कटनी पुलिस आगामी मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। इसी क्रम में, पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के नेतृत्व में कटनी शहर और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल के साथ एक भव्य फ्लैग मार्च निकाला गया। इस मार्च के दौरान, सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ-साथ पुलिस ने आमजन, व्यापारियों और गणमान्य नागरिकों से संवाद स्थापित कर क्षेत्र की स्थिति एवं आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने स्पष्ट रूप से कहा कि कटनी पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता मुहर्रम पर्व को आपसी भाईचारे, शांति और सौहार्द के माहौल में पूरा कराना है। उन्होंने नागरिकों से किसी भी प्रकार की अफवाहों पर विश्वास न करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या असामाजिक तत्व की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की अपील की। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने, सामाजिक सौहार्द खराब करने या धार्मिक भावनाओं को भड़काने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। कटनी पुलिस ने विशेष रूप से सोशल मीडिया पर कड़ी नजर रखने की बात कही है। पुलिस के अनुसार, भड़काऊ, आपत्तिजनक या धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली पोस्ट, टिप्पणी और सामग्री साझा करने वालों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है, और ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस का संदेश साफ है कि कटनी में मुहर्रम शांति और भाईचारे के साथ मनाया जाएगा, जबकि माहौल बिगाड़ने वालों पर पुलिस की पैनी नजर और सख्त कार्रवाई तय है।
कटनी पुलिस आगामी मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। इसी क्रम में, पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के नेतृत्व में कटनी शहर और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल के साथ एक भव्य फ्लैग मार्च निकाला गया। इस मार्च के दौरान, सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ-साथ पुलिस ने आमजन, व्यापारियों और गणमान्य नागरिकों से संवाद स्थापित कर क्षेत्र की स्थिति एवं आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने स्पष्ट रूप से कहा कि कटनी पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता मुहर्रम पर्व को आपसी भाईचारे, शांति और सौहार्द के माहौल में पूरा कराना है। उन्होंने नागरिकों से किसी भी प्रकार की अफवाहों पर विश्वास न करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या असामाजिक तत्व की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की अपील की। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने, सामाजिक सौहार्द खराब करने या धार्मिक भावनाओं को भड़काने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। कटनी पुलिस ने विशेष रूप से सोशल मीडिया पर कड़ी नजर रखने की बात कही है। पुलिस के अनुसार, भड़काऊ, आपत्तिजनक या धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली पोस्ट, टिप्पणी और सामग्री साझा करने वालों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है, और ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस का संदेश साफ है कि कटनी में मुहर्रम शांति और भाईचारे के साथ मनाया जाएगा, जबकि माहौल बिगाड़ने वालों पर पुलिस की पैनी नजर और सख्त कार्रवाई तय है।
- कटनी जिले में मुहर्रम पर्व के मद्देनजर कटनी पुलिस पूरी तरह सतर्क है। सुरक्षा-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से, पुलिस अधीक्षक (एसपी) के नेतृत्व में शहर में एक फ्लैग मार्च निकाला गया।1
- कटनी नगर में माता रानी की कृपा और मंत्रोच्चार के पावन वातावरण में भक्तों ने अद्भुत श्रद्धा का अनुभव किया। पूजा के दौरान अचानक नारियल से धुआँ निकलता देख सभी भक्त भावविभोर हो गए। इस घटना को भक्तों ने माता रानी की दिव्य कृपा और आशीर्वाद का प्रतीक मानते हुए जयकारों के साथ उनका स्मरण किया। यह दृश्य माँ की दिव्य कृपा का प्रतीक बना।1
