यवस्था प्रभावित होने का अंदेशा हो अथवा जिससे वर्ग विशेष या सम्प्रदाय विशेष में आक्रोश की स्थिति उत्पन्न होनी सम्भव हो, कोई भी राजनैतिक दल / प्रत्याशी / उसका समर्थक अथवा अन्य कोई भी व्यक्ति राजकीय सम्पत्ति को किसी भी प्रकार से क्षति नहीं पहुँचायेगा और न ही गन्दा/विरूपित करेगा। किसी भी सरकारी / अर्द्धसरकारी / निगमों के भवनों पर इश्तहार अभिलेखन नहीं करेंगे और न ही पोस्टर व पर्चे चिपकायेंगे, कोई भी व्यक्ति किसी व्यक्ति या समूह से घृणा, हिंसा या द्वेष या भड़काने वाली भावना का संचार होने से सम्बन्धित विवरण/पत्रिका/पुस्तक या लेख / पम्पलेट व पोस्टर आदि न तो छपवायेगा और न ही वितरण करेगा। कोई भी व्यक्ति किसी महापुरूष, देवी-देवता आदि का प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से अनादर नहीं करेगा। जनसामान्य को भड़काने वाली अथवा दिग्भ्रमित करने वाली कोई अफवाह नहीं फैलायेगा,कोई भी व्यक्ति शराब आदि मादक पदार्थों का सेवन कर सार्वजनिक / धार्मिक स्थलों पर किसी भी प्रकार का उत्पात या प्रदर्शन नहीं करेगा और न ही जुआ खेलने जैसे घृणित कार्य करने की चेष्टा करेगा, कोई भी व्यक्ति किसी समुदाय अथवा व्यक्ति अथवा अपने राजनैतिक प्रतिद्वंदियों के प्रति अपशब्दों अथवा अमर्यादित भाषा का प्रयोग नहीं करेगा और न ही ऐसे नारे / भाषण आदि का प्रयोग करेगा, जिससे शान्ति व्यवस्था भंग होने की संभावना हो और न ही पुतला फूंकेगा, कोई भी व्यक्ति ऐसिड अथवा ऐसा पदार्थ जो बारूद बनाने के लिए प्रयुक्त किया जा सके, अवैध रूप से एकत्र नहीं करेगा और न ही उसका भण्डारण करेगा एवं कोई भी व्यक्ति किसी प्रकार की अफवाह न तो स्वयं फैलायेगा और न किसी दूसरे को अफवाह फैलाने हेतु प्रेरित करेगा,किसी भी व्यक्ति द्वारा वन सम्पदा, जीवजन्तु खेत, खलिहान व आवासीय मकानों की क्षति जैसी घटनाओं को कारित करना पूर्णतया निषेधित रहेगा। कोई भी व्यक्ति वन सम्पदा, खलिहानों, मकानों इत्यादि के समीप ज्वलनशील पदार्थों को लेकर नहीं चलेगा। उक्त स्थलों पर ज्वलनशील पदार्थों को लेकर चलना पूर्णतया निषेधित रहेगा,ग्रामीण क्षेत्र में पशुओं का गोबर व कचरा इत्यादि आवादी से लगे हुए स्थलों पर ढेर लगा दिया जाता है, जहाँ पर घरों से लोगों द्वारा राख इत्यादि भी खाद व कचरों के ढेर में फेंक दी जाती है, जिससे भी आग लगने की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। अतः कचरों के ढेर में राख फेकने से निषेधित किया जाता है, जिसका अनुपालन कराया जाये एवं उक्त कृत्य पर सतर्क दृष्टि रखते हुए अनुपालन न करने वालों के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाये,उक्त के अतिरिक्त वन सम्पदा, वन्यजीव संरक्षण तथा खेत-खलिहानों में आग लगने से बचाव 7-अथवा सुरक्षा संबंधी शासन के निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित, किया जाये,वन सम्पत्ति की सुरक्षा हित में पुलिस/प्रशासनिक / विभागीय अधिकारियों एवं कार्मिकों को छोड़कर वन क्षेत्र में रात्रि में अन्य जन सामान्य का प्रवेश वर्जित रहेगा,संबंधित क्षेत्राधिकारी एवं मजिस्ट्रेटों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में क्षेत्रीय, वीट कार्मिकों/अधिकारियों के माध्यम से उपरोक्त के संबंध में अनुपालन हेतु जानकारी प्राप्त करते हुए सतर्क दृष्टि रखकर अराजक एवं उपद्रवी, शरारती एवं आतंकवादी तत्वों के विरूद्ध नियमानुसार प्रभावी निषेधात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाये और शांति एवं कानून व्यवस्था बनाये रखते हुए पर्वो / त्योहारों एवं परीक्षाओं को शांतिपूर्ण सकुशल सम्पन्न कराया जाये,सार्वजनिक स्थानों पर थूकना जुर्माने के साथ दण्डनीय (स्थानीय विधि के अनुसार) होगा,सार्वजनिक स्थानों पर मदिरा पान, गुटका, तम्बाकू आदि का उपभोग निषिद्ध