गुरुसर मोडिया राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यशाला श्रीगंगानगर, 15 सितम्बर। जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव एवं जिला पुलिस अधीक्षक श्री हरिशंकर के नेतृत्व में जारी नशा मुक्त श्रीगंगानगर अभियान के तहत गुरुसर मोडिया राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के विक्रम ज्याणी ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति की जिंदगी को नहीं, बल्कि पूरे परिवार की खुशियों, सपनों और भविष्य को तबाह कर देता है। जिस उम्र में युवाओं के हाथों में किताबें, खेल का सामान और सपनों की उड़ान होनी चाहिए, उस उम्र में यदि कोई नशे की गिरफ्त में चला जाए तो उसका असर केवल उस युवा तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरा परिवार मानसिक, सामाजिक और आर्थिक पीड़ा झेलने को मजबूर हो जाता है। उन्होंने कहा कि युवा अवस्था में नशे की तरफ ले जाने में कई बार सबसे बड़ी भूमिका किसी बाहरी दुश्मन की नहीं, बल्कि अपने ही दोस्त की होती है। उन्होंने युवाओं से कहा कि यदि कोई दोस्त आपको नशा करने के लिए प्रेरित करता है, नशे को “मस्ती”, “स्टाइल” या “दोस्ती निभाने” के नाम पर शुरू करने के लिए कहता है, तो उस समय जो दोस्त आपको नशे की तरफ ले जाए, उसे आज ही छोड़ देना बेहतर है, क्योंकि गलत संगत पूरी जिंदगी बर्बाद कर सकती है। जिंदगी बहुत अनमोल है, इसे किसी नशे के हवाले मत करो। श्री ज्याणी ने कहा कि नशा ऐसी बीमारी है जिसकी सजा केवल नशा करने वाला व्यक्ति नहीं भुगतता। उसके साथ उसकी मां की आंखों के आंसू, पिता की चिंता, भाई-बहन की पीड़ा और पूरे परिवार के सपने भी टूटते हैं। इसलिए युवाओं के सामने आज सबसे बड़ा सवाल यही है कि उन्हें अपनी जिंदगी के लिए कौन-सा रास्ता चुनना है? नशे का अंधेरा या मेहनत, शिक्षा और संस्कारों का उजाला। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने आसपास किसी मित्र को भी नशे की ओर बढ़ता देखें तो उसे रोकने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी, परिवार और समाज की जिम्मेदारी है। एएनटीएफ पुलिस चौकी प्रभारी एएसआई श्री गणेश कुमार ने विद्यार्थियों को नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ जागरूक करते हुए कहा कि नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की, कि यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति नशे का कारोबार करता है या युवाओं को नशे की तरफ धकेलता है तो इसकी सूचना जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचाएं। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि युवाओं का भविष्य बर्बाद करने वालों को कानून के शिकंजे से बचने नहीं दिया जाएगा। एएनटीएफ की ओर से जया ज्याणी ने कहा कि हर मां-बाप अपने बच्चे को सफल, स्वस्थ और खुश देखना चाहता है। उन्होंने युवाओं से कहा कि असली बहादुरी नशा करने में नहीं, बल्कि नशे को साफ शब्दों में “ना” कहने में है। अपने भविष्य के लिए लिया गया एक सही निर्णय पूरी जिंदगी बदल सकता है। विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री हेतराम मेहरड़ा ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा पास करना नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देना है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आज उन्हें किताबों से बाहर जीवन की एक महत्वपूर्ण शिक्षा मिली है। इस शिक्षा को केवल सुनकर भूलना नहीं, बल्कि अपने व्यवहार और जीवन में उतारना ही इस कार्यक्रम की वास्तविक सफलता होगी। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने, अच्छे मित्र बनाने, नियमित पढ़ाई और सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में श्री सहीराम एवं श्री प्रवीण कुमार द्वारा विद्यार्थियों को हाथ उठाकर नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई गई। विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशे का सेवन नहीं करेंगे, नशे को बढ़ावा देने वाली संगति से दूर रहेंगे तथा अपने मित्रों और समाज के अन्य युवाओं को भी नशे से बचाने के लिए जागरूक करेंगे। (फोटो सहित) गुरुसर मोडिया राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यशाला श्रीगंगानगर, 15 सितम्बर। जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव एवं जिला पुलिस अधीक्षक श्री हरिशंकर के नेतृत्व में जारी नशा मुक्त श्रीगंगानगर अभियान के तहत गुरुसर मोडिया राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के विक्रम ज्याणी ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति की जिंदगी को नहीं, बल्कि पूरे परिवार की खुशियों, सपनों और भविष्य को तबाह कर देता है। जिस उम्र में युवाओं के हाथों में किताबें, खेल का सामान और सपनों की उड़ान होनी चाहिए, उस उम्र में यदि कोई नशे की गिरफ्त में चला जाए तो उसका असर केवल उस युवा तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरा परिवार मानसिक, सामाजिक और आर्थिक पीड़ा झेलने को मजबूर हो जाता है। उन्होंने कहा कि युवा अवस्था में नशे की तरफ ले जाने में कई बार सबसे बड़ी भूमिका किसी बाहरी दुश्मन की नहीं, बल्कि अपने ही दोस्त की होती है। उन्होंने युवाओं से कहा कि यदि कोई दोस्त आपको नशा करने के लिए प्रेरित करता है, नशे को “मस्ती”, “स्टाइल” या “दोस्ती निभाने” के नाम पर शुरू करने के लिए कहता है, तो उस समय जो दोस्त आपको नशे की तरफ ले जाए, उसे आज ही छोड़ देना बेहतर है, क्योंकि गलत संगत पूरी जिंदगी बर्बाद कर सकती है। जिंदगी बहुत अनमोल है, इसे किसी नशे के हवाले मत करो। श्री ज्याणी ने कहा कि नशा ऐसी बीमारी है जिसकी सजा केवल नशा करने वाला व्यक्ति नहीं भुगतता। उसके साथ उसकी मां की आंखों के आंसू, पिता की चिंता, भाई-बहन की पीड़ा और पूरे परिवार के सपने भी टूटते हैं। इसलिए युवाओं के सामने आज सबसे बड़ा सवाल यही है कि उन्हें अपनी जिंदगी के लिए कौन-सा रास्ता चुनना है? नशे का अंधेरा या मेहनत, शिक्षा और संस्कारों का उजाला। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने आसपास किसी मित्र को भी नशे की ओर बढ़ता देखें तो उसे रोकने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी, परिवार और समाज की जिम्मेदारी है। एएनटीएफ पुलिस चौकी प्रभारी एएसआई श्री गणेश कुमार ने विद्यार्थियों को नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ जागरूक करते हुए कहा कि नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की, कि यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति नशे का कारोबार करता है या युवाओं को नशे की तरफ धकेलता है तो इसकी सूचना जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचाएं। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि युवाओं का भविष्य बर्बाद करने वालों को कानून के शिकंजे से बचने नहीं दिया जाएगा। एएनटीएफ की ओर से जया ज्याणी ने कहा कि हर मां-बाप अपने बच्चे को सफल, स्वस्थ और खुश देखना चाहता है। उन्होंने युवाओं से कहा कि असली बहादुरी नशा करने में नहीं, बल्कि नशे को साफ शब्दों में “ना” कहने में है। अपने भविष्य के लिए लिया गया एक सही निर्णय पूरी जिंदगी बदल सकता है। विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री हेतराम मेहरड़ा ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा पास करना नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देना है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आज उन्हें किताबों से बाहर जीवन की एक महत्वपूर्ण शिक्षा मिली है। इस शिक्षा को केवल सुनकर भूलना नहीं, बल्कि अपने व्यवहार और जीवन में उतारना ही इस कार्यक्रम की वास्तविक सफलता होगी। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने, अच्छे मित्र बनाने, नियमित पढ़ाई और सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में श्री सहीराम एवं श्री प्रवीण कुमार द्वारा विद्यार्थियों को हाथ उठाकर नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई गई। विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशे का सेवन नहीं करेंगे, नशे को बढ़ावा देने वाली संगति से दूर रहेंगे तथा अपने मित्रों और समाज के अन्य युवाओं को भी नशे से बचाने के लिए जागरूक करेंगे। (फोटो सहित)
गुरुसर मोडिया राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यशाला श्रीगंगानगर, 15 सितम्बर। जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव एवं जिला पुलिस अधीक्षक श्री हरिशंकर के नेतृत्व में जारी नशा मुक्त श्रीगंगानगर अभियान के तहत गुरुसर मोडिया राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के विक्रम ज्याणी ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति की जिंदगी को नहीं, बल्कि पूरे परिवार की खुशियों, सपनों और भविष्य को तबाह कर देता है। जिस उम्र में युवाओं के हाथों में किताबें, खेल का सामान और सपनों की उड़ान होनी चाहिए, उस उम्र में यदि कोई नशे की गिरफ्त में चला जाए तो उसका असर केवल उस युवा तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरा परिवार मानसिक, सामाजिक और आर्थिक पीड़ा झेलने को मजबूर हो जाता है। उन्होंने कहा कि युवा अवस्था में नशे की तरफ ले जाने में कई बार सबसे बड़ी भूमिका किसी बाहरी दुश्मन की नहीं, बल्कि अपने ही दोस्त की होती है। उन्होंने युवाओं से कहा कि यदि कोई दोस्त आपको नशा करने के लिए प्रेरित करता है, नशे को “मस्ती”, “स्टाइल” या “दोस्ती निभाने” के नाम पर शुरू करने के लिए कहता है, तो उस समय जो दोस्त आपको नशे की तरफ ले जाए, उसे आज ही छोड़ देना बेहतर है, क्योंकि गलत संगत पूरी जिंदगी बर्बाद कर सकती है। जिंदगी बहुत अनमोल है, इसे किसी नशे के हवाले मत करो। श्री ज्याणी ने कहा कि नशा ऐसी बीमारी है जिसकी सजा केवल नशा करने वाला व्यक्ति नहीं भुगतता। उसके साथ उसकी मां की आंखों के आंसू, पिता की चिंता, भाई-बहन की पीड़ा और पूरे परिवार के सपने भी टूटते हैं। इसलिए युवाओं के सामने आज सबसे बड़ा सवाल यही है कि उन्हें अपनी जिंदगी के लिए कौन-सा रास्ता चुनना है? नशे का अंधेरा या मेहनत, शिक्षा और संस्कारों का उजाला। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने आसपास किसी मित्र को भी नशे की ओर बढ़ता देखें तो उसे रोकने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी, परिवार और समाज की जिम्मेदारी है। एएनटीएफ पुलिस चौकी प्रभारी एएसआई श्री गणेश कुमार ने विद्यार्थियों को नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ जागरूक करते हुए कहा कि नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की, कि यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति नशे का कारोबार करता है या युवाओं को नशे की तरफ धकेलता है तो इसकी सूचना जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचाएं। