धमतरी जिले के ग्राम मंदरौद में गौरैया एवं अन्य पक्षियों के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रहे समाजसेवी मोहन साहू ने जिला प्रवास के दौरान कलेक्टर अबिनाश मिश्रा से सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान कलेक्टर ने मोहन साहू के जनसहभागिता आधारित अभिनव प्रयासों की जमकर सराहना की और इसे जैव विविधता संरक्षण व पर्यावरण संवर्धन की दिशा में एक अनुकरणीय पहल बताया। बैठक के दौरान ग्राम मंदरौद को 'गौरैया गांव' के रूप में विकसित करने की संभावनाओं और प्रस्तावों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। मोहन साहू ने कलेक्टर को अपने अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने अब तक 15 हजार से अधिक गौरैया और अन्य पक्षियों के लिए कृत्रिम आशियाने तैयार किए हैं। इन आशियानों को गांव के घरों, गलियों, स्कूलों, खेल मैदानों, सार्वजनिक स्थानों तथा मुक्तिधाम सहित विभिन्न स्थलों पर स्थापित किया गया है, जहां बड़ी संख्या में पक्षियों ने अपना बसेरा बनाया है। पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से मोहन साहू ने ग्राम मंदरौद को 'गौरैया गांव' के रूप में विकसित करने तथा गांव के प्रमुख चौक को 'गौरैया चौक' के रूप में पहचान दिलाने का प्रस्ताव कलेक्टर के समक्ष रखा। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि बदलती जीवनशैली और शहरीकरण के कारण गौरैया जैसी छोटी पक्षी प्रजातियों का प्राकृतिक आवास प्रभावित हो रहा है, ऐसे में समाज की सहभागिता से किए जा रहे प्रयास अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने मोहन साहू के योगदान को पूरे जिले के लिए प्रेरणास्रोत बताया। इसके साथ ही कलेक्टर ने एक विशेष सुझाव दिया कि गांव के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर देश की रक्षा में सर्वोच्च योगदान देने वाले वीर जवानों के चित्र और प्रेरक संदेश भी प्रदर्शित किए जाएं। इससे बच्चों और युवाओं में पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ राष्ट्रभक्ति, सामाजिक जिम्मेदारी और सकारात्मक नागरिक मूल्यों का विकास हो सकेगा।
धमतरी जिले के ग्राम मंदरौद में गौरैया एवं अन्य पक्षियों के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रहे समाजसेवी मोहन साहू ने जिला प्रवास के दौरान कलेक्टर अबिनाश मिश्रा से सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान कलेक्टर ने मोहन साहू के जनसहभागिता आधारित अभिनव प्रयासों की जमकर सराहना की और इसे जैव विविधता संरक्षण व पर्यावरण संवर्धन की दिशा में एक अनुकरणीय पहल बताया। बैठक के दौरान ग्राम मंदरौद को 'गौरैया गांव' के रूप में विकसित करने की संभावनाओं और प्रस्तावों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। मोहन साहू ने कलेक्टर को अपने अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने अब तक 15 हजार से अधिक गौरैया और अन्य पक्षियों के लिए कृत्रिम आशियाने तैयार किए हैं। इन आशियानों को गांव के घरों, गलियों, स्कूलों, खेल मैदानों, सार्वजनिक स्थानों तथा मुक्तिधाम सहित विभिन्न स्थलों पर स्थापित किया गया है, जहां बड़ी संख्या में पक्षियों ने अपना बसेरा बनाया है। पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से मोहन साहू ने ग्राम मंदरौद को 'गौरैया गांव' के रूप में विकसित करने तथा गांव के प्रमुख चौक को 'गौरैया चौक' के रूप में पहचान दिलाने का प्रस्ताव कलेक्टर के समक्ष रखा। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि बदलती जीवनशैली और शहरीकरण के कारण गौरैया जैसी छोटी पक्षी प्रजातियों का प्राकृतिक आवास प्रभावित हो रहा है, ऐसे में समाज की सहभागिता से किए जा रहे प्रयास अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने मोहन साहू के योगदान को पूरे जिले के लिए प्रेरणास्रोत बताया। इसके साथ ही कलेक्टर ने एक विशेष सुझाव दिया कि गांव के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर देश की रक्षा में सर्वोच्च योगदान देने वाले वीर जवानों के चित्र और प्रेरक संदेश भी प्रदर्शित किए जाएं। इससे बच्चों और युवाओं में पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ राष्ट्रभक्ति, सामाजिक जिम्मेदारी और सकारात्मक नागरिक मूल्यों का विकास हो सकेगा।
