लखनऊ में आयोजित NEET (UG)-2026 पुनर्परीक्षा के दौरान पुलिस की मानवीय पहल ने एक छात्रा के भविष्य को संवरने में मदद की। छात्रा अनजाने में अपने निर्धारित परीक्षा केंद्र के बजाय गलत केंद्र पर पहुँच गई थी, और प्रवेश का समय समाप्त होने में कुछ ही मिनट शेष थे, जिससे वह अत्यंत तनाव में थी। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए, ड्यूटी पर तैनात उपनिरीक्षक चैरियन सिंह और महिला आरक्षी चांदनी यादव ने तुरंत तत्परता दिखाई। उन्होंने छात्रा को उसके सही परीक्षा केंद्र तक सुरक्षित और समय रहते पहुंचाया, जिससे वह परीक्षा में शामिल हो सकी। पुलिसकर्मियों की इस सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई से छात्रा की महत्वपूर्ण पुनर्परीक्षा छूटने से बच गई। लखनऊ पुलिस की इस संवेदनशील और जिम्मेदार कार्रवाई की अब व्यापक सराहना हो रही है। छात्रा और उसके परिवार ने इन पुलिसकर्मियों के प्रति अपना गहरा आभार व्यक्त किया है, वहीं विभाग ने भी उपनिरीक्षक चैरियन सिंह और महिला आरक्षी चांदनी यादव के इस उत्कृष्ट कार्य को सम्मानित करने का निर्णय लिया है।
लखनऊ में आयोजित NEET (UG)-2026 पुनर्परीक्षा के दौरान पुलिस की मानवीय पहल ने एक छात्रा के भविष्य को संवरने में मदद की। छात्रा अनजाने में अपने निर्धारित परीक्षा केंद्र के बजाय गलत केंद्र पर पहुँच गई थी, और प्रवेश का समय समाप्त होने में कुछ ही मिनट शेष थे, जिससे वह अत्यंत तनाव में थी। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए, ड्यूटी पर तैनात उपनिरीक्षक चैरियन सिंह और महिला आरक्षी चांदनी यादव ने तुरंत तत्परता दिखाई। उन्होंने छात्रा को उसके सही परीक्षा केंद्र तक सुरक्षित और समय रहते पहुंचाया, जिससे वह परीक्षा में शामिल हो सकी। पुलिसकर्मियों की इस सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई से छात्रा की महत्वपूर्ण पुनर्परीक्षा छूटने से बच गई। लखनऊ पुलिस की इस संवेदनशील और जिम्मेदार कार्रवाई की अब व्यापक सराहना हो रही है। छात्रा और उसके परिवार ने इन पुलिसकर्मियों के प्रति अपना गहरा आभार व्यक्त किया है, वहीं विभाग ने भी उपनिरीक्षक चैरियन सिंह और महिला आरक्षी चांदनी यादव के इस उत्कृष्ट कार्य को सम्मानित करने का निर्णय लिया है।
- सुलतानपुर के लम्भुआ कस्बे में वेलकम होम स्टे नामक प्रतिष्ठान पर होटल व्यवसाय की आड़ में कथित तौर पर देह व्यापार चलाने के गंभीर आरोप लगे हैं। एक गुप्त स्टिंग ऑपरेशन में इन गतिविधियों का खुलासा होने का दावा किया गया है, जिसने स्थानीय पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्टिंग ऑपरेशन के दौरान, एक होटल संचालक ने कथित रूप से ग्राहकों को 1500 से 2000 रुपये में महिलाओं और युवतियों की व्यवस्था करने की बात कही। यह भी दावा किया गया कि पसंद न आने पर दूसरी महिला बुलाने और कुछ ही मिनटों में व्यवस्था करने का भी वादा किया गया। जांच में यह भी सामने आने का दावा है कि इस नेटवर्क में न केवल युवतियां बल्कि शादीशुदा महिलाएं भी शामिल हैं, और होटल के कई कमरों में महिलाओं की मौजूदगी की बात कहते हुए ग्राहक को उनसे मिलवाने का प्रयास भी किया गया। सबसे चौंकाने वाली बात तब सामने आई जब होटल संचालक ने कथित तौर पर यह कहकर बड़े सवाल खड़े किए कि 'सबका हिस्सा सेट है' और किसी भी संभावित कार्रवाई की सूचना उन्हें पहले ही मिल जाती है। यदि यह दावा सही पाया जाता है, तो यह मामला केवल अवैध देह व्यापार तक सीमित न रहकर पूरे प्रशासनिक तंत्र की जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। सूत्रों के अनुसार, स्टिंग ऑपरेशन से जुड़ी जानकारी और तस्वीरें सुलतानपुर पुलिस अधीक्षक को भी भेजी गई हैं, हालांकि खबर लिखे जाने तक किसी बड़ी कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई थी। स्थानीय नागरिकों का लंबे समय से कहना है कि क्षेत्र के कुछ होटलों में संदिग्ध गतिविधियों की चर्चाएं होती रही हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर स्थिति यथावत बनी हुई है। लोगों का आरोप है कि शिकायतकर्ता अक्सर डर के माहौल में रहते हैं। फिलहाल, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेजी से बढ़ रही है। यदि आरोप सही सिद्ध होते हैं, तो यह सामाजिक सुरक्षा, कानून व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ा एक बड़ा प्रकरण बन सकता है, वहीं यदि आरोप गलत हैं, तो जांच के माध्यम से सच्चाई सामने आनी चाहिए। पूरे क्षेत्र को अब इस बड़े सवाल के जवाब का इंतजार है कि क्या लम्भुआ के होटलों की व्यापक जांच होगी, क्या स्टिंग ऑपरेशन के दावों की पुष्टि की जाएगी और क्या इस कथित गोरखधंधे पर प्रशासन कोई ठोस कार्रवाई करेगा।1
- लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र के पुरनिया इलाके में स्थित एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने से बच्चों और छात्रों की मौत की सूचना सामने आ रही है। कई मीडिया रिपोर्ट्स में इस हादसे में 10 से 12 लोगों की मौत की आशंका जताई गई है, हालांकि प्रशासन की ओर से अभी आधिकारिक संख्या का इंतजार किया जा रहा है। घटना के बाद इलाके में तुरंत अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जान बचाने के लिए कई छात्र बिल्डिंग की छत और बालकनी से नीचे कूदते हुए भी दिखाई दिए। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दुखद हादसे का संज्ञान लिया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने और पूरी घटना की गहन निगरानी सुनिश्चित करने के भी आदेश दिए हैं।1