धौरहरा (लखीमपुर खीरी) की भटपुरवा ग्राम पंचायत में केंद्र और प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी अमृत सरोवर योजना सवालों के घेरे में आ गई है। जल संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन के उद्देश्य से शुरू की गई यह योजना, मौके पर गंदगी, झाड़ियों और अव्यवस्थाओं के अंबार के कारण अपने मूल लक्ष्यों से भटकती दिख रही है। ग्रामीणों में इस बदहाली को लेकर भारी आक्रोश है, उनका आरोप है कि सरकार करोड़ों रुपये खर्च करती है, लेकिन धरातल पर योजनाओं की स्थिति देखने वाला कोई नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिसे सौंदर्यीकरण का केंद्र बनना था, वह सरोवर आज उपेक्षा और लापरवाही की कहानी बयां कर रहा है, जिससे जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली और शासन-प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं। विशेषकर, 5 जून से 21 जून तक चल रहे वृक्षारोपण अभियान के बीच अमृत सरोवर की ऐसी दशा और भी चिंताजनक है। ग्रामीणों ने कई तीखे सवाल उठाए हैं, जिनमें सरोवर की नियमित साफ-सफाई न होने, रखरखाव के लिए आवंटित धनराशि के उपयोग, संबंधित विभागों और ग्राम पंचायत की जानकारी, सरोवर की गुणवत्ता व रखरखाव की जांच तथा लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारों पर कार्रवाई को लेकर स्पष्टीकरण की मांग शामिल है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सरोवर की साफ-सफाई और संरक्षण की दिशा में कदम नहीं उठाए गए, तो सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराता है, या जनता के ये सवाल अनुत्तरित ही रह जाएंगे।
धौरहरा (लखीमपुर खीरी) की भटपुरवा ग्राम पंचायत में केंद्र और प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी अमृत सरोवर योजना सवालों के घेरे में आ गई है। जल संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन के उद्देश्य से शुरू की गई यह योजना, मौके पर गंदगी, झाड़ियों और अव्यवस्थाओं के अंबार के कारण अपने मूल लक्ष्यों से भटकती दिख रही है। ग्रामीणों में इस बदहाली को लेकर भारी आक्रोश है, उनका आरोप है कि सरकार करोड़ों रुपये खर्च करती है, लेकिन धरातल पर योजनाओं की स्थिति देखने वाला कोई नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिसे सौंदर्यीकरण का केंद्र बनना था, वह सरोवर आज उपेक्षा और लापरवाही की कहानी बयां कर रहा है, जिससे जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली और शासन-प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं। विशेषकर, 5 जून से 21 जून तक चल रहे वृक्षारोपण अभियान के बीच अमृत सरोवर की ऐसी दशा और भी चिंताजनक है। ग्रामीणों ने कई तीखे सवाल उठाए हैं, जिनमें सरोवर की नियमित साफ-सफाई न होने, रखरखाव के लिए आवंटित धनराशि के उपयोग, संबंधित विभागों और ग्राम पंचायत की जानकारी, सरोवर की गुणवत्ता व रखरखाव की जांच तथा लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारों पर कार्रवाई को लेकर स्पष्टीकरण की मांग शामिल है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सरोवर की साफ-सफाई और संरक्षण की दिशा में कदम नहीं उठाए गए, तो सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराता है, या जनता के ये सवाल अनुत्तरित ही रह जाएंगे।
- लखीमपुर खीरी के नगर पंचायत धौरहरा खीरी क्षेत्र में तहसील रोड पर बसंतपुर जाने वाले मार्ग पर स्थित अमेठी तिराहे के पास रविवार को एक ओवरलोड सीमेंट लदी ट्रक अनियंत्रित होकर नाले में फंस गई। इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कुछ समय के लिए मार्ग पर यातायात भी प्रभावित रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह दुर्घटना उस समय हुई जब ट्रक चालक कथित तौर पर लापरवाही और अनियमित तरीके से वाहन चला रहा था। ट्रक जैसे ही अमेठी तिराहे से गुजर रही थी, उसका अगला पहिया अचानक सड़क किनारे बने नाले में जा गिरा, जिससे पूरा वाहन एक ओर झुक गया। हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं मिली है। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और ट्रक को सुरक्षित बाहर निकालने की कार्रवाई शुरू कराई। स्थानीय लोगों ने इस बात पर चिंता व्यक्त की है कि ओवरलोड वाहनों के आवागमन और लापरवाह ड्राइविंग के कारण इस मार्ग पर अक्सर दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ओवरलोड वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जाए।1
