लखनऊ-दिनांक 2/2/2026 को थाना पारा, जनपद लखनऊ में पुलिस द्वारा एक अभियुक्त को बिना किसी लिखित तहरीर/एफआईआर के कई घंटों तक थाने में अवैध रूप से बैठाकर रखा गया था। उक्त अभियुक्त ने विधिक सहायता हेतु अपने अधिवक्ता भानु तिवारी, अधिवक्ता, लखनऊ को फोन कर थाने बुलाया। तत्पश्चात अधिवक्ता भानु तिवारी अपने साथी अधिवक्ता हिमांचल कश्यप के साथ थाना पारा पहुंचे। वहां उपस्थित उपनिरीक्षक (S.I.) राजू सिंह से जब अभियुक्त को थाने में बैठाए जाने का वैधानिक कारण पूछा गया, तो वे भड़क गए तथा अधिवक्ताओं के साथ अत्यंत अभद्र एवं अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने लगे। उन्होंने कहा कि “यहाँ वकालत मत दिखाओ, नहीं तो तुम्हें भी बंद कर दूँगा।” जब अधिवक्ताओं द्वारा अपने बचाव एवं साक्ष्य के रूप में घटना की रिकॉर्डिंग हेतु मोबाइल कैमरा निकाला गया, तो उपनिरीक्षक राजू सिंह एवं अन्य पुलिसकर्मियों द्वारा धक्का-मुक्की कर मारपीट की गई तथा दोनों अधिवक्ताओं के मोबाइल फोन जबरन छीन लिए गए। तत्पश्चात दबाव बनाकर वीडियो डिलीट करने को कहा गया तथा धमकी दी गई कि यदि वीडियो डिलीट नहीं किया गया तो दोनों को थाने से जाने नहीं दिया जाएगा। उक्त कृत्य न केवल अधिवक्ताओं के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि यह गंभीर आपराधिक कृत्य भी है, जो भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं (जैसे मारपीट, आपराधिक धमकी, छीना-झपटी, अवैध निरोध आदि) के अंतर्गत दंडनीय है। लखनऊ-दिनांक 2/2/2026 को थाना पारा, जनपद लखनऊ में पुलिस द्वारा एक अभियुक्त को बिना किसी लिखित तहरीर/एफआईआर के कई घंटों तक थाने में अवैध रूप से बैठाकर रखा गया था। उक्त अभियुक्त ने विधिक सहायता हेतु अपने अधिवक्ता भानु तिवारी, अधिवक्ता, लखनऊ को फोन कर थाने बुलाया। तत्पश्चात अधिवक्ता भानु तिवारी अपने साथी अधिवक्ता हिमांचल कश्यप के साथ थाना पारा पहुंचे। वहां उपस्थित उपनिरीक्षक (S.I.) राजू सिंह से जब अभियुक्त को थाने में बैठाए जाने का वैधानिक कारण पूछा गया, तो वे भड़क गए तथा अधिवक्ताओं के साथ अत्यंत अभद्र एवं अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने लगे। उन्होंने कहा कि “यहाँ वकालत मत दिखाओ, नहीं तो तुम्हें भी बंद कर दूँगा।” जब अधिवक्ताओं द्वारा अपने बचाव एवं साक्ष्य के रूप में घटना की रिकॉर्डिंग हेतु मोबाइल कैमरा निकाला गया, तो उपनिरीक्षक राजू सिंह एवं अन्य पुलिसकर्मियों द्वारा धक्का-मुक्की कर मारपीट की गई तथा दोनों अधिवक्ताओं के मोबाइल फोन जबरन छीन लिए गए। तत्पश्चात दबाव बनाकर वीडियो डिलीट करने को कहा गया तथा धमकी दी गई कि यदि वीडियो डिलीट नहीं किया गया तो दोनों को थाने से जाने नहीं दिया जाएगा। उक्त कृत्य न केवल अधिवक्ताओं के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि यह गंभीर आपराधिक कृत्य भी है, जो भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं (जैसे मारपीट, आपराधिक धमकी, छीना-झपटी, अवैध निरोध आदि) के अंतर्गत दंडनीय है।
