ग्राम खण्डीप में पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने और माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों की पालना सुनिश्चित करवाने की मांग को लेकर चल रही अनिश्चितकालीन किसान महापंचायत एवं धरना तीसरे दिन भी पूरे जोश और उत्साह के साथ जारी रहा। दिनांक 07 जून 2026 को धरना स्थल पर गंगापुर सिटी विधायक रामकेश मीना, पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष बटुआ पटेल, समिति के पदाधिकारी, कार्यकारिणी सदस्य, अट्ठाईसा के पंच-पटेल, सर्व समाज के प्रतिनिधि, युवा साथी, महिलाएं, बच्चे और हजारों किसान उपस्थित रहे, जिन्होंने एक स्वर में नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग दोहराई। इस दौरान खेड़ली-बगलाई क्षेत्र की आम जनता भी बड़ी संख्या में धरना स्थल पर पहुंची और आंदोलन को अपना समर्थन दिया। किसान नेताओं ने मिल रहे अभूतपूर्व जनसमर्थन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह संघर्ष केवल पानी का नहीं, बल्कि किसानों के अधिकार, सम्मान और भविष्य की रक्षा का संघर्ष है। उन्होंने जोर दिया कि जनसमर्थन इस बात का प्रमाण है कि कमाण्ड क्षेत्र का किसान अब अपने अधिकारों के लिए पूरी तरह एकजुट हो चुका है। पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष, कार्यकारिणी सदस्यों और कमाण्ड क्षेत्र के पंच-पटेलों के नेतृत्व में यह आंदोलन लगातार मजबूत होता जा रहा है, जो सरकार के लिए यह स्पष्ट संदेश है कि किसानों की जायज मांगों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आंदोलन को सुव्यवस्थित और प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए समिति द्वारा विभिन्न गांवों को क्रमवार जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इसी क्रम में दिनांक 08 जून 2026 प्रातः 10:00 बजे से 09 जून 2026 प्रातः 10:00 बजे तक धरना स्थल पर रुकने और समस्त व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी ग्राम नयागांव-सैमाड़ा को सौंपी गई है, जिसे प्रत्येक गांव निष्ठापूर्वक निभा रहा है। विधायक रामकेश मीना एवं संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने सभी गांवों के पंच-पटेलों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में किसानों को संगठित और एकजुट बनाए रखें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में शीघ्र पानी नहीं छोड़ा गया तो किसान बड़ा निर्णय लेने के लिए बाध्य होंगे और आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा। विधायक मीना और अन्य किसान नेताओं ने कहा कि सरकार की हठधर्मिता और उदासीनता किसानों के सब्र की परीक्षा ले रही है, लेकिन अब किसान अपने अधिकारों के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। महापंचायत में शीघ्र ही एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया जाएगा, जिसकी सूचना पूरे कमाण्ड क्षेत्र को दी जाएगी। दिनांक 08 जून 2026 को सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से किसानों का उत्साहवर्धन किया जाएगा, जिसे लेकर युवाओं में भारी जोश है। वहीं, धरना स्थल पर पेयजल, भोजन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का संचालन ग्राम खण्डीप के पंच-पटेलों, युवाओं और ग्रामीणों द्वारा निरंतर किया जा रहा है, जिसकी एकजुटता और अतिथि सत्कार की भावना सामाजिक समरसता एवं जनशक्ति का प्रेरणादायक उदाहरण बनी है। विधायक रामकेश मीना ने इस अवसर पर कहा कि कमाण्ड क्षेत्र की कृषि भूमि पानी के अभाव में सूखने की कगार पर है और किसानों की आजीविका पर गंभीर संकट मंडरा रहा है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के कई दिन बीत जाने के बावजूद सरकार की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है, और यदि किसानों को अपने हक के लिए कोई बड़ा निर्णय लेना पड़ता है तो उसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। उन्होंने दोहराया कि किसानों का यह संघर्ष अपने अधिकार मिलने तक निरंतर जारी रहेगा।