- कटनी शहर में एक शराब दुकान पर कट्टा लहराकर कर्मचारियों और ग्राहकों में दहशत फैलाने वाले तीन बदमाशों को पुलिस ने 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। इन आरोपियों ने खुलेआम हथियार दिखाकर इलाके में भय का माहौल बनाने की कोशिश की थी, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई थी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस तत्काल सक्रिय हुई और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई के परिणामस्वरूप, तीनों आरोपी जल्द ही गिरफ्त में आ गए। पुलिस अब गिरफ्तार बदमाशों से पूछताछ कर रही है और उनके आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आरोपियों ने शराब दुकान पहुँचकर कट्टा लहराते हुए कर्मचारियों को धमकाया, जिससे वहाँ मौजूद लोगों में दहशत फैल गई थी। इस गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में पुलिस की तत्परता की सराहना की जा रही है, और लोगों का कहना है कि समय पर कार्रवाई होने से एक बड़ा हादसा टल गया। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कटनी में गुंडागर्दी, हथियारबाजी और आम जनता को डराने-धमकाने वालों के खिलाफ लगातार सख्त अभियान चलाया जाएगा और कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। कटनी पुलिस का साफ संदेश है कि कट्टा लहराने वालों की जगह अब सलाखों के पीछे है।1
- कटनी शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए एक गंभीर घटना सामने आई है, जहाँ गांधी स्कूल के समीप रविवार देर रात डायल 112 वाहन में तैनात एक आरक्षक पर तीन युवकों ने हमला कर मारपीट की। इस पूरी घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए गंभीर धाराओं में FIR दर्ज कर ली है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना रविवार देर रात की है जब पूनम बर्मन नामक महिला ने कोतवाली थाने के अंतर्गत डायल 112 को पारिवारिक विवाद की सूचना दी थी, जिसमें उसके भाई को कुछ लोगों द्वारा पीटा जा रहा था। सूचना मिलते ही आरक्षक रूपेश यादव बिना वक्त गंवाए मौके पर पहुँचे। जब आरक्षक रूपेश यादव ने मुख्य आरोपी गापू बर्मन और उसके दोनों साथियों को रोकने तथा मामले की पूछताछ करने का प्रयास किया, तो तीनों आरोपी भड़क गए और पुलिस की मौजूदगी का खौफ न रखते हुए ऑन-ड्यूटी आरक्षक रूपेश यादव पर ही हमला कर दिया और उनके साथ जमकर मारपीट की। इस दौरान वहाँ मौजूद किसी चश्मदीद ने घटना का वीडियो बना लिया। घटना के तुरंत बाद पीड़ित आरक्षक ने कोतवाली थाने में मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने वायरल वीडियो को साक्ष्य के रूप में शामिल किया है। आरोपियों के खिलाफ शासकीय सेवक पर हमला करने, शासकीय कार्य में व्यवधान उत्पन्न करने और मारपीट की गंभीर धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) नेहा पच्चीसिहा ने इस संबंध में बताया कि पूनम बर्मन की शिकायत और पीड़ित पुलिसकर्मी की रिपोर्ट पर तीन नामजद और अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस टीमें गठित कर दी गई हैं और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है, जिससे जल्द ही सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।1
- मैहर के सरलानगर में शासन-प्रशासन की नाक के नीचे अवैध शराब का कारोबार धड़ल्ले से फल-फूल रहा है। स्थानीय ग्रामीणों और प्रबुद्ध नागरिकों ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) और जिला कलेक्टर तक को लिखित शिकायत दी है, लेकिन इसके बावजूद अवैध शराब की पैकारी बंद होने का नाम नहीं ले रही है। जिम्मेदार अधिकारियों की इस बेरुखी से स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। क्षेत्र में बढ़ते इस अवैध कारोबार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए ग्रामीणों ने बीते 19 मई 2026 को एसपी और कलेक्टर को एक लिखित शिकायती पत्र सौंपा था। इस पत्र में प्रशासन को बताया गया था कि अवैध शराब विक्रेताओं के कारण आम जनमानस, विशेषकर महिलाओं और बच्चों का जीवन दूभर हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इन शराब ठिकानों को तत्काल बंद करने या अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग की थी। हालांकि, इस शिकायत को एक महीने से भी अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। प्रशासन की इस निष्क्रियता के कारण शराब माफियाओं के हौसले और बुलंद हो गए हैं। सरलानगर के निवासियों का कहना है कि अवैध शराब पैकारी के कारण गली-मोहल्लों में अराजकता का माहौल बना रहता है। शराबियों के जमावड़े के चलते महिलाओं और युवतियों का रास्ते से निकलना मुश्किल हो गया है। क्षेत्र के युवा और दैनिक मजदूर इस अवैध शराब की लत के शिकार होकर अपने परिवारों को बर्बाद कर रहे हैं। पैकारी स्थलों के आसपास देर रात तक असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे कभी भी कोई बड़ी अप्रिय घटना घटित होने की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा है कि उन्होंने कानून व्यवस्था पर भरोसा करके शांतिपूर्वक कलेक्टर और एसपी को ज्ञापन सौंपा था, परंतु एक महीना बीतने के बाद भी पुलिस या आबकारी विभाग ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। उनका मानना है कि प्रशासन को उनकी परेशानियों से कोई सरोकार नहीं है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सरलानगर को इस अवैध शराब के अभिशाप से मुक्ति नहीं दिलाई गई, तो वे उग्र आंदोलन और चक्काजाम करने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। अब देखना यह है कि इस गंभीर स्थिति के बावजूद "कुंभकर्णी नींद में सोया" आबकारी विभाग और स्थानीय पुलिस जागेगी या शराब माफियाओं को यूं ही खुली छूट मिलती रहेगी।2
- नादन देहात थाना की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। इस स्थिति के चलते यह महत्वपूर्ण प्रश्न उठ रहा है कि एक बुजुर्ग व्यक्ति को आखिर कब न्याय मिल पाएगा।1
- कटनी में स्टेशन चौराहा स्थित एक शराब दुकान पर कर्मचारी को कट्टा दिखाकर धमकाने और दहशत फैलाने का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद यह पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गया। कोतवाली पुलिस ने मामले पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की जांच में मुख्य आरोपी गांधीगंज निवासी गोलू सक्सेना को पकड़ा गया, जिसके कब्जे से एक देशी कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। वहीं, पुलिस ने जानू उर्फ महेंद्र चौहान और अंशुल भारती को भी गिरफ्तार किया है, जिनके पास से धारदार चाकू जब्त किए गए। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शराब दुकान के कर्मचारी और मुख्य आरोपी के बीच कोई पुराना विवाद था। पुलिस इस बात की भी गहनता से जांच कर रही है कि यह घटना केवल डराने-धमकाने के उद्देश्य से की गई थी या इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश थी। फिलहाल, आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई जारी है।1
- पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात और टीआई ज्योति शुक्ला के निर्देशन में दो दिवसीय चालानी कार्यवाही सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस अभियान के तहत यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कार्रवाई करते हुए कुल एक लाख छह हजार नौ सौ रुपये (₹1,06,900) समन शुल्क के रूप में वसूल किए गए। दिनांक 21/06/26 को हुई कार्रवाई में बिना हेलमेट वाहन के 26 प्रकरणों से 7,800 रुपये और बिना वैध बीमा वाहन के 1 प्रकरण से 6,000 रुपये का समन शुल्क वसूला गया। वहीं, दिनांक 22/06/26 को बिना हेलमेट के 16 प्रकरणों से 4,800 रुपये, बिना वैध बीमा वाहन के 1 प्रकरण से 500 रुपये, ओवर लोड माल के 2 प्रकरणों से 42,000 रुपये और बिना परमिटवस के मामलों में 10,000 रुपये वसूल किए गए। इसके अतिरिक्त, शराब पीकर वाहन चलाने वाले चालकों के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई और उनके प्रकरण तैयार कर न्यायालय में भेजे गए। इस पूरी कार्यवाही को सफलतापूर्वक संचालित करने में भारतेड पाण्डेय, कल्याण सिंह, अमय प्रताप सिंह, पीयूष मिश्रा, ब्रजेश यादव और चंद्र भान महोबिया ने अहम भूमिका निभाई।1
- एक ठेकेदार के खिलाफ संभावित कार्यवाही को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। इस मुद्दे पर बार-बार यह पूछा जा रहा है कि क्या संबंधित ठेकेदार पर कोई कार्रवाई की जाएगी, ताकि जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।1