बगोदर के औंरा स्थित मस्जिद और मदरसा से जुड़ी जमीन तथा अनुदान राशि में कथित गड़बड़ी के आरोपों के बाद, अंजुमन कमेटी और मुस्लिम समुदाय खुलकर सामने आया है। समुदाय के प्रतिनिधियों ने इन आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए दस्तावेज़ पेश किए हैं और इन्हें मस्जिद-मदरसा की छवि धूमिल करने तथा समाज को बांटने की एक साजिश करार दिया है। अंजुमन कमेटी औंरा के सदर सरफराज अहमद ने मीडिया को बताया कि मस्जिद और मदरसा की 37 डिसमिल जमीन को लेकर लगाए जा रहे आरोप तथ्यों से परे हैं। उन्होंने संबंधित दस्तावेज दिखाते हुए स्पष्ट किया कि करीब 45 वर्ष पूर्व यह जमीन मौलाना मो. युनूस रसीदी के नाम रजिस्ट्री हुई थी, लेकिन दस्तावेजों में यह साफ लिखा है कि जमीन का उपयोग मस्जिद और मदरसा के लिए ही होगा। इसलिए, मौलाना युनूस रसीदी या उनके वारिसों का इस जमीन पर कोई व्यक्तिगत स्वामित्व या अधिकार नहीं है। मदरसा अनुदान राशि के कथित गबन के आरोपों पर कमेटी ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि मौलाना मो. युनूस रसीदी लगभग 10 वर्ष पूर्व सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि जिस अनुदान राशि को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं, वह तीन वर्ष पहले प्राप्त हुई थी। ऐसे में उनकी सेवानिवृत्ति के बाद मिली राशि के गबन का सवाल ही नहीं उठता। अंजुमन कमेटी और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने आरोप लगाने वालों पर पलटवार करते हुए कहा कि जिन लोगों द्वारा यह मुद्दा उठाया जा रहा है, उनका मस्जिद और मदरसा के संचालन से कोई संबंध नहीं है। समुदाय का आरोप है कि पहले भी इसी तरह के प्रयास कर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और लोगों को बांटने की कोशिश की गई थी, जिसका समुदाय ने एकजुट होकर जवाब दिया था। कमेटी सदस्यों ने मौलाना मो. युनूस रसीदी को एक सम्मानित और नेकदिल व्यक्ति बताया, जिन्होंने पूर्व में भी उन्हें बदनाम कर मदरसा से अलग करने के प्रयास के बावजूद समुदाय के आग्रह पर दोबारा जिम्मेदारी संभाली थी। समुदाय ने स्पष्ट किया है कि मस्जिद और मदरसा से जुड़े मामलों को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम और आरोपों का जवाब तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर दिया जाएगा और किसी भी साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
बगोदर के औंरा स्थित मस्जिद और मदरसा से जुड़ी जमीन तथा अनुदान राशि में कथित गड़बड़ी के आरोपों के बाद, अंजुमन कमेटी और मुस्लिम समुदाय खुलकर सामने आया है। समुदाय के प्रतिनिधियों ने इन आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए दस्तावेज़ पेश किए हैं और इन्हें मस्जिद-मदरसा की छवि धूमिल करने तथा समाज को बांटने की एक साजिश करार दिया है। अंजुमन कमेटी औंरा के सदर सरफराज अहमद ने मीडिया को बताया कि मस्जिद और मदरसा की 37 डिसमिल जमीन को लेकर लगाए जा रहे आरोप तथ्यों से परे हैं। उन्होंने संबंधित दस्तावेज दिखाते हुए स्पष्ट किया कि करीब 45 वर्ष पूर्व यह जमीन मौलाना मो. युनूस रसीदी के नाम रजिस्ट्री हुई थी, लेकिन दस्तावेजों में यह साफ लिखा है कि जमीन का उपयोग मस्जिद और मदरसा के लिए ही होगा। इसलिए, मौलाना युनूस रसीदी या उनके वारिसों का इस जमीन पर कोई व्यक्तिगत स्वामित्व या अधिकार नहीं है। मदरसा अनुदान राशि के कथित गबन के आरोपों पर कमेटी ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि मौलाना मो. युनूस रसीदी लगभग 10 वर्ष पूर्व सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि जिस अनुदान राशि