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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस कि हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस कि हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं

on 8 March
user_RIVENDRA KUMAR SHARMA
RIVENDRA KUMAR SHARMA
Local News Reporter Dausa, Rajasthan•
on 8 March
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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस कि हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस कि हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं

More news from राजस्थान and nearby areas
  • बस्सी (जयपुर ग्रामीण) IPS एसीपी विनय कुमार को भावुक विदाई, राजभवन में परिसहाय पद पर हुआ स्थानांतरण, पुलिस और आमजन ने दी भव्य विदाई, कार्यकाल में अपराध नियंत्रण में मिली सफलता, घोड़ी पर बिठाकर निकाली गई रैली एंकर बस्सी (जयपुर ग्रामीण)। कानून व्यवस्था को नई दिशा देने वाले IPS एसीपी विनय कुमार के राज्यपाल के परिसहाय पद पर स्थानांतरण के अवसर पर बस्सी सर्कल में उन्हें भव्य विदाई दी गई। समारोह में सम्मान और विदाई की कसक एक साथ साफ दिखाई दी। पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने उनके कार्यकाल को सराहनीय बताते हुए उनकी सख्त प्रशासनिक पकड़ और जनहितकारी कार्यशैली की प्रशंसा की। उनके नेतृत्व में क्षेत्र में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण रहा और पुलिस व आमजन के बीच विश्वास मजबूत हुआ। समारोह के दौरान IPS एसीपी विनय कुमार को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। विदाई के क्षणों में कई लोग भावुक नजर आए। सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की, वहीं एक सक्षम अधिकारी के जाने का मलाल भी व्यक्त किया। विदाई समारोह को खास बनाने के लिए गाजे-बाजे के साथ एसीपी विनय कुमार को घोड़ी पर बिठाकर एसीपी कार्यालय से बस्सी चक तक विदाई यात्रा निकाली गई।
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    बस्सी (जयपुर ग्रामीण)
IPS एसीपी विनय कुमार को भावुक विदाई,
राजभवन में परिसहाय पद पर हुआ स्थानांतरण,
पुलिस और आमजन ने दी भव्य विदाई,
कार्यकाल में अपराध नियंत्रण में मिली सफलता,
घोड़ी पर बिठाकर निकाली गई रैली
एंकर
बस्सी (जयपुर ग्रामीण)। 
कानून व्यवस्था को नई दिशा देने वाले IPS एसीपी विनय कुमार के राज्यपाल के परिसहाय पद पर स्थानांतरण के अवसर पर बस्सी सर्कल में उन्हें भव्य विदाई दी गई। समारोह में सम्मान और विदाई की कसक एक साथ साफ दिखाई दी। पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने उनके कार्यकाल को सराहनीय बताते हुए उनकी सख्त प्रशासनिक पकड़ और जनहितकारी कार्यशैली की प्रशंसा की। उनके नेतृत्व में क्षेत्र में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण रहा और पुलिस व आमजन के बीच विश्वास मजबूत हुआ। समारोह के दौरान IPS एसीपी विनय कुमार को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। विदाई के क्षणों में कई लोग भावुक नजर आए। सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की, वहीं एक सक्षम अधिकारी के जाने का मलाल भी व्यक्त किया। विदाई समारोह को खास बनाने के लिए गाजे-बाजे के साथ एसीपी विनय कुमार को घोड़ी पर बिठाकर एसीपी कार्यालय से बस्सी चक तक विदाई यात्रा निकाली गई।
    user_Yogesh Kumar Gupta
    Yogesh Kumar Gupta
    पत्रकार बस्सी, जयपुर, राजस्थान•
    1 day ago