ग्राम खण्डीप में पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने और माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों की पालना सुनिश्चित करवाने की मांग को लेकर चल रही अनिश्चितकालीन किसान महापंचायत एवं धरना तीसरे दिन भी पूरे जोश और उत्साह के साथ जारी रहा। दिनांक 07 जून 2026 को धरना स्थल पर गंगापुर सिटी विधायक रामकेश मीना, पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष बटुआ पटेल, समिति के पदाधिकारी, कार्यकारिणी सदस्य, अट्ठाईसा के पंच-पटेल, सर्व समाज के प्रतिनिधि, युवा साथी, महिलाएं, बच्चे और हजारों किसान उपस्थित रहे, जिन्होंने एक स्वर में नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग दोहराई। इस दौरान खेड़ली-बगलाई क्षेत्र की आम जनता भी बड़ी संख्या में धरना स्थल पर पहुंची और आंदोलन को अपना समर्थन दिया। किसान नेताओं ने मिल रहे अभूतपूर्व जनसमर्थन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह संघर्ष केवल पानी का नहीं, बल्कि किसानों के अधिकार, सम्मान और भविष्य की रक्षा का संघर्ष है। उन्होंने जोर दिया कि जनसमर्थन इस बात का प्रमाण है कि कमाण्ड क्षेत्र का किसान अब अपने अधिकारों के लिए पूरी तरह एकजुट हो चुका है। पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष, कार्यकारिणी सदस्यों और कमाण्ड क्षेत्र के पंच-पटेलों के नेतृत्व में यह आंदोलन लगातार मजबूत होता जा रहा है, जो सरकार के लिए यह स्पष्ट संदेश है कि किसानों की जायज मांगों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आंदोलन को सुव्यवस्थित और प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए समिति द्वारा विभिन्न गांवों को क्रमवार जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इसी क्रम में दिनांक 08 जून 2026 प्रातः 10:00 बजे से 09 जून 2026 प्रातः 10:00 बजे तक धरना स्थल पर रुकने और समस्त व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी ग्राम नयागांव-सैमाड़ा
को सौंपी गई है, जिसे प्रत्येक गांव निष्ठापूर्वक निभा रहा है। विधायक रामकेश मीना एवं संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने सभी गांवों के पंच-पटेलों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में किसानों को संगठित और एकजुट बनाए रखें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में शीघ्र पानी नहीं छोड़ा गया तो किसान बड़ा निर्णय लेने के लिए बाध्य होंगे और आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा। विधायक मीना और अन्य किसान नेताओं ने कहा कि सरकार की हठधर्मिता और उदासीनता किसानों के सब्र की परीक्षा ले रही है, लेकिन अब किसान अपने अधिकारों के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। महापंचायत में शीघ्र ही एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया जाएगा, जिसकी सूचना पूरे कमाण्ड क्षेत्र को दी जाएगी। दिनांक 08 जून 2026 को सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से किसानों का उत्साहवर्धन किया जाएगा, जिसे लेकर युवाओं में भारी जोश है। वहीं, धरना स्थल पर पेयजल, भोजन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का संचालन ग्राम खण्डीप के पंच-पटेलों, युवाओं और ग्रामीणों द्वारा निरंतर किया जा रहा है, जिसकी एकजुटता और अतिथि सत्कार की भावना सामाजिक समरसता एवं जनशक्ति का प्रेरणादायक उदाहरण बनी है। विधायक रामकेश मीना ने इस अवसर पर कहा कि कमाण्ड क्षेत्र की कृषि भूमि पानी के अभाव में सूखने की कगार पर है और किसानों की आजीविका पर गंभीर संकट मंडरा रहा है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के कई दिन बीत जाने के बावजूद सरकार की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है, और यदि किसानों को अपने हक के लिए कोई बड़ा निर्णय लेना पड़ता है तो उसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। उन्होंने दोहराया कि किसानों का यह संघर्ष अपने अधिकार मिलने तक निरंतर जारी रहेगा।
