अजमेर जिले के पीसांगन स्थित ग्राम पंचायत दांतड़ा में आयोजित 'ग्रामीण सेवा शिविर' के दौरान प्रशासनिक कामकाज में विशेष मुस्तैदी देखी गई। शिविर में प्रभारी सचिव (IAS) नीरज के. पवन और विधायक प्रतिनिधि कैलाश लाम्बा ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने सख्त निर्देश दिए कि ग्रामीणों को उनके कार्यों के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और हर जायज काम का निपटारा मौके पर ही सुनिश्चित किया जाए। शिविर में 22 प्रमुख सरकारी विभागों के कर्मचारी लैपटॉप और जरूरी दस्तावेजों के साथ उपस्थित रहे, जहाँ विकास अधिकारी ने स्वयं बैठकर मामलों का निस्तारण किया। इस दौरान पशुपालक सत्यनारायण गुर्जर को पशु बीमा योजना के तहत मौके पर ही मुफ्त आधिकारिक बीमा पॉलिसी प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त, सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लाभार्थियों—बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों—की रुकी हुई पेंशन का मौके पर ही ऑनलाइन सत्यापन कर उसे पुनः शुरू किया गया। शिविर में गरीब परिवारों के लिए आयुष्मान भारत स्वास्थ्य कार्ड बनाए गए, ताकि उन्हें अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा मिल सके। साथ ही, प्रधानमंत्री आवास योजना और मनरेगा के तहत लंबित पड़े आवेदनों तथा नए पट्टों की फाइलों को तुरंत आगे बढ़ाकर ग्रामीणों को राहत देने का काम किया गया।
अजमेर जिले के पीसांगन स्थित ग्राम पंचायत दांतड़ा में आयोजित 'ग्रामीण सेवा शिविर' के दौरान प्रशासनिक कामकाज में विशेष मुस्तैदी देखी गई। शिविर में प्रभारी सचिव (IAS) नीरज के. पवन और विधायक प्रतिनिधि कैलाश लाम्बा ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने सख्त निर्देश दिए कि ग्रामीणों को उनके कार्यों के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और हर जायज काम का निपटारा मौके पर ही सुनिश्चित किया जाए। शिविर में 22 प्रमुख सरकारी विभागों के कर्मचारी लैपटॉप और जरूरी दस्तावेजों के साथ उपस्थित रहे, जहाँ विकास अधिकारी ने स्वयं बैठकर मामलों का निस्तारण किया।
इस दौरान पशुपालक सत्यनारायण गुर्जर को पशु बीमा योजना के तहत मौके पर ही मुफ्त आधिकारिक बीमा पॉलिसी प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त, सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लाभार्थियों—बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों—की रुकी हुई पेंशन का मौके पर ही ऑनलाइन सत्यापन कर उसे पुनः शुरू किया गया। शिविर में गरीब परिवारों के लिए आयुष्मान भारत स्वास्थ्य कार्ड बनाए गए, ताकि उन्हें अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा मिल सके। साथ ही, प्रधानमंत्री आवास योजना और मनरेगा के तहत लंबित पड़े आवेदनों तथा नए पट्टों की फाइलों को तुरंत आगे बढ़ाकर ग्रामीणों को राहत देने का काम किया गया।
- नागौर जिले के रियान बड़ी क्षेत्र के टेहला में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और लंबित प्रकरणों के निस्तारण के लिए एक ग्रामीण सेवा शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में 22 विभागों के अधिकारियों को एक ही स्थान पर तैनात किया गया था ताकि ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा सके। संभागीय आयुक्त शक्ति सिंह राठौड़ ने शिविर का निरीक्षण किया, स्टॉलों का अवलोकन किया और अधिकारियों को समस्याओं के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। शिविर में राजस्व विभाग ने सक्रियता दिखाते हुए मौके पर ही 10 जमीनी बंटवारे, 25 शुद्धिकरण, 25 नामांतरण, 30 जाति प्रमाण पत्र और 22 मूल निवास प्रमाण पत्र जारी किए। हालांकि, अन्य विभागों के प्रदर्शन पर सवाल उठे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकांश विभागों का कार्य नगण्य रहा और दोपहर 3 बजे के बाद कई अधिकारी व कर्मचारी शिविर से अनुपस्थित मिले। साथ ही, शिविर में आमजन की उपस्थिति भी काफी कम रही। इस शिविर में तहसीलदार अशोक कुमार, नायब तहसीलदार रामचंद्र भंवरिया, विकास अधिकारी भंवरलाल सिंगाड़िया, भू-अभिलेख निरीक्षक यशवंत उपाध्याय, पटवारी राकेश गुर्जर, रिछपाल, नेमाराम, छोटूराम गोदारा, सूचना सहायक हेमाराम माली, विद्युत विभाग से योगेंद्र रेवड़ियां एवं रीना, ग्राम विकास अधिकारी रामस्वरूप पुनिया, आयुर्वेद विभाग से डॉ. राहुल चौधरी, विमला देवी, प्रतिबाला, पशु चिकित्सालय से अरविंद सिंह एवं अनिल दीपावत, चिकित्सा विभाग से माया, होम्योपैथिक विभाग से डॉ. राहुल शर्मा एवं दयाल, तथा महिला एवं बाल विकास विभाग से लीला चौधरी सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारी मौजूद थे। ग्रामीणों का स्पष्ट मानना है कि ऐसे शिविर तभी सार्थक होंगे जब सभी विभाग पूरी अवधि तक उपस्थित रहकर समस्याओं का प्रभावी समाधान करें।1
- अजमेर के गंज थाना पुलिस ने गुरुवार देर रात थाना क्षेत्र में रूट मार्च निकाला। इस कवायद का मुख्य उद्देश्य अपराधियों के बीच खौफ पैदा करना और कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाना था। पुलिस अधिकारियों और जवानों ने संवेदनशील इलाकों में पैदल गश्त करते हुए आम नागरिकों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया। इस दौरान पुलिस ने असामाजिक तत्वों को सख्त चेतावनी दी कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। साथ ही, आमजन से अपील की गई कि वे शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि एक अपराध मुक्त समाज का निर्माण किया जा सके।1