को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं, वह तीन वर्ष पहले प्राप्त हुई थी। ऐसे में उनकी सेवानिवृत्ति के बाद मिली राशि के गबन का सवाल ही नहीं उठता। अंजुमन कमेटी और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने आरोप लगाने वालों पर पलटवार करते हुए कहा कि जिन लोगों द्वारा यह मुद्दा उठाया जा रहा है, उनका मस्जिद और मदरसा के संचालन से कोई संबंध नहीं है। समुदाय का आरोप है कि पहले भी इसी तरह के प्रयास कर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और लोगों को बांटने की कोशिश की गई थी, जिसका समुदाय ने एकजुट होकर जवाब दिया था। कमेटी सदस्यों ने मौलाना मो. युनूस रसीदी को एक सम्मानित और नेकदिल व्यक्ति बताया, जिन्होंने पूर्व में भी उन्हें बदनाम कर मदरसा से अलग करने के प्रयास के बावजूद समुदाय के आग्रह पर दोबारा जिम्मेदारी संभाली थी। समुदाय ने स्पष्ट किया है कि मस्जिद और मदरसा से जुड़े मामलों को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम और आरोपों का जवाब तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर दिया जाएगा और किसी भी साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
- एक महत्वपूर्ण संदेश में बच्चों को 'सेफ कोड' सिखाने के एक स्मार्ट तरीके पर जोर दिया गया है। इसे बाहरी दुनिया में बच्चों की सुरक्षा के लिए एक गुप्त फॉर्मूला बताया गया है, जो उन्हें सुरक्षित रखने में मदद कर सकता है।1
- बाघमारा बचाओ नागरिक संघर्ष समिति ने 23 जून 2026, मंगलवार को बाघमारा प्रखंड कार्यालय में प्रस्तावित सत्याग्रह आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। यह बैठक 21 जून 2026, रविवार को रात्रि 8:30 बजे हुई, जिसमें बाघमारा बाजार के प्रबुद्ध नागरिकों और बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया। समिति द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, रेलवे ओवरब्रिज से परेशान सभी लोग 23 जून को सुबह 10:00 बजे लूती पहाड़ी चौक पर एकत्रित होंगे। वहाँ से हजारों की संख्या में एक जुलूस बाघमारा बाजार होते हुए बाघमारा प्रखंड कार्यालय तक जाएगा, जहाँ अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण सत्याग्रह किया जाएगा। यह कार्यक्रम सुबह 10:00 बजे से शुरू होकर दोपहर 2:00 बजे तक चलने की उम्मीद है। समिति ने सभी सदस्यों से विनम्र निवेदन किया है कि वे इस कार्यक्रम में पहुँचकर इसे सफल बनाने में अपना सराहनीय योगदान दें, ताकि आंदोलन को आवश्यक बल मिल सके।1
- रामकनाली ओपी परिसर में मुहर्रम पर्व के संबंध में शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। ओपी प्रभारी अलीशा कुमारी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में सामाजिक सौहार्द और शांति व्यवस्था बनाए रखने पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में उपस्थित सभी लोगों ने मिलकर शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने का संकल्प लिया।1
- गिरिडीह जिले के जमखोखरो पंचायत के अंतर्गत आने वाले बाकरगंज गांव में फाइबर ब्लॉक सड़क निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया है। यह सड़क हीरोडीह थाना क्षेत्र में बनाई जा रही है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों को आवागमन की बेहतर सुविधाएँ मिलेंगी। इस परियोजना से ग्रामीण विकास और सार्वजनिक कल्याण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।1