रहेगा। इसके अतिरिक्त अवैध, जहरीली शराब के के निर्माण एवं बिकय पर स्थानीय पुलिस एवं प्रशासन / संबंधित विभागीय अधिकारियों द्वारा भ्रमण कर सतर्क दृष्टि रखी जाये,त्योंहारों/पर्वों पर खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के विरूद्ध संगत धाराओं में कार्यवाही की जाये, इस संबंध में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारियों द्वारा प्रचार-प्रसार करा दिया जाये और मिलावट खोरी पाये जाने पर नियमानुसार कार्यवाही की जाये,श्रावण मास में पवित्र नदियों में स्नान, शिव मंदिरों में जलाभिषेक व जल लेने व दर्शन भ्रमण हेतु काफी संख्या में काँवरियों का आवागमन होता है, जिसके दौरान उपद्रवी / अराजक तत्वों पर सतर्क दृष्टि रखी जाये तथा इस दौरान मीट के दूकानों के संबंध में मानक दूरी एवं शासन के अन्य निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाये,उपरोक्त आदेश को तत्काल प्रभाव से पारित करने की आवश्यकता है, ऐसी दशा में समय की कमी के कारण समस्त संबन्धितो को समय से सूचित कर किसी अन्य पक्ष को सुना जाना सम्भव नही है। अतः आदेश एक पक्षीय रूप से पारित किये जा रहे हैं। यदि कोई व्यक्ति इस आदेश के सम्बन्ध में कोई आवेदन करना चाहे या छूट अथवा शिथिलता चाहे तो, उसे सम्बन्धित उप जिला मजिस्ट्रेट / अधोहस्ताक्षरी के समक्ष आवेदन करने का अधिकार होगा, जिस पर सम्यक सुनवाई / विचारोपरान्त प्रार्थना पत्र के सम्बन्ध में समुचित आदेश पारित किये जायेगें, उपरोक्त दिये गये प्रतिबन्धों का उल्लंघन प्राविधानों के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध होगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से जनपद चित्रकूट की सम्पूर्ण सीमा क्षेत्र में लागू होगा। अतः तदनुसार सभी संबंधितों द्वारा अनुपालन एवं आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाये, इस आदेश का प्रचार प्रसार जनपद चित्रकूट के क्षेत्रान्तर्गत कार्यकारी मजिस्ट्रेटों व थानों तथा ब्लाक कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर चस्पा करके सुनिश्चित कराया जाये। इसके अतिरिक्त स्थानीय समाचार पत्रों में निःशुल्क प्रकाशित कराकर / जनसंचार माध्यमों से जन सामान्य में प्रचार-प्रसार कराया जाये,यह आदेश आज दिनांक 25 मार्च 2026 को मेरे हस्ताक्षर एवं कार्यालय की मुद्रा से जारी किया गया।
- Post by Chitrakootnewslive1
- Post by संजय राणा पत्रकार चित्रकूट1
- ब्रेकिंग चित्रकूट: बागै नदी में डूबने से दो मासूमों की दर्दनाक मौत, गांव में पसरा मातम* चित्रकूट। जनपद के पहाड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत सकरौली मजरा केयूटरा पुरवा गांव में मंगलवार सुबह एक हृदयविदारक हादसा हो गया। बागै नदी के चकरेही घाट पर नहाने गए दो मासूम बच्चों की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार सुबह करीब 9 बजे शिवम राजपूत (पुत्र नवल) और आशीष राजपूत (पुत्र गोविंद) नदी में नहाने के लिए गए थे। इसी दौरान गहराई का अंदाजा न लग पाने के कारण दोनों बच्चे पानी में डूब गए। आसपास मौजूद लोगों ने बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से दोनों बच्चों के शव बाहर निकलवाए और आवश्यक कार्रवाई में जुट गई। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर नदी घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था की कमी और बच्चों की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- Post by Abhay TV News1
- Post by उमेश पाठक सेमरिया रीवा1
- Post by Prakash Pathak Satna1
- Post by अतुल सेंगर1
