खरीफ फसलों के लिए खाद की आवश्यकता बढ़ने के साथ ही क्षेत्र के किसानों की चिंता भी लगातार बढ़ती जा रही है, क्योंकि सरखंडिया सहकारी समिति में अब तक पर्याप्त खाद नहीं पहुंच पाई है। इससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, और वे खाद के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं, जबकि इस समय फसलों को खाद की सर्वाधिक आवश्यकता है। उम्मेदपुरा निवासी मनोज मेहता के साथ राकेश, महेश, महेंद्र, उमाशंकर मेहता, अरविंद मेहता और बिन्टेश सहित अन्य किसानों ने बताया कि वे पिछले कई दिनों से खाद की उम्मीद में सहकारी समिति के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन समिति में खाद उपलब्ध न होने के कारण उन्हें निराशा ही हाथ लग रही है। किसानों का कहना है कि खरीफ फसलों की बढ़वार के लिए समय पर खाद डालना बेहद जरूरी है। यदि उन्हें समय पर खाद नहीं मिलती है, तो इसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ेगा, जिससे किसानों की मेहनत और लागत दोनों व्यर्थ हो जाएंगी। सरखंडिया सहकारी समिति में खाद न मिलने के बाद, किसानों ने आसपास की अन्य समितियों से भी संपर्क किया, लेकिन उन्हें कहीं से भी राहत नहीं मिल सकी। ऐसे में उनके पास बाजार से महंगे दामों पर खाद खरीदने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। किसानों ने आरोप लगाया कि हर वर्ष सीजन के दौरान सहकारी समितियों में खाद की कमी की स्थिति बन जाती है, जबकि निजी विक्रेताओं के पास पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध रहती है। उनका कहना है कि खेती पहले से ही बढ़ती लागत और मौसम की अनिश्चितताओं से जूझ रही है, और ऐसे में समय पर खाद उपलब्ध न होना उनकी समस्याओं को और अधिक गहरा रहा है। किसानों ने प्रशासन और सहकारिता विभाग से तत्काल प्रभाव से सरखंडिया सहकारी समिति में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि उन्हें राहत मिल सके और उनकी फसलों को नुकसान से बचाया जा सके। क्षेत्र के किसानों का मानना है कि यदि खरीफ सीजन की शुरुआत में ही खाद की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, तो हर वर्ष उत्पन्न होने वाली इस समस्या से बचा जा सकता है, जिसके लिए उन्होंने खाद वितरण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की भी मांग की है।
खरीफ फसलों के लिए खाद की आवश्यकता बढ़ने के साथ ही क्षेत्र के किसानों की चिंता भी लगातार बढ़ती जा रही है, क्योंकि सरखंडिया सहकारी समिति में अब तक पर्याप्त खाद नहीं पहुंच पाई है। इससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, और वे खाद के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं, जबकि इस समय फसलों को खाद की सर्वाधिक आवश्यकता है। उम्मेदपुरा निवासी मनोज मेहता के साथ राकेश, महेश, महेंद्र, उमाशंकर मेहता, अरविंद मेहता और बिन्टेश सहित अन्य किसानों ने बताया कि वे पिछले कई दिनों से खाद की उम्मीद में सहकारी समिति के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन समिति में खाद उपलब्ध न होने के कारण उन्हें निराशा ही हाथ लग रही है। किसानों का कहना है कि खरीफ फसलों की बढ़वार के लिए समय पर खाद डालना बेहद जरूरी है। यदि उन्हें समय पर खाद नहीं मिलती है, तो इसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ेगा, जिससे किसानों की मेहनत और लागत दोनों व्यर्थ हो जाएंगी। सरखंडिया सहकारी समिति में खाद न मिलने के बाद, किसानों ने आसपास की अन्य समितियों से भी संपर्क किया, लेकिन उन्हें कहीं से भी राहत नहीं मिल सकी। ऐसे में उनके पास बाजार से महंगे दामों पर खाद