- हिंडौन क्षेत्र के खेड़ा गांव में सात दिवसीय संगीतमय शिव पुराण कार्यक्रम का शुभारंभ एक भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ, जिसमें सैकड़ों महिला और पुरुषों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस कलश यात्रा का संचालन ताज बैंड के साथ यूसुफ खान ने किया। मंदिर के महंत वृज किशोर शर्मा ने इस कार्यक्रम की जानकारी दी। कलश यात्रा में पूर्व सरपंच नंद किशोर चौधरी, ओमप्रकाश चौधरी, ज्ञान सिंह, समय सिंह, जितेंद्र चौधरी, सियाराम पटेल, हरिओम डेरावाले, वसंता गौड़, पुरुषोत्तम शर्मा, बीजेपी ब्लॉक अध्यक्ष गीता चौधरी और सुबुद्धि गुर्जर सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए। काचरौली गांव से जगदीश सेठ, बाबू सिंह प्रिंसिपल और मोहन भारद्वाज भी इस यात्रा का हिस्सा बने। कार्यक्रम में कथा व्यास की भूमिका वृंदावन से कमल किशोर गोस्वामी निभा रहे हैं।2
- हिंडौन सिटी के खेड़ा गांव स्थित श्री गोपालजी मंदिर में सोमवार को शिव पुराण कथा एवं शिव महायज्ञ का भव्य शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर बैंड बाजे के साथ एक भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें मंदिर के महंत बृज किशोर शर्मा अपने सिर पर शिव पुराण ग्रंथ लिए चल रहे थे और महिलाएं जल कलश लेकर साथ थीं। वृंदावन धाम के कथावाचक कमल कृष्ण गोस्वामी इस यात्रा में घोड़ी पर सवार थे, वहीं ताज बैंड के मास्टर युसूफ आजाद ने अपने सुंदर भजनों की प्रस्तुति दी। यह कलश यात्रा श्री गोपालजी मंदिर से शुरू होकर गांव के प्रमुख मार्गों से गुजरी, जिसमें गांव के महिला-पुरुषों ने बड़े उत्साह के साथ भारी संख्या में भाग लिया। ग्रामीणों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर इस कलश यात्रा का गर्मजोशी से स्वागत किया। कलश यात्रा के कथा स्थल वापस पहुंचने पर पूर्व सरपंच एवं 'सरपंच ताऊ' यूट्यूबर नंदकिशोर चौधरी ने ताज बैंड के मास्टर युसूफ आजाद के भजनों पर जमकर नृत्य किया। इस मौके पर ओम प्रकाश चौधरी, ज्ञान सिंह, सियाराम पटेल, समय सिंह, हरिओम, जितेंद्र चौधरी, बसंता गौड़, पुरुषोत्तम सारस्वत, सुबुद्धि गुर्जर, बाबू सिंह प्रिंसिपल, जगदीश सेठ, मोहन भारद्वाज सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।1
- मंडावरी क्षेत्र में इन दिनों फाइनेंस कंपनियों द्वारा तानाशाही और अवैध रिकवरी का खेल धड़ल्ले से चल रहा है, जहाँ सीधे-साधे ग्रामीणों को कर्ज के जाल में फंसाकर उनकी गाड़ियाँ जबरन उठाई जा रही हैं। हाल ही में, [Hinduja finance] के एजेंटों ने सुप्रीम कोर्ट के नियमों को ताक पर रखते हुए, बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के एक पीड़ित की मोटरसाइकिल को सरेआम उठा लिया। इस 'गुंडागर्दी' से स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। पीड़ित भारत लाल कीर, जो बिनोरी कीर बस्ती का निवासी है, ने बताया कि उसकी मोटरसाइकिल को दौसा जिला मुख्यालय में रिकवरी एजेंट ने जब्त किया था। उस समय उसका छोटा भाई महुआ जा रहा था, जिससे जबरदस्ती गाड़ी छीन ली गई, जिसके बाद उसे बस से महुआ जाना पड़ा। पीड़ित ने जानकारी दी कि वह इस मामले की मुख्य रिपोर्ट दर्ज करवाने के लिए मंडावरी थाने जा रहा है। रिकवरी एजेंट अभी भी पुलिस कार्रवाई के नाम पर मना कर रहे हैं और पीड़ित से कह रहे हैं कि वह नागल से अपनी गाड़ी ले ले। यह खुले तौर पर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना है, जिसके कारण गरीब व्यक्ति इधर-उधर भटक रहा है। क्षेत्र के लोग इस 'दादागिरी' से बेहद परेशान हैं और उन्होंने प्रशासन से इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इन परेशान लोगों की कितनी मदद कर पाता है।1
- करौली जिले के हिंडौन सिटी स्थित राजनगर की जाटव बस्ती, रामपुर वालेरोड पर पिछले कई सालों से सड़क का निर्माण नहीं हुआ है। इस कारण नालियों में कीड़े पड़े हुए हैं और बीच में नाली मौजूद है। स्थानीय लोगों ने इस समस्या को लेकर कई बार शिकायतें दर्ज कराई हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।1
