सर्व साधारण को सुचित किया जाता है कि चैत्र मास की संक्रांति के दिन तदानुसार 14 मार्च 2026 शनिवार को देव श्री वीर नाथ जी (बड़ाग्रां), देव श्री जम्बलू जी (शिलाग्रां) तथा देव श्री थान क्षेत्रपाल जी (शालंग) के विरशु पर्व होने सुनिश्चित हुए हैं। आप सभी से विनम्र प्रार्थना है कि देवी-देवताओं के पर्व में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। पर्व में देवी-देवता के दर्शन कर, शुभ आशीष ग्रहण कर अपना शेष जीवन सार्थक बनाएं। जय जयकार हो। 🕉️ जय माता फुँगणी तिउन देव श्री क्षेत्रपाल थान अठारह करढू कुल्लूत प्रदेश Meenu Kaushal Aman Pandit कुल्लू दर्पण Rita Rajput Ananya Rathore Abhishan Thakur Ram Lal पं कुबेर दत्त शर्मा Akshay Pandit अतुल्य लगघाटी। सर्व साधारण को सुचित किया जाता है कि चैत्र मास की संक्रांति के दिन तदानुसार 14 मार्च 2026 शनिवार को देव श्री वीर नाथ जी (बड़ाग्रां), देव श्री जम्बलू जी (शिलाग्रां) तथा देव श्री थान क्षेत्रपाल जी (शालंग) के विरशु पर्व होने सुनिश्चित हुए हैं। आप सभी से विनम्र प्रार्थना है कि देवी-देवताओं के पर्व में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। पर्व में देवी-देवता के दर्शन कर, शुभ आशीष ग्रहण कर अपना शेष जीवन सार्थक बनाएं। जय जयकार हो। 🕉️ जय माता फुँगणी तिउन देव श्री क्षेत्रपाल थान अठारह करढू कुल्लूत प्रदेश Meenu Kaushal Aman Pandit कुल्लू दर्पण Rita Rajput Ananya Rathore Abhishan Thakur Ram Lal पं कुबेर दत्त शर्मा Akshay Pandit अतुल्य लगघाटी।
सर्व साधारण को सुचित किया जाता है कि चैत्र मास की संक्रांति के दिन तदानुसार 14 मार्च 2026 शनिवार को देव श्री वीर नाथ जी (बड़ाग्रां), देव श्री जम्बलू जी (शिलाग्रां) तथा देव श्री थान क्षेत्रपाल जी (शालंग) के विरशु पर्व होने सुनिश्चित हुए हैं। आप सभी से विनम्र प्रार्थना है कि देवी-देवताओं के पर्व में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। पर्व में देवी-देवता के दर्शन कर, शुभ आशीष ग्रहण कर अपना शेष जीवन सार्थक बनाएं। जय जयकार हो। 🕉️ जय माता फुँगणी तिउन देव श्री क्षेत्रपाल थान अठारह करढू कुल्लूत प्रदेश Meenu Kaushal Aman Pandit कुल्लू दर्पण Rita Rajput Ananya Rathore Abhishan Thakur Ram Lal पं कुबेर दत्त शर्मा Akshay Pandit अतुल्य लगघाटी। सर्व साधारण को सुचित किया जाता है कि चैत्र मास की संक्रांति के दिन तदानुसार 14 मार्च 2026 शनिवार को देव श्री वीर नाथ जी (बड़ाग्रां), देव श्री जम्बलू जी (शिलाग्रां) तथा देव श्री थान क्षेत्रपाल जी (शालंग) के विरशु पर्व होने सुनिश्चित हुए हैं। आप सभी से विनम्र प्रार्थना है कि देवी-देवताओं के पर्व में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। पर्व में देवी-देवता के दर्शन कर, शुभ आशीष ग्रहण कर अपना शेष जीवन सार्थक बनाएं। जय जयकार हो। 🕉️ जय माता फुँगणी तिउन देव श्री क्षेत्रपाल थान अठारह करढू कुल्लूत प्रदेश Meenu Kaushal Aman Pandit कुल्लू दर्पण Rita Rajput Ananya Rathore Abhishan Thakur Ram Lal पं कुबेर दत्त शर्मा Akshay Pandit अतुल्य लगघाटी।
- भारत में सबसे प्राचीन कलर देवभूमि हिमाचल का माना जाता है1
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- रिपोर्ट 9 मार्च बुद्धि सिंह ठाकुर सेज। कुल्लू में सोमवार को दुग्ध उत्पादक प्रखंड का सम्मेलन आयोजित हुआ जिसमें हिमाचल प्रदेश मिल्क फेडरेशन के अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर बतौर मुख्य अतिथि पधारे। सम्मेलन में जिला भर के दुग्ध उत्पादन से जुड़े लोगों ने भाग लिया। दूध उत्पादक सोसाइटियों में अधिकतर महिलाएं जुड़ी है। मुखिया दीदी ने सम्मेलन में आए हुए विभिन्न सोसाइटियों के प्रधानों को संबोधित किया तथा सरकार द्वारा दुग्ध उत्पादन के लिए दिए जा रहे योगदान और प्रोत्साहन की जानकारी दें।1
