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शुजालपुर में मिठाई को लेकर बवाल, ग्राहक ने लगाए गंभीर आरोप; बच्चों की तबीयत बिगड़ने का दावा
सत्य एक्सप्रेस न्यूज
शुजालपुर में मिठाई को लेकर बवाल, ग्राहक ने लगाए गंभीर आरोप; बच्चों की तबीयत बिगड़ने का दावा
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- कालापीपल में भारतीय किसान संघ का अनिश्चितकालीन धरना जारी सोयाबीन फसल बीमा की लंबित राशि दिलाने और नर्मदा सिंचाई परियोजना में छूटे गांवों को शामिल करने की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ ने तहसील परिसर के सामने मोर्चा खोल दिया है। किसानों ने मांगें पूरी होने तक धरना जारी रखने की बात कही है। #कालापीपल #किसान #किसानआंदोलन #सोयाबीन #फसलबीमा #बीमाराशि #भारतीयकिसानसंघ #नर्मदासिंचाईपरियोजना #किसानोंकीआवाज #मध्यप्रदेश #कृषिसमाचार #FarmerNews #Soybean #KisanAndolan1
- दतिया:दतिया के ग्राम लक्ष्मणपुरा में चार मानसिक रूप से कमजोर बंधुआ मजदूरों को प्रशासन ने कराया मुक्तकार्रवाई जारी। दतिया:दतिया के ग्राम लक्ष्मणपुरा में चार मानसिक रूप से कमजोर बंधुआ मजदूरों को प्रशासन ने कराया मुक्तकार्रवाई जारी। इंदरगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम लक्ष्मणपुरा में आज बुधवार दोपहर 12 बजे राजस्व विभाग, पुलिस, श्रम विभाग एवं समाजसेवी कार्यकर्ताओं की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए चार बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराया है। चारों मजदूर मानसिक रूप से कमजोर बताए जा रहे हैं तहसीलदार दीपक यादव ने बताया कि दतिया कलेक्टर के निर्देश पर लक्ष्मणपुरा में दबिश दी गई थी, जहां चार मानसिक रूप से विक्षिप्त बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराया गया है। उनके नाम-पता एवं परिजनों के बारे में जानकारी ली जा रही है,1
- स्मार्ट मीटरों की जांच के लिए इंदौर से पहुंची टीम, स्मार्ट मीटरों की जांच के लिए इंदौर से पहुंची टीम, चौबदारवाड़ी व मनिहारवाड़ी में चल रही चेकिंग शाजापुर। शहर में स्मार्ट मीटरों की कार्यप्रणाली और उनमें आ रही तकनीकी समस्याओं की जांच के लिए इंदौर से बिजली विभाग की विशेष टीम पहुंची है। टीम द्वारा शहर के चौबदारवाड़ी तथा मनिहारवाड़ी क्षेत्रों में स्मार्ट मीटरों की जांच की जा रही है। इस दौरान मीटरों की कनेक्टिविटी, फेस-न्यूट्रल सहित अन्य तकनीकी पहलुओं को देखा जा रहा है।5
- मध्य प्रदेश के सीहोर जिले से रिपोर्टर देवेंद्र सिंह मीना1
- भाव को लेकर ख़ूनी संघर्ष दोनों पक्षो क़े घायलों को आये टांके हेमन्त त्रिपाठी मो 7067216263, सीहोर भाव को लेकर खुनी संघर्ष दोनों पक्षों क़े घायलों को आये टांके। नगर क़े बस स्टैंड पर फल फुर्ट का ठेला लगाने वाले दो पक्षो क़े बीच कले क़े भाव को लेकर हुवा मामूली विवाद हिंसक संघर्ष मे तब्दील हो गया, विवाद इतना बड़ गया कि दोनों पक्षो क़े बीच जमकर मारपीट हुई जिसमे कई लोगो को चोटे आई. प्राप्त जानकारी क़े अनुसार यह विवाद वार्ड क्रमांक 6 की पार्षद क़े पति गबरू और दूसरे फल विक्रेता नवाब खा क़े बीच शिरू था, बताया जा रहा हे की केले क़े भाव मे अंतर को लेकर दोनों क़े बीच कहा सुनी हुई। देखते देखते ही मारपीट का रूप ले लिया,घायलों को उपचार क़े लिए स्थानीय अस्पताल लाया गया, दोनों पक्षो क़े शिकायत दर्ज कर विवेचना शिरू की।1
- मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने जन- विश्वास पोर्टल का क्या हुआ शुभारंभ {श्याम रानोलिया राजगढ़} 7049220386 *कलेक्टर एवं सीईओ जिला पंचायतों को दिए महत्वपूर्ण निर्देश* *जन-विश्वास अभियान की ऑनलाइन मॉनिटरिंग होगी और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी शिकायतों एवं आवेदनों के निराकरण की होगी सतत समीक्षा* *नमो सेवा गाथा से लेकर रंगोली राष्ट्र तक आगामी कार्यक्रमों की तैयारियों की समीक्षा बेहतर प्लानिंग, मॉनिटरिंग एवं दस्तावेजीकरण पर दिया जोर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के समस्त कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायतों के साथ बैठक कर जन-विश्वास अभियान सहित आगामी जनभागीदारी एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जन-विश्वास पोर्टल का शुभारंभ करते हुए अभियान के प्रभावी, पारदर्शी एवं व्यवस्थित क्रियान्वयन के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जन-विश्वास पोर्टल के माध्यम से अभियान के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों, आवेदनों एवं उनके निराकरण की प्रगति की ऑनलाइन निगरानी की जा सकेगी। अधिकारियों द्वारा प्राप्त शिकायतों एवं आवेदनों पर की गई कार्रवाई की जानकारी पोर्टल पर दर्ज की जाएगी, जिससे निराकरण की स्थिति की सतत समीक्षा एवं प्रभावी अनुश्रवण संभव होगा। उन्होंने कहा कि जन-विश्वास अभियान का उद्देश्य शासन और नागरिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित करना, लंबित शिकायतों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करना तथा शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति की प्रभावी मॉनिटरिंग करना है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगामी कार्यक्रमों की तैयारियों की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने ‘नमो सेवा गाथा’ के अंतर्गत नुक्कड़ नाटक, ‘आंगन का उत्सव’, ‘मातृ संवाद’, ‘कहानी बदलाव की’, ‘विकसित भारत संकल्प’, ‘स्वच्छता तथा विकास एवं सौंदर्यीकरण’, ‘सेवा सेतु अभियान’ एवं ‘रंगोली राष्ट्र’ सहित विभिन्न कार्यक्रमों की प्रभावी प्लानिंग एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए। बैठक में राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज एवं जनसेवक महाकुंभ जैसे आगामी कार्यक्रमों के संबंध में भी विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन कार्यक्रमों में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने तथा स्थानीय स्तर पर प्रभावी गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों से कहा कि सभी कार्यक्रमों का सुव्यवस्थित दस्तावेजीकरण एवं नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। कार्यक्रमों की गतिविधियों, जनभागीदारी, नवाचारों एवं प्राप्त परिणामों का रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से तैयार किया जाए, ताकि इनकी प्रगति एवं प्रभाव का प्रभावी आकलन किया जा सके। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान राजगढ़ जिला मुख्यालय से कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डॉ. इच्छित गढ़पाले सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।4
- दतिया:दतिया के ग्राम लक्ष्मणपुरा में चार मानसिक रूप से कमजोर बंधुआ मजदूरों को प्रशासन ने कराया मुक्तकार्रवाई जारी। दतिया:दतिया के ग्राम लक्ष्मणपुरा में चार मानसिक रूप से कमजोर बंधुआ मजदूरों को प्रशासन ने कराया मुक्तकार्रवाई जारी। इंदरगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम लक्ष्मणपुरा में आज बुधवार दोपहर 12 बजे राजस्व विभाग, पुलिस, श्रम विभाग एवं समाजसेवी कार्यकर्ताओं की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए चार बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराया है। चारों मजदूर मानसिक रूप से कमजोर बताए जा रहे हैं तहसीलदार दीपक यादव ने बताया कि दतिया कलेक्टर के निर्देश पर लक्ष्मणपुरा में दबिश दी गई थी, जहां चार मानसिक रूप से विक्षिप्त बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराया गया है। उनके नाम-पता एवं परिजनों के बारे में जानकारी ली जा रही है,1
- शाजापुर शहर की तंग गलियों से लेकर खुले चौक चौराहो पर झुंड बनाकर घूमे रहे आवारा कुत्तों ने आतंक मचा रखा यही कारण है आवारा कुत्तों ने बुधवार सुबह हमला कर 12 लोगों को जिला अस्पताल उपचार के लिए पहुंचा दिया।5