- धमतरी पुलिस द्वारा नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी, एकरूप और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस लाइन रूद्री के कम्पोजिट भवन में एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक धमतरी सूरज सिंह परिहार के निर्देशन में आयोजित इस कार्यशाला में सेवानिवृत्त पूर्व विशेष पुलिस महानिदेशक आर.के. विज (आईपीएस) मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA)-2023 के विभिन्न व्यावहारिक और विधिक पक्षों पर विस्तृत व्याख्यान और मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यशाला में पूर्व विशेष पुलिस महानिदेशक आर.के. विज ने विवेचना की नवीन प्रक्रियाओं, इलेक्ट्रॉनिक व डिजिटल साक्ष्यों के वैज्ञानिक संकलन, प्रभावी अभियोजन की रणनीतियों तथा न्यायालयीन कार्यवाही में इन नए कानूनों के व्यावहारिक उपयोग पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने रेखांकित किया कि इन नवीन कानूनों का उद्देश्य न्याय प्रणाली को अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित, पीड़ित-केंद्रित और समयबद्ध बनाना है। वहीं, पुलिस अधीक्षक धमतरी सूरज सिंह परिहार ने कहा कि बदलते विधिक परिदृश्य में पुलिस बल का निरंतर प्रशिक्षण और क्षमता विकास समय की मांग है। उन्होंने कहा कि अपराधियों को शीघ्र सजा दिलाने और पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने के लिए गुणवत्तापूर्ण विवेचना, वैज्ञानिक साक्ष्यों का प्रभावी उपयोग और सुदृढ़ अभियोजन बेहद जरूरी है। इस प्रशिक्षण कार्यशाला में जिले के विभिन्न थानों, चौकियों और इकाइयों के लगभग 250 पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धमतरी शैलेन्द्र कुमार पांडेय, नगर पुलिस अधीक्षक अभिषेक चतुर्वेदी, उप पुलिस अधीक्षक भानूप्रताप चंद्राकर, उप पुलिस अधीक्षक सुश्री मोनिका मरावी, उप पुलिस अधीक्षक सुश्री मीना साहू, उप पुलिस अधीक्षक यशकरण दीप ध्रुव, अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) नगरी विपिन रंगारी, वैज्ञानिक अधिकारी अमित कुमार पटेल, डीपीओ अजय सिंह, रक्षित निरीक्षक दीपक शर्मा सहित सभी थाना-चौकी प्रभारी, विवेचक, सीसीटीएनएस ऑपरेटर और प्रशिक्षु उप निरीक्षक उपस्थित रहे। इस दौरान प्रकरण आधारित उदाहरणों के माध्यम से विवेचना, डिजिटल साक्ष्य, गिरफ्तारी, तलाशी, जब्ती और अदालती प्रक्रिया से जुड़ी पुलिसकर्मियों की शंकाओं का समाधान किया गया।1
- गरियाबंद पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर के दिशा-निर्देश में आज मालगांव के शिवम नर्सिंग कॉलेज में छात्र-छात्राओं और स्टाफ के लिए एक विधिक व सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कर्ण कुमार उके, डीएसपी गोपाल वैश्य, जिला अस्पताल के डॉक्टर एम.के. श्याम, मेमीचंद सोनवानी और गरियाबंद थाना प्रभारी शिशिर पाण्डेय मुख्य रूप से उपस्थित रहे। कार्यशाला के दौरान उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं को कानून, सुरक्षा और साइबर अपराधों से बचाव के कड़े नियमों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कर्ण कुमार उके ने बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर अपराधों पर प्रकाश डालते हुए छात्रों को अनजान लिंक पर क्लिक न करने, ओटीपी साझा न करने और डिजिटल बैंकिंग में सावधानी बरतने के टिप्स दिए। वहीं, थाना प्रभारी शिशिर पाण्डेय ने देश में लागू हुए नए कानूनी प्रावधानों और धाराओं के बारे में विस्तार से बताया ताकि भावी नर्स और नागरिक अपने अधिकारों व कर्तव्यों के प्रति सजग रह सकें। इसके साथ ही, डीएसपी गोपाल वैश्य ने सड़क सुरक्षा व यातायात नियमों का पालन करने की अपील करते हुए लोगों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने और नाबालिगों द्वारा वाहन न चलाने की सख्त हिदायत दी। तत्पश्चात, आपातकालीन चिकित्सा स्थिति से निपटने के लिए जिला अस्पताल के डॉक्टर एम.के. श्याम ने दिल का दौरा पड़ने या सांस रुकने की स्थिति में मरीज की जान बचाने के लिए सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेसन) तकनीक का लाइव डेमो दिया। इस प्रशिक्षण में नर्सिंग स्टाफ और उपस्थित पुलिस स्टाफ को जान बचाने की बारीकियां सिखाई गईं। इसी कड़ी में, राजिम थाना क्षेत्र के प्रेमरतन पैलेस में क्रेडिट एक्सेस फाउंडेशन द्वारा आयोजित सामाजिक आर्थिक कार्यशाला में भी राजिम पुलिस टीम और गरियाबंद साइबर सेल की टीम ने पहुंचकर उपस्थित लोगों को साइबर जागरूकता के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।2
- कांकेर के दुर्गूकोंदल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत साधुमिचगांव के आश्रित ग्राम भुसकी गोपालटोला में एक अज्ञात ट्रैक्टर की टक्कर से ट्रांसफार्मर लगा बिजली का पोल टूट गया है। इस हादसे के कारण पिछले चार दिनों से गांव में विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी है और पूरा गोपालटोला अंधेरे में डूबा हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि विभाग को घटना की सूचना देने के बाद भी अब तक कोई मरम्मत कार्य नहीं किया गया है, जिससे पीने के पानी, बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा के घरेलू काम बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से जल्द से जल्द बिजली व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। इस संबंध में कनिष्ठ यंत्री नरोत्तम राठिया ने जानकारी दी है कि मरम्मत के लिए सामग्री की व्यवस्था की जा रही है और आगामी एक-दो दिनों में पोल को ठीक करके आपूर्ति दोबारा बहाल कर दी जाएगी।1