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि युवाओं का भविष्य बर्बाद करने वालों को कानून के शिकंजे से बचने नहीं दिया जाएगा। एएनटीएफ की ओर से जया ज्याणी ने कहा कि हर मां-बाप अपने बच्चे को सफल, स्वस्थ और खुश देखना चाहता है। उन्होंने युवाओं से कहा कि असली बहादुरी नशा करने में नहीं, बल्कि नशे को साफ शब्दों में “ना” कहने में है। अपने भविष्य के लिए लिया गया एक सही निर्णय पूरी जिंदगी बदल सकता है। विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री हेतराम मेहरड़ा ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा पास करना नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देना है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आज उन्हें किताबों से बाहर जीवन की एक महत्वपूर्ण शिक्षा मिली है। इस शिक्षा को केवल सुनकर भूलना नहीं, बल्कि अपने व्यवहार और जीवन में उतारना ही इस कार्यक्रम की वास्तविक सफलता होगी। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने, अच्छे मित्र बनाने, नियमित पढ़ाई और सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में श्री सहीराम एवं श्री प्रवीण कुमार द्वारा विद्यार्थियों को हाथ उठाकर नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई गई। विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशे का सेवन नहीं करेंगे, नशे को बढ़ावा देने वाली संगति से दूर रहेंगे तथा अपने मित्रों और समाज के अन्य युवाओं को भी नशे से बचाने के लिए जागरूक करेंगे। (फोटो सहित) गुरुसर मोडिया राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यशाला श्रीगंगानगर, 15 सितम्बर। जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव एवं जिला पुलिस अधीक्षक श्री हरिशंकर के नेतृत्व में जारी नशा मुक्त श्रीगंगानगर अभियान के तहत गुरुसर मोडिया राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के विक्रम ज्याणी ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति की जिंदगी को नहीं, बल्कि पूरे परिवार की खुशियों, सपनों और भविष्य को तबाह कर देता है। जिस उम्र में युवाओं के हाथों में किताबें, खेल का सामान और सपनों की उड़ान होनी चाहिए, उस उम्र में यदि कोई नशे की गिरफ्त में चला जाए तो उसका असर केवल उस युवा तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरा परिवार मानसिक, सामाजिक और आर्थिक पीड़ा झेलने को मजबूर हो जाता है। उन्होंने कहा कि युवा अवस्था में नशे की तरफ ले जाने में कई बार सबसे बड़ी भूमिका किसी बाहरी दुश्मन की नहीं, बल्कि अपने ही दोस्त की होती है। उन्होंने युवाओं से कहा कि यदि कोई दोस्त आपको नशा करने के लिए प्रेरित करता है, नशे को “मस्ती”, “स्टाइल” या “दोस्ती निभाने” के नाम पर शुरू करने के लिए कहता है, तो उस समय जो दोस्त आपको नशे की तरफ ले जाए, उसे आज ही छोड़ देना बेहतर है, क्योंकि गलत संगत पूरी जिंदगी बर्बाद कर सकती है। जिंदगी बहुत अनमोल है, इसे किसी नशे के हवाले मत करो। श्री ज्याणी ने कहा कि नशा ऐसी बीमारी है जिसकी सजा केवल नशा करने वाला व्यक्ति नहीं भुगतता। उसके साथ उसकी मां की आंखों के आंसू, पिता की चिंता, भाई-बहन की पीड़ा और पूरे परिवार के सपने भी टूटते हैं। इसलिए युवाओं के सामने आज सबसे बड़ा सवाल यही है कि उन्हें अपनी जिंदगी के लिए कौन-सा रास्ता चुनना है? नशे का अंधेरा या मेहनत, शिक्षा और संस्कारों का उजाला। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने आसपास किसी मित्र को भी नशे की ओर बढ़ता देखें तो उसे रोकने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी, परिवार और समाज की जिम्मेदारी है। एएनटीएफ पुलिस चौकी प्रभारी एएसआई श्री गणेश कुमार ने विद्यार्थियों को नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ जागरूक करते हुए कहा कि नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की, कि यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति नशे का कारोबार करता है या युवाओं को नशे की तरफ धकेलता है तो इसकी सूचना जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचाएं। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि युवाओं का भविष्य बर्बाद करने वालों को कानून के शिकंजे से बचने नहीं दिया जाएगा। एएनटीएफ की ओर से जया ज्याणी ने कहा कि हर मां-बाप अपने बच्चे को सफल, स्वस्थ और खुश देखना चाहता है। उन्होंने युवाओं से कहा कि असली बहादुरी नशा करने में नहीं, बल्कि नशे को साफ शब्दों में “ना” कहने में है। अपने भविष्य के लिए लिया गया एक सही निर्णय पूरी जिंदगी बदल सकता है। विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री हेतराम मेहरड़ा ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा पास करना नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देना है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आज उन्हें किताबों से बाहर जीवन की एक महत्वपूर्ण शिक्षा मिली है। इस शिक्षा को केवल सुनकर भूलना नहीं, बल्कि अपने व्यवहार और जीवन में उतारना ही इस कार्यक्रम की वास्तविक सफलता होगी। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने, अच्छे मित्र बनाने, नियमित पढ़ाई और सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में श्री सहीराम एवं श्री प्रवीण कुमार द्वारा विद्यार्थियों को हाथ उठाकर नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई गई। विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशे का सेवन नहीं करेंगे, नशे को बढ़ावा देने वाली संगति से दूर रहेंगे तथा अपने मित्रों और समाज के अन्य युवाओं को भी नशे से बचाने के लिए जागरूक करेंगे। (फोटो सहित)
- धरना खत्म, लेकिन सियासत गरम! थाने से उठने के बाद प्रदीप खीचड़ का बड़ा बयान, इलाके में फिर बढ़ी चर्चा सादुलशहर। थाने के बाहर चल रहे धरने को समाप्त करने के बाद प्रदीप खीचड़ ने मीडिया से बातचीत में अपना पक्ष रखा। खीचड़ के बयान के बाद क्षेत्र की राजनीति और स्थानीय माहौल में नई चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि जनता के हितों और सम्मान की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। धरना भले ही समाप्त हो गया हो, लेकिन उनके बयान ने सादुलशहर की सियासत को एक बार फिर गर्मा दिया है।1
- प्रदीप खिचड़ ने जताया सादुलशहरवासियों का आभार नगरपालिका चुनाव में मिले समर्थन, प्यार और विश्वास के लिए प्रदीप खिचड़ ने सभी क्षेत्रवासियों एवं समर्थकों का हार्दिक आभार व्यक्त किया। #PardeepKhichar #GurveerSinghBrar #JagdishJangir #Sadulshahar #NagarPalikaSadulshahar #ViralPost #PardeepKhicher #सादुलशहर #आभार #sssnewssgnr Prdeep Khicher Pardeep khicher-प्रदीप खीचड़ Pardeep Khicher प्रदीप खिचड़ ने जताया सादुलशहरवासियों का आभार नगरपालिका चुनाव में मिले समर्थन, प्यार और विश्वास के लिए प्रदीप खिचड़ ने सभी क्षेत्रवासियों एवं समर्थकों का हार्दिक आभार व्यक्त किया। #PardeepKhichar #GurveerSinghBrar #JagdishJangir #Sadulshahar #NagarPalikaSadulshahar #ViralPost #PardeepKhicher #सादुलशहर #आभार #sssnewssgnr Prdeep Khicher Pardeep khicher-प्रदीप खीचड़ Pardeep Khicher1
- झालावाड़ के नोलाई में भूकंप के झटके, दहशत में घरों से बाहर निकले लोग झालावाड़। जिले के पिड़ावा क्षेत्र में मंगलवार सुबह भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। नोलाई ग्राम पंचायत क्षेत्र के नोलाई सहित आसपास के गांवों में झटके महसूस होने से ग्रामीणों में अचानक अफरा-तफरी मच गई और कई लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। जानकारी के अनुसार नोलाई ग्राम पंचायत के आसपास तीन हल्के झटके महसूस किए गए। भूकंप के कारण स्थानीय लोगों में कुछ देर