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एक उपयोगकर्ता ने जानकारी दी है कि उनका Sileaf.RMS सोलर पंप कंट्रोलर मशीन खराब हो गया है और उसे ठीक करवाने की आवश्यकता है। उन्होंने अपने दोस्तों से अपील की है कि यदि कोई इस मशीन को ठीक करना जानता है, तो उन्हें बताया जाए ताकि कंपनी के इस सोलर पंप कंट्रोलर की मरम्मत करवाई जा सके।
Ghaghra chatamdag
एक उपयोगकर्ता ने जानकारी दी है कि उनका Sileaf.RMS सोलर पंप कंट्रोलर मशीन खराब हो गया है और उसे ठीक करवाने की आवश्यकता है। उन्होंने अपने दोस्तों से अपील की है कि यदि कोई इस मशीन को ठीक करना जानता है, तो उन्हें बताया जाए ताकि कंपनी के इस सोलर पंप कंट्रोलर की मरम्मत करवाई जा सके।
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- लोहरदगा जिले के सेन्हा थाना क्षेत्र में भारी वाहनों के चालक प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइन का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं। इन चालकों ने नियमों की धज्जियां उड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है, जिससे थाना क्षेत्र में दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। ऐसा प्रतीत होता है कि सोशल पुलिसिंग के लाभ के बावजूद, भारी वाहन चालक भयमुक्त होकर नियमों का लगातार उल्लंघन कर रहे हैं।1
- गुमला के सिसई में झारखंड राज्य किसान सभा की जिला कमेटी ने प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन से पहले किसान मोर्चा ने थाना चौक सरना स्थल से एक रैली निकाली, जो मेन रोड होते हुए प्रखंड मुख्यालय पहुंची। प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान 'बीडीओ, सीओ की मनमानी नहीं चलेगी', 'जो अधिकारी काम करेंगे वहीं रहेंगे' जैसे नारे लगाए, जो कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार और मनमानी के खिलाफ उनके आक्रोश को दर्शाता है। किसान सभा जिला कमेटी के अध्यक्ष शंकर उरांव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रखंड सह अंचल कार्यालय में भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को समय पर धान बीज और खाद-यूरिया नहीं मिलते, जिससे वे अपनी खेती नहीं कर पाते और रोजी-रोटी की तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर होते हैं। इसके साथ ही, उन्होंने सड़क, बिजली और पानी की बढ़ती समस्याओं का जिक्र करते हुए प्रशासन से इन ज्वलंत मुद्दों का जल्द समाधान करने की मांग की। झारखंड राज्य किसान सभा प्रदेश कमेटी सदस्य मधुवा कश्यप ने केंद्र और राज्य सरकारों पर निरंकुश होने का आरोप लगाया, जिसके कारण उन्हें बारिश के मौसम में भी सड़क पर उतरना पड़ा। उन्होंने मानसून के आगमन के बावजूद खाद, बीज, यूरिया और डीएपी पर सरकार का कोई ध्यान न होने की बात कही और सभी किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड देने तथा उनका कर्ज माफ करने की मांग की। कश्यप ने जंगली हाथियों के आतंक का भी मुद्दा उठाया, जिससे कई गरीब किसानों के घर ध्वस्त हो गए हैं, फसलें नष्ट हो गई हैं और कई लोगों की जान जा चुकी है। उन्होंने प्रशासन से हाथियों द्वारा मारे गए व्यक्तियों के परिजनों को तत्काल मुआवजा देने, जमीन का ऑनलाइनकरण करने, अवैध कब्जा वाली जमीन पर रैयतों को दखल दिलाने और पंचायत स्तर पर संचालित योजनाओं में ग्रामीण जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की। झारखंड राज्य किसान सभा ने किसानों के हक और अधिकार के लिए अपनी लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष तब तक चलेगा जब तक प्रखंड सह अंचल कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता। इस विरोध प्रदर्शन में आयता उरांव, अनिल उरांव, पूनम उरांव, रवि उरांव, लखवा उरांव, अवतार किंडो, बिरशमुनी उरांव, करमिला उरांव, सुमन उरांव सहित सैकड़ों ग्रामीण किसान मौजूद रहे।3
- झारखंड के लोहरदगा जिले में ट्रेन सेवा का परिचालन शुरू हो गया है। इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम से संबंधित समाचार को अपलोड करने का प्रयास किया जा रहा है।1
- झारखंड के गुमला जिले में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच झड़प हो गई है। यह घटना जमीन से जुड़े विवाद के परिणामस्वरूप सामने आई है, जिसमें दो अलग-अलग समूह आपस में भिड़ गए।1
- पूर्व नक्सली बालक खेरवार ने 'वनवासी' वाले बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आदिकाल से ही वे आदिवासी समुदाय के लोग भगवान शिव, पार्वती और बजरंगबली के वंशज हैं। इसके साथ ही, खेरवार ने अपनी नक्सली जीवनी के बारे में भी बात की, जिसमें उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि नक्सली जंगल में किस प्रकार रहते थे।1
- आदिवासी समाज ने दिल्ली में धर्मांतरण के मुद्दे पर अपनी आवाज़ बुलंद की है। समाज ने धर्मांतरण पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है, और इस संदर्भ में लोहरदगा का भी उल्लेख किया गया है।1
- झारखंड के बसिया प्रखंड स्थित ओकबा गांव में शुक्रवार देर रात एक भीषण अग्निकांड में एक घर में संचालित टेंट हाउस और किराना दुकान पूरी तरह जलकर खाक हो गए। इस घटना में लाखों रुपये मूल्य की संपत्ति के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। ओकबा निवासी हीरालाल साहू अपने परिवार के साथ घर में सो रहे थे, जब देर रात उनकी नजर दुकान की ओर गई जहां आग की लपटें उठ रही थीं। जब तक परिवार और आसपास के लोग स्थिति को समझ पाते, तब तक आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उस पर काबू नहीं पाया जा सका। अग्निशमन विभाग को सूचना दी गई, परंतु दमकल वाहन के पहुंचने से पहले ही टेंट हाउस का सामान, किराना सामग्री सहित अधिकांश जरूरी वस्तुएं जलकर राख हो चुकी थीं। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। इस हृदय विदारक घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को तत्काल उचित मुआवजा और सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।1