- उपखंड के डिडवाना में सोमवार को पंचमुखी बालाजी मंदिर से हल्दीनिया भवन तक 301 कलशों की एक भव्य यात्रा निकाली गई। इस भक्तिमय यात्रा में महिलाओं ने अपने सिर पर कलश धारण कर भक्ति गीतों और जयकारों के साथ भाग लिया। यात्रा मार्ग में जगह-जगह पुष्पवर्षा कर इसका भव्य स्वागत किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। यह भव्य यात्रा श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ और गृह प्रवेश समारोह के उपलक्ष्य में आयोजित की गई थी। इस दौरान राधा कृष्णा, शिव पार्वती और बालाजी महाराज की जीवंत झांकियां विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र रहीं। यात्रा की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद रहा।3
- सवाई माधोपुर जिले के मेई कलां गाँव में बिजली के करंट से एक युवक समुन्दर चौधरी की मृत्यु के बाद चल रहा धरना समाप्त हो गया है। यह धरना प्रशासन और बिजली विभाग द्वारा पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और एक संविदा नौकरी देने की लिखित सहमति के बाद खत्म हुआ। इस समाधान तक पहुंचने में पूर्व कैबिनेट मंत्री अशोक बैरवा और जिला महासचिव दीपेंद्र सिंह चौधरी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार और प्रशासन के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत करवाई, जिसके परिणामस्वरूप समझौता हुआ। धरनास्थल पर हुई इस सहमति के बाद, मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन समाप्त कर दिया। ग्रामीणों ने मृतक के परिवार को न्याय दिलाने में सहयोग करने वाले जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।1
- खेड़ा गांव में ठाकुर जी के मंदिर पर सोमवार से नौ दिवसीय शिव पुराण कथा का शुभारंभ हो गया है। कथा के आरंभ में गांव के चारों तरफ एक भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बैंड-बाजे की धुन पर महिलाओं ने उत्साहपूर्वक नृत्य किया। इस दौरान भाजपा मंडल अध्यक्ष गीता चौधरी ने मंडल कार्यालय पर महंत नंदकिशोर का स्वागत किया। यात्रा में पूर्व सरपंच नंदकिशोर चौधरी, जगदीश जितेंद्र सिंह, नवदीप सिंह, राजू चौधरी, मुकेश शुक्ला, अन्नू शुक्ला और रमेश सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने यात्रा व व्यास जी महाराज और महंत ब्रजकिशोर लोकेश शर्मा का सम्मान किया। यह कथा अगले नौ दिनों तक चलेगी, जिसके लिए आसपास के गांवों से भी लोगों के आने की उम्मीद है।2
- भगतसिंह आभामंडल द्वारा 'पंछी पुकार अभियान' के तहत लालसोट और रामगढ़ पचवारा क्षेत्रों के विभिन्न स्थानों पर पक्षियों के लिए जल व्यवस्था की गई। इस पहल में कई जगहों पर परिंडे लगाए गए, जिनमें बिडोली से बालाजी गार्डन रामगढ़, बाढ़जीता विद्यालय और गुलर तिराहा प्रमुख थे। अभियान ने युवाओं से अपने जन्मदिवस और विशेष अवसरों पर परिंडे लगाने का आह्वान किया। इस दौरान महान स्वतंत्रता सेनानी प्रताप सिंह बारहठ को विशेष रूप से याद किया गया, और उनके जीवन व राष्ट्र के प्रति योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में हरकेश सत्तावन, अखिल ठाकुरिया, बसराम मिमरोट, ललिता डीलर, मोहित सोनी, सत्यप्रकाश मीणा, सत्यनारायण बिडोली, प्रकाश मंडावत और डॉ. गौरव तिवारी सहित अनेक लोग मौजूद रहे। 'राष्ट्रपुरुषों की स्मरणगाथा के साथ आगे बढ़ रहा पंछी पुकार अभियान' का यह आयोजन पक्षी संरक्षण और प्रेरणा का संदेश लेकर आगे बढ़ रहा है।2
- हिंडौन सिटी के रामपुरा क्षेत्र में सड़कों और नालियों की गंभीर समस्या ने स्थानीय निवासियों को परेशान कर रखा है। पिछले कई सालों से इस इलाके में सड़क का निर्माण नहीं हुआ है, जिसके चलते सड़क पूरी तरह से टूटी हुई है और नालियों का भी निर्माण नहीं किया गया है। स्थिति इतनी खराब है कि गली के ठीक बीच में एक नाली बनी हुई है जिसमें कीड़े पनप रहे हैं। यह समस्या चुंगी के पास रामपुर वालों की गली में विशेष रूप से देखी जा सकती है। आरोप है कि यहां के कुछ स्थानीय लोग अपने घर के पास नालियों का निर्माण नहीं होने दे रहे हैं, जिसके कारण आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां के निवासियों को नालियों की समस्या के चलते कितनी कठिनाई हो रही है, यह जगजाहिर है।1