खरीदने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। किसानों ने आरोप लगाया कि हर वर्ष सीजन के दौरान सहकारी समितियों में खाद की कमी की स्थिति बन जाती है, जबकि निजी विक्रेताओं के पास पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध रहती है। उनका कहना है कि खेती पहले से ही बढ़ती लागत और मौसम की अनिश्चितताओं से जूझ रही है, और ऐसे में समय पर खाद उपलब्ध न होना उनकी समस्याओं को और अधिक गहरा रहा है। किसानों ने प्रशासन और सहकारिता विभाग से तत्काल प्रभाव से सरखंडिया सहकारी समिति में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि उन्हें राहत मिल सके और उनकी फसलों को नुकसान से बचाया जा सके। क्षेत्र के किसानों का मानना है कि यदि खरीफ सीजन की शुरुआत में ही खाद की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, तो हर वर्ष उत्पन्न होने वाली इस समस्या से बचा जा सकता है, जिसके लिए उन्होंने खाद वितरण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की भी मांग की है।
- कोटा जिले की रामगंजमंडी में नगर पालिका की कार्यप्रणाली को लेकर जनता में आक्रोश है, जहाँ कुछ लोगों पर सरकार बदलने के बाद सरकारी इमारतों को अपनी निजी जागीर समझने का आरोप है। स्थानीय लोग इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नज़र बनाए हुए हैं, जिसे नगर पालिका में चल रहे 'खेल' के रूप में देखा जा रहा है। इस मामले में कांग्रेस पार्टी और रामगंजमंडी की जनता ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि वे इस तरह की गतिविधियों को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी ज़ोर देकर कहा है कि नगर पालिका जनता की संपत्ति है और इसे भारतीय जनता पार्टी का स्थायी दफ्तर नहीं बनाया जा सकता।1
- सांवरिया सेठ के मंदिर में भक्तों का भारी तांता लग गया। श्रद्धालु मंगला आरती के दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में उनके द्वार पर एकत्रित हुए।1
- आकाश इंस्टीट्यूट ने 'रेनीत 2026' के प्रतिभागियों के लिए एक प्रेरक संदेश जारी किया है, जिसमें उन्हें 'विजयी भव' कहते हुए अपनी शुभकामनाएँ दी गई हैं। इंस्टीट्यूट ने सभी अभ्यर्थियों को अपनी तैयारी के लिए 'ऑल द बेस्ट' कहा है।2
- कल री-नीट-यूजी की परीक्षा होनी है, जिसके लिए सरकार ने अब भारतीय वायुसेना को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। पेपर लीक मामलों में अपनी 'भारी फजीहत' करवा चुकी सरकार ने इस परीक्षा को सही ढंग से करवाने के लिए वायुसेना को तैनात किया है। इसी क्रम में, वायुसेना का एक विमान किसी सैनिक अभियान पर न जाकर, परीक्षा के प्रश्नपत्रों को पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य संभाल रहा है। इस स्थिति पर सरकार और उसके सिस्टम पर गहरा धिक्कार व्यक्त किया गया है, क्योंकि परीक्षा जैसे नागरिक कार्य के लिए सेना को इस तरह से इस्तेमाल करने की नौबत आ गई है।1
- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, कोटा डिस्ट्रिक्ट ताइक्वांडो एसोसिएशन ने श्रीनाथपुरम स्टेडियम में एक विशेष योग सत्र का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल कुमार ने खिलाड़ियों को योग के महत्व और इसकी विभिन्न विधाओं के बारे में जानकारी दी, साथ ही सूर्य नमस्कार की 12 अवस्थाओं का अभ्यास भी कराया। अनिल कुमार ने बताया कि योग केवल एक शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली का आधार है। उन्होंने ज़ोर दिया कि नियमित योगाभ्यास से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, मानसिक तनाव कम होता है और शारीरिक तथा मानसिक स्वास्थ्य बेहतर बना रहता है। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रतिदिन योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। अध्यक्ष ने यह भी कहा कि ताइक्वांडो आत्मरक्षा की एक प्रभावी विधा है, और योग इसके अभ्यास के लिए आवश्यक अनुशासन, एकाग्रता, लचीलापन और संतुलन विकसित करने का एक सशक्त माध्यम है। इसी उद्देश्य से कोटा डिस्ट्रिक्ट ताइक्वांडो एसोसिएशन में ताइक्वांडो प्रशिक्षण से पहले प्रतिदिन योगाभ्यास कराया जाता है, जिससे खिलाड़ियों का सर्वांगीण विकास हो सके। कार्यक्रम में सभी खिलाड़ियों ने पूरे उत्साह के साथ योगाभ्यास किया और नियमित रूप से योग अपनाने का संकल्प लिया।4
- एक संदेश के माध्यम से सभी भाइयों और बहनों से अपनी खेती पर विशेष ध्यान देने और समय पर बुवाई करने का प्रयास करने का आग्रह किया गया है। इसमें सभी को 'राम-राम' कहते हुए यह भी बताया गया है कि इस साल बारिश अच्छी हुई है, जिससे कपास की बुवाई के लिए स्थितियां अनुकूल हैं। इसके साथ ही, संदेश में लोगों से यह जानकारी साझा करने का अनुरोध किया गया है कि वे अपनी खेती में क्या-क्या बो रहे हैं और उनके शहर या गाँव में किस तरह की बारिश हो रही है।2
- स्वस्थ उम्र बढ़ने के उद्देश्य से छीपाबड़ौद के सामेल हनुमानजी मंदिर में नाभि जटका प्रयोग आयोजित किया गया है। इसके अतिरिक्त, स्टेडियम में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों पर भी काम चल रहा है। योग से संबंधित वीडियो को दोस्तों और परिवार के सदस्यों के साथ लाइक, कमेंट और शेयर करने का आग्रह किया गया है।1
- गुरुवार को रामगंजमंडी के सातलखेड़ी कस्बे में एक दर्दनाक घटना में 21 वर्षीय सुमित प्रजापति 11 केवी बिजली लाइन की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया। इस घटना से आक्रोशित स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर बिजली विभाग के प्रति गहरा गुस्सा और नाराजगी व्यक्त की। जानकारी के अनुसार, सातलखेड़ी निवासी सुमित प्रजापति अपनी दुकान की छत पर लगी तिरपाल देखने गया था। इसी दौरान वह छत के पास से गुजर रही 11 केवी विद्युत लाइन के संपर्क में आ गया, जिससे उसे गंभीर करंट लगा और वह बुरी तरह झुलस गया। हादसे के तुरंत बाद, परिजन और स्थानीय लोग सुमित को अस्पताल ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद, चिकित्सकों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे झालावाड़ रेफर कर दिया। घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए और उन्होंने बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सड़क जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आबादी क्षेत्र से गुजर रही इस हाईटेंशन लाइन को तुरंत हटाने और पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की। सूचना मिलने पर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुँचे और उन्होंने प्रदर्शनकारियों को समझाने-बुझाने का प्रयास कर यातायात व्यवस्था को बहाल करने की कोशिश की।3
- महाराष्ट्र के परभणी जिले के मानवत तालुका स्थित यशवाड़ी देवस्थान में एक बड़ा हादसा हो गया है, जहाँ हनुमान मंदिर परिसर में निर्माणाधीन सभामंडप की छत गिर गई। इस दुर्घटना में अब तक 7 लोगों की मौत की खबर है, जबकि 32 श्रद्धालु घायल हुए हैं। आशंका जताई जा रही है कि 40 से अधिक श्रद्धालु मलबे में दबे हो सकते हैं। हादसे की सूचना मिलने पर प्रशासन, एनडीआरएफ (NDRF) और बचाव दल मौके पर पहुँच गए हैं और राहत एवं बचाव अभियान में जुट गए हैं। घायलों को तत्काल परभणी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।1