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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री को भेज दिया है। अपने इस्तीफे के पत्र में उन्होंने लिखा है कि जंतर-मंतर और पूरे देश में बने हालातों का फायदा देश विरोधी तत्वों को न मिले और देश एकजुट रहे। इसके साथ ही भारत के छात्र किसी कानूनी पचड़े में न उलझें और अपनी पढ़ाई तथा करियर पर ध्यान दें, इसी वजह से उन्होंने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा सौंपा है।
VACC 24 News
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री को भेज दिया है। अपने इस्तीफे के पत्र में उन्होंने लिखा है कि जंतर-मंतर और पूरे देश में बने हालातों का फायदा देश विरोधी तत्वों को न मिले और देश एकजुट रहे। इसके साथ ही भारत के छात्र किसी कानूनी पचड़े में न उलझें और अपनी पढ़ाई तथा करियर पर ध्यान दें, इसी वजह से उन्होंने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा सौंपा है।
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- दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के चीफ स्पोक्सपर्सन सौरव दास ने कहा है कि यह तो बस एक ट्रेलर है और असली पिक्चर अभी बाकी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश का युवा जाग चुका है और देश का युवा ही इस देश की सभी समस्याएं दूर करेगा। सौरव दास ने स्पष्ट किया कि एक पार्टी और एक मूवमेंट के तौर पर यह सिलसिला खत्म नहीं होने वाला है। उन्होंने कहा कि अब वे पूरे देश में जाएंगे, युवाओं की बात सुनेंगे, उनके लिए सबसे अच्छी पॉलिसी लाएंगे और सभी से अकाउंटेबिलिटी की मांग करते रहेंगे। उनके मुताबिक यह तो महज शुरुआत है और अभी बहुत कुछ करना बाकी है।1
- नीट पेपर लीक मामले को लेकर देश भर में जारी आंदोलन और क्रांति के बाद आखिरकार प्रशासन को झुकना पड़ा है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई 2026 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे की खबर आते ही जंतर मंतर पर छात्रों और क्रांतिकारियों के बीच जश्न का माहौल बन गया है और इसे युवाओं की बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है। इस मामले में जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी विरोध में बैठी थी, जिसके बाद पूरे देश में क्रांति छिड़ गई। आंदोलन के समर्थन में सोनम वांगचुक भी भूख हड़ताल पर बैठ गए थे। नीट पेपर लीक की वजह से 20 से 22 छात्रों ने खुदकुशी कर ली थी, जिसके बाद छात्रों का गुस्सा भड़क उठा। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और क्रांतिकारियों ने लाठियां खाईं और भारी कुर्बानियां दीं। देशव्यापी क्रांति और संघर्ष के बाद आखिरकार युवाओं को जीत हासिल हुई है। धर्मेंद्र प्रधान के अपने पद से इस्तीफा देने के बाद से ही जंतर मंतर पर खुशी और जश्न का माहौल बना हुआ है।1
- दिल्ली के रोहिणी इलाके में हुई लाखों रुपये की सनसनीखेज चोरी का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। इस पूरी चोरी की साजिश घर में काम करने वाली घरेलू सहायिका निर्मला ने ही रची थी। पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि निर्मला ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से लाखों रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण और नकदी बरामद की गई है। इस कार्रवाई के साथ ही चोरी की गुत्थी पूरी तरह सुलझ गई है और पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।1
- गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की मांग को लेकर देशभर में जनअभियान चलाया जा रहा है। इस राष्ट्रव्यापी मुहिम के माध्यम से गौ माता को राष्ट्रमाता का स्थान और दर्जा दिलाए जाने की मांग को पूरे देश में प्रमुखता से उठाया जा रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के ग्राम्य विकास विभाग में बड़ी कार्रवाई करते हुए मनरेगा के संयुक्त आयुक्त संजय कुमार पांडेय को निलंबित कर दिया गया है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों पर यह कार्रवाई की गई है। संजय कुमार पांडेय को उन्नाव में उपायुक्त (स्वतः रोजगार), राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के पद पर तैनाती के दौरान वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है। निलंबन की अवधि के दौरान उन्हें कार्यालय आयुक्त, ग्राम्य विकास, उत्तर प्रदेश (लखनऊ) से संबद्ध किया गया है। उन पर शासनादेशों के उल्लंघन और लापरवाही के गंभीर आरोप हैं। लोकपालों का कार्यकाल समाप्त होने के बावजूद उनके कार्यकाल विस्तार या नवीनीकरण की पत्रावली प्रस्तुत नहीं की गई थी। इसके साथ ही संबंधित विशेषज्ञ के खिलाफ कार्रवाई न करने, भारत सरकार के निर्देशों व शासनादेशों का सही ढंग से पालन न करने और मनरेगा से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर उचित पर्यवेक्षण न करने का दोषी पाया गया है। इस पूरे मामले की विस्तृत जांच अब लखनऊ के मंडलायुक्त करेंगे।1
- जगत न्यूज़ 24 परिवार की तरफ से आप सभी को देवशयनी एकादशी के अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं दी गई हैं।1
- लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे देश के छात्रों की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि जो शिक्षा व्यवस्था कभी पूरी दुनिया में हिंदुस्तान की शान और पहचान हुआ करती थी, उस पर सालों से आक्रमण हो रहा है, उसे नियंत्रित और निजीकृत किया जा रहा है। यह इस्तीफा बेरोजगारी, देश के मौजूदा हालात और शिक्षा व्यवस्था पर हो रहे हमलों के खिलाफ छात्रों और देश की प्रतिक्रिया है। राहुल गांधी ने धर्मेंद्र प्रधान को भ्रष्टाचार और शिक्षा व्यवस्था के विघटन का महज एक प्रतीक बताते हुए कहा कि उनका जाना तय था। हालांकि, अब सरकार को शिक्षा व्यवस्था को बदलने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। उन्होंने RSS पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था पर RSS का कब्जा है। यदि इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गलती है तो उतनी ही गलती RSS की भी है, क्योंकि RSS ने दीमक की तरह काम करके हमारी शिक्षा व्यवस्था को अंदर से खोखला कर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने छात्रों की दो प्रमुख मांगों का जिक्र करते हुए कहा कि जिन लोगों ने छात्रों पर आक्रमण किया और उन्हें मारा, उन पर और इसके आयोजकों दोनों पर ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए जो छात्रों को दिखे। इसके अलावा, उन्होंने मांग रखी कि प्रधानमंत्री को छात्रों से माफी मांगनी चाहिए।1
- नीट परीक्षा लीक मामले को लेकर पूरे देश में क्रांति छिड़ी हुई है और कॉकरोच जनता पार्टी ने इस मुद्दे को उठाते हुए जंतर-मंतर पर धरना शुरू कर दिया। इसी समर्थन में और लगातार आत्महत्या कर रहे छात्रों व उनके खराब होते भविष्य के हक में सोनम वांगचुक भी जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठ गए। 19 दिन बीत जाने के बाद प्रशासन ने उन्हें जबरन जंतर-मंतर से उठा लिया और अस्पताल में एडमिट करा दिया, जिससे पूरे देश के माहौल में हड़कंप मच गया और दूर-दूर से लोग जंतर-मंतर पर जुटने लगे। मौके पर पहुंची इस भीड़ पर पुलिस प्रशासन ने बड़ी बर्बरता दिखाते हुए लाठियां बरसाईं। सोनम वांगचुक लगातार भूख हड़ताल पर बैठे रहे, लेकिन किसी भी नेता ने उनसे बात करना जरूरी नहीं समझा। भूख हड़ताल खत्म होने के बाद वह दोबारा देश के बच्चों के लिए आवाज उठाना चाहते हैं। इस दौरान अस्पताल में उनके साथ प्रशासन किस तरह पेश आ रहा है और वे न्याय के लिए कैसे लड़ रहे हैं, इसका वीडियो पूरे देश में तेजी से वायरल हो रहा है।1
- राजधानी दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित जंतर-मंतर पर हजारों की संख्या में छात्र मौजूद हैं। जंतर-मंतर पर बड़ी तादाद में छात्रों का जमावड़ा देखा जा रहा है।1