लखनऊ-दिनांक 2/2/2026 को थाना पारा, जनपद लखनऊ में पुलिस द्वारा एक अभियुक्त को बिना किसी लिखित तहरीर/एफआईआर के कई घंटों तक थाने में अवैध रूप से बैठाकर रखा गया था। उक्त अभियुक्त ने विधिक सहायता हेतु अपने अधिवक्ता भानु तिवारी, अधिवक्ता, लखनऊ को फोन कर थाने बुलाया। तत्पश्चात अधिवक्ता भानु तिवारी अपने साथी अधिवक्ता हिमांचल कश्यप के साथ थाना पारा पहुंचे। वहां उपस्थित उपनिरीक्षक (S.I.) राजू सिंह से जब अभियुक्त को थाने में बैठाए जाने का वैधानिक कारण पूछा गया, तो वे भड़क गए तथा अधिवक्ताओं के साथ अत्यंत अभद्र एवं अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने लगे। उन्होंने कहा कि “यहाँ वकालत मत दिखाओ, नहीं तो तुम्हें भी बंद कर दूँगा।” जब अधिवक्ताओं द्वारा अपने बचाव एवं साक्ष्य के रूप में घटना की रिकॉर्डिंग हेतु मोबाइल कैमरा निकाला गया, तो उपनिरीक्षक राजू सिंह एवं अन्य पुलिसकर्मियों द्वारा धक्का-मुक्की कर मारपीट की गई तथा दोनों अधिवक्ताओं के मोबाइल फोन जबरन छीन लिए गए। तत्पश्चात दबाव बनाकर वीडियो डिलीट करने को कहा गया तथा धमकी दी गई कि यदि वीडियो डिलीट नहीं किया गया तो दोनों को थाने से जाने नहीं दिया जाएगा। उक्त कृत्य न केवल अधिवक्ताओं के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि यह गंभीर आपराधिक कृत्य भी है, जो भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं (जैसे मारपीट, आपराधिक धमकी, छीना-झपटी, अवैध निरोध आदि) के अंतर्गत दंडनीय है। लखनऊ-दिनांक 2/2/2026 को थाना पारा, जनपद लखनऊ में पुलिस द्वारा एक अभियुक्त को बिना किसी लिखित तहरीर/एफआईआर के कई घंटों तक थाने में अवैध रूप से बैठाकर रखा गया था। उक्त अभियुक्त ने विधिक सहायता हेतु अपने अधिवक्ता भानु तिवारी, अधिवक्ता, लखनऊ को फोन कर थाने बुलाया। तत्पश्चात अधिवक्ता भानु तिवारी अपने साथी अधिवक्ता हिमांचल कश्यप के साथ थाना पारा पहुंचे। वहां उपस्थित उपनिरीक्षक (S.I.) राजू सिंह से जब अभियुक्त को थाने में बैठाए जाने का वैधानिक कारण पूछा गया, तो वे भड़क गए तथा अधिवक्ताओं के साथ अत्यंत अभद्र एवं अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने लगे। उन्होंने कहा कि “यहाँ वकालत मत दिखाओ, नहीं तो तुम्हें भी बंद कर दूँगा।” जब अधिवक्ताओं द्वारा अपने बचाव एवं साक्ष्य के रूप में घटना की रिकॉर्डिंग हेतु मोबाइल कैमरा निकाला गया, तो उपनिरीक्षक राजू सिंह एवं अन्य पुलिसकर्मियों द्वारा धक्का-मुक्की कर मारपीट की गई तथा दोनों अधिवक्ताओं के मोबाइल फोन जबरन छीन लिए गए। तत्पश्चात दबाव बनाकर वीडियो डिलीट करने को कहा गया तथा धमकी दी गई कि यदि वीडियो डिलीट नहीं किया गया तो दोनों को थाने से जाने नहीं दिया जाएगा। उक्त कृत्य न केवल अधिवक्ताओं के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि यह गंभीर आपराधिक कृत्य भी है, जो भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं (जैसे मारपीट, आपराधिक धमकी, छीना-झपटी, अवैध निरोध आदि) के अंतर्गत दंडनीय है।
