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शिक्षक से मोबाइल छिनकर फरार हुए बाइक सवार बदमाश.....
Sunil kumar
शिक्षक से मोबाइल छिनकर फरार हुए बाइक सवार बदमाश.....
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- Prajapati 100k1
- 14 बंगाली बोलने वाले भारतीयों को बांग्लादेश में धकेला गया! हफ़्तों तक कोई पता नहीं चला! दिसंबर में BSF ने कथित तौर पर एक उड़िया-बंगाली मुस्लिम परिवार के 14 सदस्यों को बांग्लादेश में धकेल दिया, जिससे वे कड़ाके की ठंड में नो मैन्स लैंड में फंस गए। ओडिशा में रजिस्टर्ड वोटर होने के साथ, उनके पास आधार, वोटर आईडी, ज़मीन के कागज़ात और जन्म प्रमाण पत्र है। रिश्तेदारों का दावा है कि उन्हें हफ़्तों तक हिरासत में रखा गया और सिर्फ़ बंगाली बोलने की वजह से उन्हें निशाना बनाया गया।1
- jila Agra mein dabangon ki gundagardi khatm nahin ha सरेआम मारने को आते हैं गुंडे2
- सोशल मीडिया पर दोस्ती करना आसान हो गया है, लेकिन कभी-कभी यह परेशानी का कारण भी बन सकता है। आगरा में 21 वर्षीय युवक इंस्टाग्राम पर 40 वर्षीय विधवा महिला से दोस्ती कर कई दिनों तक उसके घर रह गया। जब उसकी मां ने उसे खोजते हुए महिला के घर पहुंची, तो वहां हंगामा हो गया। दोनों बालिग होने के कारण पुलिस ने केवल कानून व्यवस्था बनाए रखी। बातचीत के बाद युवक अपनी मां के साथ लौट गया। यह मामला सोशल मीडिया दोस्ती में सतर्क रहने की चेतावनी देता है।1
- ब्रेकिंग न्यूज़ आगरा पर्यटकों को परेशान करने वाले एवं उन्हें छीन छपती करने वाले लोगों पर आगरा पुलिस की बड़ी कार्यवाही थाना ताजगंज क्षेत्र में ताजमहल के पूर्वी गेट पार्किंग शिल्पग्राम के पास पुलिस द्वारा बड़ी कार्यवाही की गई ताजमहल देखने आए पर्यटकों पर खाना खिलाने व समान खरीदने को लेकर उचित दाम बनाने वाले युवक के खिलाफ बड़ी कार्रवाई इसी तरीके से आगरा पुलिस अपना काम बखूबी करती चली आ रही है नेशनल मीडिया न्यूज़ एजेंसी के माध्यम से आगरा से पत्रकार धर्मेंद्रकुमार1
- Post by Ak india bharat 51
- दिल्ली गेट पर एक1
- ब्रेकिंग,झारखंड में पत्रकार पर जानलेवा हमला 3 दिन बाद भी Fir दर्ज नही हुई1
- आगरा में एक महिला को अपने गोरे बच्चे के कारण मुसीबत का सामना करना पड़ा। महिला, जो खुद काफी काली थी, अपने गोरे बच्चे को लेकर सड़क पर भीख मांग रही थी। जैसे ही लोगों की नज़र उस पर पड़ी, उन्होंने शक किया कि महिला ने शायद बच्चे को चुराया है। इस शक के चलते लोग महिला से पूछताछ करने लगे और जब महिला ने उन्हें समझाने की कोशिश की, तो वे नहीं माने। इसके बाद महिला ने पुलिस को बुलाया। पुलिस ने महिला से बच्चे के जन्म के सारे डॉक्युमेंट्स मांगे, जो सही पाए गए, और तब जाकर महिला को राहत मिली। इस घटना ने यह साबित कर दिया कि कभी-कभी बाहरी लक्षणों के आधार पर कोई गलतफहमी हो सकती है, और महिलाओं को बिना कारण परेशान किया जा सकता है।1