- सुजानपुर वर्ष 2023 24 में कुछ लोगों के मोबाइल खो गए थे इसके बाद इन फोन के खो जाने की शिकायत थाना सुजानपुर में दर्ज हुई सुजानपुर पुलिस ने कार्रवाई करके खोए हुए मोबाइलों के ई एम आई नंबर ट्रैकिंग पर लगाए जिसके परिणाम अब सामने आए हैं दो मोबाइल ट्रैक करके पुलिस ने अपने कब्जे में लिए हैं और दोनों मोबाइल मालिकों को लौटा दिए गए हैं सुजानपुर पुलिस की इस कार्रवाई की हर तरफ प्रशंसा हो रही है सुजानपुर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राकेश धीमान ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2023, 24 में दो फोन जिसमें एक फोन राजेश कुमार और दूसरा खुशी व्यास का है दोनो फ़ोन खो गये थे जिसके बाद इन लोगो ने संबंधित विषय पर अपनी शिकायत थाना में दर्ज करवाई थी पुलिस ने नियम अनुसार कार्रवाई करते हुए दोनों फोन ट्रैक के लिए लगाए और आज उनके परिणाम सामने आए हैं दोनों फोन मिल गए हैं और जिन लोगों के पास यह फोन थे पर खुद इन्हें थाना में आकर देकर गए हैं इसके बाद पुलिस ने फोन मालिक से संपर्क करके उन्हें यह फोन लौटा दिए हैं थाना प्रभारी ने बताया कि एक फोन जो राजेश कुमार का था उसे मलिक को सौंप दिया है जबकि दूसरा फोन जो खुशी व्यास का था यह लड़की आजकल दिल्ली में रह रही है जिसके बाद इसे फोन पर संपर्क करके इस फोन आपका मिल गया है इसकी सूचना दी गई है जिसके बाद अब उसका यह फोन कोरियर करवा कर उन्हें भेजा जा रहा है सुजानपुर पुलिस की इस कार्रवाई की हर तरफ प्रशंसा हो रही है और सुजानपुर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राकेश धीमान के नेतृत्व में पुलिस शानदार कार्य कर रही है इसको लेकर यहां की जनता ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं1
- Post by Dinesh Kumar1
- हमीरपुर, हमीरपुर जिला के बड़सर उपमंडल के अंतर्गत आने वाले गांव चरचेड़ी के ग्रामीण अपनी समस्या को लेकर उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और एडीसी अभिषेक गर्ग से मुलाकात कर उन्हें अपनी परेशानी से अवगत करवाया। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के लिए जाने वाली एम्बुलेंस रोड को एक व्यक्ति द्वारा बंद कर दिया गया है, जिससे गांव के लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसी समस्या को लेकर ग्रामीण हमीरपुर में एडीसी अभिषेक गर्ग से मिले और जल्द समाधान की मांग उठाई। वहीं गांव चरचेड़ी के निवासी शशि पाल ने बताया कि यह एम्बुलेंस रोड करीब 25 वर्षों से बना हुआ है और गांव के लोग लंबे समय से इसी रास्ते का उपयोग करते आ रहे हैं। लेकिन अब एक व्यक्ति ने इस सड़क को बंद कर दिया है और वह दावा कर रहा है कि यह जमीन उसकी निजी भूमि है। शशि पाल ने कहा कि सड़क बंद होने से गांव के लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी हो रही है, खासकर आपातकालीन परिस्थितियों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।उन्होंने बताया कि इस संबंध में एडीसी हमीरपुर अभिषेक गर्ग से मुलाकात कर उन्हें पूरे मामले से अवगत करवाया गया है। एडीसी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम बड़सर को इस संबंध में उचित दिशा-निर्देश दिए हैं, ताकि समस्या का जल्द समाधान किया जा सके और ग्रामीणों को राहत मिल सके। वहीं गांव की स्थानीय महिला सविता शर्मा ने बताया कि सड़क बंद होने से गांव के लोगों को रोजमर्रा के कामों में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अगर किसी बीमार व्यक्ति को अस्पताल ले जाना पड़े तो बड़ी समस्या खड़ी हो जाती है। उन्होंने बताया कि इस सड़क के बंद होने से गांव के लगभग 15 परिवार सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की जल्द जांच कर सड़क को खुलवाया जाए, ताकि गांव के लोगों को राहत मिल सके और एम्बुलेंस सहित अन्य जरूरी सेवाएं सुचारू रूप से चल सकें।1