- पुलिस महानिदेशक छत्तीसगढ़ श्री अरुण देव गौतम ने रविवार, 05 जुलाई 2026 को सूरजपुर जिले का औचक दौरा किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस राजपत्रित अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक ली, जिसमें कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और बीट पुलिसिंग की गुणवत्ता जैसे विषयों पर विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में आईजी सरगुजा रेंज श्री दीपक कुमार झा और डीआईजी/एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर भी उपस्थित रहे। डीजीपी श्री अरुण देव गौतम ने इस बात पर जोर दिया कि पुलिस की सबसे बड़ी पहचान जनता का विश्वास है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ करें। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्गों से संबंधित मामलों में तुरंत कार्रवाई करने तथा आम नागरिकों के साथ विनम्र व्यवहार बनाए रखने की बात कही। अपराधों की रोकथाम के लिए उन्होंने मुखबिर तंत्र को मजबूत करने, आदतन अपराधियों की निगरानी करने और तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने का सुझाव दिया। बैठक में लंबित प्रकरणों के निराकरण, मादक पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई, सड़क सुरक्षा और डायल-112 की कार्यप्रणाली पर भी चर्चा की गई। डीजीपी ने गंभीर अपराधों में सजा की दर बेहतर होने पर प्रसन्नता व्यक्त की और पुलिस अधिकारियों को न्यायालय में अपनी उपस्थिति शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, उन्होंने वैज्ञानिक और गुणवत्तापूर्ण विवेचना, घटनास्थल संरक्षण और डिजिटल साक्ष्यों के संग्रहण पर भी मार्गदर्शन प्रदान किया। इस समीक्षा बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश देवांगन सहित जिले के अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।1
- राजनांदगांव में फर्जी नियुक्ति पत्र देकर नौकरी का झांसा देने और लाखों की ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।1
- रायपुर के राज टॉकीज ने टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग और अपने व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए आवश्यक जानकारी और लिंक साझा किए हैं। टॉकीज के लिए ऑनलाइन टिकट बुक माय शो (BookMyShow) के माध्यम से बुक किए जा सकते हैं। इसके साथ ही, राज टॉकीज ने संपर्क के लिए फोन नंबर 0771-2229223 भी जारी किया है। टॉकीज प्रशासन ने लोगों से उनके आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल होने और दूसरों को भी जोड़ने के लिए लिंक साझा करने की अपील की है।1
- गरियाबंद जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे 'नया सवेरा' अभियान के तहत छुरा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध देशी शराब के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशों का पालन करते हुए थाना प्रभारियों द्वारा क्षेत्र में पेट्रोलिंग और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया था। इसी दौरान दिनांक 11.07.2026 को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम हरदी में छत्तीसगढ़ अस्पताल के पास एक व्यक्ति भारी मात्रा में शराब लेकर ग्राहक का इंतजार कर रहा है, जिसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी करते हुए रेड की कार्रवाई की और आरोपी को धर-दबोचा। गवाहों की मौजूदगी में ली गई तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से 35 नग अवैध देशी मदिरा प्लेन शराब बरामद हुई, जिसकी कुल मात्रा 6.300 लीटर और कीमत ₹3600 आंकी गई है। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम योगेश कुमार घृतलहरे (35 वर्ष), पिता कांतिलाल घृतलहरे, निवासी ग्राम लोहार खट्टी थाना छुरा बताया। आरोपी का यह कृत्य छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत दंडनीय पाए जाने पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है और आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया है।1
- कांकेर के भानुप्रतापपुर सरकारी अस्पताल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में एक सड़क दुर्घटना में घायल युवक के हाथ में बिना सुन्न करने वाला इंजेक्शन लगाए ही सीधे टांके लगाए जाते दिखाई दे रहे हैं। इस अनोखे इलाज पर जब आपत्ति जताई गई तो कथित तौर पर जवाब मिला कि "दो बार इंजेक्शन लगाता, उसके बदले दो बार टांका लगा दिया।" अस्पताल के इस कारनामे पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा गया है कि चिकित्सा विज्ञान भी शायद इस नए शोध से अनजान होगा। ऐसा लग रहा है कि अस्पताल में अब दर्द कम करने की नहीं, बल्कि दर्द सहने की ट्रेनिंग दी जा रही है और अगर मरीज चीखे तो समझिए इलाज सही दिशा में चल रहा है।1