फर्रुखाबाद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय से एक असंवेदनशील तस्वीर सामने आई है, जिसने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पांचाल घाट निवासी एक दिव्यांग व्यक्ति को अपना प्रमाणपत्र जमा करने के लिए कार्यालय के बाहर तपती धूप में कथित तौर पर ढाई से तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा। आरोप है कि उसे यह कहकर बैठाए रखा गया कि "साहब अभी नहीं हैं"। इस घटना ने उन सवालों को जन्म दिया है कि चलने-फिरने में हर कदम पर परेशानी झेलने वाले व्यक्ति को घंटों इंतजार कराना किस तरह की संवेदनशीलता है। सरकार एक ओर दिव्यांगों को सम्मान और सुविधा देने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर सरकारी दफ्तरों में ऐसे हालात व्यवस्था की पोल खोल रहे हैं। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग पर फिर से सवाल खड़े हो गए हैं, जिससे यह पूछा जा रहा है कि क्या एक दिव्यांग के समय और तकलीफ की कोई कीमत नहीं है, और दिव्यांगों के लिए बने नियम व सुविधाएं आखिर किसके लिए हैं।
फर्रुखाबाद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय से एक असंवेदनशील तस्वीर सामने आई है, जिसने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पांचाल घाट निवासी एक दिव्यांग व्यक्ति को अपना प्रमाणपत्र जमा करने के लिए कार्यालय के बाहर तपती धूप में कथित तौर पर ढाई से तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा। आरोप है कि उसे यह कहकर बैठाए रखा गया कि "साहब अभी नहीं हैं"। इस घटना ने उन सवालों को जन्म दिया है कि चलने-फिरने में हर कदम पर परेशानी झेलने वाले व्यक्ति को घंटों इंतजार कराना किस तरह की संवेदनशीलता है। सरकार एक ओर दिव्यांगों को सम्मान और सुविधा देने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर सरकारी दफ्तरों में ऐसे हालात व्यवस्था की पोल खोल रहे हैं। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग पर फिर से सवाल खड़े हो गए हैं, जिससे यह पूछा जा रहा है कि क्या एक दिव्यांग के समय और तकलीफ की कोई कीमत नहीं है, और दिव्यांगों के लिए बने नियम व सुविधाएं आखिर किसके लिए हैं।
- फर्रुखाबाद बस स्टैंड पर लगातार बढ़ती चोरी की घटनाओं ने यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल ही में, शोभा सक्सेना नाम की एक महिला अपने दो बच्चों के साथ लिंजीगंज स्थित अपने मायके से कायमगंज जाने के लिए बस में चढ़ने पहुंची थीं, तभी एक अज्ञात चोर उनका थैला लेकर फरार हो गया। इस घटना की जानकारी मिलते ही पीड़िता ने तुरंत पुलिस को सूचित किया और मामले की लिखित शिकायत भी दर्ज कराई। पुलिस फिलहाल बस स्टैंड पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया जा सके। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बस स्टैंड पर पुलिस चौकी नजदीक होने के बावजूद चोरों के हौसले बुलंद हैं, जिससे यात्रियों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। एक तरफ पुलिस अधीक्षक आरती सिंह द्वारा जनपद में अपराधियों और चोरों पर अंकुश लगाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, वहीं अब यह देखना होगा कि बस स्टैंड पर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और चोरी की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए पुलिस प्रशासन क्या ठोस कदम उठाता है।1
- यह आरोप लगाया गया है कि बिहार में एक 'शेर' को बिहार पुलिस ने धोखे से मार डाला है। इसी बात को लेकर अब उत्तर प्रदेश में एक बार फिर 'युद्ध' छिड़ने की बात कही जा रही है।1
- फर्रुखाबाद के सिटी मजिस्ट्रेट ने सख्त चेतावनी जारी की है, जिसमें कहा गया है कि यदि कोई संस्थान निर्धारित मानकों का पालन किए बिना संचालित किया जाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।1
- उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद स्थित CMO कार्यालय से सामने आई एक तस्वीर ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जहाँ इंसानियत फाइलों में कैद होती दिख रही है। एक दिव्यांग व्यक्ति को अपना प्रमाणपत्र जमा कराने के लिए कार्यालय के बाहर घंटों इंतजार करना पड़ा, जिससे सरकारी दफ्तरों में संवेदनहीनता उजागर हुई है। पांचाल घाट निवासी यह दिव्यांग व्यक्ति अपना प्रमाणपत्र जमा कराने CMO कार्यालय पहुँचा था, लेकिन आरोप है कि उसे करीब ढाई से तीन घंटे तक सिर्फ यह कहकर बैठाए रखा गया कि "साहब अभी नहीं हैं।" जिस व्यक्ति को चलने-फिरने में हर कदम पर परेशानी का सामना करना पड़ता है, उसे इतनी देर तक इंतजार कराना एक बेहद अमानवीय और असंवेदनशील व्यवस्था का हिस्सा प्रतीत होता है। यह घटना सरकार के उन दावों पर प्रश्नचिह्न लगाती है, जिसमें दिव्यांगों को सम्मान और सुविधाएँ देने की बात की जाती है। सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या एक दिव्यांग के समय और तकलीफ की कोई कीमत नहीं है? यदि आम लोगों के साथ भी ऐसा व्यवहार हो रहा है, तो फिर दिव्यांगों के लिए बनाए गए नियम और सुविधाएँ आखिर किसके लिए हैं, यह सोचना जरूरी हो जाता है।1
- हरदोई में बड़े मंगल के पावन अवसर पर विभिन्न स्थानों पर भंडारों का आयोजन किया गया। इन भंडारों में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और प्रसाद ग्रहण किया।1
- फर्रुखाबाद में शराब के रुपए मांगने के विवाद ने मारपीट का रूप ले लिया, जिसमें एक युवक घायल हो गया।1