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उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक कांवड़िए द्वारा इंस्पेक्टर बृजेश शर्मा को धमकी देने का मामला सामने आया है। इस विवाद के दौरान कांवड़िए ने इंस्पेक्टर को सीधे चेतावनी देते हुए कहा, "ज्यादा वर्दी का गुरूर हो तो बता दो अभी, 5 मिनट में उतरवा दूंगा।" इस टकराव की शुरुआत तब हुई जब कुछ कांवड़िये डीजे (DJ) के ऊपर चढ़े हुए थे। इंस्पेक्टर बृजेश शर्मा ने जब उन्हें नीचे उतरने के लिए कहा, तो इस बात पर विवाद शुरू हो गया। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा शुरू होने वाली है।
Vikash
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक कांवड़िए द्वारा इंस्पेक्टर बृजेश शर्मा को धमकी देने का मामला सामने आया है। इस विवाद के दौरान कांवड़िए ने इंस्पेक्टर को सीधे चेतावनी देते हुए कहा, "ज्यादा वर्दी का गुरूर हो तो बता दो अभी, 5 मिनट में उतरवा दूंगा।" इस टकराव की शुरुआत तब हुई जब कुछ कांवड़िये डीजे (DJ) के ऊपर चढ़े हुए थे। इंस्पेक्टर बृजेश शर्मा ने जब उन्हें नीचे उतरने के लिए कहा, तो इस बात पर विवाद शुरू हो गया। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा शुरू होने वाली है।
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- उत्तर प्रदेश के भीम आर्मी नेता चंद्रशेखर रावण ने मायावती के मगरमच्छ वाले बयान पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए गहरी निराशा जताई है। उन्होंने कहा कि वह मायावती का बहुत सम्मान करते हैं, मगर आज उनकी बात सुनकर उनके दिल को काफी ठेस पहुंची है। चंद्रशेखर रावण ने तीखा सवाल करते हुए पूछा कि क्या हमारी बेटियों की इज्जत लुटती रहे और हम लोग बस तमाशबीन बने रहें? उन्होंने मायावती के कोर्ट जाने के सुझाव पर आपत्ति जताते हुए कहा कि बहन जी लोगों को कोर्ट जाने के लिए कह रही हैं, जबकि हकीकत यह है कि वहां 10-10 साल तक मुकदमा लड़ने के बाद भी न्याय नहीं मिल पाता है।1
- साइबर क्राइम पर आधारित एक नई फिल्म सामने आई है। उत्तर प्रदेश के कानपुर की हर छोटी-बड़ी खबर को लगातार देखते रहने के लिए शुरू ऐप पर बने रहें।1
- फर्रुखाबाद के सबसे व्यस्त और प्रमुख व्यापारिक केंद्र, चौक चौराहे पर बीच सड़क पर नाली के ऊपर लगा लोहे का भारी जाल अचानक तेज आवाज के साथ टूटकर धंस गया। दिन भर हजारों वाहनों, ई-रिक्शों, राहगीरों और स्कूली बच्चों की आवाजाही वाले इस मार्ग पर जाल के टूटने से एक खतरनाक और जानलेवा गड्ढा बन गया। गनीमत रही कि दिन का समय होने की वजह से आसपास के दुकानदारों और राहगीरों ने तुरंत सतर्कता दिखाई और वहां से गुजरने वाले वाहनों को सावधान करना शुरू कर दिया, जिससे एक भीषण दुर्घटना होते-होते टल गई। स्थानीय लोगों का मानना है कि अगर यह घटना रात के अंधेरे में या बारिश के वक्त हुई होती, तो जान-माल का भारी नुकसान हो सकता था। इस जानलेवा स्थिति के बाद भी नगर पालिका प्रशासन का रवैया बेहद उदासीन और शर्मनाक रहा। इस पूरे मामले की सबसे बड़ी विडंबना यह है कि नगर पालिका चेयरमैन का पुराना निवास स्थान घटनास्थल से मात्र 30 मीटर की दूरी पर है, लेकिन इसके बावजूद न तो किसी अधिकारी ने सुध ली और न ही कोई कर्मचारी इसे ठीक करने पहुंचा। इससे स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति भारी आक्रोश है। जनता का सीधा आरोप है कि नगर पालिका की कार्यप्रणाली पूरी तरह दिशाहीन और भ्रष्टाचार से प्रेरित है, जहां करदाताओं के पैसे का इस्तेमाल जनता की सुरक्षा के लिए नहीं हो रहा है। प्रशासन की इस घोर अनदेखी के बीच, पड़ोस के एक जागरूक स्थानीय दुकानदार ने इंसानियत का परिचय देते हुए खुद ही आगे कदम बढ़ाया। उसने अपनी दुकान का काम छोड़कर फावड़े और तसले की मदद से गड्ढे में मिट्टी, ईंटें और मलबा डालकर उसे भरने व सुरक्षित करने का प्रयास किया। दुकानदार की इस सजगता ने उस सरकारी तंत्र के मुंह पर जोरदार तमाचा जड़ा है, जिसके काम को मजबूरी में एक आम नागरिक को खुद करना पड़ा।2