के लिए डर का माहौल रहा। एहतियात के तौर पर एक सरकारी उच्च प्राथमिक विद्यालय के विद्यार्थियों और स्टाफ को भी भवन से बाहर निकाल दिया गया। स्थानीय रिपोर्टों में नोलाई के साथ बरखेड़ी, खजुरी और आवर गांवों में भी झटके महसूस होने तथा कुछ मकानों में दरारें आने की सूचना सामने आई है। हालांकि नुकसान और मकानों में आई दरारों की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा स्थिति पर नजर रखी जा रही है। लोगों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने और किसी भी तरह की क्षति होने पर प्रशासन को सूचना देने की अपील की जा रही है। फिलहाल सबसे बड़ी राहत यह है कि उपलब्ध रिपोर्टों में किसी जनहानि की सूचना सामने नहीं आई है।1
- जेडीए में नए आयकर अधिनियम-2025 पर टीडीएस कार्यशाला आयोजित अधिकारियों एवं लेखाकारों को टीडीएस-टीसीएस के नवीन प्रावधानों की दी जानकारी जोधपुर, 15 सितंबर। कार्यालय संयुक्त आयकर आयुक्त रेंज (टीडीएस), जोधपुर की ओर से जेडीए में डीडीओ एवं लेखाकारों के लिए नए आयकर अधिनियम-2025 पर टीडीएस एवं टीसीएस कार्यशाला आयोजित की गई। आयकर आयुक्त (टीडीएस) राजस्थान शैलेन्द्र शर्मा के निर्देशन एवं अपर आयकर आयुक्त श्रीमती निधि नायर के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यशाला में सहायक आयकर आयुक्त डॉ. बोधिराज एस. विश्वास, आयकर अधिकारी नरेंद्र सांखला एवं दीपाराम धन्धे ने टीडीएस-टीसीएस के नवीन प्रावधानों की जानकारी दी। आयकर निरीक्षक अरुण जालानी एवं सतपाल यादव ने टीडीएस रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया, सामान्य त्रुटियों एवं उनके सुधार के बारे में बताया। अधिकारियों एवं कर्मचारियों की शंकाओं का समाधान भी किया गया। अंत में जेडीए डायरेक्टर फाइनेंस मंजीत चारण ने धन्यवाद ज्ञापित किया।1
- सिरसा के खोखर गांव बंटवारे ने कर दिया रिश्तों का khaत्मा, बेटा हर बार पिता को रोकता था बस, हो गया कसुता कां*ड सिरसा के खोखर गांव बंटवारे ने कर दिया रिश्तों का khaत्मा, बेटा हर बार पिता को रोकता था बस, हो गया कसुता कां*ड1
- जनसेवा ही देशसेवा, विकसित भारत के लिए जलाएं आशीर्वाद का दीया: सुभाष बराला टोहाना। राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने कहा कि ‘जनसेवा से देशसेवा’ माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जीवन का मूल मंत्र रहा है। उनके यशस्वी नेतृत्व में भारत ने विकास के हर क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। बराला ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भरता, महिला सशक्तिकरण और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर पहुंचा है। स्टार्टअप इंडिया, लखपति दीदी, स्वच्छ भारत जैसी जनकल्याणकारी पहलें आज करोड़ों नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। उन्होंने कहा कि आतंकवाद और नक्सलवाद के विरुद्ध सरकार की निर्णायक कार्रवाई ने देश के आत्मविश्वास और सुरक्षा को नई मजबूती दी है। आज दुनिया में भारत की साख और सम्मान बढ़ा है। सांसद बराला ने आह्वान किया कि 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए हम सभी को सहभागी बनना होगा। उन्होंने अपील की कि प्रधानमंत्री के जन्मदिवस 17 सितंबर को सायं 6 से 7 बजे तक सभी नागरिक अपने-अपने घरों में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाकर उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं निरंतर राष्ट्रसेवा के लिए शुभकामनाएं प्रेषित करें। एक दीया आशीर्वाद का जलाएं, विकसित भारत के संकल्प को मजबूत बनाएं।1
- सभापति चुनाव में पहले ही दिन 4 फॉर्म से सियासत गरमाई, संजय मूंदड़ा बोले- पार्टी नेतृत्व करेगा फैसला, श्रीगंगानगर में फिर खिलेगा कमल1