कानपुर में किडनी तस्करी गिरोह का पर्दाफाश: MBA छात्र का सौदा कर ₹60 लाख में बेची किडनी कानपुर। शहर की पुलिस ने सोमवार देर रात एक बड़े अंतरराष्ट्रीय किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस मामले ने तब तूल पकड़ा जब एक MBA छात्र ने खुद पुलिस को फोन कर अपनी किडनी बेचे जाने की सूचना दी। छात्र का आरोप है कि उसकी किडनी का सौदा ₹10 लाख में हुआ था, लेकिन उसे तय रकम से ₹50 हजार कम दिए गए। अस्पतालों पर छापेमारी और गिरफ्तारियां पुलिस ने सूचना मिलते ही मेड लाइफ, अहूजा और प्रिया हॉस्पिटल में एक साथ छापेमारी की। मेड लाइफ अस्पताल में डोनर (छात्र) और किडनी पाने वाला मरीज दोनों भर्ती मिले। अस्पताल प्रबंधन ट्रांसप्लांट से जुड़ा कोई भी वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका। इस मामले में पुलिस ने अब तक 10 लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें शामिल हैं: * डॉ. प्रीति आहूजा (अहूजा हॉस्पिटल की मालकिन) * डॉ. सुरजीत (डॉ. प्रीति के पति) * शिवम अग्रवाल (मुख्य एजेंट/दलाल) ₹60 लाख का काला खेल जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह डोनर को कम पैसे देकर मरीज से ₹60 लाख तक वसूलता था। शुरुआती जांच में 12 से अधिक अवैध ट्रांसप्लांट के सबूत मिले हैं। पुलिस के अनुसार, इस रैकेट के तार लखनऊ, दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और नेपाल तक फैले हुए हैं। फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य बड़े नामों का खुलासा हो सके। यह रिपोर्ट पुलिस द्वारा दी गई प्रारंभिक जानकारी पर आधारित है। कानूनन अंगों की खरीद-बिक्री एक गंभीर अपराध है।
कानपुर में किडनी तस्करी गिरोह का पर्दाफाश: MBA छात्र का सौदा कर ₹60 लाख में बेची किडनी कानपुर। शहर की पुलिस ने सोमवार देर रात एक बड़े अंतरराष्ट्रीय किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस मामले ने तब तूल पकड़ा जब एक MBA छात्र ने खुद पुलिस को फोन कर अपनी किडनी बेचे जाने की सूचना दी। छात्र का आरोप है कि उसकी किडनी का सौदा ₹10 लाख में हुआ था, लेकिन उसे तय रकम से ₹50 हजार कम दिए गए। अस्पतालों पर छापेमारी और गिरफ्तारियां पुलिस ने सूचना मिलते ही मेड लाइफ, अहूजा और प्रिया हॉस्पिटल में एक साथ छापेमारी की। मेड लाइफ अस्पताल में डोनर (छात्र) और किडनी पाने वाला मरीज दोनों भर्ती मिले। अस्पताल प्रबंधन ट्रांसप्लांट से जुड़ा कोई भी वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका। इस मामले में पुलिस ने अब तक 10 लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें शामिल हैं: * डॉ. प्रीति आहूजा (अहूजा हॉस्पिटल की मालकिन) * डॉ. सुरजीत (डॉ. प्रीति के पति) * शिवम अग्रवाल (मुख्य एजेंट/दलाल) ₹60 लाख का काला खेल जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह डोनर को कम पैसे देकर मरीज से ₹60 लाख तक वसूलता था। शुरुआती जांच में 12 से अधिक अवैध ट्रांसप्लांट के सबूत मिले हैं। पुलिस के अनुसार, इस रैकेट के तार लखनऊ, दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और नेपाल तक फैले हुए हैं। फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य बड़े नामों का खुलासा हो सके। यह रिपोर्ट पुलिस द्वारा दी गई प्रारंभिक जानकारी पर आधारित है। कानूनन अंगों की खरीद-बिक्री एक गंभीर अपराध है।