अछनेरा क्षेत्र के रायभा गाँव में ठेकेदार से पैसे मांगने पर एक युवक के साथ मारपीट की गई, जिससे आहत होकर उसने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। यह घटना तब और अधिक तूल पकड़ गई जब पोस्टमार्टम के बाद मृतक सत्यवीर का शव गाँव पहुँचा। बुधवार दोपहर 2 बजे सत्यवीर का शव गाँव पहुँचते ही न्याय की माँग को लेकर उसके स्वजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी न होने तक शव का अंतिम संस्कार करने से साफ इनकार कर दिया और पुलिस की निष्क्रियता पर नाराजगी जताते हुए शव को बर्फ पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। मौके पर भारी तनाव को देखते हुए अछनेरा और किरावली दोनों थानों की पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी अछनेरा शैलेंद्र सिंह और थाना प्रभारी विजय चंदेल भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। अधिकारियों ने लगभग तीन घंटों तक पीड़ित परिवार और ग्रामीणों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया और निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया। हालाँकि, आक्रोशित परिजन शाम तक अपनी माँग पर अड़े रहे। एसीपी शैलेन्द्र सिंह द्वारा 24 घंटे में आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन मिलने के बाद स्वजनों ने शाम 6 बजे शव का अंतिम संस्कार किया। एसीपी शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए विधिक कार्यवाही अमल में लाई जा रही है। इस पूरे घटनाक्रम में डायल 112 पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं, क्योंकि आरोप है कि आरोपियों ने मारपीट के बाद सत्यवीर को डायल 112 पुलिस के हवाले किया था, लेकिन डायल 112 के कर्मियों ने मामले को गंभीरता से न लेते हुए युवक को रास्ते में ही समझा-बुझाकर छोड़ दिया। सोमवार दोपहर सत्यवीर लहूलुहान हालत में घर पहुँचा और आपबीती सुनाने के बाद सोने का बहाना कर कमरे में चला गया, जहाँ दोपहर करीब 3 बजे उसने पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
अछनेरा क्षेत्र के रायभा गाँव में ठेकेदार से पैसे मांगने पर एक युवक के साथ मारपीट की गई, जिससे आहत होकर उसने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। यह घटना तब और अधिक तूल पकड़ गई जब पोस्टमार्टम के बाद मृतक सत्यवीर का शव गाँव पहुँचा। बुधवार दोपहर 2 बजे सत्यवीर का शव गाँव पहुँचते ही न्याय की माँग को लेकर उसके स्वजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी न होने तक शव का अंतिम संस्कार करने से साफ इनकार कर दिया और पुलिस की निष्क्रियता पर नाराजगी जताते हुए शव को बर्फ पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। मौके पर भारी तनाव को देखते हुए अछनेरा और किरावली दोनों थानों की पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी अछनेरा शैलेंद्र सिंह और थाना प्रभारी विजय चंदेल भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। अधिकारियों ने लगभग तीन घंटों तक पीड़ित परिवार और ग्रामीणों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया और निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया। हालाँकि, आक्रोशित परिजन शाम तक अपनी माँग पर अड़े रहे। एसीपी शैलेन्द्र सिंह द्वारा 24 घंटे में आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन मिलने के बाद स्वजनों ने शाम 6 बजे शव का अंतिम संस्कार किया। एसीपी शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए विधिक कार्यवाही अमल में लाई जा रही है। इस पूरे घटनाक्रम में डायल 112 पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं, क्योंकि आरोप है कि आरोपियों ने मारपीट के बाद सत्यवीर को डायल 112 पुलिस के हवाले किया था, लेकिन डायल 112 के कर्मियों ने मामले को गंभीरता से न लेते हुए युवक को रास्ते में ही समझा-बुझाकर छोड़ दिया। सोमवार दोपहर सत्यवीर लहूलुहान हालत में घर पहुँचा और आपबीती सुनाने के बाद सोने का बहाना कर कमरे में चला गया, जहाँ दोपहर करीब 3 बजे उसने पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