- Post by H.R.Gurjar1
- ब्यावर के राजकीय अमृतकौर चिकित्सालय में मानवता और सेवा की एक मिसाल देखने को मिली, जहाँ वीर हिन्दू आर्मी के कार्यकर्ताओं ने समय पर रक्तदान कर एक महिला मरीज की जान बचाई। अस्पताल के फीमेल मेडिकल वार्ड में भर्ती सोनिका जांगिड़ को तत्काल A+ ब्लड की आवश्यकता थी, लेकिन ब्लड बैंक में रक्त उपलब्ध नहीं होने के कारण उनके परिजन काफी चिंतित और असहाय थे। परिजनों ने इस संकट की घड़ी में वीर हिन्दू आर्मी के संस्थापक पंकज वर्मा से संपर्क किया। सूचना मिलने के तुरंत बाद पंकज वर्मा अस्पताल पहुँचे और वीर हिन्दू आर्मी के कार्यकर्ता गौरव सेन को फोन किया। गौरव सेन, जिनका ब्लड ग्रुप भी A+ था, ने एक ही कॉल पर अस्पताल पहुँचकर स्वेच्छा से रक्तदान किया। इस अवसर पर पंकज वर्मा ने कहा कि रक्तदान ही महादान है और मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं है। वीर हिन्दू आर्मी ने युवाओं से नियमित रक्तदान करने की अपील की है ताकि किसी की जिंदगी बचाने में मदद की जा सके।1
- अजमेर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में अंगदान के प्रति जन जागरण अभियान के तहत विद्यार्थियों ने सराहनीय पहल की है। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनिल सामरिया ने जानकारी दी कि 2024 बैच के 134 विद्यार्थियों ने पिछले तीन दिनों के भीतर ऑनलाइन शपथ पत्र भरकर अपने सामाजिक कर्तव्यों का निर्वहन किया है। इस पूरे अभियान को सफल बनाने में डॉ. महेश मेहता का विशेष योगदान रहा है। विद्यार्थियों के बीच अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पोस्टर मेकिंग, स्लोगन और रील बनाने जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें छात्र उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार और जिलाधीश के निर्देशों के अनुपालन में डॉ. अनिल सामरिया ने कॉलेज से संबंधित सभी संस्थानों में अंगदान पर विशेष कार्यशालाएं आयोजित करने और ऑनलाइन शपथ पत्र भरवाने का अभियान चलाने का निर्देश दिया है। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से भी इस प्रतिज्ञा प्रक्रिया में शामिल होकर अभियान को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया है।1
- अजमेर नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल आज तीसरे दिन भी जारी रही। प्रशासन के साथ कर्मचारियों की हुई वार्ता बेनतीजा रहने के बाद आक्रोशित कर्मचारियों ने शहर के प्रमुख बाजारों में रैली निकाली। इस प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने व्यापारियों को गुलाब के फूल भेंट कर अपनी हड़ताल के लिए समर्थन की अपील की। हड़ताल के लगातार तीसरे दिन भी जारी रहने का सीधा असर शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ा है। शहर के कई वार्डों में कचरे के ढेर लग गए हैं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में शहरवासियों की नजरें अब प्रशासन और सफाई कर्मचारी संघ के बीच होने वाली अगली वार्ता पर टिकी हैं।1
- अजमेर के एक राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब प्रार्थना सभा के बाद एक विद्यार्थी के स्कूल बैग के पीछे विषैला कोबरा पाया गया। स्कूल स्टाफ की सतर्कता के कारण समय रहते सांप पर नजर पड़ गई, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया। विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विद्यालय की सभी कक्षाओं को तत्काल खाली करवा दिया गया और बच्चों को स्कूल मैदान में एक सुरक्षित स्थान पर बैठाया गया। सूचना मिलने पर स्नेक कैचर हेमराज मेघवाल मौके पर पहुंचे और उन्होंने सुरक्षित तरीके से कोबरा का रेस्क्यू किया, जिसे बाद में उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया। प्रधानाचार्य डॉ. मनीषा पारीक ने इस घटना के दौरान स्टाफ की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई की सराहना की है।3
- अजमेर विकास प्राधिकरण पर खातेदारी जमीन पर कब्जा करने और सीमा पत्थर हटाने का गंभीर आरोप लगा है। इस कार्रवाई से नाराज ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया और अपनी जमीन वापस पाने की मांग की है। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी देते हुए आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। यदि उनकी खातेदारी जमीन पर हुए इस कब्जे को नहीं हटाया गया, तो आने वाले समय में बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।1
- फिरोजाबाद में डेढ़ साल के मासूम की बेरहमी से हत्या करने वाले आरोपी को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने घटना के महज 41 दिन के भीतर फांसी की सजा सुनाई है। जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि आरोपी बच्चे की मां से एकतरफा प्यार करता था और उसने मासूम को अपनी शादी की राह में बाधा मानते हुए इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया था। घटना के तुरंत बाद आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले की तेज सुनवाई करते हुए कोर्ट ने फांसी का फैसला सुनाया है, जिसे पीड़ित परिवार के लिए न्याय की एक बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है।1