  • पपलाज माता मंदिर परिसर में गंदगी से बढ़ा बीमारी का खतरा घाटा आंतरी पहाड़ों में स्थित पपलाज माता का प्रसिद्ध मंदिर, जहां देश-विदेश से श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, इन दिनों गंदगी की समस्या से जूझ रहा है। यहां होने वाली सवामणी व प्रसादी के बाद पत्तल, प्लास्टिक गिलास व अन्य कचरा मंदिर परिसर में ही फेंक दिया जाता है। इससे न केवल दुर्गंध फैल रही है, बल्कि मच्छर-मक्खियों और कीट-पतंगों के कारण बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है। आवारा पशु और वन्य जीव भी इस कचरे को खा रहे हैं, जिससे पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने मंदिर समिति, प्रशासन व जनप्रतिनिधियों से नियमित कचरा संग्रहण की व्यवस्था करने की मांग की है। साथ ही आयोजकों और श्रद्धालुओं से भी स्वच्छता बनाए रखने की अपील की गई है, ताकि आस्था के इस प्रमुख तीर्थ स्थल को साफ-सुथरा रखा जा सके।
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    पपलाज माता मंदिर परिसर में गंदगी से बढ़ा बीमारी का खतरा
घाटा आंतरी पहाड़ों में स्थित पपलाज माता का प्रसिद्ध मंदिर, जहां देश-विदेश से श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, इन दिनों गंदगी की समस्या से जूझ रहा है। यहां होने वाली सवामणी व प्रसादी के बाद पत्तल, प्लास्टिक गिलास व अन्य कचरा मंदिर परिसर में ही फेंक दिया जाता है।
इससे न केवल दुर्गंध फैल रही है, बल्कि मच्छर-मक्खियों और कीट-पतंगों के कारण बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है। आवारा पशु और वन्य जीव भी इस कचरे को खा रहे हैं, जिससे पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने मंदिर समिति, प्रशासन व जनप्रतिनिधियों से नियमित कचरा संग्रहण की व्यवस्था करने की मांग की है। साथ ही आयोजकों और श्रद्धालुओं से भी स्वच्छता बनाए रखने की अपील की गई है, ताकि आस्था के इस प्रमुख तीर्थ स्थल को साफ-सुथरा रखा जा सके।
    user_Girdhari lal Sahu
    Girdhari lal Sahu
    Lalsot, Dausa•
    4 hrs ago
  • लालसोट (दौसा) क्षेत्र के खुर्रा स्थित सुप्रसिद्ध श्री बिजासणी माता मंदिर में आयोजित वार्षिक मेले के पावन अवसर पर हजारों की संख्या में भक्तों ने दर्शन किए। वही माता के चरणों में अपनी अरदास लगाकर कुशल जीवन की कामना की। इस भव्य धार्मिक आयोजन में क्षेत्रभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। मेले का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय रहा, जहाँ माता रानी के जयकारों से पूरा परिसर गुंजायमान हो उठा। मंदिर परिसर में भक्तों द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना कर माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली और जनकल्याण की कामना की। इस अवसर पर अनेकों प्रकार की दुकान भी सजाई गई जिन पर महिलाओं द्वारा खरीददारी करती हुई नजर आई। वही बच्चों के लिए विशेष झूलों भी लगाये गये जिन पर बच्चों ने झूला झूल कर भरपूर आनंद लिया। वही अनेकों प्रकार के छोटे दुकानदारों द्वारा भी अनोखी प्रकार की दुकान लगाई गई। ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन हमारी परंपराओं को जीवंत रखने के साथ-साथ समाज में एकता, भाईचारे और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। माता बिजासणी से प्रार्थना है, कि सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं उत्तम स्वास्थ्य बना रहे।
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    लालसोट (दौसा) क्षेत्र के खुर्रा स्थित सुप्रसिद्ध श्री बिजासणी माता मंदिर में आयोजित वार्षिक मेले के पावन अवसर पर हजारों की संख्या में भक्तों ने दर्शन  किए। वही माता के चरणों में अपनी अरदास लगाकर कुशल जीवन की कामना की।