- *‘’हर मंदिर की कहानी, आस्था की जुबानी’’* *घुरेल पहाड़ी पर विराजे पशुपतिनाथ* *जहां पहाड़ी की खामोशी में सुनाई देती है शिव-भक्ति की धुन* {श्याम रानोलिया राजगढ़ } " राजगढ़ की धार्मिक विरासत की कहानी को पढ़ा नहीं महसूस किया जा सकता है" सुबह की पहली किरण जब घुरेल पहाड़ी की चोटियों को छूती है, तो हरियाली के बीच विराजमान भगवान पशुपतिनाथ की भव्य प्रतिमा एक अलग ही आभा से भर उठती है। चारों ओर पसरा शांत प्राकृतिक परिवेश, पहाड़ी की ठंडी हवा और मंदिर की ओर बढ़ते श्रद्धालुओं के कदम—मानो यहां प्रकृति स्वयं शिव की आराधना में लीन हो। राजगढ़ के सुठालिया क्षेत्र की घुरेल पहाड़ी पर स्थित भगवान पशुपतिनाथ मंदिर केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि आस्था, प्रकृति और आध्यात्मिक अनुभूति का ऐसा संगम है, जहां पहुंचकर मन कुछ पल के लिए ठहर जाता है। *भव्य प्रतिमा में दिखाई देती है आस्था की विराटता* घुरेल पहाड़ी पर भगवान पशुपतिनाथ की भव्य प्रतिमा मंदिर की सबसे आकर्षक विशेषताओं में से एक है। पहाड़ी के शांत परिवेश के बीच स्थापित यह विशाल प्रतिमा श्रद्धालुओं को दूर से ही अपनी ओर आकर्षित करती है। प्रतिमा की भव्यता मंदिर के धार्मिक स्वरूप को और प्रभावशाली बनाती है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, विशाल प्रतिमा के निर्माण के लिए विशेष पत्थर विदेश से लाया गया था, जबकि इसकी नक्काशी जयपुर में कराई गई। शिल्प, आकार और धार्मिक भावनाओं का यह मेल इस प्रतिमा को मंदिर की विशिष्ट पहचान प्रदान करता है। *महाशिवरात्रि पर उमड़ता है आस्था का सैलाब* भगवान पशुपतिनाथ के इस धाम में वर्षभर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है। विशेष रूप से महाशिवरात्रि और अन्य धार्मिक पर्वों पर मंदिर परिसर भक्ति और उल्लास से भर उठता है। विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजनों के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालु घुरेल पहाड़ी पहुंचते हैं। कोई भगवान शिव से सुख-शांति की कामना करता है, तो कोई परिवार की समृद्धि और मंगल के लिए प्रार्थना करता है। घंटियों की ध्वनि और शिव-भक्ति के जयघोष से पूरा वातावरण आध्यात्मिक रंग में रंग जाता है। *जहां प्रकृति भी करती है शिव का अभिनंदन* घुरेल पहाड़ी की खूबसूरती इस धार्मिक स्थल की अनुभूति को और गहरा करती है। चारों ओर फैली हरियाली, शांत वातावरण और पहाड़ी का प्राकृतिक सौंदर्य यहां आने वाले श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति का अनुभव कराता है। यहां भगवान शिव की आराधना केवल मंदिर की सीमाओं तक सिमटी नहीं लगती। प्रकृति की शांति, खुला आकाश और पहाड़ी की हवा मिलकर ऐसा वातावरण रचते हैं, जहां कुछ पल बिताना भी अपने आप में एक अनुभव बन जाता है। यहां आने वाला श्रद्धालु केवल भगवान के दर्शन नहीं करता, बल्कि प्रकृति के सान्निध्य में स्वयं से भी मिलने का अवसर पाता है। *मान्यताओं और परंपराओं से जुड़ा आस्था का केंद्र* घुरेल पहाड़ी का यह मंदिर स्थानीय धार्मिक आस्थाओं और परंपराओं से लंबे समय से जुड़ा हुआ है। भगवान पशुपतिनाथ के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था इस धाम को क्षेत्र की धार्मिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाती है। पीढ़ियों से चली आ रही धार्मिक मान्यताएं और पर्व-त्योहारों पर होने वाले आयोजन इस स्थल की आध्यात्मिक महत्ता को जीवंत बनाए हुए हैं। *धार्मिक पर्यटन की नई संभावनाएं* भव्य प्रतिमा, प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक महत्व—इन तीनों का संगम घुरेल पहाड़ी को धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से भी विशेष बनाता है। शांत वातावरण में स्थित यह धाम आने वाले समय में श्रद्धालुओं के साथ-साथ उन पर्यटकों को भी आकर्षित कर सकता है, जो धार्मिक स्थलों के साथ प्रकृति और आध्यात्मिक अनुभव की तलाश में रहते हैं। घुरेल पहाड़ी पर विराजमान भगवान पशुपतिनाथ राजगढ़ की उन धार्मिक धरोहरों में शामिल हैं, जहां आस्था केवल पूजा में नहीं, बल्कि पूरे परिवेश में महसूस होती है। *एक अनुभव, जो साथ लौटता है...* घुरेल की पहाड़ी पर चढ़ते हुए जब नजर भगवान पशुपतिनाथ की विराट प्रतिमा पर ठहरती है, तो कुछ पल के लिए शब्द कम पड़ जाते हैं। सामने शिव का भव्य स्वरूप, चारों ओर प्रकृति की शांति और भीतर उमड़ती श्रद्धा—यही घुरेल की सबसे बड़ी पहचान है। यहां मंदिर है, तो प्रकृति भी है। यहां परंपरा है, तो आस्था भी है। और इन सबके बीच विराजमान हैं—भगवान पशुपतिनाथ। घुरेल पहाड़ी का यह पवित्र धाम राजगढ़ की धार्मिक विरासत की वह कहानी है,़् जिसे केवल पढ़ा नहीं, महसूस किया जा सकतता हैं.2