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चीनी के थोकदाम 18 फीसदी घाटे, 55 रुपए प्रति किलोग्राम पहुंची कीमत। विकास दीक्षित संवाददाता स्वतंत्र प्रबोध चीनी के बढ़ते दामों से लोगों की मिठास चीन की थी। चीनी से बनने वाले सभी उत्पाद महंगे हो जाने लोगो की रसोई का बजट बिगड़ गया था। अब खुशखबरी यह है कि चीनी के थोकदाम 18 फीसदी घटे, 55 रुपए प्रति किलोग्राम पहुंची कीमत।
पत्रकार विकास दीक्षित
चीनी के थोकदाम 18 फीसदी घाटे, 55 रुपए प्रति किलोग्राम पहुंची कीमत। विकास दीक्षित संवाददाता स्वतंत्र प्रबोध चीनी के बढ़ते दामों से लोगों की मिठास चीन की थी। चीनी से बनने वाले सभी उत्पाद महंगे हो जाने लोगो की रसोई का बजट बिगड़ गया था। अब खुशखबरी यह है कि चीनी के थोकदाम 18 फीसदी घटे, 55 रुपए प्रति किलोग्राम पहुंची कीमत।
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- *प्रेस नोट जनपद कन्नौज* *दिनांक- 25.08.2026* *आगामी पर्वों के दृष्टिगत जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक कन्नौज द्वारा थाना कोतवाली कन्नौज क्षेत्र में किया गया रूट मार्च* आगामी पर्व ईद-ए-मिलाद/बारावफात एवं रक्षाबंधन के दृष्टिगत जिलाधिकारी कन्नौज आशुतोष मोहन अग्निहोत्री एवं पुलिस अधीक्षक कन्नौज विनोद कुमार द्वारा थाना कोतवाली कन्नौज क्षेत्र में पुलिस बल के साथ रूट मार्च किया गया । रूट मार्च के दौरान प्रमुख बाजारों, धार्मिक स्थलों एवं संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों द्वारा आमजन से शांति, सौहार्द एवं आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की गई। साथ ही कानून एवं शांति व्यवस्था प्रभावित करने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए गए। *प्रेस नोट जनपद कन्नौज* *दिनांक- 25.08.2026* *आगामी पर्वों के दृष्टिगत जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक कन्नौज द्वारा थाना कोतवाली कन्नौज क्षेत्र में किया गया रूट मार्च* आगामी पर्व ईद-ए-मिलाद/बारावफात एवं रक्षाबंधन के दृष्टिगत जिलाधिकारी कन्नौज आशुतोष मोहन अग्निहोत्री एवं पुलिस अधीक्षक कन्नौज विनोद कुमार द्वारा थाना कोतवाली कन्नौज क्षेत्र में पुलिस बल के साथ रूट मार्च किया गया । रूट मार्च के दौरान प्रमुख बाजारों, धार्मिक स्थलों एवं संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों द्वारा आमजन से शांति, सौहार्द एवं आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की गई। साथ ही कानून एवं शांति व्यवस्था प्रभावित करने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए गए।4
- उत्तर प्रदेश जनपद फर्रुखाबाद से खबर हर छोटी बड़ी खबर आप तक यू शमशाबाद में दिनदहाड़े लूट, पीड़ित को थाने से भी मिली धमकी! फर्रुखाबाद। जनपद के थाना शमशाबाद क्षेत्र में कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली एक घटना सामने आई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार फतेहपुर निवासी अहलकार पुत्र रामप्रसाद सोमवार शाम लगभग 7:30 बजे अपनी बाइक से अपने मौसा के घर जा रहे थे। बताया जाता है कि उनके पास लगभग एक लाख रुपये नकद भी थे। पीड़ित का आरोप है कि शमशाबाद पहुंचते ही उमाशंकर सुनार तथा उसके अन्य साथियों ने उन्हें रोक लिया और उनके साथ मारपीट की। आरोप है कि हमलावरों ने उनकी बाइक और एक लाख रुपये की नगदी छीन ली तथा जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित न्याय की