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सिरोही की बेटी का चयन इसरो के अंदर मारी छोरी छोरों से से....... राजस्थान के सिरोही जिले से एंजल कंवर एक गांव झाड़ोली की बेटी ने साबित कर दिया के दुनिया के अंदर कुछ भी नामुमकिन नहीं कमी है तो केवल हिम्मत की और अपने सपने को सच साबित करने की वो साबित कर दिखाया इस बेटी ने गांव जिला और उस स्कूल का जहां से उसको ऊंची उड़ान भरने की शिक्षा मिली हो गर्व की बात है एंजल का अंतर्राष्ट्रीय स्पेस एजुकेशन प्रोग्राम के तहत इसरो के अंदर स्पेस 🌙 मून के लिए चयन हुआ यह प्रोग्राम 108 देशों को छात्रों को स्पेस रिसर्च क्षेत्र के अंदर अवसर देता है एंजल अब स्टेलाइट बनाने के कार्य में अपना योगदान देंगी
Moh. Sajid
सिरोही की बेटी का चयन इसरो के अंदर मारी छोरी छोरों से से....... राजस्थान के सिरोही जिले से एंजल कंवर एक गांव झाड़ोली की बेटी ने साबित कर दिया के दुनिया के अंदर कुछ भी नामुमकिन नहीं कमी है तो केवल हिम्मत की और अपने सपने को सच साबित करने की वो साबित कर दिखाया इस बेटी ने गांव जिला और उस स्कूल का जहां से उसको ऊंची उड़ान भरने की शिक्षा मिली हो गर्व की बात है एंजल का अंतर्राष्ट्रीय स्पेस एजुकेशन प्रोग्राम के तहत इसरो के अंदर स्पेस 🌙 मून के लिए चयन हुआ यह प्रोग्राम 108 देशों को छात्रों को स्पेस रिसर्च क्षेत्र के अंदर अवसर देता है एंजल अब स्टेलाइट बनाने के कार्य में अपना योगदान देंगी
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- रक्षाबंधन पर डाक विभाग की विशेष सौगात अब राखी और उपहार भेजें सुरक्षित, सस्ते और समय पर मनोज शर्मा, वॉइस ऑफ मारवाड़ पाली, 01 अगस्त। आगामी रक्षाबंधन पर्व को देखते हुए डाक विभाग ने भाई-बहन के अटूट प्रेम और स्नेह के इस पावन पर्व को यादगार बनाने के लिए विशेष "राखी स्पेशल सेवा" शुरू की है। अधीक्षक डाकघर, पाली श्री तरुण कुमार शर्मा ने बताया कि बहनों द्वारा अपने भाइयों को सुरक्षित एवं समय पर राखी पहुँचाने के उद्देश्य से डाक विभाग द्वारा विशेष राखी स्पेशल कवर उपलब्ध कराए गए हैं। छोटे राखी कवर का मूल्य मात्र ₹10 तथा बड़े राखी कवर का मूल्य ₹15 निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त राखी के साथ उपहार एवं अन्य सामग्री भेजने के लिए विशेष राखी गिफ्ट बॉक्स भी उपलब्ध है, जिसकी कीमत ₹30 है। उन्होंने बताया कि डाक विभाग की यह विशेष सुविधा देश के किसी भी कोने में रहने वाले भाई-बहनों के प्रेम और विश्वास को समय पर एक-दूसरे तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम है। विभाग ने रक्षाबंधन के अवसर पर डाक के त्वरित निस्तारण एवं समयबद्ध वितरण के लिए विशेष व्यवस्थाएँ भी की हैं। श्री शर्मा ने आमजन से अपील की है कि वे रक्षाबंधन से पूर्व अपनी राखी एवं उपहार निकटतम डाकघर से समय रहते बुक कराएं, ताकि भाई-बहन के स्नेह का यह पावन संदेश समय पर अपने गंतव्य तक पहुँच सके। "डाक विभाग – रिश्तों की डोर, विश्वास के साथ हर घर तक।"1
- बारिश से मौसम हुआ सुहावना, गर्मी व उमस से मिली राहत..... बारिश से मौसम हुआ सुहावना, गर्मी व उमस से मिली राहत रानी/नाडोल। कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को शनिवार शाम हुई बारिश ने बड़ी राहत दी। शाम करीब 5 से 6 बजे तक लगभग एक घंटे तक लगातार हुई बारिश से नाडोल सहित आसपास के गांवों का मौसम सुहावना हो गया। बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। काफी दिनों से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के चेहरों पर भी खुशी लौट आई। जिन किसानों ने पहले ही बुवाई कर दी थी, उनके लिए यह बारिश किसी संजीवनी से कम नहीं रही। बारिश से खेतों में नमी बढ़ने से फसलों को लाभ मिलने की उम्मीद है। लगातार उमस भरे मौसम से परेशान आमजन ने बारिश का आनंद लिया। कई स्थानों पर लोगों ने घरों से बाहर निकलकर ठंडी फुहारों का आनंद उठाया। मौसम में आए इस बदलाव से क्षेत्र का वातावरण पूरी तरह खुशनुमा हो गया।1
