संतकबीरनगर में साइबर क्राइम थाना और थाना महुली पुलिस ने निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक गिरोह के दो वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक श्री संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक श्री सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी धनघटा श्री अभयनाथ मिश्र के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों को उनके निवास स्थान से पकड़ा गया और माननीय न्यायालय में पेश किया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान विक्रांत प्रकाश सिंह पुत्र विद्या प्रकाश सिंह, निवासी ग्राम गायघाट, थाना महुली, जनपद संतकबीरनगर, और सत्यप्रकाश यादव पुत्र रामलालित यादव, निवासी ग्राम चंद्रहर, थाना महुली, जनपद संतकबीरनगर के रूप में हुई है। यह गिरफ्तारी थाना महुली पर पंजीकृत मु0अ0सं0 384/2025 से संबंधित मामले में की गई है। घटना का विवरण देते हुए बताया गया कि 18 अक्टूबर 2025 को वादी श्री संतलाल मौर्य निवासी हटवा, थाना महुली ने शिकायत दर्ज कराई थी कि विश्वनाथपुर में संचालित TVS Solution एवं AIIPL Trading के नाम से कार्यालय चलाने वाले व्यक्तियों ने शेयर मार्केट में 50 से 60 प्रतिशत तक लाभ दिलाने का झांसा देकर उनसे विभिन्न माध्यमों से कुल ₹51,00,000 का निवेश कराया। निर्धारित अवधि बीत जाने के बाद न तो लाभ दिया गया और न ही निवेश की गई धनराशि वापस मिली, जिससे उन्हें ज्ञात हुआ कि अभियुक्तों ने धोखाधड़ी कर धनराशि हड़प ली है। इस तहरीर के आधार पर अभियोग पंजीकृत कर विवेचना शुरू की गई, जिसमें पहले ही मुख्य अभियुक्त धनंजय शुक्ला और रजनी प्रजापति को गिरफ्तार कर पुलिस कस्टडी रिमांड पर पूछताछ और साक्ष्य संकलित किए जा चुके हैं। जांच में यह सामने आया कि अभियुक्त अपने सहयोगियों के माध्यम से लोगों को अधिक लाभ का प्रलोभन देकर AIIPL Trading नामक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर निवेश कराते थे। निवेशकों को प्लेटफॉर्म पर वर्चुअल बैलेंस और बढ़ता हुआ लाभ दिखाया जाता था, जबकि वास्तविक रूप से धनराशि शेयर बाजार में निवेश नहीं की जाती थी। इसके बजाय, नए निवेशकों के पैसे से पुराने निवेशकों को भुगतान किया जाता था, जो कि एक पॉन्जी स्कीम का तरीका था। इस प्रकार, इस गिरोह द्वारा लगभग ₹30 करोड़ की धनराशि एकत्रित की गई। विवेचना में गिरफ्तार विक्रांत प्रकाश सिंह और सत्यप्रकाश यादव की सक्रिय भूमिका सामने आई है। ये दोनों अभियुक्त निवेशकों को जोड़ने, धनराशि प्राप्त करने और नकद तथा बैंक खातों के माध्यम से करोड़ों रुपये का अवैध लाभ अर्जित करने में शामिल पाए गए। जांच में यह भी पता चला कि विक्रांत प्रकाश सिंह ने लगभग ₹4 करोड़ और सत्यप्रकाश यादव ने लगभग ₹50 लाख की अवैध संपत्ति अर्जित की, जिससे खजनी, सहजनवां और संतकबीरनगर क्षेत्र में अचल संपत्तियां खरीदी गईं। संकलित साक्ष्यों के आधार पर पहले की धाराओं 318(4), 316(2) बीएनएस को परिवर्तित कर धारा 316(5), 61 बीएनएस के तहत दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने मुख्य अभियुक्तों द्वारा अपराध से अर्जित धन से लखनऊ में खरीदे गए मकान को धारा 107 बीएनएसएस के अंतर्गत जब्त किए जाने हेतु माननीय न्यायालय में रिपोर्ट प्रेषित की है। साथ ही, अपराध से अर्जित संपत्तियों के क्रय-विक्रय एवं हस्तांतरण पर उप निबंधक कार्यालय खलीलाबाद, खजनी और सहजनवां के माध्यम से रोक लगाने की कार्रवाई भी की गई है। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में उ0नि0 श्री ललितकान्त यादव, आरक्षी सौरभ यादव और आरक्षी शिवम यादव शामिल थे।
