श्रीगंगानगर में फादर्स डे के अवसर पर, 21 जून को मां पब्लिकेशन्स ट्रस्ट द्वारा पुरानी आबादी स्थित श्रीनाथ कुंज भवन में 'वटवृक्ष सम्मान' समारोह का भव्य और गरिमामय आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में 75 वर्ष से अधिक आयु के 121 वरिष्ठ नागरिकों को शॉल, पटका और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। समारोह में शहर के गणमान्य नागरिकों, समाजसेवियों, शिक्षाविदों और युवाओं ने बड़ी संख्या में अपनी सहभागिता दर्ज कराई। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और राष्ट्रगान के साथ हुआ। मुख्य अतिथि डीएसपी विष्णु खत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बुजुर्गों का सम्मान भारतीय संस्कृति की पहचान है और ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश देते हुए नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, संस्कारों और पारिवारिक मूल्यों से जोड़ने का काम करते हैं। कार्यक्रम संयोजक सौरभ जैन ने वरिष्ठजनों को समाज की अमूल्य धरोहर बताया, जिनकी तुलना वटवृक्ष से करते हुए उन्होंने कहा कि जिस प्रकार वटवृक्ष अपनी विशाल छाया से सभी को संरक्षण प्रदान करता है, वैसे ही बुजुर्ग अपने अनुभव, संस्कार और मार्गदर्शन से परिवार और समाज को दिशा प्रदान करते हैं। विशिष्ट अतिथि समाजसेवी विजय कुमार गोयल, पिंटा मित्तल और बृजेश कुमार शर्मा ने 'वटवृक्ष सम्मान' को केवल एक सम्मान समारोह नहीं, बल्कि समाज को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का एक प्रेरणादायी अभियान बताया और इस अभिनव पहल के लिए सौरभ जैन एवं मां पब्लिकेशन्स ट्रस्ट की सराहना की। सम्मानित वरिष्ठजन इस दौरान भावुक दिखाई दिए और उन्होंने आयोजकों को आशीर्वाद देते हुए ऐसे आयोजनों को निरंतर जारी रखने की शुभकामनाएं दीं। पूरे समारोह में सम्मान, संस्कार और पारिवारिक मूल्यों का प्रेरणादायी वातावरण बना रहा। इस अवसर पर चैम्पियंस स्केटिंग संस्थान के बच्चों ने आकर्षक स्केटिंग प्रस्तुतियां देकर उपस्थित जनसमूह की खूब सराहना प्राप्त की। वहीं, कई वरिष्ठजनों ने अपने जीवन अनुभव साझा करते हुए युवा पीढ़ी को सकारात्मक संदेश दिए। कार्यक्रम में ललित चौधरी, राजेश बत्रा, सतपाल रत्तीवाल, हंसराज मीणा, मूलचंद गेरा, सुरेंद्र भांभू, डॉ. सुमन जैन, जगदीश सिडाना, सुरेश जैन, उपमा जैन, नरेंद्र बाट, आनंद एवं तरुण सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इस दौरान सहयोगी संस्था श्रीनाथ कुंज संस्थान के पदाधिकारियों का भी सम्मान किया गया। समारोह के अंत में सभी अतिथियों, वरिष्ठजनों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए समाजहित में ऐसे प्रेरणादायी आयोजनों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया गया।
श्रीगंगानगर में फादर्स डे के अवसर पर, 21 जून को मां पब्लिकेशन्स ट्रस्ट द्वारा पुरानी आबादी स्थित श्रीनाथ कुंज भवन में 'वटवृक्ष सम्मान' समारोह का भव्य और गरिमामय आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में 75 वर्ष से अधिक आयु के 121 वरिष्ठ नागरिकों को शॉल, पटका और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। समारोह में शहर के गणमान्य नागरिकों, समाजसेवियों, शिक्षाविदों और युवाओं ने बड़ी संख्या में अपनी सहभागिता दर्ज कराई। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और राष्ट्रगान के साथ हुआ। मुख्य अतिथि डीएसपी विष्णु खत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बुजुर्गों
