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दूर दूर तक फैली है मां हरसिद्धि की ख्याति , रानगिर माता मंदिर ➡️ नवरात्रि पर विशेष ➡️ मां के दरबार में पूरी होती है हर मनौती रानगिर की मां हरसिद्धि की ख्याति दूर दूर तक फैली है। मां के दर पर आने वाले श्रद्धालुओं की हर मनोकामना पूरी होती है। यहां पर हर दिन अनेक श्रद्धालुओं का आना होता है लेकिन साल की दोनो नवरात्रि पर हजारों श्रद्धालु मां के दर्शन कर प्रसाद,भेट चढ़ाते हैं तथा मां के दरबार में अनुष्ठान करते है। श्रद्धालुओं का जन सैलाब तो नवरात्रि और सभी प्रमुख तीज त्यौहार पर उमड़ता है लेकिन चैत्र माह की नवरात्रि पर यहां विशाल मेला लगता है जिसमें सागर जिला सहित पूरे मध्यप्रदेश और प्रदेश के बाहर तक के श्रद्धालु रानगिर आते हैं और मां के दरबार में मनौती मांगते है। कुछ श्रद्धालु जहां मनौती लेकर आते हैं वही कई श्रद्धालु मनौती पूरी होन पर मां के दरबार मे हाजिरी लगाते है। कहा जाता है कि सच्चे मन से मां हरसिद्धि के सामने जो भी कामना की जाती है वह पूरी हे जाती है।और मां के भक्त इसी आशा और विश्वास से मां के दरबार में दौडे चले आते हैं। और मां भी अपने भक्तों की मनोकामना सिद्ध करती हैं। ➡️ वेद पुराणों के अनुसार पौराणिक कथा के अनुसार दक्ष प्रजापति के अपमान से दुखित सती ने योगबल से अपना शरीर त्याग दिया था भगवान शंकर ने सती के शव को लेकर विकराल तांडव किया तो सारे संसार में हाहाकार मच गया तब विष्णु चक्र ने सती के शव के अंग अंग किये। ये अंग जहां जहां भी गिरे वे सिद्ध क्षेत्र के नाम से जाने जाते हैं। सती की रान एवं दांत के अंश यहां गिरे तो वे स्थान सिद्ध क्षेत्र रानगिर एवं गौरी दांत नाम से विख्यात हुये। यह भी कहा जाता है कि इस क्षेत्र की पहाड़ी कंदराओं में रावण ने घोर तपस्या की थी इस कारण इसका नाम रावणगिरी हुआ और कालांतर मं परिवर्तित होता हुआ सूक्ष्म नाम रानगिर पड़ा। वैसे इस सिद्ध क्षेत्र के संबंध में अनेकानेक किवदंतियां हैं। कहां जाता है कि उक्त स्थन पर भगवान राम के वनवासी काल में चरण कमल पड़े थे इसी से इसका नाम रामगिर पड़ा।एवं परिवर्तित होते होते रानगिर पड़ गया। ➡️ इतिहास की नजर से 1732 मे सागर प्रदेश का रानगिर परगना मराठों की राजधानी था। जिसके शासक पंडित गोविंद राव थे। वर्तमान मंदिर पंडित गोविंदराव का निवास परकोटा था। 1760 मे पंडित गोविंद राव की मृत्यु के बाद यह स्थल खण्डहर मे बदल गया। इसी खण्डहर के बीच एक चबूतरा था कुछ सालों बाद इसी चबूतरे पर मां हरसिद्धि देवी जी की मूर्ति स्थापित की गई। बाद मे धीरे धीरे श्रद्धालुओं ने इस खण्डहर को पुनजीर्वित कर विशाल मंदिर का रूप दिया। वर्तमान मंदिर का निर्माण करीब दो सौ साल पहले हुआ था। ➡️ तीन रूपों में देती हैं माता दर्शन रानगिर में विराजित मां की लीला अपरंपार है। दिन मे तीन प्रहरों मे मां तीन रूप में दर्शन देती हैं। सूर्य की प्रथम किरणों के समय मां बाल रूप में दर्शन देती हैं तो दोपहर बाद युवा रूप में एवं शाम के वृद्धा दर्शन देती हैं। परिवर्तित होने वाले मां की छवि में श्रद्धालु अपने आस्था और श्रद्धा मां के चरणों मे समर्पित कर धन्य हो जाते हैं। मां महिमा अपरंपार हैं भक्त जो भी मनोकामना लेकर आते हैं मां उसे अवश्य ही पूर्ण करती हैं।