गुहार लगाने के लिए थाना शमशाबाद पहुंचा, लेकिन वहां भी उसे निराशा हाथ लगी। पीड़ित का आरोप है कि जब वह प्रार्थना पत्र देने गया तो ड्यूटी पर मौजूद योगेश दरोगा जी ने उसका प्रार्थना पत्र फेंक दिया और कथित रूप से धमकाते हुए कहा कि यहां से चले जाओ, नहीं तो लाठियां मारकर ठीक कर देंगे। इस पूरे मामले ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। एक ओर सरकार प्रदेश में बेहतर कानून व्यवस्था और रामराज्य के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर यदि पीड़ितों की शिकायतें सुनने के बजाय उन्हें धमकाकर भगाया जा रहा है, तो आम जनता न्याय के लिए कहां जाए? अब क्षेत्रीय जनता और सामाजिक संगठनों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए तथा पीड़ित को न्याय दिलाया जाए।1
- `CITY NEWS: बारिश ने नगर पालिका कायमगंज की जलनिकासी व्यवस्था की खोली पोल1
- कन्नौज पुलिस की बड़ी कामयाबी: फिंगरप्रिंट क्लोनिंग से 45 लाख की ठगी करने वाला शातिर अरेस्ट, 20 ATM बरामद उत्तर प्रदेश के कन्नौज से साइबर ठगी का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक शातिर साइबर अपराधी ने लोगों के भरोसे का फायदा उठाते हुए उनके अंगूठे का क्लोन (फिंगरप्रिंट क्लोनिंग) बनाया और उनके खातों से 45 लाख रुपये की मोटी रकम पार कर दी। कन्नौज पुलिस ने इस मामले का पर्दाफाश करते हुए साइबर शातिर को धर दबोचा है। गिरफ्तारी के समय आरोपी के पास से पुलिस को 20 अलग-अलग एटीएम (ATM) कार्ड बरामद हुए हैं। आरोपी इतने सारे एटीएम कार्ड लेकर घूम रहा था, जिससे पता चलता है कि वह इस तरह की ठगी का पुराना खिलाड़ी है। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि इस पूरे नेटवर्क और अन्य पीड़ितों के बारे में जानकारी मिल सके।1
- Prathi avnish Kumar nivasi gram mahrupur sahju block barpur thiseel sadar janpad Farrukhabad uttar pradesh ka rhne Bala hain Prathi ne awash delaye Jane hetu janch karye jane hetu Prathi ne sree man giladhekaree mhaday ko kai prathna pattr DIY parntu aaj koi ho rhi hain Prathi ko block ke karm Chari Jutta mukadma karna chate han Prathi se yhe karm charee 50000 rupee mange to grmeedo ne video banana to ADO panchayat pirdeep Kumar Yadav mobile fordiya Jesse Prathi ke pass fnta huwa mobile hain Prathi ki janch jiladhikari mhodye kisee sacham adhekaree se janch krakar uchiat karye Bai karye aap ki mean kirpa hogue4
- क्या एड़ी का दर्द आपको जीने नहीं देता रोज सुबह उठते ही ईदी का दर्द परेशान कर देता है क्या आपके एड़ी में सुबह उठते ही तेज दर्द होता है? या ज्यादा देर खड़े रहने और चलने पर दर्द बढ़ जाता है? इसे नजरअंदाज न करें—यह Plantar Fasciitis का संकेत हो सकता है। सही एक्सरसाइज, स्ट्रेचिंग और समय पर फिजियोथेरेपी से दर्द में राहत मिल सकती है। दर्द को सहते न रहें—आज ही सही सलाह लें!” डॉ. ब्रिजेश सुदामा लाल सविता ग्राम शमशेर गंज जिला मैनपुरी उत्तर प्रदेश +91 96917 201611