संतकबीरनगर में साइबर क्राइम थाना और थाना महुली पुलिस ने निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक गिरोह के दो वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक श्री संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक श्री सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी धनघटा श्री अभयनाथ मिश्र के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों को उनके निवास स्थान से पकड़ा गया और माननीय न्यायालय में पेश किया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान विक्रांत प्रकाश सिंह पुत्र विद्या प्रकाश सिंह, निवासी ग्राम गायघाट, थाना महुली, जनपद संतकबीरनगर, और सत्यप्रकाश यादव पुत्र रामलालित यादव, निवासी ग्राम चंद्रहर, थाना महुली, जनपद संतकबीरनगर के रूप में हुई है। यह गिरफ्तारी थाना महुली पर पंजीकृत मु0अ0सं0 384/2025 से संबंधित मामले में की गई है। घटना का विवरण देते हुए बताया गया कि 18 अक्टूबर 2025 को वादी श्री संतलाल मौर्य निवासी हटवा, थाना महुली ने शिकायत दर्ज कराई थी कि विश्वनाथपुर में संचालित TVS Solution एवं AIIPL Trading के नाम से कार्यालय चलाने वाले व्यक्तियों ने शेयर मार्केट में 50 से 60 प्रतिशत तक लाभ दिलाने का झांसा देकर उनसे विभिन्न माध्यमों से कुल ₹51,00,000 का निवेश कराया। निर्धारित अवधि बीत जाने के बाद न तो लाभ दिया गया और न ही निवेश की गई धनराशि वापस मिली, जिससे उन्हें ज्ञात हुआ कि अभियुक्तों ने धोखाधड़ी कर धनराशि हड़प ली है। इस तहरीर के आधार पर अभियोग पंजीकृत कर विवेचना शुरू की गई, जिसमें पहले ही मुख्य अभियुक्त धनंजय शुक्ला और रजनी प्रजापति को गिरफ्तार कर पुलिस कस्टडी रिमांड पर पूछताछ और साक्ष्य संकलित किए जा चुके हैं। जांच में यह सामने आया कि अभियुक्त अपने सहयोगियों के माध्यम से लोगों को अधिक लाभ का प्रलोभन देकर AIIPL Trading नामक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर निवेश कराते थे। निवेशकों को प्लेटफॉर्म पर वर्चुअल बैलेंस और बढ़ता हुआ लाभ दिखाया जाता था, जबकि वास्तविक रूप से धनराशि शेयर बाजार में निवेश नहीं की जाती थी। इसके बजाय, नए निवेशकों के पैसे से पुराने निवेशकों को भुगतान किया जाता था, जो कि एक पॉन्जी स्कीम का तरीका था। इस प्रकार, इस गिरोह द्वारा लगभग ₹30 करोड़ की धनराशि एकत्रित की गई। विवेचना में गिरफ्तार विक्रांत प्रकाश सिंह और सत्यप्रकाश यादव की सक्रिय भूमिका सामने आई है। ये दोनों अभियुक्त निवेशकों को जोड़ने, धनराशि प्राप्त करने और नकद तथा बैंक खातों के माध्यम से करोड़ों रुपये का अवैध लाभ अर्जित करने में शामिल पाए गए। जांच में यह भी पता चला कि विक्रांत प्रकाश सिंह ने लगभग ₹4 करोड़ और सत्यप्रकाश यादव ने लगभग ₹50 लाख की अवैध संपत्ति अर्जित की, जिससे खजनी, सहजनवां और संतकबीरनगर क्षेत्र में अचल संपत्तियां खरीदी गईं। संकलित साक्ष्यों के आधार पर पहले की धाराओं 318(4), 316(2) बीएनएस को परिवर्तित कर धारा 316(5), 61 बीएनएस के तहत दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने मुख्य अभियुक्तों द्वारा अपराध से अर्जित धन से लखनऊ में खरीदे गए मकान को धारा 107 बीएनएसएस के अंतर्गत जब्त किए जाने हेतु माननीय न्यायालय में रिपोर्ट प्रेषित की है। साथ ही, अपराध से अर्जित संपत्तियों के क्रय-विक्रय एवं हस्तांतरण पर उप निबंधक कार्यालय खलीलाबाद, खजनी और सहजनवां के माध्यम से रोक लगाने की कार्रवाई भी की गई है। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में उ0नि0 श्री ललितकान्त यादव, आरक्षी सौरभ यादव और आरक्षी शिवम यादव शामिल थे।