- फर्रुखाबाद के नवाबगंज क्षेत्र में शनिवार को पुलिस अधीक्षक (एसपी) आरती सिंह ने निर्माणाधीन नए थाना भवन का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, भवन की संरचना और सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य में कुछ कमियां मिलने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए। भवन का निरीक्षण करते समय पुलिस अधीक्षक की नजर एक दीवार में आई दरार (चटक) पर पड़ी, जिस पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने मौके पर मौजूद इंजीनियर अक्षय मौर्य से भवन निर्माण की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली और स्वीकृत नक्शे के अनुरूप ही काम करने को कहा। एसपी ने स्पष्ट किया कि सरकारी भवनों के निर्माण में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता बनाए रखते हुए सभी कमियों को समय सीमा के भीतर दुरुस्त किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने थाना परिसर में बन रहे आवासों का भी निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान क्षेत्राधिकारी (सीओ) मोहम्मदाबाद अजय वर्मा, थाना प्रभारी राजीव कुमार, इंजीनियर अक्षय मौर्य सहित निर्माण कार्य से जुड़े अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ आर्मी कैंट के सामने स्थापित सैन्य शस्त्रों के साथ एक युवक द्वारा कथित रूप से अनुचित हरकत करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में युवक नशे की हालत में दिखाई दे रहा है और वह प्रदर्शित सैन्य शस्त्रों के साथ छेड़छाड़ जैसी हरकत करता नजर आ रहा है। भारतीय थल सेना के शस्त्र देश की सुरक्षा, वीरता और बलिदान के प्रतीक माने जाते हैं। ऐसे में इस वीडियो के सामने आने के बाद लोगों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि जिन शस्त्रों और सैन्य परंपराओं के सम्मान के लिए देश के अनेक वीर सैनिकों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है, उनके प्रति इस प्रकार का व्यवहार पूरी तरह से अस्वीकार्य है। यदि वायरल वीडियो वास्तविक है, तो संबंधित युवक की पहचान कर उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग भी उठ रही है। हालांकि, इस वायरल वीडियो की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और न ही संबंधित अधिकारियों की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है।1
- फर्रुखाबाद में नगर पालिका द्वारा सफाई व्यवस्था को लेकर किए जा रहे दावों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है। शहर के कई इलाकों में नाले-नालियां ओवरफ्लो हैं और जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। समय पर सफाई न होने के कारण स्थानीय लोगों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और उनके भीतर नगर पालिका के खिलाफ भारी आक्रोश है। हाल ही में हुई हल्की बारिश ने नगर पालिका की तैयारियों की पूरी पोल खोल कर रख दी है। आवास विकास कॉलोनी समेत शहर के कई मोहल्लों में सड़कों पर जलभराव, गंदगी और कीचड़ का माहौल बन गया है। कई स्थानों पर सड़कें खुदी पड़ी हैं जिनकी मरम्मत अब तक नहीं कराई गई है। नालियों की नियमित सफाई न होने से गंदा पानी लगातार सड़कों पर बह रहा है जिससे राहगीरों और स्थानीय निवासियों का जीना दूभर हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सफाई व्यवस्था सिर्फ कागज़ों तक ही सीमित है, जबकि जमीनी स्तर पर हालात बद से बदतर बने हुए हैं। नालों से निकाली गई मिट्टी और सिल्ट भी कई दिनों तक सड़क पर ही पड़ी रहती है, जिससे दुर्गंध फैलती है और आवागमन में भारी दिक्कत होती है। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते सफाई, नालों की नियमित सफाई और सड़कों की मरम्मत नहीं कराई गई तो बरसात के दिनों में समस्याएं और भी अधिक गंभीर हो सकती हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि आखिर शहरवासियों को इस गंदगी और अव्यवस्था से कब निजात मिलेगी और नगर पालिका के दावे जमीनी स्तर पर कब दिखाई देंगे।1
- फर्रुखाबाद में ट्रेन की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गई। ट्रेन से टकराने के बाद महिला की हालत काफी गंभीर हो गई थी, जिसके बाद उन्होंने दम तोड़ दिया।1