मां की यह प्रतिमा अति प्राचीन है। प्रतिमा के साथ छोटी मूर्ति भी बनी हुई है जो किसी सेवक के लिए इंगित करती है। हरसिद्धि का भावार्थ पार्वती देवी ही है। हर का अर्थ महादेव और सिद्धि का अर्थ प्राप्ति है। ➡️ आधुनिक झूला पुल का हो रहा निर्माण यहाँ पर पूर्व मंत्री वर्तमान विधायक गोपाल भार्गव द्वारा आधुनिक झूला पुल का निर्माण कराया जा रहा है यह पुल दो विधानसभा रहली और सुरखी को जोड़ेगा जिससे यहाँ आवागमन बढ़ेगा। रानगिर में इनके द्वारा बहुत से निर्माण वा विकास कार्य किये गए है जिससे धाम का कायाकल्प हुआ है और यह बुंदेलखंड का प्रसिद्ध तीर्थ क्षेत्र बन गया है।

on 21 March
user_News reporter
News reporter
Journalist राहतगढ़, सागर, मध्य प्रदेश•
on 21 March
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दूर दूर तक फैली है मां हरसिद्धि की ख्याति , रानगिर माता मंदिर ➡️ नवरात्रि पर विशेष ➡️ मां के दरबार में पूरी होती है हर मनौती रानगिर की मां हरसिद्धि की ख्याति दूर दूर तक फैली है। मां के दर पर आने वाले श्रद्धालुओं की हर मनोकामना पूरी होती है। यहां पर हर दिन अनेक श्रद्धालुओं का आना होता है लेकिन साल की दोनो नवरात्रि पर हजारों श्रद्धालु मां के दर्शन कर प्रसाद,भेट चढ़ाते हैं तथा मां के दरबार में अनुष्ठान करते है। श्रद्धालुओं का जन सैलाब तो नवरात्रि और सभी प्रमुख तीज त्यौहार पर उमड़ता है लेकिन चैत्र माह की नवरात्रि पर यहां विशाल मेला लगता है जिसमें सागर जिला सहित पूरे मध्यप्रदेश और प्रदेश के बाहर तक के श्रद्धालु रानगिर आते हैं और मां के दरबार में मनौती मांगते है। कुछ श्रद्धालु जहां मनौती लेकर आते हैं वही कई श्रद्धालु मनौती पूरी होन पर मां के दरबार मे हाजिरी लगाते है। कहा जाता है कि सच्चे मन से मां हरसिद्धि के सामने जो भी कामना की जाती है वह पूरी हे जाती है।और मां के भक्त इसी आशा और विश्वास से मां के दरबार में दौडे चले आते हैं। और मां भी अपने भक्तों की मनोकामना सिद्ध करती हैं। ➡️ वेद पुराणों के अनुसार पौराणिक कथा के अनुसार दक्ष प्रजापति के अपमान से दुखित सती ने योगबल से अपना शरीर त्याग दिया था भगवान शंकर ने सती के शव को लेकर विकराल तांडव किया तो सारे संसार में हाहाकार मच गया तब विष्णु चक्र ने सती के शव के अंग अंग किये। ये अंग जहां जहां भी गिरे वे सिद्ध क्षेत्र के नाम से जाने जाते हैं। सती की रान एवं दांत के अंश यहां गिरे तो वे स्थान सिद्ध क्षेत्र रानगिर एवं गौरी दांत नाम से विख्यात हुये। यह भी कहा जाता है कि इस क्षेत्र की पहाड़ी कंदराओं में रावण ने घोर तपस्या की थी इस कारण इसका नाम रावणगिरी हुआ और कालांतर मं परिवर्तित होता हुआ सूक्ष्म नाम रानगिर पड़ा। वैसे इस सिद्ध क्षेत्र के