इस भव्य धार्मिक आयोजन में क्षेत्रभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। मेले का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय रहा, जहाँ माता रानी के जयकारों से पूरा परिसर गुंजायमान हो उठा।
मंदिर परिसर में भक्तों द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना कर माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली और जनकल्याण की कामना की। इस अवसर पर अनेकों प्रकार की दुकान भी सजाई गई जिन पर महिलाओं द्वारा खरीददारी करती हुई नजर आई। वही बच्चों के लिए विशेष झूलों  भी लगाये गये जिन पर बच्चों ने झूला झूल कर भरपूर आनंद लिया। वही अनेकों प्रकार के छोटे दुकानदारों द्वारा भी अनोखी प्रकार की दुकान लगाई गई।
ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन हमारी परंपराओं को जीवंत रखने के साथ-साथ समाज में एकता, भाईचारे और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।
माता बिजासणी से प्रार्थना है, कि सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं उत्तम स्वास्थ्य बना रहे।
    user_पत्रकार  : ‌ प्रकाश सैनी
    पत्रकार : ‌ प्रकाश सैनी
    Advertising agency लालसोट, दौसा, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • महिला कर्मचारी का वायरल होता वीडियो, काम के लिए पहुंचे प्राथी से बोली नहीं कर रही , चाहे एसडीएम को बुलाले या कलेक्टर और मुख्यमंत्री को , क्या करेंगे मेरा
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    महिला कर्मचारी का वायरल होता वीडियो, काम के लिए पहुंचे प्राथी से बोली नहीं कर रही , चाहे एसडीएम को बुलाले या कलेक्टर और मुख्यमंत्री को , क्या करेंगे मेरा
    user_Neha Chaturvedi
    Neha Chaturvedi
    Local News Reporter Amber, Jaipur•
    12 hrs ago
  • आंधी तहसील के चांदराना में पैंथर के हमले से गिर्राज गुर्जर को हुआ भारी नुकसान
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    आंधी तहसील के चांदराना में पैंथर के हमले से गिर्राज गुर्जर को हुआ भारी नुकसान
    user_आपकी आवाज
    आपकी आवाज
    Local News Reporter आंधी, जयपुर, राजस्थान•
    9 min ago
  • जयपुर राजस्थान में भारतीय पत्रकार संघ (AIJ) की प्रभावशाली बैठक: नई टीम का गठन : संतोष अग्रवाल व गोपाल गुप्ता बने प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जयपुर जिला अध्यक्ष कमलनयन सिंह एवं जिला महासचिव केशव सिंह सोलंकी बने। प्रदेश अध्यक्ष कमल कुमार झोटा ने दिए संगठन विस्तार को निर्देश जयपुर। भारतीय पत्रकार संघ (AIJ) की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक शनिवार को शहर के गणगौर होटल में प्रदेश अध्यक्ष कमल कुमार झोटा के सानिध्य में संपन्न हुई। बैठक का उद्देश्य संगठन को और अधिक सुदृढ़, सक्रिय एवं प्रभावी बनाना रहा, जिसके त
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    जयपुर राजस्थान में भारतीय पत्रकार संघ (AIJ) की प्रभावशाली बैठक: नई टीम का गठन : संतोष अग्रवाल व गोपाल गुप्ता बने प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जयपुर जिला अध्यक्ष कमलनयन सिंह एवं जिला महासचिव केशव सिंह सोलंकी बने।
प्रदेश अध्यक्ष कमल कुमार झोटा ने दिए संगठन विस्तार को निर्देश 
जयपुर। भारतीय पत्रकार संघ (AIJ) की एक अत्यंत महत्वपूर्ण  बैठक शनिवार को शहर के गणगौर  होटल में प्रदेश अध्यक्ष कमल कुमार झोटा  के सानिध्य में संपन्न हुई। बैठक का उद्देश्य संगठन को और अधिक सुदृढ़, सक्रिय एवं प्रभावी बनाना रहा, जिसके त
    user_जनतंत्र की आवाज
    जनतंत्र की आवाज
