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राज्यसभा चुनाव,,,, दतिया उपचुनाव: कांग्रेस और BJP में सियासी टकराव, पीसी शर्मा बोले- बीजेपी डरी हुई है,,,,
Abdul Rasid
राज्यसभा चुनाव,,,, दतिया उपचुनाव: कांग्रेस और BJP में सियासी टकराव, पीसी शर्मा बोले- बीजेपी डरी हुई है,,,,
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- 🚨 मैहर मां शारदा मंदिर रोपवे में VIP प्रोटोकॉल पर बड़ा खुलासा! 🚨 ✍️ मैहर मां शारदा मंदिर के रोपवे प्रबंधन को लेकर एक वीडियो सामने आने के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि VIP प्रोटोकॉल संभालने के लिए अलग से कर्मचारियों की नियुक्ति की गई थी। वीडियो में एसडीएम और कलेक्टर के नाम का जिक्र होने से मामला और गरमा गया है। आम श्रद्धालुओं की सुविधा छोड़ VIP व्यवस्था को प्राथमिकता दिए जाने पर सवाल उठ रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद मंदिर प्रशासन और रोपवे प्रबंधन की कार्यप्रणाली चर्चा में है। अब लोग मांग कर रहे हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए।1
- ब्रेकिंग बैतूल बैतूल/ बैतूल में बारिश का कहर आठनेर, भैंसदेही क्षेत्रों में हुई ओलावृष्टि एक घंटे तक आंधी तुफान और ओलों के साथ हुई बारिश जनजीवन अस्त-व्यस्त बेर आकार के गिरे ओले घरों के उड़े छप्पर, किसानों के गेहूं को जबरदस्त नुक्सान3
- ग्राम अंबाड़ा में मेव मुस्लिम समाज का 46 जोड़ों का सामूहिक निकाह सम्मेलन संपन्न कन्नौद समीप ग्राम अंबाड़ा में रविवार सुबह 11 बजे मेव मुस्लिम समाज का लगातार 27 वें वर्ष सामूहिक निकाह सम्मेलन का आयोजन समिति के सदर हुसैन पटेल एवं सभी समाज जनों के सहयोग से मेव मुस्लिम समाज द्वारा सम्पन्न कराया गया। सम्मेलन में 46 दुल्हनों ने निकाह कबूल कर अपने नए जीवन में कदम रखा। जूनियर शहर काजी मौलाना रमजान नदवी ने बताया कि, कन्नौद क्षेत्र में छोटी मेवात के रूप में पहचान रखने वाली मेव मुस्लिम समाज के सहयोग से इस सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया। इस आयोजन में पूर्व विधायक कैलाश कुंडल सहित क्षेत्र के अनेक जनप्रतिनिधिगण एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं निकाह सम्मेलन कार्यक्रम में सिरकत की, कार्यक्रम में ग्राम पंचायत अंबाडा के सरपंच मंजूर ठेकेदार और उनके साथियों की टीम द्वारा पूरी व्यवस्था संभाल रखी थी।1
- विकासखण्ड क्षेत्र के प्रसिद्ध प्राचीन स्थल रेणुका सिद्ध पीठ धामनगांव में जिले की सबसे बड़ी चैत्र यात्रा सम्पन्न हुई चलीं आ रही परम्परा अनुसार कुल 92 देवी भगतों ने गाड़ा खिंचकर अपनी मन्नत पूरी की। कहा जाता है कि जिस व्यक्ति की मन्नत पूरी होती है वह चैत्र में देवी भगत बनकर अपनी मन्नत उतारते हैं। पांच दिनों तक बनने वाले भगत ब्रह्मचारी व्रत का पालन करते हैं पांव में घुंघरू गले में माला और सोडगा धारण करते हैं वहीं खप्पर जलाकर मां रेणुका की आराधना करते हुए ग्राम भ्रमण करते हैं चैत्र के इस पांच दिन में भगतों द्वारा अलग-अलग अनुष्ठान सम्पन्न किए जाते हैं जिसे देखने हजारों लोग पहुंचते हैं वहीं आयोजित मेले में और रेणुका सिद्ध पीठ पर हजारों लोगों ने पहुंचकर दर्शन पुजा अर्चना की2