का सम्मान भारतीय संस्कृति की पहचान है और ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश देते हुए नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, संस्कारों और पारिवारिक मूल्यों से जोड़ने का काम करते हैं। कार्यक्रम संयोजक सौरभ जैन ने वरिष्ठजनों को समाज की अमूल्य धरोहर बताया, जिनकी तुलना वटवृक्ष से करते हुए उन्होंने कहा कि जिस प्रकार वटवृक्ष अपनी विशाल छाया से सभी को संरक्षण प्रदान करता है, वैसे ही बुजुर्ग अपने अनुभव, संस्कार और मार्गदर्शन से परिवार और समाज को दिशा प्रदान करते हैं। विशिष्ट अतिथि समाजसेवी विजय कुमार गोयल, पिंटा मित्तल और बृजेश कुमार
शर्मा ने 'वटवृक्ष सम्मान' को केवल एक सम्मान समारोह नहीं, बल्कि समाज को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का एक प्रेरणादायी अभियान बताया और इस अभिनव पहल के लिए सौरभ जैन एवं मां पब्लिकेशन्स ट्रस्ट की सराहना की। सम्मानित वरिष्ठजन इस दौरान भावुक दिखाई दिए और उन्होंने आयोजकों को आशीर्वाद देते हुए ऐसे आयोजनों को निरंतर जारी रखने की शुभकामनाएं दीं। पूरे समारोह में सम्मान, संस्कार और पारिवारिक मूल्यों का प्रेरणादायी वातावरण बना रहा। इस अवसर पर चैम्पियंस स्केटिंग संस्थान के बच्चों ने आकर्षक स्केटिंग प्रस्तुतियां देकर उपस्थित जनसमूह की खूब सराहना प्राप्त
की। वहीं, कई वरिष्ठजनों ने अपने जीवन अनुभव साझा करते हुए युवा पीढ़ी को सकारात्मक संदेश दिए। कार्यक्रम में ललित चौधरी, राजेश बत्रा, सतपाल रत्तीवाल, हंसराज मीणा, मूलचंद गेरा, सुरेंद्र भांभू, डॉ. सुमन जैन, जगदीश सिडाना, सुरेश जैन, उपमा जैन, नरेंद्र बाट, आनंद एवं तरुण सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इस दौरान सहयोगी संस्था श्रीनाथ कुंज संस्थान के पदाधिकारियों का भी सम्मान किया गया। समारोह के अंत में सभी अतिथियों, वरिष्ठजनों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए समाजहित में ऐसे प्रेरणादायी आयोजनों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया गया।
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर श्रीगंगानगर में आनंद विहार सोसायटी योगा ग्रुप द्वारा आयोजित कार्यक्रम ने केवल योग दिवस का उत्सव ही नहीं मनाया, बल्कि स्वास्थ्य, अनुशासन और सामूहिक जागरूकता की एक महत्वपूर्ण मिसाल पेश की। इस आयोजन में बड़ी संख्या में महिलाओं, युवाओं, वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों ने भाग लेकर योग के प्रति अपनी गहरी प्रतिबद्धता दर्शाई। योगासन, प्राणायाम और ध्यान के माध्यम से उपस्थित लोगों ने स्वस्थ जीवन का संदेश दिया, जिससे पूरे परिसर में सकारात्मक ऊर्जा और उत्साह का माहौल छा गया। इस कार्यक्रम में विशेष अतिथि के तौर पर शामिल हुईं समाजसेवी वीना चौहान ने सभी को योग दिवस की शुभकामनाएँ दीं। सुनीता गोयल ने इस अवसर पर कहा कि दस वर्ष पहले जब योग कक्षाएँ शुरू की गई थीं, तब शायद किसी ने यह नहीं सोचा था कि यह पहल इतनी बड़ी मुहिम का रूप ले लेगी। उन्होंने इस दस साल की 'तपस्या' को लोगों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि बताया, जिसके चलते स्वास्थ्य आनंद विहार सोसायटी में योग दिवस पर भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा।3