- आगरा जिला चिकित्सालय कर्मचारी संघ की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हो गया है। इस कार्यक्रम में अध्यक्ष हरिओम यादव और महामंत्री सत्यप्रकाश सहित सभी पदाधिकारियों ने कर्मचारी हितों के लिए कार्य करने की शपथ ली। गजेंद्र सिंह चौहान ने इन सभी पदाधिकारियों को शपथ दिलाई। नई कार्यकारिणी ने कर्मचारी हित को सर्वोपरि रखने का संकल्प व्यक्त किया है।1
- आगरा के किरावली तहसील में तैनात लेखपाल वीरपाल सिंह को एक किसान के साथ मारपीट और रिश्वतखोरी के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। आरोप है कि वीरपाल सिंह ने ₹2500 लेने के बाद एक खेत की नापतोल तो कर दी, लेकिन दूसरे खेत की नापतोल करने से इनकार कर दिया। जब पीड़ित किसान ने पैसे देने का हवाला देते हुए दूसरे खेत की नापतोल के लिए प्रार्थना पत्र दिया, तो लेखपाल वीरपाल सिंह नाराज हो गए। नाराज लेखपाल वीरपाल ने किसान को माँ-बहन की गालियाँ देते हुए कुर्सी से उठाकर जमीन पर पटक दिया और लात-घूँसों से पीटा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पीड़ित किसान ने किरावली एसडीएम को लिखित शिकायत दी। एसडीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल लेखपाल वीरपाल सिंह को निलंबित कर दिया और विभागीय कार्रवाई की बात कही। मूल खबर में राजस्व विभाग के लेखपालों पर रिश्वत लेने और काम न करने, शिकायत करने पर किसानों पर ही सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाकर मुकदमा लिखवाने तथा गाली-गलौज व मारपीट करने की प्रवृत्ति पर गहरी चिंता व्यक्त की गई है। इस घटना को लेकर किसानों में गहरा आक्रोश है। भारतीय किसान यूनियन भानू के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता बच्चू सिंह चौहान ने वीडियो देखने के बाद चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के अंदर लेखपाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया गया, तो किरावली तहसील का घेराव किया जाएगा और धरना प्रदर्शन होगा। पीड़ित किसान ने थाने में भी तहरीर दी है, और अब देखना यह होगा कि पुलिस इस लेखपाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज करती है या नहीं, खासकर तब जब आम आदमी के खिलाफ तुरंत मुकदमा लिख दिया जाता है। इस मामले में सवाल उठ रहे हैं कि क्या रिश्वतखोर लेखपाल के खिलाफ भी ऐसी ही कार्रवाई होगी। यह मामला उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ के उस बयान के उलट एक उदाहरण के तौर पर पेश किया जा रहा है, जिसमें उन्होंने बिना पैसे के हर काम होने की बात कही थी। अगले दिन उत्तर प्रदेश के मुखिया सहित कई मंत्री और उपमुख्यमंत्री ताज नगरी आगरा में आने वाले हैं, ऐसे में यह देखना होगा कि इस रिश्वतखोर लेखपाल के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है, या फिर रिश्वतखोरी का यह आलम यूँ ही चलता रहेगा।1
- आगरा में तेज आंधी-तूफान ने कुछ ही मिनटों में भयंकर तबाही मचाई, जिससे शहरभर में भारी नुकसान हुआ। सिकंदरा-बोदला रोड इस आफत का मुख्य केंद्र बन गया, जहाँ तेज हवाओं के आगे विशाल होर्डिंग और पेड़ नहीं टिक पाए और जड़ों समेत उखड़कर गिर गए। इस घटना से पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। तूफान इतना प्रचंड था कि लोहे के ढांचे भी उसकी चपेट में आ गए। सड़कों पर मलबा बिखर गया और कई वाहन इन गिरे हुए पेड़ों तथा होर्डिंग के नीचे दबकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। इसके परिणामस्वरूप, शहर की प्रमुख सड़कों पर यातायात पूरी तरह से ठप हो गया और भीषण जाम लग गया, जिससे जनजीवन बाधित हुआ। तूफान के तुरंत बाद, प्रशासन राहत कार्य में जुट गया है ताकि गिरे हुए मलबे को हटाया जा सके और स्थिति को सामान्य किया जा सके। मौके पर पुलिस भी पहुंची है, जो व्यवस्था बनाए रखने में मदद कर रही है। आगरा के कई इलाकों में कुदरत के इस कहर ने तबाही के निशान छोड़े हैं, जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।1