- बैतूल।जहां आज के दौर में लोग संसाधनों के अभाव का हवाला देकर समाजसेवा से पीछे हट जाते हैं, वहीं एक साधारण पान की दुकान चलाने वाले अनिल यादव अपने अदम्य साहस और सेवा भावना से समाज में नई मिसाल कायम कर रहे हैं। “लाडो फाउंडेशन” के संस्थापक अनिल यादव यह साबित कर रहे हैं कि बदलाव के लिए पैसे नहीं, बल्कि सच्ची सोच और समर्पण जरूरी होता है। प्रधानमंत्री के सपनों को जमीनी हकीकत बना रहे अनिल यादव देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा शुरू किए गए “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” और “स्वच्छ भारत अभियान” जैसे महत्वाकांक्षी अभियानों को अनिल यादव अपने स्तर पर पूरी निष्ठा से साकार कर रहे हैं। एक छोटे से पान ठेले से जीवनयापन करने के बावजूद उनका योगदान किसी बड़े संगठन से कम नहीं है। “बेटियों के नाम से हो घर की पहचान” — बदल रही सोच अनिल यादव की अनूठी पहल “बेटियों के नाम से घर की पहचान” आज समाज में नई जागरूकता ला रही है। वे लोगों को प्रेरित करते हैं कि अपने घरों के बाहर बेटियों के नाम की नेम प्लेट लगाएं। यह छोटी सी पहल बेटियों के आत्मसम्मान को बढ़ाने के साथ-साथ समाज में उनकी बराबरी की पहचान स्थापित कर रही है। 10 वर्षों से सेवा, लेकिन नहीं मिली कोई सरकारी मदद “लाडो फाउंडेशन” पिछले करीब 10 वर्षों से लगातार समाज सेवा के कार्यों में जुटा हुआ है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इतने लंबे समय से कार्य करने के बावजूद संस्था को शासन-प्रशासन से कोई आर्थिक सहायता नहीं मिली है। अनिल यादव अपने निजी खर्च और पान की दुकान से होने वाली सीमित आय से ही इस पूरे अभियान को चला रहे हैं। संघर्षों के बीच भी अटूट हौसला आर्थिक तंगी और संसाधनों की कमी के बावजूद अनिल यादव का हौसला कभी कमजोर नहीं पड़ा। वे गांव-गांव जाकर लोगों को बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान के लिए जागरूक करते हैं। साथ ही स्वच्छता के प्रति भी लोगों को प्रेरित कर समाज को बेहतर दिशा देने का प्रयास कर रहे हैं। समाज के लिए बन चुके हैं प्रेरणा आज अनिल यादव उन लोगों के लिए एक जीवंत उदाहरण हैं, जो यह सोचते हैं कि अकेले कुछ नहीं बदला जा सकता। उनकी छोटी सी पहल ने यह साबित कर दिया है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो एक व्यक्ति भी समाज में बड़ा बदलाव ला सकता है। एक भावनात्मक संदेश अनिल यादव की कहानी सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि उस सोच की कहानी है जो बेटियों को बोझ नहीं, बल्कि गर्व मानते है। अगर ऐसे प्रयासों को समाज और प्रशासन का सहयोग मिले, तो निश्चित ही देश में बेटियों का सम्मान और भी ऊंचाइयों तक पहुंचेगा। “बेटियों को पहचान दीजिए, सम्मान खुद-ब-खुद बढ़ जाएगा… क्योंकि जहां बेटियां मुस्कुराती हैं, वहीं सच्चा विकास होता है।”4
- Post by Danish Raza Khan1
- Agar apka bhi bp low rhta hai to es grmi jyada dhyan rkhe🙏1
- *मैहर पहुंची प्रभारी मंत्री राधा सिंह मैहर में रात्रि विश्राम के बाद कल मैहर के विभिन्न कार्यक्रमों में होंगी शामिल*1