    City Star जयपुर, जयपुर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • भावुक विदाई: जब रामपुर के कप्तान की रवानगी पर छलक पड़े पुलिसकर्मियों के आंसू ​रामपुर (उत्तर प्रदेश): अक्सर पुलिस महकमे में अधिकारियों के तबादले एक सामान्य प्रक्रिया माने जाते हैं, जहाँ विदाई समारोह महज एक औपचारिकता बनकर रह जाते हैं। लेकिन रामपुर के एसपी आईपीएस विद्यासागर मिश्र की विदाई ने एक ऐसी मिसाल पेश की है, जिसने यह साबित कर दिया कि एक अधिकारी अपने व्यवहार और संवेदनशीलता से लोगों के दिलों में कितनी गहरी जगह बना सकता है। ​परंपरा से हटकर भावुक हुआ माहौल ​राजस्थान और उत्तर भारत के कई हिस्सों में आईपीएस अधिकारियों की विदाई के समय घोड़ी, गाजे-बाजे और शाही अंदाज की परंपरा रही है। हालांकि, रामपुर में नजारा इससे बिल्कुल अलग और दिल को छू लेने वाला था। यहाँ भव्यता से ज्यादा भावनाओं का सैलाब देखने को मिला। ​क्यों नम हुईं स्टाफ की आंखें? ​विदाई समारोह के दौरान जैसे ही एसपी विद्यासागर मिश्र की रवानगी का समय आया, वहां मौजूद पुलिस स्टाफ खुद को संभाल नहीं पाया। कई जवानों और अधिकारियों की आंखें नम हो गईं। इसकी मुख्य वजहें थीं: ​संवेदनशील व्यवहार: आईपीएस मिश्र को केवल एक कड़क अधिकारी के रूप में नहीं, बल्कि एक संवेदनशील इंसान के रूप में जाना गया। ​कार्यशैली: उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान स्टाफ के साथ एक परिवार के मुखिया जैसा व्यवहार किया। ​लोकप्रियता: उनकी इंसानियत और मिलनसार स्वभाव ने उन्हें पुलिस महकमे के हर छोटे-बड़े कर्मचारी के बीच बेहद लोकप्रिय बना दिया था। ​एक मिसाल बनी विदाई ​जहाँ आज के दौर में पुलिस की छवि अक्सर कठोर मानी जाती है, वहीं विद्यासागर मिश्र की विदाई का यह दृश्य इस बात का प्रमाण है कि यदि नेतृत्व में इंसानियत और व्यवहार कुशलता हो, तो वह एक यादगार भावनात्मक जुड़ाव पैदा कर सकता है। रामपुर के लिए यह पल केवल एक तबादला नहीं, बल्कि एक ऐसे 'अभिभावक' की रवानगी थी जिसने खाकी के पीछे छिपे मानवीय चेहरे को उजागर किया। ​"विदाई तो सिर्फ एक औपचारिकता थी, असली विदाई तो उन आंसुओं ने दी जो स्टाफ की आंखों से उनके सम्मान में निकले।"
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    भावुक विदाई: जब रामपुर के कप्तान की रवानगी पर छलक पड़े पुलिसकर्मियों के आंसू
​रामपुर (उत्तर प्रदेश): अक्सर पुलिस महकमे में अधिकारियों के तबादले एक सामान्य प्रक्रिया माने जाते हैं, जहाँ विदाई समारोह महज एक औपचारिकता बनकर रह जाते हैं। लेकिन रामपुर के एसपी आईपीएस विद्यासागर मिश्र की विदाई ने एक ऐसी मिसाल पेश की है, जिसने यह साबित कर दिया कि एक अधिकारी अपने व्यवहार और संवेदनशीलता से लोगों के दिलों में कितनी गहरी जगह बना सकता है।
​परंपरा से हटकर भावुक हुआ माहौल
​राजस्थान और उत्तर भारत के कई हिस्सों में आईपीएस अधिकारियों की विदाई के समय घोड़ी, गाजे-बाजे और शाही अंदाज की परंपरा रही है। हालांकि, रामपुर में नजारा इससे बिल्कुल अलग और दिल को छू लेने वाला था। यहाँ भव्यता से ज्यादा भावनाओं का सैलाब देखने को मिला।
​क्यों नम हुईं स्टाफ की आंखें?
​विदाई समारोह के दौरान जैसे ही एसपी विद्यासागर मिश्र की रवानगी का समय आया, वहां मौजूद पुलिस स्टाफ खुद को संभाल नहीं पाया। कई जवानों और अधिकारियों की आंखें नम हो गईं। इसकी मुख्य वजहें थीं:
​संवेदनशील व्यवहार: आईपीएस मिश्र को केवल एक कड़क अधिकारी के रूप में नहीं, बल्कि एक संवेदनशील इंसान के रूप में जाना गया।
​कार्यशैली: उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान स्टाफ के साथ एक परिवार के मुखिया जैसा व्यवहार किया।
​लोकप्रियता: उनकी इंसानियत और मिलनसार स्वभाव ने उन्हें पुलिस महकमे के हर छोटे-बड़े कर्मचारी के बीच बेहद लोकप्रिय बना दिया था।
​एक मिसाल बनी विदाई