- हरिद्वार में गंगा नदी के तट पर, विशेषकर हरि की पैड़ी पर, भारी भीड़ देखने को मिली है। गंगा मैया के आसपास भी काफी लोग मौजूद थे।4
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के गांव 5वाई में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान, स्कूल के स्टाफ सदस्यों और सभी बच्चों ने मिलकर योगाभ्यास किया। इस आयोजन का मुख्य संदेश था 'योग करें, स्वस्थ रहें', जो सभी प्रतिभागियों द्वारा योग के महत्व को दर्शाता है।1
- राजस्थान के श्रीगंगानगर (शिव चौक) में नन्हे कदम आईवीएफ सेंटर की नई शाखा का शुभारंभ हुआ है, जो यह दर्शाता है कि अब उन्नत चिकित्सा सुविधाओं के लिए महानगरों की ओर दौड़ने की आवश्यकता नहीं है। यह अत्याधुनिक और एआई-आधारित केंद्र हजारों निराश चेहरों पर मुस्कान लाने की गारंटी देता है, जिससे आने वाले समय में अनेक घरों में खुशियों के नन्हे कदम पड़ेंगे। एक महिला के लिए मातृत्व का सुख जीवन का सबसे बड़ा सपना होता है, लेकिन जब प्रकृति की बेरुखियों के कारण यह सुख एक अंतहीन इंतज़ार में बदल जाता है, तो उसकी पीड़ा केवल वही समझ सकती है जो हर दिन समाज के तानों और अपने भीतर के सूनेपन से लड़ती है। ऐसे में, आधुनिक विज्ञान और तकनीक अक्सर जीवन में भगवान की लाठी बनकर आती है। सिरसा में अपनी सफलता के बाद, नन्हे कदम आईवीएफ सेंटर ने श्रीगंगानगर (शिव चौक) में अपनी दूसरी शाखा खोलकर इस सीमावर्ती क्षेत्र के उन परिवारों के लिए उम्मीद की नई किरण जगाई है, जिनका आंगन वर्षों से सूना है। सेंटर की संचालिका डॉ. सुमन भुक्कर, जो निसंतानता का दोष केवल महिला पर मढ़ने की रूढ़िवादी सोच को गलत बताती हैं, पुरुषों में शुक्राणुओं की कमी या गतिशीलता को भी एक बड़ा कारण मानती हैं। इस केंद्र की सफलता का एक मानवीय चेहरा हनुमानगढ़ के एक दंपत्ति की कहानी में देखा जा सकता है, जिन्होंने 18 साल के लंबे इंतज़ार के बाद सोशल मीडिया के माध्यम से सिरसा के नन्हे कदम आईवीएफ सेंटर और डॉ. सुमन भुक्कर के बारे में जाना। उनके उचित मार्गदर्शन और आधुनिक आईवीएफ प्रणाली के मेल से वह चमत्कार संभव हुआ जिसकी उम्मीद टूट चुकी थी, और 18 साल के मरुस्थल के बाद उस माँ की गोद में नन्हीं किलकारी गूँजी। नन्हे कदम आईवीएफ सेंटर की सबसे अनूठी बात यह है कि यहाँ केवल पारंपरिक इलाज नहीं होता, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का भरपूर प्रयोग किया जा रहा है। एआई-आधारित अत्याधुनिक मशीनों से पुरुषों के शुक्राणुओं की गहनता से जांच संभव हुई है, जिससे इलाज की सफलता दर कई गुना बढ़ गई है। इसके अतिरिक्त, इक्सी (ICSI) और आधुनिक मॉड्यूलर आईवीएफ लैब जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं यहाँ उपलब्ध हैं, जो गर्भाशय में गांठ, अनियमित पीरियड्स या बार-बार होने वाले गर्भपात जैसी सभी समस्याओं का समाधान प्रदान करती हैं। सिरसा में पिछले चार सालों से हजारों दंपत्तियों को मातृत्व का सुख दिलाने के बाद, संस्थान ने महसूस किया कि राजस्थान के गंगानगर और आसपास के इलाकों से लोग भारी उम्मीद लेकर सिरसा आते हैं। इसी परेशानी को दूर करने और इलाज को घर-द्वार तक पहुँचाने के उद्देश्य से श्रीगंगानगर के शिव चौक में यह दूसरी भव्य शाखा शुरू की गई है। प्रबंधन के वरिष्ठ पदाधिकारी अमर सिंह ज्याणी के अनुसार, गंगानगर की यह नई शाखा भी सिरसा की मुख्य शाखा की