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संबंध में अनेकानेक किवदंतियां हैं। कहां जाता है कि उक्त स्थन पर भगवान राम के वनवासी काल में चरण कमल पड़े थे इसी से इसका नाम रामगिर पड़ा।एवं परिवर्तित होते होते रानगिर पड़ गया। ➡️ इतिहास की नजर से 1732 मे सागर प्रदेश का रानगिर परगना मराठों की राजधानी था। जिसके शासक पंडित गोविंद राव थे। वर्तमान मंदिर पंडित गोविंदराव का निवास परकोटा था। 1760 मे पंडित गोविंद राव की मृत्यु के बाद यह स्थल खण्डहर मे बदल गया। इसी खण्डहर के बीच एक चबूतरा था कुछ सालों बाद इसी चबूतरे पर मां हरसिद्धि देवी जी की मूर्ति स्थापित की गई। बाद मे धीरे धीरे श्रद्धालुओं ने इस खण्डहर को पुनजीर्वित कर विशाल मंदिर का रूप दिया। वर्तमान मंदिर का निर्माण करीब दो सौ साल पहले हुआ था। ➡️ तीन रूपों में देती हैं माता दर्शन रानगिर में विराजित मां की लीला अपरंपार है। दिन मे तीन प्रहरों मे मां तीन रूप में दर्शन देती हैं। सूर्य की प्रथम किरणों के समय मां बाल रूप में दर्शन देती हैं तो दोपहर बाद युवा रूप में एवं शाम के वृद्धा दर्शन देती हैं। परिवर्तित होने वाले मां की छवि में श्रद्धालु अपने आस्था और श्रद्धा मां के चरणों मे समर्पित कर धन्य हो जाते हैं। मां महिमा अपरंपार हैं भक्त जो भी मनोकामना लेकर आते हैं मां उसे अवश्य ही पूर्ण करती हैं।मां की यह प्रतिमा अति प्राचीन है। प्रतिमा के साथ छोटी मूर्ति भी बनी हुई है जो किसी सेवक के लिए इंगित करती है। हरसिद्धि का भावार्थ पार्वती देवी ही है। हर का अर्थ महादेव और सिद्धि का अर्थ प्राप्ति है। ➡️ आधुनिक झूला पुल का हो रहा निर्माण यहाँ पर पूर्व मंत्री वर्तमान विधायक गोपाल भार्गव द्वारा आधुनिक झूला पुल का निर्माण कराया जा रहा है यह पुल दो विधानसभा रहली और सुरखी को जोड़ेगा जिससे यहाँ आवागमन बढ़ेगा। रानगिर में इनके द्वारा बहुत से निर्माण वा विकास कार्य किये गए है जिससे धाम का कायाकल्प हुआ है और यह बुंदेलखंड का प्रसिद्ध तीर्थ क्षेत्र बन गया है।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • सागर में अचानक मौसम ने ली करवट ओलावृष्टि एवं तेज़ बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त किसानों की मेहनत पर फिर गया पानी।।
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    सागर में अचानक मौसम ने ली करवट ओलावृष्टि एवं तेज़ बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त किसानों की मेहनत पर फिर गया पानी।।
    user_Rohit sharma
    Rohit sharma
    Local News Reporter सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • सिरोंज दुर्घटना प्रकरण: नाबालिग चालक के परिजन द्वारा भ्रामक वीडियो फैलाकर लोगों को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस द्वारा घर से उठाने की बात पूरी तरह अफवाह है। घटना: 09.03.2026 को बासौदा रोड बायपास पर स्कूटी चालक द्वारा तेज गति व लापरवाही से वाहन चलाते हुए 70 वर्षीय बुजुर्ग को टक्कर मारकर घायल किया गया। जांच: प्रकरण थाना सिरोंज में दर्ज कर जांच की गई, जिसमें नाबालिग चालक की लापरवाही सामने आई। मामला किशोर न्याय बोर्ड, विदिशा में विचाराधीन है। भ्रामक जानकारी: परिजनों द्वारा सोशल मीडिया पर घटना को गलत बताते हुए वीडियो फैलाए जा रहे हैं, जो पूरी तरह भ्रामक हैं। पुलिस की अपील: अफवाहों पर विश्वास न करें, केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा रखें। अफवाह फैलाना भी अपराध है। 👉 सच्चाई का साथ दें, अफवाहों का नहीं