- बहराइच जिले में शिव बारात की शोभायात्रा के दौरान बवाल हो गया, जब एक ट्रैक्टर-ट्रॉली से आम की डाल टूट जाने के कारण रास्ता बाधित हो गया और शोभायात्रा रोक दी गई। प्रारंभिक विवाद में दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज हुई, जिसके बाद वैबाही चौकी के कॉन्स्टेबल फैजल खान मौके पर पहुँचे और कथित तौर पर उन्होंने भी अभद्र भाषा का प्रयोग किया। शोभायात्रा में शामिल लोगों के अनुसार, कॉन्स्टेबल फैजल खान ने गंदी-गंदी गालियाँ दीं और ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त करने की धमकी देते हुए यह भी कहा कि अगर लोग ज़्यादा उपद्रव करेंगे तो सभी को अंदर कर दिया जाएगा, साथ ही यह भी कहा कि वे भगवान को नहीं मानते हैं। इस घटना से नाराज़ होकर शोभायात्रा में शामिल हज़ारों लोग धरने पर बैठ गए। उन्होंने स्पष्ट माँग की है कि जब तक कॉन्स्टेबल फैजल खान को लाइन हाजिर नहीं किया जाएगा, तब तक वे धरना समाप्त नहीं करेंगे। सूचना मिलने पर एसओ प्रदीप सिंह मौके पर पहुँचे और उन्होंने स्थिति का जायज़ा लिया। उन्होंने शोभायात्रा के आयोजकों को धरना हटाने और मूर्ति स्थापना करने के लिए मनाने का प्रयास किया, साथ ही आश्वासन दिया कि फैजल खान के खिलाफ जल्द से जल्द कड़ी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें लाइन हाजिर किया जाएगा। यह शोभायात्रा बाबा बूढ़ेश्वर नाथ मंदिर से काली मंदिर की ओर वापस आ रही थी और खैरी समैसा व लोहारन पूर्व से निकली थी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी माँग पूरी नहीं होती, तब तक धरना जारी रहेगा।1
- उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले से विकास कार्यों में लापरवाही और भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है। जिला मुख्यालय के फरधान थाना क्षेत्र के सकतापुर नहर मार्ग पर हाल ही में बनी सड़क, स्थानीय ग्रामीणों के आरोपों के अनुसार, निर्माण के एक सप्ताह के भीतर ही उखड़ने लगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस मार्ग पर घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर सड़क निर्माण कार्य में भारी अनियमितता बरती गई है, जिससे गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, लोक निर्माण विभाग या संबंधित विभाग ने लाखों रुपये की लागत से इस सड़क का कायाकल्प किया था ताकि लोगों को आवागमन में सुविधा मिले। लेकिन, ठेकेदार और संबंधित जिम्मेदारों की कथित मिलीभगत के कारण निर्माण मानकों की अनदेखी की गई। स्थिति यह है कि सड़क की ऊपरी परत जगह-जगह से पूरी तरह साफ हो चुकी है और गिट्टी व डामर बिखर रहे हैं। स्थानीय लोगों द्वारा घटिया निर्माण का विरोध करने और ठेकेदार से शिकायत करने पर, आरोप है कि ठेकेदार ने अपनी गलती सुधारने के बजाय ग्रामीणों को धमकाने का प्रयास किया। सड़क की बदहाली का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है, लेकिन इसे लेकर स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और उच्च अधिकारियों से इस पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने, मौके का मुआयना करने और दोषी ठेकेदार व इंजीनियरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले का संज्ञान लेकर कब तक जांच के आदेश जारी करता है।3
- 'आइं इंडिया' अपने दर्शकों को जनपद सीतापुर और लखीमपुर खीरी की खबरों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की मुख्य खबरें देखने के लिए आमंत्रित करता है। यह मंच 'खबर आपकी नजर हमारी' के ध्येय वाक्य के साथ संचालित होता है।1
