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भूविस्थापित कोयला कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष ऊषा विश्वकर्मा ने बिहान समूह को एक कूलर प्रदान किया।
Dwarika prasad Yadaw
भूविस्थापित कोयला कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष ऊषा विश्वकर्मा ने बिहान समूह को एक कूलर प्रदान किया।
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- कोरबा जिले में मारपीट और लूट से जुड़े एक मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।1
- बिलासपुर में तोरवा थाना पुलिस और एसीसीयू की एक संयुक्त टीम ने कॉलेज परिसर से ट्रांसफार्मर ऑयल और कॉपर वायर चोरी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर इस मामले का खुलासा किया है। यह कार्रवाई तब शुरू हुई जब 25 अप्रैल 2026 को चौकसे कॉलेज के स्टाफ विकास चंद्रा ने थाना तोरवा में रिपोर्ट दर्ज कराई कि अज्ञात चोरों ने कॉलेज परिसर में आपातकालीन विद्युत आपूर्ति के लिए रखे ट्रांसफार्मर ऑयल और कॉपर वायर चुरा लिए हैं। शिकायत के आधार पर, तोरवा थाने में अपराध क्रमांक 232/2026 के तहत धारा 303(2) और 3(5) बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए, थाना प्रभारी निरीक्षक रजनीश सिंह के निर्देशन में तोरवा पुलिस और एसीसीयू की एक संयुक्त टीम गठित की गई। तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर की गई जांच के दौरान, पुलिस ने मस्तुरी क्षेत्र के तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में तीनों आरोपियों ने चोरी की वारदात स्वीकार कर ली। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लगभग 60 हजार रुपये मूल्य का चोरी हुआ कॉपर वायर का बंडल बरामद कर जब्त किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में तरुण मनहर उर्फ राजा, लाला उर्फ भगत केंवट और यशवंत धीरज उर्फ राजा शामिल हैं। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद, तीनों को 3 जुलाई 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।1
- बिलासपुर में कांग्रेस ने वर्षाकाल के दौरान गरीब परिवारों को बेघर करने के खिलाफ नेहरू चौक पर अपना उग्र विरोध दर्ज कराया है। यह विरोध ग्राम नकटी में 85 गरीब परिवारों के घरों को उजाड़े जाने के संबंध में है। इस कार्रवाई के विरोध में बिलासपुर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का पुतला भी फूंका।1
- PM मातृवंदना योजना के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ प्रदेश के जांजगीर चांपा जिले ने राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।1
- कुछ परिवार के सदस्यों को समाज से बहिष्कृत किए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में, कुल 7 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है।1
- बिलासपुर के कोटा थाना क्षेत्र में खेत समतलीकरण का झांसा देकर एक किसान से ₹9 लाख की धोखाधड़ी और जबरन वसूली करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का कोटा पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में छह आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए ठगी की गई पूरी ₹9 लाख की राशि भी बरामद कर ली है। एक महत्वपूर्ण बात यह है कि गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी पहले से रतनपुर के चर्चित बकरी चोरी प्रकरण में भी गिरफ्तार हो चुके हैं। पुलिस के अनुसार, श्रीपारा निवासी रामनारायण पोर्ते ने 23 जून 2026 को कोटा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि कुछ अज्ञात लोगों ने उन्हें खेत समतलीकरण का लालच देकर ₹9 लाख की धोखाधड़ी की और फिर फरार हो गए। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 61(2), 112, 308, 313 और 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान, पुलिस को पता चला कि आरोपी पहले से रतनपुर थाना के बकरी चोरी मामले में गिरफ्तार किए गए थे। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर, पुलिस ने न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट प्राप्त किया और आरोपियों से गहन पूछताछ की। पूछताछ में सभी आरोपियों ने खेत समतलीकरण के नाम पर किसान से ठगी करने का अपराध स्वीकार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में बबलू खान (57), अमूर खान (66), अमीन खान (41), हबीब खान (35) और शाहरुख खान (22) शामिल हैं, जो उमरिया, थाना गोराबाजार, जिला जबलपुर (मध्यप्रदेश) के निवासी हैं। इनके साथ मोहम्मद अच्छन (33) भी गिरफ्तार किया गया है, जो रजकपुर, जिला अमरोहा (उत्तरप्रदेश) का निवासी है। सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। यह पूरी कार्रवाई उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मधुलिका सिंह और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस कोटा नुपूर उपाध्याय के मार्गदर्शन में की गई। इस कार्रवाई में प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक आकाश चौधरी, सहायक उपनिरीक्षक गोपाल खांडेकर, प्रधान आरक्षक सत्य प्रकाश यादव, आरक्षक अनिल साहू, शैलेन्द्र साहू और सुनील पटेल की अहम भूमिका रही।1
- राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के एक श्मशान घाट में अंतिम संस्कार के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पास की नदी का जलस्तर अचानक तेजी से बढ़ गया। नदी के रौद्र रूप के कारण पानी का बहाव इतना तेज हो गया कि अंतिम संस्कार में शामिल लोगों को अपनी जान बचाने के लिए ऊंचे स्थानों की ओर भागना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जिस चिता का दाह संस्कार चल रहा था, वह तेज बहाव की चपेट में आकर नदी में बह गई, जिससे मौके पर मौजूद लोग स्तब्ध रह गए। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना के बाद, कुछ लोगों ने इसे धार्मिक आस्था से जोड़ते हुए कहा कि मृत व्यक्ति अत्यंत पुण्यात्मा रहा होगा, जिसके कारण उसकी जलती चिता नदी की धारा में बह गई।1