- शमसाबाद में खूंखार बंदरों का आतंक, आए दिन लोग हो रहे घायल शमसाबाद नगर पंचायत के कई मोहल्लों में खूंखार बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। अलेपुर, दारुदगिरा घड़ी, मुबारकपुर, लडंमपुर दोयम और मीरा दरवाजा समेत कई इलाकों के लोग दहशत में हैं। शनिवार को अलेपुर निवासी कुसुम देवी पर बंदरों ने हमला कर दिया, जिसमें वह घायल हो गईं। उन्हें शमसाबाद स्वास्थ्य केंद्र में उपचार कराया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि बंदरों के हमले में कई लोग घायल हो चुके हैं और पूर्व में मौत की घटनाएं भी सामने आई हैं। मामले को लेकर नामित सभासद रामलड़ैंते दिवाकर ने एसडीएम कायमगंज, जिला वनाधिकारी और नगर पंचायत को ज्ञापन देकर खूंखार बंदरों को पकड़वाने और लोगों को राहत दिलाने की मांग की है।1
- एचएल मेमोरियल हॉस्पिटल में 6 वर्षीय मासूम की मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही और वसूली का आरोप—रोती मां पूछ रही, आखिर मेरे बच्चे की मौत का जिम्मेदार कौन? ब्यूरो रिपोर्ट अनुराग दुबे फर्रुखाबाद। एचएल मेमोरियल हॉस्पिटल में एक 6 वर्षीय मासूम की मौत के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली और इलाज व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही और धन की मांग किए जाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना के बाद मासूम की मां का रो-रोकर बुरा हाल है और परिवार ने प्रशासन से मामले की जांच कर न्याय की मांग की है। जानकारी के अनुसार 23 अगस्त 2026 को सवायजपुर निवासी सरला अपने 6 वर्षीय पुत्र यश को उपचार के लिए एचएल मेमोरियल हॉस्पिटल लेकर पहुंचीं। परिजनों के मुताबिक बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराने के कुछ घंटे बाद डॉक्टरों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि बच्चा जल्द ही ठीक हो जाएगा। परिवार को उम्मीद थी कि उपचार के बाद उनका मासूम बच्चा स्वस्थ होकर घर लौटेगा, लेकिन कुछ ही समय बाद उसकी हालत बिगड़ती चली गई। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान लगातार लापरवाही बरती गई और उनसे उपचार के नाम पर धन की मांग भी की गई। परिवार का कहना है कि समय रहते उचित उपचार और चिकित्सकीय निगरानी मिलती तो शायद मासूम की जान बच सकती थी। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। वहीं पुलिस ने मौके पर वाड़ी को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पुलिस जांच में लगी हुई है क्या एक मासूम की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों के अनुसार अस्पताल प्रबंधक डॉ. अश्वनी कुमार पाल ने बच्चे की मौत के बाद शव को परिजनों के साथ ले जाने के लिए कहा। अपने मासूम बेटे को खो चुकी मां के सामने उस समय मानो पूरी दुनिया ही उजड़ गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल की व्यवस्था और डॉक्टरों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए प्रशासन को लिखित शिकायत देने की बात कही है। परिवार की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। लगातार सामने आ रही ऐसी शिकायतों के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि क्या निजी अस्पतालों में इलाज कराने पहुंचने वाले मरीजों की जिंदगी से किसी भी कीमत पर खिलवाड़ किया जा सकता है? क्या आर्थिक स्थिति कमजोर होने पर मरीजों को बेहतर उपचार का अधिकार नहीं है? मासूम यश की मौत ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि परिजनों की शिकायत पर प्रशासन कितनी गंभीरता से जांच कराता है और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है। एक मां की आंखों में आज भी यही सवाल है—मेरा बच्चा क्यों नहीं बचाया गया? क्या मेरे मासूम की मौत की कीमत सिर्फ कागजों में दर्ज होकर रह जाएगी, या फिर उसे इंसाफ भी मिलेगा1