- स्व. श्री राजकुमार सिंह भण्डारी की प्रतिमा अनावरण समारोह दिव्यलोक सेवा संस्थान, चौपासनी हाउसिंग बोर्ड, जोधपुर में स्वर्गीय श्री राजकुमार सिंह भण्डारी की प्रतिमा का अनावरण अत्यंत गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। दिव्यलोक सेवा संस्थान, चौपासनी हाउसिंग बोर्ड, जोधपुर में स्वर्गीय श्री राजकुमार सिंह भण्डारी की प्रतिमा का अनावरण अत्यंत गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। यह अवसर केवल एक प्रतिमा के अनावरण का नहीं, बल्कि एक ऐसे व्यक्तित्व के आदर्शों, सेवा-भाव और समाज के प्रति उनके अमूल्य योगदान को स्मरण करने का था, जिन्होंने अपने जीवन से अनेक लोगों को प्रेरणा प्रदान की। समारोह में उपस्थित अतिथियों ने स्व. भण्डारी जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जीवन सेवा, समर्पण, सादगी और मानवीय मूल्यों का अनुपम उदाहरण था। वक्ताओं ने उनके द्वारा समाजहित में किए गए कार्यों को याद करते हुए कहा कि उनकी स्मृतियाँ और आदर्श आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।1
- पुलिस ने केबल चोरी के दो आरोपियों को किया गिरफ्तार; तांबे के तार और बाइक बरामद, पुछताछ जारी: राजसमंद के आमेट थाना क्षेत्र का मामला1
- जालौर शनिवार को धार्मिक शोभायात्रा के बीच बिजली का तार टूट कर गिरा बड़ा हादसा टला जालौर शनिवार को भेरुनाथ अखाड़े के पीठाधीश्वर पीर गंगा नाथ जी महाराज की चतुर्थ मार्च के लिए शोभायात्रा अखाड़े से रवाना हुई थी इस बीच अखाड़ा गली में कम ऊंचाई पर बिजली के तार झूल रहे थे अचानक से बिजली का तार टूट कर श्रद्धालुओं के बीच गिरा जिससे शोभायात्रा में हड़कंप मच गया सूचना पर बिजली कटौती की गई कमेटी के सदस्य ने बताया कि करीब 3 महीना पहले विद्युत विभाग को इन कम ऊंचाई पर झूलते बिजली तारों को व्यवस्थित करने को कहा गया था लेकिन विद्युत विभाग की अनदेखी के कारण आज शोभायात्रा के बीच बिजली का तार टूट गया गनीमत रहेगी किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई श्रद्धालुओं ने विद्युत विभाग पर आक्रोश भी जताया4
- BREAKING NEWS | जालौर कनियागिरी तपोभूमि से निकली चातुर्मास की भव्य शोभायात्रा, देवनगरी बैरठ में होगा मंगलमय चातुर्मास प्रवेश जालोर, 1 अगस्त 2026। नाथ संप्रदाय की अति प्राचीन तपोभूमि कनियागिरी पर्वत पर विराजमान श्री शिवावतारी महासिद्ध जालन्धरनाथजी महाराज की पावन सिद्धपीठ तथा शिवस्वरूप पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 पीर श्री गंगानाथ जी महाराज, सिरे मंदिर धाम एवं श्री भेरूनाथ जी अखाड़ा, जालोर के सान्निध्य में शनिवार को चातुर्मास भव्य शोभायात्रा–2026 श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उल्लास के साथ निकाली गई। प्रातःकाल श्री भेरूनाथ जी अखाड़ा, जालोर से शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ। गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों, ध्वज-पताकाओं और "जय गुरुदेव" के गगनभेदी जयघोष के बीच निकली इस शोभायात्रा में बड़ी संख्या में संत-महात्मा, नाथ संप्रदाय के अनुयायी एवं श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर संतों का भावपूर्ण स्वागत एवं अभिनंदन किया। शोभायात्रा श्रद्धा और भक्ति के वातावरण के बीच वंदनीय श्री केशरनाथ जी महाराज की तपोस्थली देवनगरी बैरठ पहुँची, जहाँ गुरु भगवान का मंगलमय चातुर्मास प्रवेश