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    सिरोंज दुर्घटना प्रकरण:
नाबालिग चालक के परिजन द्वारा भ्रामक वीडियो फैलाकर लोगों को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस द्वारा घर से उठाने की बात पूरी तरह अफवाह है।
घटना:
09.03.2026 को बासौदा रोड बायपास पर स्कूटी चालक द्वारा तेज गति व लापरवाही से वाहन चलाते हुए 70 वर्षीय बुजुर्ग को टक्कर मारकर घायल किया गया।
जांच:
प्रकरण थाना सिरोंज में दर्ज कर जांच की गई, जिसमें नाबालिग चालक की लापरवाही सामने आई। मामला किशोर न्याय बोर्ड, विदिशा में विचाराधीन है।
भ्रामक जानकारी:
परिजनों द्वारा सोशल मीडिया पर घटना को गलत बताते हुए वीडियो फैलाए जा रहे हैं, जो पूरी तरह भ्रामक हैं।
पुलिस की अपील:
अफवाहों पर विश्वास न करें, केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा रखें।
अफवाह फैलाना भी अपराध है।
👉 सच्चाई का साथ दें, अफवाहों का नहीं
    user_Sanjeev Soni
    Sanjeev Soni
    Court reporter ग्यारसपुर, विदिशा, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • लोकेशन बीना रिपोर्टर राजेश बबेले गुड फ्राइडे पर क्रूस यात्रा निकाली गई हर वर्ग के लोग हुए शामिल, ईसाई समुदाय ने 14 स्थानों पर खास प्रार्थना की संदेशों के बारे में श्रद्धालुओं को जानकारी दी। बीना।शुक्रवार को गुड फ्राइडे पर क्रूस यात्रा निकली गई हर वर्ग के लोग हुए शामिल, ईसाई समुदाय ने 14 स्थानों पर खास प्रार्थना की संदेशों के बारे में श्रद्धालुओं को जानकारी दी। उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को गुड फ्राइडे के मौके पर ईसाई समुदाय ने भक्ति और श्रद्धा के साथ क्रूस यात्रा निकाली। यह यात्रा छोटी बजरिया स्थित पवित्र हृदय चर्च से शुरू हुई और 14 अलग-अलग स्थानों पर विशेष प्रार्थनाएं की गईं। सीएनआई चर्च में भी श्रद्धालुओं के लिए प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। *क्रूस यात्रा में शामिल हुए लोग* विपिन जेवियर ने बताया कि यात्रा से पहले चर्च में प्रार्थना सभा हुई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने प्रभु यीशु को क्रूस पर लेकर चलने की यात्रा शुरू की। सबसे आगे एक युवा क्रूस लेकर चल रहा था। बच्चों और महिलाओं ने भी क्रूस लिए हुए प्रार्थना में भाग लिया। गुड फ्राइडे वह दिन है जब प्रभु यीशु मसीह को गोल्गथा पहाड़ पर क्रूस पर चढ़ाया गया था। इससे पहले उन्हें कई कष्ट झेलने पड़े थे। क्रूस पर अपने प्राण त्यागने से पहले प्रभु यीशु ने सात वचन दिए थे, जिन्हें इस दिन विशेष रूप से याद किया जाता है। *पार्थिव शरीर को ताबूत में रखकर चर्च में वापस लाया* शुक्रवार