प्रयागराज के नारीबारी क्षेत्र में अवैध खनन का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है, जहाँ पुलिस की लगातार कार्रवाई, ओवरलोड वाहनों पर चालान और सख्ती के दावों के बावजूद खनन से जुड़े वाहनों की आवाजाही थमने का नाम नहीं ले रही। इस स्थिति के चलते स्थानीय लोगों के बीच यह सवाल तेजी से उठने लगा है कि आखिर किन लोगों के संरक्षण में यह पूरा अवैध खेल संचालित हो रहा है। क्षेत्र में ऐसी चर्चाएं हैं कि अवैध खनन का नेटवर्क पूरी तरह संगठित तरीके से काम करता है, जिसमें गाड़ियों की आवाजाही, रूट बदलने और पुलिस कार्रवाई की सूचना तक पहले से ही पहुंच जाती है, जिसके कारण बड़े खनन कारोबारी अक्सर कार्रवाई की जद में आने से बच निकलते हैं। इलाके में इन दिनों एक “गुप्त नंबर” को लेकर भी खूब चर्चाएं हैं, जिसके माध्यम से खनन से जुड़े लोगों के बीच संपर्क बना रहता है और वाहनों की गतिविधियों पर नजर रखी जाती है। इस नेटवर्क के जरिए कौन सा रास्ता सुरक्षित है, कहाँ चेकिंग चल रही है और किस वाहन को कब आगे बढ़ाना है, जैसी सूचनाएं साझा किए जाने की चर्चा है। सूत्रों के हवाले से एक ऐसे सिपाही का नाम भी लोगों की जुबान पर है, जो पहले नारीबारी चौकी में तैनात रह चुका है और वर्तमान में ट्रैफिक विभाग में सेवाएं दे रहा है; क्षेत्रीय लोगों का मानना है कि चौकी में तैनाती के दौरान बने उसके संपर्क आज भी खनन कारोबारियों के लिए मजबूत सहारा बने हुए हैं। हालाँकि, आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इलाके में इसको लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। अब सवाल सीधे चौकी इंचार्ज रमेश सिंह की व्यवस्था और स्थानीय निगरानी तंत्र पर खड़े होने लगे हैं कि जब लगातार कार्रवाई हो रही है तो फिर अवैध खनन का नेटवर्क कमजोर क्यों नहीं पड़ रहा, और आखिर कौन लोग हैं जो हर बार बच निकलते हैं। यूपी-मध्यप्रदेश सीमा से जुड़े क्षेत्रों में सक्रिय खनन माफियाओं को लेकर भी लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि पुलिस द्वारा छोटे स्तर पर कार्रवाई कर तस्वीर पेश कर दी जाती है, लेकिन बड़े चेहरे अब भी कानून की पकड़ से बाहर हैं। इसी कारण अवैध खनन का कारोबार पूरी तरह खत्म होने के बजाय और मजबूत होता दिखाई दे रहा है। लोग मांग कर रहे हैं कि पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि यह साफ हो सके कि आखिर इस अवैध कारोबार के पीछे असली चेहरे कौन हैं और कब पुलिस का हाथ उन दबंग खनन माफियाओं तक पहुंचेगा, जिनके दम पर यह खेल लगातार जारी है।
प्रयागराज के नारीबारी क्षेत्र में अवैध खनन का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है, जहाँ पुलिस की लगातार कार्रवाई, ओवरलोड वाहनों पर चालान और सख्ती के दावों के बावजूद खनन से जुड़े वाहनों की आवाजाही थमने का नाम नहीं ले रही। इस स्थिति के चलते स्थानीय लोगों के बीच यह सवाल तेजी से उठने लगा है कि आखिर किन लोगों के संरक्षण में यह पूरा अवैध खेल संचालित हो रहा है। क्षेत्र में ऐसी चर्चाएं हैं कि अवैध खनन का नेटवर्क पूरी तरह संगठित तरीके से काम करता है, जिसमें गाड़ियों की आवाजाही, रूट बदलने और पुलिस कार्रवाई की सूचना तक पहले से ही पहुंच जाती है, जिसके कारण बड़े खनन कारोबारी अक्सर कार्रवाई की जद में आने से बच निकलते हैं। इलाके में इन दिनों एक “गुप्त नंबर” को लेकर भी खूब चर्चाएं हैं, जिसके माध्यम से खनन से जुड़े लोगों के बीच संपर्क बना रहता है और