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नालंदा के हरनौत स्थित नेहुसा पंचायत के वार्ड नंबर 12 में 'लाइन' की अत्यधिक कमी के कारण लोगों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
Uttam Kum chandravanshi
नालंदा के हरनौत स्थित नेहुसा पंचायत के वार्ड नंबर 12 में 'लाइन' की अत्यधिक कमी के कारण लोगों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
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- इस्लामपुर प्रखंड के पटवारी नगर में राजकुमार दास की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य डॉ. संजय कुमार, बिहार, पटना थे। डॉ. भीमराव अंबेडकर संघर्ष विचार मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल पासवान ने भी इस सभा को संबोधित किया।1
- बिहार के उपमुख्यमंत्री विजयेंद्र प्रसाद यादव का वैशाली जिले के महनार में भव्य स्वागत किया गया। उनके सम्मान समारोह में भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिसने उनके प्रति लोगों के उत्साह और समर्थन को दर्शाया।1
- खान सर कोचिंग सेंटर में एक जांच प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह जांच अग्निशमन विभाग द्वारा फायर सेफ्टी से संबंधित सुरक्षा मानकों की जाँच के लिए की जा रही है।1
- बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था में कई बड़े बदलाव लाने की घोषणा की है। उनके इन बड़े फैसलों से बिहार की शिक्षा प्रणाली में महत्वपूर्ण परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं, जिसका सीधा असर शिक्षकों और छात्रों पर पड़ने की उम्मीद है। इन फैसलों में 10,145 लंबित मुकदमों पर सरकार द्वारा कार्रवाई करना, जुलाई में TRE-4 भर्ती का नोटिफिकेशन जारी करना और शिक्षकों के लिए एक नई ट्रांसफर नीति लागू करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, सरकार निजी स्कूलों पर भी सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रही है। शिक्षा मंत्री के इन निर्णयों से बिहार की शिक्षा व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है, और सरकार के पूरे प्लान तथा इसके विस्तृत प्रभावों को लेकर सभी की नजर बनी हुई है कि शिक्षकों व छात्रों पर इसका क्या असर पड़ेगा।1
- जंतर-मंतर पर 'कॉकराच जनता पार्टी' द्वारा एक ऐतिहासिक शक्ति प्रदर्शन किया गया। इस आयोजन के माध्यम से पार्टी ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया।1
- फतुहा नगर परिषद से सटे शीशामील स्थित यदुवंश नगर में बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे ग्रामीणों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और विधायक से केवल आश्वासन मिलने के बाद, अब खुद ही चंदा इकट्ठा करके लाखों रुपये की लागत से 350 फीट लंबी सड़क का निर्माण शुरू कर दिया है। सालों पहले बसी इस कॉलोनी के निवासियों को आज तक सड़क और नाली जैसी बुनियादी सुविधाएँ नहीं मिल पाई हैं, जिसके कारण उन्हें अक्सर कमर भर पानी में चलकर घर से बाहर निकलना पड़ता था। इस संबंध में, कॉलोनी के निवासी संतोष कुमार और जीविका दीदी संजु देवी ने बताया कि पिछले तीन साल से वे स्थानीय मुखिया से लेकर विधायक तक के चक्कर काट रहे थे। जहाँ विधायक जी सिर्फ आश्वासन देते रहे, वहीं स्थानीय जनप्रतिनिधि फंड की कमी का रोना रोते रहे। थक हार कर, कॉलोनी के ग्रामीणों ने हर घर से चंदा इकट्ठा करने का फैसला किया और अब लाखों रुपये खर्च कर इस सड़क को बनाने में जुटे हुए हैं। उन्होंने पहले मिट्टी भराई करवाई, फिर ईंट सोलिंग की और अब सड़क की ढलाई का काम चल रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि मजदूर इस काम में लगे हुए हैं, साथ ही हर घर की महिलाएं और पुरुष भी श्रमदान कर रहे हैं। उनका मानना है कि सड़क बन जाने से इस कॉलोनी को काफी सुविधा मिलेगी और कमर भर पानी से होकर निकलने की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, घरों के पानी के निकास की कोई सुविधा अभी तक नहीं है, और नाले की समस्या अभी भी ज्यों की त्यों बनी हुई है।1
- बिहारशरीफ स्थित अनुग्रह नारायण पार्क में प्रतिदिन योग प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत, योग प्रशिक्षिका प्रतिमा मैडम लोगों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और स्वस्थ जीवनशैली के महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में जानकारी प्रदान कर रही हैं। सुबह के समय बड़ी संख्या में लोग यहां आकर योगाभ्यास करते हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य अपने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है। योग के माध्यम से स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने की यह पहल स्थानीय लोगों के बीच काफी सराहना प्राप्त कर रही है।1
- बिहार अनुसूचित जाति आयोग, पटना के सदस्य डॉ संजय कुमार ने नालंदा जिले का दौरा किया। इस दौरे के दौरान उन्होंने एक मृतक के परिवार से मुलाकात कर उनके प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। डॉ संजय कुमार ने परिवार को आश्वस्त किया कि यदि उनके परिवार के किसी सदस्य की निर्मम हत्या हुई है, तो दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने पीड़ित परिवार को यह भी भरोसा दिलाया कि वे हमेशा उनके साथ हैं। यह जानकारी डॉ भीमराव अंबेडकर संघर्ष विचार मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल पासवान द्वारा दी गई है।1
- बिहार की राजनीति में अंदरूनी तौर पर बड़े खुलासे की बात कही जा रही है, जहाँ सुरक्षा विवाद से लेकर चुनावी रणनीति तक हर दिन नए समीकरण बन रहे हैं। मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य में एक ओर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अपनी सरकार की उपलब्धियों के साथ मैदान में हैं, तो दूसरी तरफ तेजस्वी यादव और विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर बने हुए हैं। इन गतिविधियों को देखते हुए यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या बिहार में कोई नया राजनीतिक भूचाल आने वाला है और क्या चुनाव से पहले राजनीतिक समीकरण बदलेंगे।1