की शाम को विश्वासियों ने प्रभु यीशु के पार्थिव शरीर को ताबूत में रखकर चर्च में वापस लाया। गुड फ्राइडे के बाद ईस्टर संडे को प्रभु यीशु का पुनर्जीवन माना जाता है। इस अवसर पर ईस्टर संडे की रात 12 बजे चर्च में विशेष प्रार्थना आयोजित की जाएगी। *संदेशों के बारे में श्रद्धालुओं को जानकारी दी* सीएनआई चर्च में पवित्र सप्ताह के सातों दिन टाटानगर से आए पास्टर शिशिर रिचर्ड जॉन ने प्रभु यीशु के जन्म से लेकर मानवता के लिए दिए संदेशों के बारे में श्रद्धालुओं को जानकारी दी।
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    लोकेशन बीना रिपोर्टर राजेश बबेले 
गुड फ्राइडे पर क्रूस यात्रा निकाली गई हर वर्ग के लोग हुए शामिल, ईसाई समुदाय ने 14 स्थानों पर खास प्रार्थना की
संदेशों के बारे में श्रद्धालुओं को जानकारी दी।
बीना।शुक्रवार को गुड फ्राइडे पर क्रूस यात्रा निकली गई हर वर्ग के लोग हुए शामिल, ईसाई समुदाय ने 14 स्थानों पर खास प्रार्थना की
संदेशों के बारे में श्रद्धालुओं को जानकारी दी। उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को गुड फ्राइडे के मौके पर ईसाई समुदाय ने भक्ति और श्रद्धा के साथ क्रूस यात्रा निकाली। यह यात्रा छोटी बजरिया स्थित पवित्र हृदय चर्च से शुरू हुई और 14 अलग-अलग स्थानों पर विशेष प्रार्थनाएं की गईं। सीएनआई चर्च में भी श्रद्धालुओं के लिए प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया।
*क्रूस यात्रा में शामिल हुए लोग*
विपिन जेवियर ने बताया कि यात्रा से पहले चर्च में प्रार्थना सभा हुई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने प्रभु यीशु को क्रूस पर लेकर चलने की यात्रा शुरू की। सबसे आगे एक युवा क्रूस लेकर चल रहा था। बच्चों और महिलाओं ने भी क्रूस लिए हुए प्रार्थना में भाग लिया।
गुड फ्राइडे वह दिन है जब प्रभु यीशु मसीह को गोल्गथा पहाड़ पर क्रूस पर चढ़ाया गया था। इससे पहले उन्हें कई कष्ट झेलने पड़े थे। क्रूस पर अपने प्राण त्यागने से पहले प्रभु यीशु ने सात वचन दिए थे, जिन्हें इस दिन विशेष रूप से याद किया जाता है।
*पार्थिव शरीर को ताबूत में रखकर चर्च में वापस लाया*
शुक्रवार की शाम को विश्वासियों ने प्रभु यीशु के पार्थिव शरीर को ताबूत में रखकर चर्च में वापस लाया। गुड फ्राइडे के बाद ईस्टर संडे को प्रभु यीशु का पुनर्जीवन माना जाता है। इस अवसर पर ईस्टर संडे की रात 12 बजे चर्च में विशेष प्रार्थना आयोजित की जाएगी।
*संदेशों के बारे में श्रद्धालुओं को जानकारी दी*
सीएनआई चर्च में पवित्र सप्ताह के सातों दिन टाटानगर से आए पास्टर शिशिर रिचर्ड जॉन ने प्रभु यीशु के जन्म से लेकर मानवता के लिए दिए संदेशों के बारे में श्रद्धालुओं को जानकारी दी।
    user_RAJESH BABELE
    RAJESH BABELE
    Court reporter सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • good evening 😍 Sangita Sahu 👌🥰🪴👌🥰😄🪴 संगीता साहब गुड
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    good evening 😍 Sangita Sahu 👌🥰🪴👌🥰😄🪴 संगीता साहब गुड
