विकसित भारत के लिए 125 दिन ग्रामीण रोजगार की नई गारंटी विषय पर एक दिवसीय पंच सम्मेलन का आयोजन l दिनांक :- 08.08.2026 आज दिनांक 08 अगस्त 2026 को जिला परिषद अध्यक्ष महोदया नयना कुमारी की अध्यक्षता में प्रेक्षागृह सह आर्ट गैलरी हरिदास सेमिनरी गया में "विकसित भारत के लिए 125 दिन ग्रामीण रोजगार की नई गारंटी" विषय पर एक दिवसीय पंच सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला परिषद अध्यक्ष महोदया नयना कुमारी, निदेशक nep,dpo द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में नई ग्रामीण रोजगार गारंटी व्यवस्था से संबंधित एक वीडियो का प्रदर्शन किया गया, जिसके उपरांत विषय पर विस्तृत परिचर्चा आयोजित हुई। अपने संबोधन में जिला परिषद अध्यक्ष महोदया ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से समय-समय पर अनेक योजनाएं संचालित की गई हैं।वर्ष 2005 में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम लागू होने के साथ ही ग्रामीण परिवारों को पहली बार रोजगार प्राप्त करने का कानूनी अधिकार मिला। उन्होंने कहा कि बीते लगभग 20 वर्षों में मनरेगा ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन तथा आधारभूत संरचना के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विशेष रूप से कोविड-19 महामारी के दौरान गांव लौटे प्रवासी श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने एवं उनकी आजीविका को संबल प्रदान करने में यह योजना अत्यंत प्रभावी सिद्ध हुई। डायरेक्टर nep ने कहा कि ग्रामीण रोजगार योजना का उद्देश्य एक ओर ग्रामीण परिवारों को सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराकर उनकी आय में वृद्धि करना है, वहीं दूसरी ओर उनके श्रम के माध्यम से जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, सिंचाई सुविधाओं का विकास, तालाब एवं पोखरों का जीर्णोद्धार, पौधारोपण, खेल मैदान, विद्यालयों की आधारभूत संरचनाओं सहित टिकाऊ एवं जनोपयोगी परिसंपत्तियों का निर्माण करना है। इन्हीं उद्देश्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप नई ग्रामीण रोजगार गारंटी व्यवस्था लागू की गई है। Dpo ने स्पष्ट किया कि नई व्यवस्था पूर्व की योजनाओं का पूर्णतः प्रतिस्थापन नहीं है, बल्कि उनके सफल एवं प्रभावी प्रावधानों को आगे बढ़ाते हुए आवश्यक सुधार किए गए हैं। कृषि कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए 60 दिनों का "लीव पीरियड" निर्धारित किया गया है तथा रोजगार की गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। इससे ग्रामीण श्रमिकों को अधिक रोजगार उपलब्ध होगा तथा कृषि कार्यों के लिए श्रमिकों की उपलब्धता भी सुनिश्चित रहेगी। डायरेक्टर nep ने बताया कि अब योजनाओं के लिए संसाधनों का आवंटन राज्यों की वास्तविक आवश्यकता एवं स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप किया जाएगा, जिससे अधिक आवश्यकता वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता के आधार पर लाभ मिल सकेगा। साथ ही विभिन्न विभागों की योजनाओं के साथ अभिसरण (कन्वर्जेंस) को और अधिक सुदृढ़ किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना, आईसीडीएस, पंचायती राज, शिक्षा विभाग एवं अन्य योजनाओं के साथ समन्वय स्थापित कर अधिक गुणवत्तापूर्ण एवं स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था के अंतर्गत सरकारी विद्यालयों में चारदीवारी, छात्र एवं छात्राओं के लिए पृथक शौचालय, रसोई शेड, अतिरिक्त कक्षों की मरम्मत एवं अनुरक्षण, ग्रामीण हाट-बाजार का विकास, पंचायत स्तर पर जल निकासी व्यवस्था, मुक्तिधाम, तालाब एवं पोखरों का विकास, पौधारोपण, जल संरक्षण तथा वर्षा जल संचयन जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रधानमंत्री गति शक्ति पोर्टल एवं जीआईएस आधारित योजना निर्माण के माध्यम से विकास कार्यों की बेहतर योजना बनाकर उनका पारदर्शी एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। जिला परिषद अध्यक्ष महोदया ने सभी मुखिया, पंचायत प्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों से आह्वान किया कि योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार तक समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पहुंचाना सुनिश्चित करें। *कार्यक्रम में सभी माननीय जिला परिषद सदस्य, सभी पंचायत समिति सदस्य एवं सभी मुखिया उपस्थित रहें.*
