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प्रयागराज के ग्राम सभा चक रघुनाथ अमरसापुर में चकरोड का कार्य अटका हुआ है। इस मार्ग के निर्माण हेतु 1076 पर शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके लगभग चार महीने बाद लेखपाल को बुलाकर नाप का काम अच्छे से कराया गया था। हालांकि, नाप की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी होने के बावजूद भी अनारो देवी पार्षद इस मार्ग पर अभी तक मिट्टी नहीं डलवा सकी हैं। इस स्थिति को देखते हुए सरकार से अपील की गई है कि इस कार्य को जल्द से जल्द पूरा करवाया जाए।
अखिलेन्द्र प्रताप सिंह
प्रयागराज के ग्राम सभा चक रघुनाथ अमरसापुर में चकरोड का कार्य अटका हुआ है। इस मार्ग के निर्माण हेतु 1076 पर शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके लगभग चार महीने बाद लेखपाल को बुलाकर नाप का काम अच्छे से कराया गया था। हालांकि, नाप की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी होने के बावजूद भी अनारो देवी पार्षद इस मार्ग पर अभी तक मिट्टी नहीं डलवा सकी हैं। इस स्थिति को देखते हुए सरकार से अपील की गई है कि इस कार्य को जल्द से जल्द पूरा करवाया जाए।
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- प्रयागराज जिले के फूलपुर अंतर्गत सहसों बाजार की सड़क पर पानी भरा रहता है, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। इस मार्ग पर अत्यधिक जलभराव होने के कारण अब लोगों के आने-जाने के लिए कोई सड़क या रास्ता नहीं बचा है।4
- Post by Raju Yadav1
- प्रयागराज के नैनी थाना क्षेत्र की एग्रीकल्चर चौकी के अंतर्गत पिछले 70 वर्षों से रह रहे गरीब परिवारों में नगर निगम द्वारा उनका आशियाना उजाड़ने की धमकी दिए जाने के बाद भारी आक्रोश व्याप्त है। इन पीड़ित परिवारों का कहना है कि वे इन दुकानों के सहारे ही अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं, लेकिन अब उनकी कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही है। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर भी संदेश भेजा था, लेकिन कुछ विधायकों के कहने पर मुख्यमंत्री भी गरीबों की इस फरियाद को नहीं सुन रहे हैं। इस मामले के विरोध में समाजवादी कार्यकर्ता गुलाब चंद्र पासी, आकाश पासी, आनंद पासी, राजेश पासी, सविता कैथवास और गंगोत्री नगर से समाजसेवी भोले पाल चाचा (टी स्टॉल) मौके पर पहुंचे। पासी समाज के लोगों का कहना है कि पासी समाज से होने के कारण इस सरकार में उनका कोई वजूद नहीं समझा जा रहा है और न ही उनकी कोई सुनवाई हो रही है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि यदि उनका आशियाना तोड़ा गया तो वे पीछे नहीं हटेंगे और सरकार चाहे भाजपा की हो या कोई और, वे इसके खिलाफ बड़ा आंदोलन करेंगे। पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि योगी सरकार में गरीबों के साथ घोर अन्याय हो रहा है और भाजपा के विधायक अपनी जेबें गर्म करके गरीबों के आशियाने उजड़वा रहे हैं। पीड़ित जनता ने मुख्यमंत्री से विनम्र निवेदन किया है कि इन विधायकों की कॉल डिटेल चेक कराई जाए कि किसके पास कितना पैसा गया है और ऐसे विधायकों के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई कर गरीबों को न्याय दिलाया जाए।1
- प्रयागराज के इलाहाबाद अंतर्गत मनोहर दास डी ब्लॉक में नाले की टूटी दीवार के कारण जलभराव हो गया है। नाले से हो रहे इस जलभराव की वजह से स्थानीय जनता में भारी नाराजगी है।1
- कौशाम्बी के मंझनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई हत्या की वारदात से संबंधित अभियुक्तों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और उनके पास से बरामदगी भी की गई है। इस कार्रवाई के संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक श्रीमती अमिता सिंह ने वीडियो बाइट के जरिए आधिकारिक जानकारी दी है।1
- प्रयागराज के बारा में अदालती आदेश और एसडीएम के निर्देशों के बावजूद एक पीड़िता को उसकी खुद की जमीन पर कब्जा नहीं मिल पा रहा है। थाना शंकरगढ़ क्षेत्र के ग्राम जनवा की निवासी सीमा देवी (पत्नी राजबिहारी सिंह) का जमीन विवाद का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। सीमा देवी की दर्ज भूमि आराजी संख्या 1143/3, रकबा 0.114 हेक्टेयर पर कोर्ट का आदेश होने के बाद भी विपक्षी कब्जा छोड़ने को तैयार नहीं है। शनिवार को थाना समाधान दिवस पर एसडीएम बारा डॉ. गणेश कन्नौजिया के निर्देश पर राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम सीमांकन और पीड़िता को कब्जा दिलाने मौके पर पहुंची थी, लेकिन विपक्षी राम प्रताप ने अपने समर्थकों के साथ मिलकर वहाँ जमकर हंगामा खड़ा कर दिया। विपक्षियों के बढ़ते विरोध को देखकर राजस्व और पुलिस की टीम बिना कार्रवाई पूरी किए ही वापस लौट गई। बताया जा रहा है कि एसडीएम के फोन के बाद टीम को वापस बुला लिया गया। पीड़िता सीमा देवी का आरोप है कि यह पहली बार नहीं हुआ है, बल्कि इससे पहले भी 3-4 बार पुलिस-राजस्व की टीम आ चुकी है लेकिन हर बार विपक्षियों के हंगामे के आगे प्रशासन को पीछे हटना पड़ा। सीमा देवी ने चेतावनी दी है कि कोर्ट का आदेश होने के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है और यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो गाँव में गंभीर विवाद या खूनी संघर्ष हो सकता है। इस पूरे मामले पर स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की लचर कार्रवाई के कारण ही विपक्षियों के हौसले इतने बुलंद हैं। वहीं, एसडीएम बारा डॉ. गणेश कन्नौजिया का कहना है कि कोर्ट का आदेश है तो उसका पालन कराया जाएगा और टीम विरोध के कारण वापस जरूर आई है, लेकिन अब विधिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई होगी। फिलहाल गाँव में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस सतर्क है और प्रशासन ने जल्द ही पीड़िता को कब्जा दिलाने का भरोसा दिया है, लेकिन पीड़िता के लिए थाना समाधान दिवस पर भी न्याय न मिलना प्रशासन की लाचारी को दर्शाता है।1
- उत्तर प्रदेश के कानपुर में कथित तौर पर नशे में धुत एक सिपाही द्वारा वकील से मारपीट करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना के दौरान सिपाही द्वारा काफी हंगामा भी किया गया, जिसे देखने के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। इस मामले को लेकर पुलिस अधिकारियों ने वायरल वीडियो का संज्ञान लिया है। पुलिस प्रशासन द्वारा पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है और जिम्मेदार के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया है।1