- सूर्यांश न्यूज़ 24, जो 'हर खबर पर नजर' रखता है, ने सभी देशवासियों को चॉकलेट दिवस के विशेष अवसर पर अपनी हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।1
- हरैया के माननीय श्री अजय सिंह जी ने जो कहा था, उसे सच कर दिखाया है, जिसके लिए उन्हें 'लाल' और 'जननायक विधायक' के रूप में सराहा जा रहा है। उनके कार्यों ने यह साबित किया है कि उन्होंने अपनी बातों को पूरा करके दिखाया है।1
- गोरखपुर जिले के मानीराम क्षेत्र में एक अमूल दूध से लदी गाड़ी पलट गई। इस दुर्घटना के बाद, गाड़ी में भरा सारा दूध सड़क पर बिखर गया।1
- सोशल मीडिया पर एक बयान तेजी से वायरल हो रहा है। हालाँकि, यह स्पष्ट नहीं है कि यह बयान क्या है और इसमें क्या कहा गया है, जिससे लोगों में इसके प्रति उत्सुकता बनी हुई है।1
- अतरौलिया में स्थानीय प्रशासन ने अवैध कब्जाधारकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। प्रशासन ने बुलडोजर का इस्तेमाल करते हुए नवीन परती की भूमि को खाली कराया, जिससे अवैध कब्जों को हटाया जा सका।1
- उत्तराखंड के मसूरी में बीती रात करीब 3 बजे मॉल रोड से लाइब्रेरी पुलिस चौकी तक एक नशे में धुत युवती ने जमकर हंगामा किया। स्थिति बिगड़ने पर युवती के साथ मौजूद युवकों ने ही पुलिस से मदद मांगी, जिसके बाद पुलिस उसे चौकी ले गई। चौकी पर भी युवती काफी देर तक हंगामा करती रही। आखिरकार, पुलिस ने उसे समझा-बुझाकर सुरक्षित घर भेज दिया।1
- आजमगढ़ के दीदारगंज थाना क्षेत्र में एक महिला की मृत्यु से जुड़े मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों में एक डॉक्टर और एक कम्पाउंडर शामिल हैं। यह पूरा प्रकरण कथित चिकित्सकीय उपचार के दौरान हुई एक घटना से संबंधित है। पुलिस ने परिजनों की तहरीर के आधार पर इस मामले में मुकदमा दर्ज किया था। जांच प्रक्रिया के दौरान, पुलिस ने इन दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस विभाग ने बताया है कि मामले की विवेचना अभी भी जारी है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही भविष्य की कार्रवाई तय की जाएगी। न्यायिक प्रक्रिया भी सक्रिय है, जिसका अर्थ है कि इस प्रकरण से संबंधित सभी तथ्यों का अंतिम निर्णय न्यायालय के फैसले पर निर्भर करेगा।1
- उत्तराखंड के चमोली जिले से एक दुखद खबर सामने आई है, जहाँ सोलघाटी क्षेत्र में केरा और डुंगरी के बीच स्थित लोहे के पुल पर भारी चट्टान गिरने से क्षेत्र में आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है। इस घटना के कारण स्थानीय निवासियों और यात्रियों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन से अनुरोध किया गया है कि वे जल्द से जल्द मलबे को हटाकर यातायात व्यवस्था को फिर से सुचारू करें। सभी यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे सावधानी बरतें और प्रशासन द्वारा जारी किए जाने वाले अगले निर्देशों की प्रतीक्षा करें।1