विकसित भारत के लिए 125 दिन ग्रामीण रोजगार की नई गारंटी विषय पर एक दिवसीय पंच सम्मेलन का आयोजन l दिनांक :- 08.08.2026 आज दिनांक 08 अगस्त 2026 को जिला परिषद अध्यक्ष महोदया नयना कुमारी की अध्यक्षता में प्रेक्षागृह सह आर्ट गैलरी हरिदास सेमिनरी गया में "विकसित भारत के लिए 125 दिन ग्रामीण रोजगार की नई गारंटी" विषय पर एक दिवसीय पंच सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला परिषद अध्यक्ष महोदया नयना कुमारी, निदेशक nep,dpo द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में नई ग्रामीण रोजगार गारंटी व्यवस्था से संबंधित एक वीडियो का प्रदर्शन किया गया, जिसके उपरांत विषय पर विस्तृत परिचर्चा आयोजित हुई। अपने संबोधन में जिला परिषद अध्यक्ष महोदया ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से समय-समय पर अनेक योजनाएं संचालित की गई हैं।वर्ष 2005 में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम लागू होने के साथ ही ग्रामीण परिवारों को पहली बार रोजगार प्राप्त करने का कानूनी अधिकार मिला। उन्होंने कहा कि बीते लगभग 20 वर्षों में मनरेगा ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन तथा आधारभूत संरचना के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विशेष रूप से कोविड-19 महामारी के दौरान गांव लौटे प्रवासी श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने एवं उनकी आजीविका को संबल प्रदान करने में यह योजना अत्यंत प्रभावी सिद्ध हुई। डायरेक्टर nep ने कहा कि ग्रामीण रोजगार योजना का उद्देश्य एक ओर ग्रामीण परिवारों को सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराकर उनकी आय में वृद्धि करना है, वहीं दूसरी ओर उनके श्रम के माध्यम से जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, सिंचाई सुविधाओं का विकास, तालाब एवं पोखरों का जीर्णोद्धार, पौधारोपण, खेल मैदान, विद्यालयों की आधारभूत संरचनाओं सहित टिकाऊ एवं जनोपयोगी परिसंपत्तियों का निर्माण करना है। इन्हीं उद्देश्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप नई ग्रामीण रोजगार गारंटी व्यवस्था लागू की गई है। Dpo ने स्पष्ट किया कि नई व्यवस्था पूर्व की योजनाओं का पूर्णतः प्रतिस्थापन नहीं है, बल्कि उनके सफल एवं प्रभावी प्रावधानों को आगे बढ़ाते हुए आवश्यक सुधार किए गए हैं। कृषि कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए 60 दिनों का "लीव पीरियड" निर्धारित किया गया है तथा रोजगार की गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। इससे ग्रामीण श्रमिकों को अधिक रोजगार उपलब्ध होगा तथा कृषि कार्यों के लिए श्रमिकों की उपलब्धता भी सुनिश्चित रहेगी। डायरेक्टर nep ने बताया कि अब योजनाओं के लिए संसाधनों का आवंटन राज्यों की वास्तविक आवश्यकता एवं स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप किया जाएगा, जिससे अधिक आवश्यकता वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता के आधार पर लाभ मिल सकेगा। साथ ही विभिन्न विभागों की योजनाओं के साथ अभिसरण (कन्वर्जेंस) को और अधिक सुदृढ़ किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना, आईसीडीएस, पंचायती राज, शिक्षा विभाग एवं अन्य योजनाओं के साथ समन्वय स्थापित कर अधिक गुणवत्तापूर्ण एवं स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था के अंतर्गत सरकारी विद्यालयों में चारदीवारी, छात्र एवं छात्राओं के लिए पृथक शौचालय, रसोई शेड, अतिरिक्त कक्षों की मरम्मत एवं अनुरक्षण, ग्रामीण हाट-बाजार का विकास, पंचायत स्तर पर जल निकासी व्यवस्था, मुक्तिधाम, तालाब एवं पोखरों का विकास, पौधारोपण, जल