    user_Sangita Sahu vlog
    Sangita Sahu vlog
    City Star Sagar, Madhya Pradesh•
    10 hrs ago
  • खुरई का सांस्कृतिक एवं गौरवशाली उत्सव - “डोहेला महोत्सव-2026” डोहेला महोत्सव के तृतीय दिवस पर आप सभी के बीच पधार रहे हैं प्रसिद्ध बॉलीवुड प्लेबैक सिंगर श्री नीरज श्रीधर जी। दिनांक: 07 अप्रैल 2026 स्थान: किला परिसर, खुरई इस भव्य एवं सांस्कृतिक आयोजन में आप सभी सपरिवार सादर आमंत्रित हैं।
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    खुरई का सांस्कृतिक एवं गौरवशाली उत्सव -  “डोहेला महोत्सव-2026” 
डोहेला महोत्सव के तृतीय दिवस पर आप सभी के बीच पधार रहे हैं प्रसिद्ध बॉलीवुड प्लेबैक सिंगर श्री नीरज श्रीधर जी।
दिनांक: 07 अप्रैल 2026
स्थान: किला परिसर, खुरई
इस भव्य एवं सांस्कृतिक आयोजन में आप सभी सपरिवार सादर आमंत्रित हैं।
    user_Raghvendr Singh
    Raghvendr Singh
    Court reporter सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • बीना रिफाइनरी विस्तार कार्य में उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया, जब मजदूरों ने 8 घंटे काम की मांग की। यह पूरा मामला केसीसी कंपनी के पेटी कॉन्ट्रैक्टर “स्टार इंजीनियरिंग” से जुड़ा हुआ है।
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    बीना रिफाइनरी विस्तार कार्य में उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया, जब मजदूरों ने 8 घंटे काम की मांग की। यह पूरा मामला केसीसी कंपनी के पेटी कॉन्ट्रैक्टर “स्टार इंजीनियरिंग” से जुड़ा हुआ है।
    user_RAJENDRA GOUTAM JOURNALIST
    RAJENDRA GOUTAM JOURNALIST
    पत्रकार बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • लोकेशन:-बीना रिपोर्टर:-बिजय चोहान बीना :-गुड फ्राइडे पर ईसाई समुदाय द्वारा दोपहर 3 बजे पवित्र हृदय चर्च के फादर सेंन्टो
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    लोकेशन:-बीना 
रिपोर्टर:-बिजय चोहान
बीना :-गुड फ्राइडे पर ईसाई समुदाय द्वारा दोपहर 3 बजे पवित्र हृदय चर्च के फादर सेंन्टो
    user_बिजय चोहन
    बिजय चोहन
    Carpenter बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • लोकेशन बीना रिपोर्टर राजेश बबेले खुरई की जनता का उत्सव डोहेला महोत्सव, आयोजन को लेकर पूर्व ग्रहमंत्री वर्तमान खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह ठाकुर द्वारा क्षेत्र की जनता को महोत्सव की जानकारी देते हुए।
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    लोकेशन बीना रिपोर्टर राजेश बबेले 
खुरई की जनता का उत्सव डोहेला महोत्सव, आयोजन को लेकर पूर्व ग्रहमंत्री वर्तमान खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह ठाकुर द्वारा क्षेत्र की जनता को महोत्सव की जानकारी देते हुए।
    user_RAJESH BABELE
    RAJESH BABELE
    Court reporter सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
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