वाहनों की गतिविधियों पर नजर रखी जाती है। इस नेटवर्क के जरिए कौन सा रास्ता सुरक्षित है, कहाँ चेकिंग चल रही है और किस वाहन को कब आगे बढ़ाना है, जैसी सूचनाएं साझा किए जाने की चर्चा है। सूत्रों के हवाले से एक ऐसे सिपाही का नाम भी लोगों की जुबान पर है, जो पहले नारीबारी चौकी में तैनात रह चुका है और वर्तमान में ट्रैफिक विभाग में सेवाएं दे रहा है; क्षेत्रीय लोगों का मानना है कि चौकी में तैनाती के दौरान बने उसके संपर्क आज भी खनन कारोबारियों के लिए मजबूत सहारा बने हुए हैं। हालाँकि, आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इलाके में इसको लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। अब सवाल सीधे चौकी इंचार्ज रमेश सिंह की व्यवस्था और स्थानीय निगरानी तंत्र पर खड़े होने लगे हैं कि जब लगातार कार्रवाई हो रही है तो फिर अवैध खनन का नेटवर्क कमजोर क्यों नहीं पड़ रहा, और आखिर कौन लोग हैं जो हर बार बच निकलते हैं। यूपी-मध्यप्रदेश सीमा से जुड़े क्षेत्रों में सक्रिय खनन माफियाओं को लेकर भी लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि पुलिस द्वारा छोटे स्तर पर कार्रवाई कर तस्वीर पेश कर दी जाती है, लेकिन बड़े चेहरे अब भी कानून की पकड़ से बाहर हैं। इसी कारण अवैध खनन का कारोबार पूरी तरह खत्म होने के बजाय और मजबूत होता दिखाई दे रहा है। लोग मांग कर रहे हैं कि पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि यह साफ हो सके कि आखिर इस अवैध कारोबार के पीछे असली चेहरे कौन हैं और कब पुलिस का हाथ उन दबंग खनन माफियाओं तक पहुंचेगा, जिनके दम पर यह खेल लगातार जारी है।
- करछना तहसील में एक मंत्री के कार्यक्रम के दौरान एफडीओ (FDO) रुमा बानो के साथ अभद्रता का मामला सामने आया है। एफडीओ रुमा बानो ने डीडी विजय पाल पर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है। इस घटना से संबंधित एक वीडियो भी वायरल हो रहा है।1
- महोबा में यातायात पुलिस की सक्रिय मौजूदगी के बावजूद ओवरलोड वाहन धड़ल्ले से सड़कों पर निकल रहे हैं। एक ओर जहाँ यातायात पुलिस को नियमों का पालन करवाते हुए देखा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर हमीरपुर चुंगी से होकर चरखारी बाईपास से गुजरते हुए मिट्टी से भरे ओवरलोड ट्रैक्टर खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। यह स्थिति यातायात पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है, जहाँ उसकी उपस्थिति में ही नियमों का खुल्लमखुल्ला उल्लंघन हो रहा है।1
- प्रयागराज के मेजा क्षेत्र स्थित औंता गांव में ब्लॉक प्रमुख उरूवा आरती पप्पू गौतम के आवास पर चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन शनिवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान अयोध्या से आईं अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पूज्या गौरांगी गौरी ने शिव-पार्वती विवाह और धुंधकारी प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया, जिससे पूरा पंडाल भक्तिमय वातावरण में डूब गया और श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कथा के दौरान, शिव-पार्वती विवाह प्रसंग का सजीव चित्रण करते हुए गौरांगी गौरी ने बताया कि माता पार्वती की कठोर तपस्या, अटूट श्रद्धा और भगवान शिव का वैराग्य ही इस दिव्य मिलन का आधार बना। उन्होंने हिमवान-मेना द्वारा विवाह की तैयारियों और भगवान शिव की अनोखी बारात का वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रद्धालु 'हर-हर महादेव' के जयघोष से वातावरण को गुंजायमान करते रहे। इसके अतिरिक्त, धुंधकारी प्रसंग में यह बताया गया कि कुकर्मों के कारण प्रेत योनि में भटक रहे धुंधकारी को उसके भाई गोकर्ण द्वारा कराई गई भागवत कथा के श्रवण से मोक्ष की प्राप्ति हुई। इस प्रसंग के माध्यम से कथा वाचक ने भागवत कथा के महत्व और मोक्ष मार्ग पर प्रकाश डाला, भक्ति, वैराग्य और मोक्ष का संदेश दिया। मुख्य यजमान कान्ती देवी और हीरा प्रसाद गौतम ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य क्षेत्र की सुख-समृद्धि है। आयोजनकर्ता आरती पप्पू गौतम ने कहा कि ऐसे धार्मिक कार्यक्रम समाज में आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करते हैं, जबकि प्रतिनिधि भोला गौतम ने इसे सामाजिक एकता का माध्यम बताया। कथा प्रतिदिन शाम 4 से 7 बजे तक चल रही है, जिसका शुक्रवार को भव्य कलश यात्रा के साथ शुभारंभ हुआ था। आगामी 5 जून को पूर्णाहुति एवं हवन तथा 6 जून को महाप्रसाद व भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इस पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा।1
- प्रयागराज के मेजा सामुदायिक केंद्र में गंभीर अव्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है, जहाँ न तो कोई अधीक्षक नियुक्त है और न ही आवश्यक दवाइयाँ उपलब्ध हैं। इस स्थिति के कारण मरीजों को बाहर के मेडिकल स्टोर से दवाइयाँ लिखवाई जा रही हैं। यह स्थिति तब सामने आई है जब उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने स्पष्ट रूप से कहा था कि दवाइयाँ बाहर से नहीं लिखी जाएँगी। तस्वीरों में दिख रहा यह नजारा जमीनी हकीकत और उपमुख्यमंत्री के बयानों के बीच के विरोधाभास को स्पष्ट रूप से दर्शाता है, जिस पर लोग अपना बयान दे रहे हैं।1
- महोबा में शंकराचार्य ने कड़ा रुख अपनाते हुए उन लोगों की तीखी आलोचना की, जो उनके वोट लेकर सत्ता में आए और अब 'गौ माता' को बेच रहे हैं। उन्होंने भारत की मौजूदा स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए गंभीर आरोप लगाया कि देश 'विश्व गुरु' से 'विश्व कसाई' बनता जा रहा है। शंकराचार्य ने स्पष्ट रूप से कहा कि सरकार की कथनी और करनी में गहरा अंतर है।1
- प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र अंतर्गत ऊंचडीह बाजार से उरुवा मार्ग पर पट्टीनाथ राय गांव के सामने शनिवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे एक भीषण सड़क हादसा हो गया। एक तेज रफ्तार मारुती वैन और बाइक की आमने-सामने की जोरदार भिड़ंत में बाइक सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहनों के परखच्चे उड़ गए और बाइक को टक्कर मारने के बाद वैन पलट गई। इस हादसे में बाइक सवार सुरेश पाल (25), जो छोटेलाल पाल के पुत्र हैं, उनके दाहिने पैर में गंभीर चोट आई, जबकि धीरज पाल (18), जो राजू पाल के पुत्र हैं, उनके बाएं पैर और छाती में गंभीर चोटें लगीं। दोनों घायल मेजा थाना क्षेत्र के सोनबरसा गांव के निवासी बताए गए हैं और घटना के वक्त वे घर से गेहूं पिसवाने के लिए चक्की पर जा रहे थे। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को तुरंत सीएचसी रामनगर पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें स्वरूप रानी अस्पताल प्रयागराज रेफर कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद वैन चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है।1