​जहाँ आज के दौर में पुलिस की छवि अक्सर कठोर मानी जाती है, वहीं विद्यासागर मिश्र की विदाई का यह दृश्य इस बात का प्रमाण है कि यदि नेतृत्व में इंसानियत और व्यवहार कुशलता हो, तो वह एक यादगार भावनात्मक जुड़ाव पैदा कर सकता है। रामपुर के लिए यह पल केवल एक तबादला नहीं, बल्कि एक ऐसे 'अभिभावक' की रवानगी थी जिसने खाकी के पीछे छिपे मानवीय चेहरे को उजागर किया।
​"विदाई तो सिर्फ एक औपचारिकता थी, असली विदाई तो उन आंसुओं ने दी जो स्टाफ की आंखों से उनके सम्मान में निकले।"
    user_Neha Chaturvedi
    Neha Chaturvedi
    Local News Reporter Amber, Jaipur•
    12 hrs ago
  • असली कमाई तो ये ही है... कल राजस्थान विश्वविद्यालय के पास से। दो राहगीर युवक उधर से गुजर रहा था। पुलिस की गाड़ी खड़ी थी। बोनट पर काटा हुआ केक रखा था। दो-तीन वर्दीधारी और दो-तीन सिविलियन हंसी-खुशी के माहौल में केक खा रहे थे और खिला रहे थे। एक महिला के गोद में बच्चा भी था। एक युवक गाड़ी चला रहा हैं और उसका दोस्त को बोला यार थोड़ा बैक लो। बड़ा ही मस्त दृश्य लग रहा है। छोटा सा वीडियो बनाते हैं। वे अपने हिसाब से सोच रहा था कि कोई महिला पुलिसकर्मी ड्यूटी पर है और बच्चे का बर्थडे होगा इसलिए यहीं पर केक काटकर खुशी मना रहे होंगे। शायद असली बात पता ही नहीं चलती अगर उनमें से एक पुलिस का जवान वीडियो बना रहे युवकों की गाड़ी के पास नहीं आता। जवान ने पूछा कि वीडियो क्यों बना रहे हैं? एक युवक ने कहा, यार बड़ा अच्छा लग रहा है देखकर। बच्चे का बर्थडे पुलिस वाले ऐसे मनाते हैं, कितनी मुश्किल ड्यूटी होती होगी पुलिस वालों की? पुलिस का जवान धीरे से मुस्कुरा दिया। फिर बोला- सर जी, बात यह नहीं है। आप नीचे उतरेंगे तो बताऊंगा। मैंने कहा लो भाई, नीचे आ जाते हैं। अब बता दो क्या बात है। उसने जो कहानी बताई वह तो सच में ही दिल को छू गई। फिर हम भी गाड़ी के पास ही पहुंच गए। असल बात यह थी कि बर्थ-डे बच्चे का नहीं बल्कि वहां ड्यूटी पर तैनात महिला इंस्पेक्टर गुंजन सोनी का था। केक अलवर से एक दंपती लेकर आए थे। इंस्पेक्टर गुंजन सोनी ने अपनी अलवर पोस्टिंग के दौरान इस जोड़े की शादी को टूटने से बचाया था। दोनों के बीच कुछ अनबन और गलतफहमी थी जिसे समझाईश से गुंजन ने दूर कर दिया था और दोनों तभी से खुशी-खुशी साथ रहते हैं। गुंजन के हर जन्मदिन पर दोनों केक लेकर जोड़े से आते हैं। कल गुंजन की ड्यूटी दिन भर यूनिवर्सिटी के गेट पर थी तो दोनों यहीं आ गए। मैं हैरान रह गया। आप ड्यूटी के दौरान कई बार कितने अच्छे काम कर जाते हैं और उसकी छाप कितनी गहरी पड़ती होगी? हम नौकरी और प्रोफेशन में कितना कमाते हैं, कितना बचाते हैं यह मायने नहीं रखता लेकिन अगर हम लोगों का ऐसा प्यार कमाते हैं, तो मैं समझता हूं कि असली कमाई यही है। बाकी सब कुछ इसके नीचे-नीचे ही है।
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    असली कमाई तो ये ही है... कल राजस्थान विश्वविद्यालय के पास से। दो राहगीर युवक उधर से गुजर रहा था। पुलिस की गाड़ी खड़ी थी। बोनट पर काटा हुआ केक रखा था। दो-तीन वर्दीधारी और दो-तीन सिविलियन हंसी-खुशी के माहौल में केक खा रहे थे और खिला रहे थे। एक महिला के गोद में बच्चा भी था। एक युवक गाड़ी चला रहा हैं और उसका दोस्त को बोला यार थोड़ा बैक लो। बड़ा ही मस्त दृश्य लग रहा है। छोटा सा वीडियो बनाते हैं। वे अपने हिसाब से सोच रहा था कि कोई महिला पुलिसकर्मी ड्यूटी पर है और बच्चे का बर्थडे होगा इसलिए यहीं पर केक काटकर खुशी मना रहे होंगे। शायद असली बात पता ही नहीं चलती अगर उनमें से एक पुलिस का जवान वीडियो बना रहे युवकों की गाड़ी के पास नहीं आता। जवान ने पूछा कि वीडियो क्यों बना रहे हैं? एक युवक ने  कहा, यार बड़ा अच्छा लग रहा है देखकर। बच्चे का