- मथुरा में एक मामले में बीएसएफ जवान महेश को हिरासत में लेने पहुंची स्थानीय पुलिस पर आरोप है कि छुट्टी पर उनसे मिलने आए जवान राधाचरण के साथ मारपीट की गई। घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि प्रकरण चाहे जो भी रहा हो, ड्यूटी पर तैनात या अवकाश पर आए सुरक्षाबलों के जवानों के साथ दुर्व्यवहार को लेकर लोगों में नाराज़गी है। नागरिकों का कहना है कि देश की सुरक्षा में तैनात जवानों का मनोबल बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। फिलहाल मामले को लेकर आधिकारिक बयान का इंतजार है।1
- Post by Team Rohit Panday Rs Sharma patrakar Spn Sharma1
- यूपी सरकार के मंत्री संजय निषाद के यहां से "पत्रकारों" को कल से फोन किए जा रहे थे। "पत्रकारों" को लगा कि होली पर "मोटा माल" मिलेगा। आज हाथ में आया मिठाई का एक मामूली डिब्बा। कुछ "पत्रकारों" ने वो डिब्बे लौटा दिए। इन "पत्रकारों" के इस बलिदान को इतिहास में सदा–सदा के लिए याद रखा जाएगा।1
- देवरिया जिले में जहां होलिका दहन और होली पर्व को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित ढंग से संपन्न, कराने के लिए पुलिस और प्रशासन ने मोर्चा संभाल रखा है। जहां जनपद में कुल 1848 स्थानों पर होलिका दहन किया गया, जिन पर सुरक्षा व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए गए थे। डीएम और एसपी के निर्देश पर सभी थानों को अलर्ट पर रहे। जहां होलिका दहन स्थलों पर पुलिस बल तैनात रही, वहीं फायर ब्रिगेड को भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर थी ताकि किसी भी आपात स्थिति से तत्काल निपटा जा सके।1
- उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक एवं विधान परिषद सदस्य पवन सिंह चौहान के तरफ से सभी देशवासियों और प्रदेशवासियों को होली की हार्दिक शुभकामनाएं बहुत-बहुत बधाई1
- दिल्ली/ लखनऊ: शुरू लोकल न्यूज उत्तर प्रदेश जिला मुख्यालय प्रमुख संवाददाता लवकुश खास रिपोर्ट *लखनऊ का दबदबा और पासपोर्ट की क्या औकात है दुनिया में ईरान से लौटे भारतीयों की जुबानी, ये सब आज से अंधभक्त की कहलाएंगे दोगलों के द्वारा।*1
- Raashii Khanna Enjoys Little Escape in Italy #RaashiiKhanna #ItalyTrip #FamilyVacation #CelebrityTravel #LittleEscape #TravelDiaries #FashionGoals1
- 02 मार्च 2026 को लखनऊ के पारा थाना में दो अधिवक्ताओं के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। आरोप है कि थाने में अधिवक्ताओं को धमकाया गया, धक्का दिया गया और मोबाइल फोन छीना गया। घटना को लेकर विधि समुदाय में आक्रोश है। अधिवक्ताओं का कहना है कि यह केवल दो व्यक्तियों का अपमान नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था की गरिमा पर प्रहार है। उनका स्पष्ट कहना है कि वर्दी पहन लेने से कोई कानून से ऊपर नहीं हो जाता और यदि शक्ति का दुरुपयोग हुआ है तो जिम्मेदारों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। मामले में समझौते से इनकार करते हुए अधिवक्ताओं ने जवाबदेही तय करने की मांग की है और चेतावनी दी है कि कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रहेगा।1
- पाकिस्तान, लाहौर में अमेरिकी दूतावास में लगाई आग, अब कोई ठिकाना नहीं बचेगा!1