वैदिक मंत्रोच्चार एवं धार्मिक विधि-विधान के साथ संपन्न होगा। इस अवसर पर क्षेत्रभर से आए श्रद्धालुओं ने गुरु भगवान के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, अनुशासन, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। संतों के सान्निध्य में निकली इस शोभायात्रा ने क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया। चातुर्मास के शुभारंभ के साथ ही आगामी चार माह तक धर्म, साधना, सत्संग, प्रवचन, भजन-कीर्तन एवं जनकल्याणकारी धार्मिक आयोजनों का क्रम निरंतर जारी रहेगा। नाथ संप्रदाय के अनुयायियों ने इसे आध्यात्मिक चेतना और सनातन संस्कृति के संरक्षण का महत्वपूर्ण पर्व बताते हुए अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से चातुर्मास के धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेकर धर्मलाभ प्राप्त करने का आह्वान किया।2
- बेड़ा के युवा उद्यमी ने आदिवासी 300 महिलाओं को दिया रोजगार,सीताफल-जामुन से बनाई सफलता की नई कहानी* *बेड़ा के युवा उद्यमी ने आदिवासी 300 महिलाओं को दिया रोजगार,सीताफल-जामुन से बनाई सफलता की नई कहानी* उपखण्ड बाली क्षेत्र बेड़ा के युवा उद्यमी ने आदिवासी महिलाओं को दिया रोजगार, सीताफल-जामुन से बनाई सफलता की नई कहानी बेड़ा कस्बे के युवा उद्यमी मुकेश ओझा ने उदयपुर के पास जसवंतगढ़ में अपनी सोच, नवाचार और सामाजिक सरोकार के दम पर आदिवासी अंचल की महिलाओं के लिए रोजगार का नया मॉडल तैयार किया है उन्होंने जंगलों में मिलने वाले सीताफल और जामुन जैसे फलों का प्रसंस्करण कर फूड प्रोसेसिंग का कार्य शुरू किया, जिससे आज करीब 300 आदिवासी महिलाओं को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिल रहा है । डीके देवासी को जानकारी गिरीश वियास देते हुए मुकेश ओझा ने बताया कि आदिवासी क्षेत्रों में हर वर्ष बड़ी मात्रा में सीताफल और जामुन उपलब्ध होते हैं, लेकिन समय पर बाजार नहीं मिलने के कारण अधिकांश फल खराब हो जाते थे किसानों और आदिवासी परिवारों को इसका उचित मूल्य नहीं मिल पाता था इसी समस्या को अवसर में बदलने की सोच के साथ उन्होंने फूड प्रोसेसिंग यूनिट की नवम्बर 2025 में सखी एग्रो कम्पनी से शुरुआत की कंपनी के माध्यम से महिलाएं फल संग्रह, छंटाई, गूदा निकालने, प्रसंस्करण और पैकेजिंग जैसे कार्यों से जुड़ी हैं। इससे उन्हें अपने गांव के आसपास ही रोजगार मिल रहा है और उनकी आय में लगातार वृद्धि हो रही है। यह पहल आदिवासी परिवारों के लिए आर्थिक संबल बनकर उभरी है ओझा ने बताया कि कंपनी प्राकृतिक स्वाद और गुणवत्ता को प्राथमिकता देते हुए सीताफल और जामुन से विभिन्न उत्पाद तैयार कर रही है। इन उत्पादों में किसी प्रकार के कृत्रिम स्वाद या रसायनों का उपयोग नहीं किया जाता, जिससे उपभोक्ताओं को प्राकृतिक और पौष्टिक उत्पाद उपलब्ध हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल व्यवसाय करना नहीं, बल्कि आदिवासी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। भविष्य में इस पहल का विस्तार कर और अधिक महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की योजना है ग्रामीणों का कहना है कि पहले जंगलों से मिलने वाले फल बेकार चले जाते थे, लेकिन अब उन्हें उचित दाम मिलने लगे हैं महिलाओं को गांव में ही रोजगार मिलने से परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और उनके जीवन स्तर में भी सुधार आया है मुकेश ओझा की यह पहल आज ग्रामीण उद्यमिता, स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और महिला सशक्तिकरण का प्रेरणादायक उदाहरण बन चुकी है सीमित संसाधनों से शुरू हुआ यह प्रयास अब सैकड़ों परिवारों के लिए आजीविका का मजबूत आधार बन गया है2