बर्थडे पुलिस वाले ऐसे मनाते हैं, कितनी मुश्किल ड्यूटी होती होगी पुलिस वालों की? पुलिस का जवान धीरे से मुस्कुरा दिया। फिर बोला- सर जी, बात यह नहीं है। आप नीचे उतरेंगे तो बताऊंगा। मैंने कहा लो भाई, नीचे आ जाते हैं। अब बता दो क्या बात है। उसने जो कहानी बताई वह तो सच में ही दिल को छू गई। फिर हम भी गाड़ी के पास ही पहुंच गए। असल बात यह थी कि बर्थ-डे बच्चे का नहीं बल्कि वहां ड्यूटी पर तैनात महिला इंस्पेक्टर गुंजन सोनी का था। केक अलवर से एक दंपती लेकर आए थे। इंस्पेक्टर गुंजन सोनी ने अपनी अलवर पोस्टिंग के दौरान इस जोड़े की शादी को टूटने से बचाया था। दोनों के बीच कुछ अनबन और गलतफहमी थी जिसे समझाईश से गुंजन ने दूर कर दिया था और दोनों तभी से खुशी-खुशी साथ रहते हैं। गुंजन के हर जन्मदिन पर दोनों केक लेकर जोड़े से आते हैं। कल गुंजन की ड्यूटी दिन भर यूनिवर्सिटी के गेट पर थी तो दोनों यहीं आ गए। मैं हैरान रह गया। आप ड्यूटी के दौरान कई बार कितने अच्छे काम कर जाते हैं और उसकी छाप कितनी गहरी पड़ती होगी? हम नौकरी और प्रोफेशन में कितना कमाते हैं, कितना बचाते हैं यह मायने नहीं रखता लेकिन अगर हम लोगों का ऐसा प्यार कमाते हैं, तो मैं समझता हूं कि असली कमाई यही है। बाकी सब कुछ इसके नीचे-नीचे ही है।
    user_पुरुषोत्तम तिवाड़ी
    पुरुषोत्तम तिवाड़ी
    रिपोर्टर जयपुर, जयपुर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • कल हुई तेज आंधी और ओलावृष्टि ने कई इलाकों में भारी तबाही मचा दी। अचानक बदले मौसम ने आम लोगों, खासकर किसानों, मजदूरों और घुमंतू परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तेज हवाओं के साथ गिरे बड़े-बड़े ओलों ने घरों की छतें उड़ा दीं और कच्चे मकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया। इस प्राकृतिक आपदा में कई पशुओं की मौत हो गई, जिससे ग्रामीणों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। खेतों में खड़ी फसलें भी बर्बाद हो गईं, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया। घुमंतू और मजदूर वर्ग के लोग अब खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की ओर से अभी तक पर्याप्त मदद नहीं पहुंच पाई है। पीड़ित परिवार राहत और मुआवजे की मांग कर रहे हैं, ताकि वे इस संकट से उबर सकें। फिलहाल प्रभावित इलाकों में हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं और लोग जल्द से जल्द राहत की उम्मीद कर रहे हैं।
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    कल हुई तेज आंधी और ओलावृष्टि ने कई इलाकों में भारी तबाही मचा दी। अचानक बदले मौसम ने आम लोगों, खासकर किसानों, मजदूरों और घुमंतू परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तेज हवाओं के साथ गिरे बड़े-बड़े ओलों ने घरों की छतें उड़ा दीं और कच्चे मकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया।
इस प्राकृतिक आपदा में कई पशुओं की मौत हो गई, जिससे ग्रामीणों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। खेतों में खड़ी फसलें भी बर्बाद हो गईं, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया। घुमंतू और मजदूर वर्ग के लोग अब खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की ओर से अभी तक पर्याप्त मदद नहीं पहुंच पाई है। पीड़ित परिवार राहत और मुआवजे की मांग कर रहे हैं, ताकि वे इस संकट से उबर सकें।
फिलहाल प्रभावित इलाकों में हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं और लोग जल्द से जल्द राहत की उम्मीद कर रहे हैं।
    user_Isha sharma
    Isha sharma
    Jaipur, Rajasthan•
    7 hrs ago
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