- धनबाद के बाघमारा स्थित नावागढ़ में कई दशकों से जारी "नावागढ़ हरि मंदिर" के प्रांगण में आयोजित चार दिवसीय चौबीस प्रहर अखण्ड श्रीहरि संकीर्तन कार्यक्रम का आज "कुंज भंग" के साथ समापन हो गया। इस दौरान लगातार तीन दिनों तक संध्या बेला में रंग कीर्तन और रात्रि बेला में पाला कीर्तन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सनातन धर्मावलंबियों द्वारा धार्मिक परंपरा और आस्था के अनुसार नावागढ़ में प्रतिवर्ष श्रीहरि संकीर्तन, भजन और कई तरह के धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाता है। क्षेत्र के ग्रामीणों की सुख, शांति, समृद्धि, स्वास्थ्य और सुरक्षा के संकल्प तथा संकट निवारण हेतु ऐसे अखण्ड हरि कीर्तन का आयोजन किया जाता है, जिसे नावागढ़ सौलह आना द्वारा हरि मंदिर के प्रांगण में आयोजित किया गया था। श्रीहरि संकीर्तन के समापन अवसर पर आज बराकर से आए कलाकारों ने एक से बढ़कर एक गायन प्रस्तुत कर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। कार्यक्रम में दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और कड़कड़ाती धूप में भी श्रोताओं तथा दर्शकों ने इसका पूरा आनंद लिया। "कुंज भंग" में सैकड़ों की संख्या में भक्तगणों ने श्री हरि का प्रवचन सुना और खिचड़ी महाप्रसाद ग्रहण किया। अंत में, "कुंज भंग" के बाद श्री हरि को 52 भोग अर्पित कर पुनः ठाकुर देव को दीवान लाला परिवार स्थित दुर्गा मंदिर में स्थापित किया गया, जिसके साथ ही संकीर्तन का विधिवत समापन हुआ। इस "कुंज भंग" कार्यक्रम में नावागढ़ सौलह आना कमेटी के सदस्यगण, बाँसजोड़ा पंचायत, खरखरी पंचायत, तारगा पंचायत, फुलारीटाँड पंचायत और आसपास क्षेत्र के महिलाएं, पुरुष, बच्चे एवं ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।2
- हाल ही में एक घर में रोजमर्रा के काम के तहत फ्रिज साफ कर रही एक महिला को अपनी लापरवाही का खौफनाक अंजाम भुगतना पड़ा। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसमें दिख रहा है कि महिला ने बिना किसी खतरे के बारे में सोचे चालू फ्रिज की सफाई करना शुरू कर दिया। सफाई के दौरान महिला को अचानक एक जोरदार बिजली का झटका लगा, जो इतना तीव्र था कि वह संभल नहीं पाई और तुरंत वहीं गिर पड़ी। इस हादसे ने हर घर की महिलाओं को सोचने पर मजबूर कर दिया है, क्योंकि बिजली से चलने वाली चीजों को अक्सर मामूली समझा जाता है, जबकि फ्रिज, वॉशिंग मशीन, मिक्सर या कोई भी इलेक्ट्रिक अप्लायंस चालू अवस्था में फॉल्ट या लीकेज होने पर जानलेवा झटका दे सकता है। यह वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने सुरक्षा को लेकर अपनी अहम सलाह दी है। ज्यादातर लोगों ने इस बात पर सहमति जताई कि बिजली और पानी का मेल खतरनाक होता है, इसलिए सफाई शुरू करने से पहले उपकरणों का स्विच ऑफ करना और प्लग निकालना सबसे जरूरी कदम है। कई यूजर्स ने सुरक्षा को सबसे बड़ा फर्ज बताया और कहा कि चालू बिजली के उपकरणों की सफाई करते समय जरा सी भी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। लोगों ने एक सुर में समझाया कि किसी भी बिजली से चलने वाले उपकरण को कभी चालू हालत में साफ नहीं करना चाहिए।1
- धनबाद के निरसा अनुमंडल क्षेत्र में लगातार हो रही बाइक चोरी की घटनाओं पर बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में पांच अपराधियों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से चोरी की कुल 13 मोटरसाइकिलें तथा बाइक चोरी में इस्तेमाल होने वाले विशेष औजार बरामद किए हैं। इस संबंध में धनबाद के ग्रामीण एसपी एस मोहम्मद याकूब ने बताया कि मामला कालूबथान ओपी क्षेत्र का है, जहां 19 जून को एक मोटरसाइकिल चोरी हुई थी। इसके बाद, वरीय पुलिस अधीक्षक धनबाद के निर्देश पर निरसा के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक छापेमारी टीम गठित की गई। इस टीम ने 21 जून को गुप्त सूचना के आधार पर नयाडांगा काली मंदिर मैदान के पास छापा मारकर पांचों आरोपियों को चोरी की बाइक के साथ रंगे हाथों पकड़ा। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अमित कुमार चौहान, मनीष कुमार दुबे, सूरज हेम्ब्रम, चंदन कुमार और राजकुमार के रूप में हुई है, और वे सभी निरसा थाना क्षेत्र के ही निवासी बताए गए हैं। पूछताछ में इन आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे संगठित तरीके से मोटरसाइकिल चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस के अनुसार, वे चोरी की गई बाइकों के नंबर प्लेट तोड़ देते थे, चेचिस नंबर मिटा देते थे, और उनका रंग बदलकर बेच देते थे। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने विभिन्न थाना क्षेत्रों से चोरी की गई कुल 13 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। साथ ही, बाइक का लॉक तोड़ने और उसे स्टार्ट करने में इस्तेमाल होने वाला पेचकस जैसा औजार भी जब्त किया गया है। पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि इन गिरफ्तार आरोपियों का पहले से भी आपराधिक इतिहास रहा है और उनके खिलाफ धनबाद तथा पश्चिम बंगाल के कई थाना क्षेत्रों में बाइक चोरी के मामले दर्ज हैं। फिलहाल, पुलिस इस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।1
- जनता न्यूज़ 24 द्वारा प्रसारित खबरों के प्रभाव के चलते, सरजू राय कतरी नदी पर बने अवैध पुल से संबंधित मामले में शामिल हो गए हैं।1
- जामताड़ा जिला प्रशासन ने नेशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल के आदेश और केंद्र सरकार की सस्टेनेबल सैंड माइनिंग गाइडलाइन के तहत 10 जून, 2026 से 15 अक्टूबर, 2026 तक सभी नदी बालूघाटों से बालू उठाव पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। उपायुक्त आलोक कुमार ने अनुमंडल पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी और सभी अंचल अधिकारियों को अवैध बालू उठाव रोकने के लिए सख्त निगरानी और कार्रवाई सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश भी जारी किए थे। हालांकि, जमीनी हकीकत इन प्रशासनिक आदेशों से बिल्कुल उलट है, जहाँ अवैध बालू खनन का कारोबार बदस्तूर जारी है। नाला थाना क्षेत्र का पथरघाटा घाट, जो पहले से अवैध बालू खनन और भंडारण के लिए चर्चित रहा है, वहाँ दुर्गा मंदिर के सामने भारी मात्रा में बालू अवैध बिक्री के लिए खुलेआम स्टॉक किया गया है। इसके अलावा, बंखेत घाट पर बड़े मशीनों से लगातार बालू का अवैध खनन हो रहा है, जिसे हाईवा, डंपर और ट्रैक्टर के माध्यम से बंगाल सीमा तक पहुंचाया जा रहा है। गंभीर बात यह है कि सीमावर्ती बंखेत घाट पर बंगाल की ओर से खनन करते हुए माफिया झारखंड सीमा में प्रवेश कर बालू निकाल रहे हैं, लेकिन स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं दिख रही है। इससे सवाल उठ रहे हैं कि जब जिले में बालू खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है, तो आखिर किसकी शह पर यह अवैध कारोबार जारी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारियों की निष्क्रियता और लापरवाही के कारण बालू माफियाओं के हौसले बुलंद हैं, और सरकारी आदेश केवल कागजों तक ही सीमित होकर रह गए हैं, जबकि धरातल पर नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इस मामले पर उपायुक्त आलोक कुमार ने अवैध बालू खनन के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है। अब देखना यह होगा कि यह कार्रवाई वास्तव में जमीन पर उतरती है या फिर पिछले आदेशों की तरह सिर्फ एक बयान बनकर रह जाती है।1