संरक्षण तथा वर्षा जल संचयन जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रधानमंत्री गति शक्ति पोर्टल एवं जीआईएस आधारित योजना निर्माण के माध्यम से विकास कार्यों की बेहतर योजना बनाकर उनका पारदर्शी एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। जिला परिषद अध्यक्ष महोदया ने सभी मुखिया, पंचायत प्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों से आह्वान किया कि योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार तक समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पहुंचाना सुनिश्चित करें। *कार्यक्रम में सभी माननीय जिला परिषद सदस्य, सभी पंचायत समिति सदस्य एवं सभी मुखिया उपस्थित रहें.*
- मगध IG विकास वैभव के द्वारा जनता दरबार में लोगों की सुनी गई फरियाद1
- जहानाबाद : जिले के काको थाना क्षेत्र के मनियावां पंचायत भवन में लोक संवाद गोष्ठी आयोजित, लोगों की समस्याएं सुनी गईं। जहानाबाद - पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर शनिवार को काको थाना क्षेत्र के मनियावां पंचायत भवन में लोक संवाद गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा उनके समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।गोष्ठी के दौरान अधिकारियों ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य पुलिस और आमजन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, क्षेत्र की समस्याओं की जानकारी प्राप्त करना तथा उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। साथ ही कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए लोगों की भागीदारी को बढ़ावा देना भी इसका उद्देश्य है।पुलिस अधिकारियों ने उपस्थित लोगों से क्षेत्र में शांति, सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या अपराध संबंधी सूचना तत्काल पुलिस को उपलब्ध कराएं, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। अधिकारियों ने कहा कि अपराध नियंत्रण और बेहतर पुलिस व्यवस्था के लिए आमजन का विश्वास और सहयोग सबसे महत्वपूर्ण है। जहानाबाद पुलिस जनता की सुरक्षा, विश्वास और सहयोग के लिए हमेशा प्रतिबद्ध है तथा लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयासरत है।1
- गंगा जी मे बढा पानी......................................1
- हिसुआ प्रखंड सभागार में आंगनबाड़ी सेविकाओं की समीक्षा बैठक संपन्न* *हिसुआ प्रखंड सभागार में आंगनबाड़ी सेविकाओं की समीक्षा बैठक संपन्न* *हिसुआ, नवादा:* प्रखंड सभागार भवन हिसुआ में शनिवार को सीडीपीओ पदाधिकारी शशि कुमारी की अध्यक्षता में प्रखंड की सभी आंगनबाड़ी सेविकाओं के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य रूप से पोषण अभियान, *फर्स्ट 1000 दिवस* कार्यक्रम और *आभा (ABHA) आईडी* निर्माण को लेकर विशेष चर्चा की गई। सीडीपीओ शशि कुमारी ने कहा कि सभी सेविकाएं अपने-अपने पोषक क्षेत्र में 0 से 6 वर्ष के बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं का शत-प्रतिशत आभा आईडी बनाना सुनिश्चित करें। आभा आईडी से स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से जोड़ने में आसानी होगी। उन्होंने पोषण ट्रैकर पर प्रतिदिन की गतिविधि, बच्चों का वजन, लंबाई, उपस्थिति और गृह भ्रमण की एंट्री ससमय करने का सख्त निर्देश दिया। पोषण के संबंध में फर्स्ट 1000 दिवस के तहत गर्भधारण से लेकर दो वर्ष तक के बच्चों के समुचित देखभाल, स्तनपान और ऊपरी आहार पर विशेष जोर देने को कहा। इसके अलावा कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर पोषण पुनर्वास केंद्र भेजने, टीकाकरण में सहयोग करने और केंद्रों को नियमित समय पर खोलने का निर्देश दिया गया। बैठक में सभी पर्यवेक्षिका एवं बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी सेविकाएं उपस्थित थीं।1
- गया पुलिस ने साइबर गैंग के 9 सदस्य को किया गिरफ्तार, लैपटॉप एवं मोबाइल जप्त!1
- पच्चीस लाख की लग्जरी गाड़ी में बना रखा था तहखाना,पुलिस के सामने तहखाना से निकला खजाना,दो गिरफ़्तार।1