- लखीमपुर खीरी में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, 26 यूपी बटालियन एनसीसी के तत्वावधान में विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस कार्यक्रम में कुल 581 एनसीसी कैडेट्स, एएनओ और स्टाफ सदस्यों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लेते हुए सामूहिक योगाभ्यास किया। इस दौरान, कैडेट्स ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और सूर्य नमस्कार का अभ्यास किया, जहाँ योग प्रशिक्षकों ने उन्हें योग के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी दी और नियमित योग को एक स्वस्थ और अनुशासित जीवन का महत्वपूर्ण आधार बताया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाने और समाज में योग के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि योग भारत की एक प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर है, जिसे आज संपूर्ण विश्व अपना रहा है। यह कार्यक्रम “योग करें, निरोग रहें” और “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग” जैसे महत्वपूर्ण संदेशों के साथ संपन्न हुआ। एनसीसी द्वारा आयोजित यह पहल युवाओं में स्वास्थ्य, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।3
- सीजेपी (CJP) ने पेपर लीक के मुद्दे और धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कई नारे लगाए, जिनमें "मेरा लिंग- मेरी मर्जी", "मेरा जेंडर- मेरी मर्जी" और "मेरे कपड़े- मेरी मर्जी" जैसे व्यक्तिगत पसंद और स्वतंत्रता पर जोर देने वाले नारे शामिल थे।1
- उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक नशेड़ी मामा ने हैवानियत की हदें पार कर दीं। वह घर पर सो रही अपनी नौ माह की भांजी को लगभग 500 मीटर दूर जंगल में ले गया, जहाँ उसने मासूम बच्ची के साथ जघन्य हैवानियत को अंजाम दिया। इस दरिंदे मामा ने बच्ची को लहूलुहान हालत में जंगल में ही छोड़ दिया और मौके से फरार हो गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी मामा को गिरफ्तार कर लिया है। बताया गया है कि सगे मामा ने अपनी मात्र नौ माह की भांजी के साथ दुष्कर्म किया था।1
- पलिया में महाराजा अग्रसेन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक समिति अध्यक्ष सतीश कुमार गर्ग की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन को और अधिक सशक्त बनाना तथा महिला सहभागिता बढ़ाने के लिए एक महिला समिति का गठन करना था। विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से ज्योति अग्रवाल को महिला समिति का अध्यक्ष और रीता अग्रवाल को महामंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। नई नियुक्तियों की घोषणा होते ही उपस्थित पदाधिकारियों और सदस्यों ने ज्योति अग्रवाल और रीता अग्रवाल का स्वागत करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। नवनियुक्त अध्यक्ष और महामंत्री ने समिति अध्यक्ष सहित सभी पदाधिकारियों और सदस्यों का आभार व्यक्त किया और संगठन की गरिमा बनाए रखते हुए ईमानदारी, निष्ठा एवं समर्पण भाव से अपने दायित्वों का निर्वहन करने का संकल्प लिया। समिति अध्यक्ष सतीश कुमार गर्ग ने कहा कि यह महिला समिति संगठन की गतिविधियों को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, साथ ही उन्होंने दोनों पदाधिकारियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनसे समाजहित में सक्रिय भूमिका निभाने की अपेक्षा जताई। इस बैठक में महामंत्री संदीप बंसल, व्यवस्थापक अशोक जैन, संरक्षक गंगालहरी एवं कैलाश अग्रवाल, निर्वाचन अधिकारी एडवोकेट प्रेम प्रकाश अग्रवाल, उपाध्यक्ष गोपाल गोयल, नवीन मित्तल, इन्द्रा बंसल, मंटो गर्ग, मानसी गोयल, सुनीता अग्रवाल, रेखा मित्तल, मंजू जिन्दल, पारुल बंसल, सोनी अग्रवाल, नीतू अग्रवाल, कविता मित्तल, प्रमिला अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बैठक का समापन संगठन की मजबूती और समाज सेवा के संकल्प के साथ किया गया।3