- जंतर-मंतर पर हुई एक घटना के संबंध में तत्काल एफआईआर दर्ज करने और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की जा रही है।1
- आगरा में थाना लोहामंडी पुलिस टीम और साइबर सेल कमिश्नरेट ने साक्ष्य संकलन के आधार पर कार्रवाई करते हुए, कूटरचित दस्तावेजों की सहायता से फर्जी जीएसटी फर्म बनाकर लगभग ₹2 करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) चोरी और ₹70 करोड़ रुपये की फर्जी बिलिंग करने वाले तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों के कब्जे से 7 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, 1 इंक पैड और 10 प्लास्टिक की मोहरें बरामद की गई हैं। यह प्रभावी कार्रवाई आगरा पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार के निर्देशन में आगरा पुलिस द्वारा साइबर अपराधों एवं अपराधियों के विरुद्ध अपनाई जा रही जीरो टॉलरेंस नीति के तहत की गई है।2
- अगर आप एक निडर पत्रकार बनना चाहते हैं और अपने आसपास व इलाके की समस्याओं को दुनिया के सामने लाना चाहते हैं, तो यह वीडियो मीडिया में करियर बनाने के इच्छुक लोगों या पहले से ही YouTube न्यूज़ चैनल चलाने वालों के लिए एक विशेष अवसर लेकर आया है। इसके तहत, आपको पूरी तरह से कानूनी रूप से वैध (100% Legal & Valid) प्रेस आईडी कार्ड और नियुक्ति पत्र प्राप्त करने का मौका मिल रहा है। वीडियो में बताया गया है कि नया रजिस्ट्रेशन हो चुका है और यह खास मौका बहुत ही सीमित लोगों को दिया जा रहा है। इस अवसर को हाथ से न जाने देने के लिए, इच्छुक व्यक्ति तुरंत 9389831236 पर कॉल या व्हाट्सऐप के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं। दर्शकों से वीडियो को लाइक करने, चैनल को सब्सक्राइब करने और अपने दोस्तों के साथ साझा करने का भी आग्रह किया गया है।1
- बिहार के समस्तीपुर जिले के कर्पूरी ग्राम थाना क्षेत्र के गिट्टी मंडी इलाके में सोमवार देर शाम हुई गोलीबारी की घटना में सोनू सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में दहशत और भय का माहौल है। सोनू सिंह को गोली लगने के बाद पहले पुलिस सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिसके बाद बेहतर इलाज के लिए एक निजी क्लीनिक में ले जाया गया, जहाँ उन्होंने दम तोड़ दिया। मंगलवार की सुबह सोनू सिंह की हत्या की खबर फैलते ही लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। परिजन और स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और गोलीकांड में शामिल अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। सड़क जाम के कारण आवागमन भी बाधित रहा। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। इस मामले में सदर डीएसपी संजय कुमार पांडे ने बताया कि यह मामला गिट्टी विवाद से जुड़ा है। उन्होंने पुष्टि की कि घटना में शामिल सभी संदिग्धों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर वैज्ञानिक तरीकों से जांच शुरू कर दी है, जहाँ से एफएसएल की टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं और फायरिंग के खोखे बरामद किए हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।1
- आगरा के थाना रकाबगंज क्षेत्र में स्थित बिजली घर चौराहे पर एक रेडीमेड कपड़ों की दुकान में भीषण आग लग गई, जिससे लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। आग लगने का प्रारंभिक कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची। काफी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया।1