- *चित्रकूट में 'सुपोषित उत्तर प्रदेश-सशक्त भारत' अभियान के तहत 486 सहायिका 4 आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों नियुक्ति पत्र वितरित* *जिलाधिकारी और जनप्रतिनिधियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का किया शुभारंभ* *मुख्यमंत्री के लाइव संबोधन के माध्यम से नवनियुक्त कर्मियों को दी गई प्रेरणा* *पारदर्शिता और मेरिट के आधार पर हुआ चयन* *01 अप्रैल 2026 तक कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश* जनपद मे स्थित मल्टीपर्पज ऑडिटोरियम हॉल में सोमवार को *सुपोषित उत्तर प्रदेश-सशक्त भारत* मिशन के अंतर्गत जनपद चित्रकूट की 04 नवनियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं 486 सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी श्री पुलकित गर्ग, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद (कर्वी) श्री नरेन्द्र गुप्ता, अध्यक्ष जिला सहकारी बैंक (बांदा/चित्रकूट) श्री पंकज अग्रवाल, मुख्य विकास अधिकारी श्री डी.पी. पाल एवं अन्य अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर उपस्थित सभी कर्मियों ने माननीय मुख्यमंत्री जी के संबोधन का सीधा सजीव प्रसारण (लाइव) भी देखा। जिलाधिकारी श्री पुलकित गर्ग ने नवनियुक्त कर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर आम जनमानस का भरोसा निरंतर बढ़ रहा है। उन्होंने व्यक्तिगत उदाहरण साझा करते हुए बताया कि उनकी अपनी पुत्री भी आंगनबाड़ी केंद्र में शिक्षा ग्रहण कर रही है, जो इन केंद्रों की गुणवत्ता का प्रमाण है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी कर्मी प्रशिक्षण प्राप्त कर बच्चों की शारीरिक व मानसिक क्षमता के विकास पर ध्यान दें। उन्होंने डिजिटल सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि विभाग द्वारा प्रदत्त स्मार्टफ़ोन का उपयोग स्वयं करें ताकि कार्यों में पारदर्शिता आए। साथ ही, जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया गया कि सभी कर्मियों के मतदाता पहचान पत्र एवं आयुष्मान भारत कार्ड अनिवार्य रूप से बनवाए जाएं। मुख्य विकास अधिकारी श्री डी.पी. पाल ने जानकारी दी कि जनपद के 1088 केंद्रों में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ मेरिट के आधार पर की गई है। आज के वितरण के पश्चात अब प्रत्येक केंद्र पर सहायिका की उपलब्धता सुनिश्चित हो गई है, जिससे पोषाहार वितरण और बच्चों के मूल्यांकन में सुगमता होगी। उन्होंने बताया कि जनपद में 07 नए आंगनबाड़ी भवनों का भी लोकार्पण किया गया है। सभी नवनियुक्त कर्मियों को 01 अप्रैल 2026 तक अपनी योगदान आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। अध्यक्ष नगर पालिका परिषद श्री नरेन्द्र गुप्ता एवं अध्यक्ष जिला सहकारी बैंक श्री पंकज अग्रवाल ने कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि कोरोना काल में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का योगदान अतुलनीय रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में बच्चों और माताओं के स्वास्थ्य के प्रति सरकार संवेदनशील है और भविष्य में मानदेय वृद्धि की कार्ययोजना भी प्रस्तावित है। कार्यक्रम के प्रारंभ में जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री पी.डी. विश्वकर्मा ने अतिथियों का स्वागत पुष्प गुच्छ एवं 'एक जनपद एक उत्पाद' (ODOP) के निर्मित स्मृति चिन्ह भेंट कर किया। प्रतीकात्मक रूप से आंगनबाड़ी कार्यकत्री उर्मिला देवी, सुमैना देवी, रोशनी देवी, रीनू देवी तथा सहायिका राधा रानी, कोमल, बबिता, कुसुम सहित अन्य को मंच से नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर भाजपा नेता श्री सुरेश अनुरागी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भूपेश द्विवेदी, डीसी मनरेगा श्री डी.एन. पांडेय सहित सभी विकास खंडों के बाल विकास परियोजना अधिकारी एवं भारी संख्या में नवनियुक्त कर्मी उपस्थित रहे।1