- बागवानों की समस्याओं को प्राथमिकता देना सरकार की जिम्मेदारी शिमला - हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था में बागवानी का विशेष महत्व है। सेब सहित अन्य फलों की खेती से हजारों परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है। प्रदेश के कई जिलों में बागवानी ही लोगों की आय का मुख्य स्रोत है। ऐसे में जब बागवान अपनी मेहनत से तैयार की गई फसल को बाजार तक पहुंचाते हैं, तो उन्हें समय पर उचित मूल्य और भुगतान मिलना बेहद जरूरी होता है। दुर्भाग्य से कई बार ऐसा देखने को मिलता है कि बागवानों को अपनी उपज का भुगतान समय पर नहीं मिल पाता, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित होती है और भविष्य को लेकर चिंता बढ़ जाती है। समय पर भुगतान की आवश्यकता बागवान पूरे वर्ष अपनी फसल की देखभाल में मेहनत करते हैं। जब फसल तैयार होती है और उसे विपणन के लिए भेजा जाता है, तो बागवानों को उम्मीद होती है कि उन्हें जल्द ही उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिलेगा। लेकिन भुगतान में देरी होने से उन्हें कई तरह की आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। अगली फसल की तैयारी, खाद-बीज की व्यवस्था और मजदूरी जैसे जरूरी खर्च समय पर पूरे नहीं हो पाते। इसलिए सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बागवानों को उनकी उपज का भुगतान तय समय सीमा के भीतर मिल जाए। HPMC व्यवस्था में पारदर्शिता जरूरी प्रदेश में बागवानों की उपज की खरीद और विपणन में Himachal Pradesh Horticultural Produce Marketing and Processing Corporation (HPMC) की महत्वपूर्ण भूमिका है। यह संस्था बागवानों की उपज को बाजार तक पहुंचाने और उन्हें उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से बनाई गई है। हालांकि कई बार बागवानों की ओर से यह शिकायत सामने आती है कि खरीद, ग्रेडिंग और भुगतान की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी नहीं होती। ऐसी स्थिति में जरूरी है कि HPMC की पूरी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाया जाए। यदि खरीद और ग्रेडिंग की प्रक्रिया स्पष्ट और डिजिटल माध्यम से हो, तो बागवानों को अपनी उपज की स्थिति और भुगतान के बारे में पूरी जानकारी मिल सकेगी। इससे व्यवस्था में विश्वास भी बढ़ेगा और किसी प्रकार की आशंका या भ्रम की स्थिति नहीं बनेगी। जवाबदेही तय करना भी आवश्यक किसी भी व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए जवाबदेही तय होना जरूरी है। यदि किसी कारण से भुगतान में देरी होती है या प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी सामने आती है, तो उसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों या विभागों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। इससे व्यवस्था में सुधार होगा और भविष्य में ऐसी समस्याओं की संभावना कम होगी। डिजिटल और आधुनिक व्यवस्था की जरूरत आज के समय में तकनीक का उपयोग करके कई समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। सरकार को चाहिए कि बागवानों के लिए एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करे, जहां वे अपनी उपज की खरीद, ग्रेडिंग और भुगतान की स्थिति को आसानी से देख सकें। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बन सकेगी। बागवानों का विश्वास बनाए रखना जरूरी प्रदेश का बागवान पूरे वर्ष कठिन परिस्थितियों में मेहनत करता है। मौसम की अनिश्चितता, बढ़ती लागत और बाजार की चुनौतियों के बावजूद वह प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान देता है। ऐसे में सरकार का दायित्व बनता है कि वह बागवानों की समस्याओं को गंभीरता से सुने और उनका समय पर समाधान करे।1
- हिमाचल में इस बार सभी पंचायत से होगी उम्मीदवार1