तरह ही तमाम अत्याधुनिक संसाधनों और मशीनों से लैस की गई है। अब यहाँ के लोगों को बड़े महानगरों या दूरदराज के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आगामी 22 जून से जरूरतमंद निसंतान दंपत्ति नियमित रूप से इस सेंटर पर अपनी जांच और विश्वस्तरीय सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। नन्हे कदम आईवीएफ सेंटर केवल एक व्यावसायिक मेडिकल सेंटर नहीं है, बल्कि समय-समय पर राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के ग्रामीण इलाकों में बड़े-बड़े निशुल्क परामर्श कैंप लगाकर इसने साबित किया है कि इनके लिए मातृत्व का सुख दिलाना मानवता का सबसे बड़ा सरोकार है।3
- श्री गंगानगर जिला मुख्यालय पर स्थित गंगासिंह स्टेडियम में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आयोजित सामूहिक योगाभ्यास के माध्यम से यह महत्वपूर्ण संदेश दिया गया कि योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाया जाना चाहिए।1
- रायसिंहनगर में 22 जून 2026 को बस स्टैंड से गुरुद्वारा सिंह सभा की ओर जाने वाले मार्ग पर एक नवीन शोरूम का मुहूर्त हुआ। इस अवसर पर सड़क में लगाए गए 'शिलिंग' के कारण क्षेत्र की यातायात व्यवस्था पूरी तरह अनियंत्रित हो चुकी है। 'शिलिंग' के सड़क पर होने की वजह से चौपहिया वाहन चालकों और दोपहिया वाहन चालकों दोनों को ही भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे इलाके की ट्रैफिक व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है।1
- राजस्थान के हनुमानगढ़ में एमडी (MD) ड्रग्स फैक्ट्री से जुड़े एक मामले में नोहर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान, पुलिस ने वांछित चल रहे 5 और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।1
- नर्सेज संयुक्त संघर्ष समिति के प्रदेशव्यापी आह्वान पर राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन ने श्री गंगानगर के जिला चिकित्सालय में गेट मीटिंग और विरोध प्रदर्शन कर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर रोष प्रकट किया। नर्सेज समुदाय मृतक संविदा नर्सेज दीपक के परिवार को आर्थिक सहायता और उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी देने की प्रमुख मांग कर रहा है। इसके साथ ही, प्रदर्शनकारी नर्सेज ने राजकीय सेवा से हटाए गए संविदा नर्सिंग कर्मियों की सेवा बहाल करने, आगामी नर्सिंग भर्ती को मैरिट और बोनस अंकों के आधार पर करने, और चिकित्सा विभाग में संविदा एवं प्लेसमेंट नर्सेज की भर्ती बंद करने की भी मांग की। राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष रविन्द्र शर्मा और वरिष्ठ उपाध्यक्ष पिलास विश्नोई ने उपस्थित नर्सेज को संबोधित करते हुए बताया कि प्रदेश भर के नर्सेज 12 जून से शांतिपूर्वक ढंग से विरोध प्रदर्शन कर राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, राज्य सरकार द्वारा नर्सेज की इन मांगों पर कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं किए जाने से नर्सेज समुदाय में लगातार रोष बढ़ रहा है। नर्सेज ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर कार्यवाही नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन में राजेश कुमार, सोहन लाल, गुरुप्रेम सिंह, पृथ्वीराज, दिनेश शर्मा, अंकित और प्रभदीप कौर सहित बड़ी संख्या में नर्सेज उपस्थित रहे।2